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	<title>वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राहुल गांधी की टिप्पणी पर किया पलटवार</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 02 Feb 2026 07:01:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="334" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-01-225850.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-01-225850.png 728w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-01-225850-300x162.png 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />केंद्रीय बजट 2026-27 पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और राहुल गांधी के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। राहुल गांधी ने बजट को देश की समस्याओं से आंखें मूंदने वाला बताया, जिस पर वित्त मंत्री ने पलटवार किया। सीतारमण ने कहा कि राजनीतिक आलोचना स्वागत योग्य है, लेकिन तर्क तथ्यों पर आधारित होने चाहिए। केंद्रीय &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="334" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-01-225850.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-01-225850.png 728w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-01-225850-300x162.png 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>केंद्रीय बजट 2026-27 पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और राहुल गांधी के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। राहुल गांधी ने बजट को देश की समस्याओं से आंखें मूंदने वाला बताया, जिस पर वित्त मंत्री ने पलटवार किया। सीतारमण ने कहा कि राजनीतिक आलोचना स्वागत योग्य है, लेकिन तर्क तथ्यों पर आधारित होने चाहिए।</p>



<p>केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। वित्त मंत्री ने राहुल गांधी की आलोचना पर जवाब देते हुए कहा कि राजनीतिक आलोचना स्वागत योग्य है, लेकिन तर्क तथ्यों पर आधारित होने चाहिए।</p>



<p>वहीं, राहुल गांधी ने बजट को देश की वास्तविक समस्याओं से आंखें मूंदने वाला करार दिया।</p>



<p>गौरतलब है कि राहुल गांधी ने बजट पर प्रतिक्रिया में इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा था, “यह बजट भारत के असली संकटों से आंखें मूंदता दिखता है। युवाओं के पास रोजगार नहीं, विनिर्माण घट रहा है, निवेशक पूंजी निकाल रहे हैं, घरेलू बचत गिर रही है और किसान परेशान हैं। वैश्विक झटकों का खतरा भी बढ़ रहा है, लेकिन सरकार सुधार की दिशा बदलने को तैयार नहीं दिखती और जरूरी चुनौतियों को नजरअंदाज कर रही है।&#8221;</p>



<p>इस पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कान्फ्रेंस में कहा, “राजनीतिक आलोचना करना आपका (राहुल गांधी) अधिकार है, पर यदि आप अपने तर्कों के तथ्य बताएंगे तो मैं सुनने और जवाब देने को तैयार हूं। अर्थव्यवस्था के मूल आधार मजबूत हैं। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच बजट में लघु-मध्यम उद्योग, ग्रामीण क्षेत्र, किसानों, महिला उद्यमियों और स्वरोजगार को सहारा देने वाली कई योजनाएं लाई गई हैं, ताकि आम लोगों पर बाहरी आर्थिक उतार-चढ़ाव का असर कम हो।&#8221;</p>



<p>वित्त मंत्री ने बजट को “युवा शक्ति&#8221; और “तीन कर्तव्यों&#8221; पर आधारित बताते हुए हाई-स्पीड रेल कारिडोर, नए फ्रेट कारिडोर और राष्ट्रीय जलमार्गों के विस्तार की घोषणाएं भी की हैं। इस बीच, बजट को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच आर्थिक प्राथमिकताओं पर बहस और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।</p>
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		<title>वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज पेश करेंगी बजट, मैन्युफैक्चरिंग-घरेलू मांग को मजबूत करने पर होगा जोर</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 07:45:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="313" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-01-31-234352.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-01-31-234352.png 881w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-01-31-234352-300x152.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-01-31-234352-768x389.png 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज सुबह 11 बजे लोकसभा में अपना लगातार नौवां बजट पेश करेंगी। इस बजट में सरकार का मुख्य फोकस आर्थिक विकास दर को गति देने के लिए ‘मैन्यूफैक्चरिंग’ और ‘घरेलू मांग’ को बढ़ाने पर रहने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि आयात पर निर्भरता कम करने और निर्यात के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="313" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-01-31-234352.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-01-31-234352.png 881w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-01-31-234352-300x152.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-01-31-234352-768x389.png 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज सुबह 11 बजे लोकसभा में अपना लगातार नौवां बजट पेश करेंगी। इस बजट में सरकार का मुख्य फोकस आर्थिक विकास दर को गति देने के लिए ‘मैन्यूफैक्चरिंग’ और ‘घरेलू मांग’ को बढ़ाने पर रहने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि आयात पर निर्भरता कम करने और निर्यात के नए अवसर तलाशने के लिए यह रणनीति सबसे प्रभावी साबित होगी।</p>



<h3 class="wp-block-heading">बजट की मुख्य विशेषताएं</h3>



<p><strong>औद्योगिक विकास और निर्यात:</strong> सरकार का जोर स्थानीय उत्पादन बढ़ाने पर है। हालांकि वैश्विक मंदी के चलते निर्यात बढ़ाना एक चुनौती है, लेकिन मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर को मिलने वाली नई राहतों से लंबी अवधि में फायदा पहुंचने की उम्मीद है।<br><strong>शहरी और स्वास्थ्य ढांचा:</strong> आगामी वित्त वर्ष में शहरों के आधुनिकीकरण और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने के लिए बड़े आवंटन की संभावना है।<br><strong>नगर निकायों का कायाकल्प:</strong> स्थानीय निकायों को वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र राज्यों को नए राजस्व मॉडल अपनाने का सुझाव दे सकता है, जिससे बुनियादी ढांचा सुधारने में मदद मिलेगी।<br><strong>कृषि और किसान कल्याण:</strong> किसानों की आय दोगुनी करने के उद्देश्य से उनकी उत्पादकता बढ़ाने और उन्हें पारंपरिक खेती के बजाय ‘व्यावसायिक फसलों’ की ओर प्रोत्साहित करने के लिए विशेष योजनाओं की घोषणा हो सकती है।</p>
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		<title>पहली बार रविवार को पेश हो रहा बजट, जानिए किन मुद्दों पर रहेगा फोकस और बहीखाता में क्या होगा खास</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 06:51:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="351" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-01-31-224913.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-01-31-224913.png 712w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-01-31-224913-300x170.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में ऐतिहासिक बजट 2026-27 पेश करेंगी, जो पहली बार रविवार को आ रहा है। यह उनका लगातार नौवां बजट होगा। लोग आयकर में छूट, कस्टम ड्यूटी में बदलाव और आर्थिक विकास के मजबूत कदमों की उम्मीद कर रहे हैं। बजट में राजकोषीय घाटा, रक्षा खर्च, कृषि, MSME और AI जैसे &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="351" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-01-31-224913.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-01-31-224913.png 712w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-01-31-224913-300x170.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में ऐतिहासिक बजट 2026-27 पेश करेंगी, जो पहली बार रविवार को आ रहा है। यह उनका लगातार नौवां बजट होगा। लोग आयकर में छूट, कस्टम ड्यूटी में बदलाव और आर्थिक विकास के मजबूत कदमों की उम्मीद कर रहे हैं। बजट में राजकोषीय घाटा, रक्षा खर्च, कृषि, MSME और AI जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिससे भारत की आर्थिक दिशा तय होगी।</p>



<p>कुछ ही घंटों में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में संघीय बजट 2026-27 पेश करने वाली हैं। यह बजट कई मायनों में ऐतिहासिक होगा। पहली बार यह बजट रविवार को पेश हो रहा है, जो दशकों पुरानी परंपरा में एक बड़ा बदलाव है।</p>



<p>निर्मला सीतारमण लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश करेंगी। वह भारत की पहली वित्त मंत्री बनेंगीं, जिन्होंने इतनी लगातार बार यह जिम्मेदारी निभाई है। इस खास मौके पर घरों से लेकर उद्योगों और शेयर बाजार तक सबकी नजरें टिकी हैं।</p>



<p>लोग उम्मीद कर रहे हैं कि बजट में कर सुधार, कस्टम ड्यूटी में बदलाव और आर्थिक विकास को बनाए रखने के मजबूत कदम उठाए जाएंगे। वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक जोखिम और व्यापार की अनिश्चितता के बीच यह बजट भारत की मजबूती दिखाने वाला होगा।</p>



<p><strong>आयकर में राहत की उम्मीदें सबसे ऊपर</strong><br>टैक्सपेयर्स की सबसे बड़ी मांग आयकर में और छूट है। बजट 2025 में आयकर छूट सीमा 12 लाख रुपये तक बढ़ाई गई थी और जीएसटी में भी बदलाव किए गए थे। अब लोग उम्मीद कर रहे हैं कि स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाया जाए।</p>



<p>नए इनकम टैक्स एक्ट 2025 के 1 अप्रैल से लागू होने के साथ ही ट्रांजिशन नियमों, नियमों और सवालों-जवाबों पर स्पष्टता की मांग है।</p>



<p>नए टैक्स रिजीम में बेसिक एग्जेम्पशन लिमिट 4 लाख रुपये है। 4 से 8 लाख पर 5%, 8 से 12 लाख पर 10%, 12 से 16 लाख पर 15%, 16 से 20 लाख पर 20%, 20 से 24 लाख पर 25% और 24 लाख से ऊपर 30% टैक्स है। सेक्शन 87A के रिबेट से 12 लाख तक की आय प्रभावी रूप से टैक्स-फ्री है, जबकि सैलरीड लोगों के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन के बाद यह 12.75 लाख तक जाता है।</p>



<p><strong>घरेलू परिवारों के लिए बजट क्यों मायने रखता है?</strong><br>बजट के फैसले सीधे घरों पर असर डालते हैं। आयकर में छूट, सब्सिडी और कल्याण योजनाओं से डिस्पोजेबल इनकम बढ़ती है। बजट 2025 की राहत से मिडिल क्लास परिवारों की खर्च करने की क्षमता बढ़ी थी।</p>



<p>इससे रिटेल, ऑटोमोबाइल, हाउसिंग और FMCG जैसे क्षेत्रों में मांग बढ़ती है। हाउसिंग को सपोर्ट करने वाले कदम निर्माण क्षेत्र को मजबूत करते हैं।</p>



<p><strong>टैक्स स्लैब और डिडक्शन में बदलाव की मांग</strong><br>टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, टैक्स विशेषज्ञों का कहना है कि मिडिल क्लास को राहत के लिए रिबेट थ्रेशोल्ड 15 लाख तक बढ़ाया जा सकता है। नौकरीपेशा लोग 30% टैक्स स्लैब की सीमा 30 लाख तक ले जाने की मांग कर रहे हैं। पुराने टैक्स रिजीम में भी कम दरें और ऊंची छूट की मांग है।</p>



<p>सेक्शन 80सी सबसे लोकप्रिय डिडक्शन है, जो पुराने रिजीम में 1.5 लाख तक की छूट देता है। पीएफ, पीपीएफ, म्यूचुअल फंड्स और इंश्योरेंस जैसे निवेशों पर यह लागू होता है। कई साल से यह लिमिट नहीं बदली है।</p>



<p>विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि इसे बढ़ाया जाए और नया रिजीम में भी यह डिडक्शन दिया जाए, ताकि लोग नए रिजीम की ओर ज्यादा आकर्षित हों।</p>



<p><strong>फिस्कल डेफिसिट पर शेयर बाजार की नजर</strong><br>शेयर बाजार के लिए यह बजट विकास, फिस्कल डेफिसिट (वित्तीय घाटा) और कॉर्पोरेट कमाई का संकेत देगा। FY26 में टैक्स राहत के बावजूद फिस्कल डेफिसिट 4.4% GDP पर टारगेट था। बजट के दिन स्पेशल ट्रेडिंग सेशन में बाजार में उतार-चढ़ाव देखा गया, लेकिन अंत में इंडेक्स लगभग स्थिर रहे।</p>



<p><strong>डिफेंस खर्च पर क्या रहेगा खर्च?</strong><br>उम्मीद जताई जा रही है कि बजट में FY27 से डेट-टू-GDP रेशियो कम करने के कदम बताए जाएंगे। वैश्विक तनाव के बीच डिफेंस खर्च बढ़ेगा। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में FY27 के लिए फिस्कल डेफिसिट 4.2-4.4% अनुमानित है। डेट को FY31 तक 50±1% GDP पर लाने का लक्ष्य है।</p>



<p>डिफेंस कैपिटल आउटले में बढ़ोतरी की मांग है। FY26 में इमरजेंसी प्रोक्योरमेंट और अप्रूवल्स में बड़ा उछाल आया था। FICCI ने डिफेंस बजट का 30% कैपिटल आउटले, DRDO फंडिंग में 10,000 करोड़ की बढ़ोतरी और डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का विस्तार सुझाया है।</p>



<p><strong>कृषि, MSME और अन्य क्षेत्रों पर फोकस</strong><br>कृषि और MSME को बजट 2025 में पहला और दूसरा ग्रोथ इंजन बताया गया था। इन पर फोकस जारी रहेगा। 8वें पे कमीशन, 16वें फाइनेंस कमीशन के तहत ज्यादा टैक्स डेवोल्यूशन, MSME के लिए ज्यादा आवंटन, जेम्स एंड ज्वेलरी, गारमेंट्स, लेदर जैसे सेक्टरों के लिए सपोर्ट और क्रिटिकल मिनरल्स तथा विकास भारत रोजगार योजनाओं के लिए फंडिंग की उम्मीद है।</p>



<p><strong>AI, लॉजिस्टिक्स और टेलीकॉम में उम्मीदें</strong><br>टेक कंपनियां AI को बढ़ावा, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और इनोवेशन की उम्मीद कर रही हैं। इकोनॉमिक सर्वे में AI को आर्थिक रणनीति बताया गया है। सेक्टर-विशेष बॉटम-अप अप्रोच पर जोर है। लॉजिस्टिक्स और टेलीकॉम सेक्टर में ऑटोनॉमस और एप्लाइड AI के लिए पॉलिसी सपोर्ट की मांग है।</p>



<p><strong>विकास, राजस्व और वैश्विक जोखिमों में संतुलन</strong><br>टैक्स कट से राजस्व पर दबाव है, लेकिन कैपिटल एक्सपेंडिचर बजट का मुख्य आधार रहेगा। UBI ने FY27 के लिए कैपेक्स 12.4 लाख करोड़ (GDP का 3.2%) अनुमानित किया है। रोड, रेलवे और डिफेंस मुख्य फोकस क्षेत्र होंगे। अमेरिकी टैरिफ, कमोडिटी की अस्थिरता और वैश्विक रिकवरी के बीच निवेशक विश्वास बहाल करना चुनौती है।</p>



<p>टेक्सटाइल, अपैरल, सीफूड, जेम्स एंड ज्वेलरी, लेदर और फुटवियर जैसे निर्यात क्षेत्र अमेरिकी टैरिफ से प्रभावित हैं। इनके लिए टारगेटेड राहत और पॉलिसी सपोर्ट की मांग है। यह बजट भारत की आर्थिक दिशा तय करेगा और आने वाले सालों के लिए मजबूत नींव रखेगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title> खपत बढ़ाकर आर्थिक सुस्ती दूर करने का इरादा, संतुलन साधने पर रहा जोर</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 03 Feb 2025 10:28:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
		<category><![CDATA[वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="439" height="352" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/ytey-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/ytey.jpg 439w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/ytey-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 439px) 100vw, 439px" />&#160;वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के सामने बजट पेश करते वक्त दो चुनौतियां थीं। एक तो आर्थिक सुस्ती को देखते हुए मांग को बढ़ावा देना था और दूसरा वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सकल राजकोषीय घाटे को कम करना। वित्त मंत्री ने आम बजट में इन दोनों के बीच संतुलन साधने की कोशिश की है। साथ &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="439" height="352" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/ytey-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/ytey.jpg 439w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/ytey-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 439px) 100vw, 439px" />
<p><strong>&nbsp;</strong>वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के सामने बजट पेश करते वक्त दो चुनौतियां थीं। एक तो आर्थिक सुस्ती को देखते हुए मांग को बढ़ावा देना था और दूसरा वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सकल राजकोषीय घाटे को कम करना। वित्त मंत्री ने आम बजट में इन दोनों के बीच संतुलन साधने की कोशिश की है। साथ ही, सरकार ने पूंजीगत खर्च के मुकाबले खपत बढ़ाने पर फोकस किया है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">खपत बढ़ाने के क्या उपाय हुए?</h3>



<p>वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में 12 लाख रुपये तक की सालाना कमाई को टैक्स फ्री कर दिया है। इसमें 75 हजार का स्टैंडर्ड डिडक्शन भी मिला लें, तो यह छूट 12.75 लाख तक हो जाती है।</p>



<p>नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर और रिसर्च कमेटी के हेड अबनीश रॉय (Abneesh Roy) का कहना है कि इसका मतलब है कि अब खासकर मिडिल क्लास टैक्सपेयर्स के हाथ में अधिक रकम बचेगी। इसे वे जरूरत का सामान खरीदेंगे, जिससे इकोनॉमी में डिमांड को बढ़ावा मिलेगा। इससे कुल मिलाकर अर्थव्यवस्था को फायदा मिलेगा और जीडीपी ग्रोथ तेज होगी।</p>



<h3 class="wp-block-heading">राजकोषीय घाटे पर क्या हुआ?</h3>



<p>वित्त वर्ष 26 के लिए सकल राजकोषीय घाटा (GFD) का लक्ष्य वित्त वर्ष 25 में सकल घरेलू उत्पाद GDP) के 4.8 फीसदी के मुकाबले 4.4 फीसदी है। राजकोषीय गणित और राजस्व अनुमान थोड़े आशावादी हैं। वहीं, सरकार की शुद्ध बाजार उधारी 11.5 ट्रिलियन रुपये आंकी गई है। आर्थिक जानकारों का अनुमान भी यही था। सबसे अहम बात की वित्त मंत्री निर्मला सीतरमण ने अगले पांच में भारत के कर्ज को जीडीपी के मुकाबले 6-7 फीसदी करने का रोडमैप तैयार किया है।</p>



<p><strong>कितनी रकम खर्च करेगी सरकार?<br></strong>सरकार ने टैक्स में कटौती करके आम जनता को बड़ी राहत दी है। इसलिए उसके पास दूसरी योजनाओं का आवंटन बढ़ाने के लिए ज्यादा गुंजाइश नहीं बची। पूंजीगत व्यय आवंटन सिर्फ 10 फीसदी बढ़ रहा है। सही मायने में कोर कैपेक्स (सड़क, रेलवे और रक्षा) के अगले वित्त वर्ष में सालाना आधार पर सिर्फ 3 फीसदी की दर से बढ़ने का अनुमान है। यह वित्त वर्ष 25 के बराबर ही है। ग्रामीण क्षेत्र की बात करें, तो सिर्फ जल जीवन मिशन पर फोकस बढ़ा है। वहीं, MNREGA (ग्रामीण रोजगार) और PM किसान (किसान) का बजट सालाना आधार पर तकरीबन जस का तस है।</p>



<p>वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बजट में फोकस नियमों की जटिलता दूर करने पर भी रहा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि MSME के लिए अप्रूवल, डॉक्युमेंटेशन, सर्टिफिकेशन और लाइसेंस को आसान बनाने की जरूरत है। यह रोजगार बढ़ाने का भी काम करेगा। कुल मिलाकर, व्यय में धीमी रफ्तार बनी रहेगी और खपत की तरफ झुकाव रहेगा</p>



<p><strong>शेयर मार्केट पर क्या असर होगा?<br></strong>नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के अबनीश रॉय (Abneesh Roy) का कहना है कि अगर शेयर मार्केट की नजर से देखें, तो कंजम्पशन सेगमेंट को लाभ होने की संभावना है। यह चीज बजट के दिन नजर आई थी, जब बजट के बाद सरकारी और रक्षा क्षेत्र के शेयर धड़ाम हो गए। लेकिन, फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स शेयरों में जोरदार उछाल दिखा।<br>अबनीश रॉय का कहना है कि पोर्टफोलियो के बारे में में हमारा रक्षात्मक नजरिया बरकरार है। हम उपभोग से जुड़े शेयरों को कैपेक्स के मुकाबले प्राथमिकता देके हैं। प्रमुख ओवरवेट सेक्टर की बात करें, तो ये उपभोक्ता, निजी बैंक, बीमा, केमिकल, फार्मा और टेलीकॉम रहेंगे। इनमें निवेशकों को पैसे बनाने का मौका मिल सकता है। वहीं, औद्योगिक क्षेत्र, धातु और ऊर्जा सेक्टर अंडरवेट रहेंगे। इनमें सुस्ती देखने को मिल सकती है।</p>
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		<title>धोखाधड़ी करने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई पर दिया गया जोर</title>
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		<pubDate>Sun, 31 Dec 2023 09:51:20 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="363" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/12/national-6-7-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/12/national-6-7.jpg 785w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/12/national-6-7-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/12/national-6-7-768x451.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को सार्वजिनक क्षेत्र के बैंकों से जनता से ज्यादा जमा राशि जुटाने के लिए नवीन और आकर्षक योजनाएं लाने के लिए कहा। इससे बैंकों को ज्यादा कर्ज देने में मदद मिलेगी। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रमुखों के साथ बैठक के दौरान वित्त मंत्री ने धोखाधड़ी और जानबूझकर चूक &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="363" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/12/national-6-7-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/12/national-6-7.jpg 785w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/12/national-6-7-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/12/national-6-7-768x451.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को सार्वजिनक क्षेत्र के बैंकों से जनता से ज्यादा जमा राशि जुटाने के लिए नवीन और आकर्षक योजनाएं लाने के लिए कहा। इससे बैंकों को ज्यादा कर्ज देने में मदद मिलेगी। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रमुखों के साथ बैठक के दौरान वित्त मंत्री ने धोखाधड़ी और जानबूझकर चूक करने वालों से मिलीभगत करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।</p>



<p>पिछले कई महीनों से बैंकों की जमा और कर्ज की वृद्धि में तालमेल नहीं बन पा रहा है। इस कारण बैंकों को अपनी संपत्ति और देनदारियों के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए सावधि जमा दरें बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। कुछ बैंकों की ओर से ब्याज दरें बढ़ाने के बावजूद ऋण और जमा वृद्धि के बीच का अंतर अभी भी 3-4 प्रतिशत है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">बैंकों के प्रदर्शन में सुधार पर वित्त मंत्री ने जताया संतोष</h2>



<p>एक बयान के अनुसार, वित्त मंत्री ने बैंकों के प्रदर्शन में सुधार पर संतोष जताया। वित्त मंत्री ने कहा कि बैंक धोखाधड़ी व्यक्तिगत ग्राहकों और वित्तीय संस्थानों की सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा पैदा करती है। इससे वित्तीय नुकसान हो सकता है और बैंकिंग प्रणाली में जनता का विश्वास कम हो सकता है।</p>



<p>वित्त मंत्री ने बैंकों से बड़े कॉरपोरेट फ्रॉड और जानबूझकर चूक करने वालों के साथ धोखा देने वाले व्यक्तिगत ग्राहकों पर कार्रवाई के लिए ध्यान केंद्रित करने को कहा। साथ ही बैंकों को एडवांस्ड धोखधड़ी रोकथाम और पहचान तंत्र अपनाने का निर्देश दिया। बैठक में साइबर सुरक्षा से संबंधित ¨चताओं और वित्तीय क्षेत्र पर इसके जोखिमों को लेकर चर्चा की गई।</p>



<h2 class="wp-block-heading">पहली छमाही में 68,500 करोड़ का शुद्ध लाभ</h2>



<p>आधिकारिक बयान के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही के दौरान सरकारी बैंकों को 68,500 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ है। बैठक में बताया गया कि वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान बैंकों की बैलेंस शीट में जमा और कर्ज वितरण के लिहाज से स्वस्थ वृद्धि रही है। मार्च 2023 में अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों का सकल एनपीए एक दशक के निचले स्तर 3.9 प्रतिशत पर रहा था, जो सितंबर में घटकर 3.2 प्रतिशत रह गया है।</p>
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