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	<title>वित्तमंत्री मनप्रीत बादल हुए सख्‍त &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>वित्तमंत्री मनप्रीत बादल बोले- जानकारी नहीं, कर्मचारियों ने बजट में करवा दिया अतिरिक्त वेतन का प्रावधान&#8230;</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Hema Bisht]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 27 Jun 2019 10:22:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[कर्मचारियों ने बजट में करवा दिया अतिरिक्त वेतन का प्रावधान...]]></category>
		<category><![CDATA[वित्तमंत्री मनप्रीत बादल हुए सख्‍त]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="292" height="173" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/06/images-2019-06-27T154940.811.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" />पंजाब पुलिस को हर साल 12 केे बजाय 13 महीनों का वेतन मिलता है। अब इस श्रेणी में पंजाब विधानसभा के कर्मचारी भी शुमार हो गए हैं। विधानसभा सचिवालय ने विधानसभा सेशन के दौरान कर्मचारियों को उस दिन का भत्ता अलग से देने का प्रावधान बजट में करवा लिया है। जब वित्तमंत्री मनप्रीत बादल से &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="292" height="173" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/06/images-2019-06-27T154940.811.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" /><p><strong>पंजाब पुलिस को हर साल 12 केे बजाय 13 महीनों का वेतन मिलता है। अब इस श्रेणी में पंजाब विधानसभा के कर्मचारी भी शुमार हो गए हैं। विधानसभा सचिवालय ने विधानसभा सेशन के दौरान कर्मचारियों को उस दिन का भत्ता अलग से देने का प्रावधान बजट में करवा लिया है। </strong></p>
<p><img decoding="async" class=" wp-image-249332 aligncenter" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/06/images-2019-06-27T154940.811.jpg" alt="" width="790" height="468" /></p>
<p><strong>जब वित्तमंत्री मनप्रीत बादल से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसी कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने अपने विभाग से पता करवाया तो पता चला कि इसे वेतन के रूप में नहीं, लेकिन भत्तों के रूप में देने का फैसला किया गया है, जो लगभग एक महीने की तनख्वाह के बराबर है। वित्तमंत्री ने इस पर हैरानी भी जताई और माना कि ऐसी मांग तो सभी विभागों से उठ सकती है। पता चला है कि वित्तमंत्री मनप्रीत बादल ने यह फाइल अपने पास मंगवाई है, ताकि इसका अध्ययन किया जा सके।</strong></p>
<p><strong>पंजाब में विधानसभा की हर साल 14 से 18 बैठकें होती हैं। साथ ही इनके बीच में छुट्टियां भी होती हैं। यानी कुल मिलाकर विधानसभा के तीन सेशन एक महीने के लगभग चलते हैं। ऐसे में उतने समय के लिए विधानसभा के कर्मचारियों को अतिरिक्त वेतन मिलेगा। विधानसभा का खर्च सरकार की ओर से तय न करके खुद विधानसभा सचिवालय की ओर से किया जाता है, इसलिए यह मामला बाहर नहीं आया।</strong></p>
<p><strong>सरकार का ज्यादा दखल नहीं-    वित्त विभाग के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि उनके पास विधानसभा का कुल बजट आता है। इसमें हर मद में कितना कितना पैसा रखा गया है, केवल इसकी जानकारी होती है, लेकिन विधानसभा सचिवालय ने इसमें कहां और कितनी वृद्धि की है, कई बार इसका पता नहीं चलता। उन्होंने बताया कि विधायकों के वेतन और भत्ते तय करने के लिए कोई आयोग गठित नहीं होता, जैसा कि सरकारी कर्मचारियों के वेतन और भत्ते तय करने के लिए किया जाता है। विधायकों की अपनी कमेटी ही यह तय करती है कि उनका वेतन और भत्ते कितने होंगे? सरकार का इसमें ज्यादा दखल नहीं होता।</strong></p>
<p><strong>वेतन के रूप में मिलेंगे अतिरिक्त भत्ते-   विधानसभा के एक सीनियर अधिकारी ने माना कि इसी साल से इसका प्रावधान हो गया है और अब विधानसभा के कर्मचारियों को सेशन के दौरान के भत्ते वेतन के अलावा अतिरिक्त तौर पर मिलेगा। उन्होंने दलील दी कि सेशन के दौरान विधानसभा के कर्मचारियों को दिन-रात काम करना पड़ता है। सवालों को मंगवाना, बिल तैयार करवाना, सभी संबंधित विधायकों व अफसरों तक पहुंचाने आदि का काम काफी ज्यादा होता है। इस दौरान कर्मचारी अपनी आठ घंटे की ड्यूटी से कहीं ज्यादा काम करते हैं।</strong></p>
<p>&nbsp;</p>
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		<title>मंत्री कर रहे कोठियों व दफ्तर पर करोड़ों खर्च, वित्तमंत्री मनप्रीत बादल हुए सख्&#x200d;त</title>
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		<dc:creator><![CDATA[ekta singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 13 Jun 2018 12:15:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[मंत्री कर रहे कोठियों व दफ्तर पर करोड़ों खर्च]]></category>
		<category><![CDATA[वित्तमंत्री मनप्रीत बादल हुए सख्‍त]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब सरकार एक अोर सरकारी खजाना खाली होने का दावा कर रही हो अौर दूसरी ओर कई मंत्री अपनी सरकारी कोठियों व दफ्ताराें पर करोड़ों रुपये खर्च कर रहे हैं। खासकर मंत्रियों के दफ्तर इस समय सचिवालय में सर्वाधिक चर्चा का विषय बने हुए हैं। वित्त विभाग इस बेतहाशा चिंतित है। वहीं, वित्तमंत्री मनप्रीत बादल &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>पंजाब सरकार एक अोर सरकारी खजाना खाली होने का दावा कर रही हो अौर दूसरी ओर कई मंत्री अपनी सरकारी कोठियों व दफ्ताराें पर करोड़ों रुपये खर्च कर रहे हैं। खासकर मंत्रियों के दफ्तर इस समय सचिवालय में सर्वाधिक चर्चा का विषय बने हुए हैं। वित्त विभाग इस बेतहाशा चिंतित है। वहीं, वित्तमंत्री मनप्रीत बादल इस मामले पर सख्&#x200d;त हाे गए हैं और यह निर्देश दिया है कि पीडब्ल्यूडी को इसके लिए तय राशि से अतिरिक्त राशि नहीं दी जाएगी।<img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-144428" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/06/13_06_2018-manpreetaaa_18074539.jpg" alt="" width="650" height="540" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/06/13_06_2018-manpreetaaa_18074539.jpg 650w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/06/13_06_2018-manpreetaaa_18074539-300x249.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></strong></p>
<p><strong>पंजाब सचिवालय में इन दिनों पीडब्ल्यूडी मंत्री विजय इंदर सिंगला और खेल मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी सबसे अधिक चर्चा का विषय बने हुए हैं। इन मंत्रियों ने अपने दफ्तर को बड़ा करने के लिए साथ की दीवार तक को निकलवा दिया। सिंगला ने तो अपने स्टाफ के कमरे को भी अपने दफ्तर में शामिल कर लिया। वहीं, नव नियुक्त मंत्रियों की कोठियों पर भी पानी की तरह पैसा बहाया जा रहा है।</strong></p>
<p><strong>जानकारी के अनुसार वित्त विभाग ने सरकारी कोठियों व मकानों के लिए पीडब्ल्यूडी के पास साल का 35 करोड़ रुपये का बजट है। पंजाब के नए बने मंत्रियों की कोठियों व दफ्तरों पर अभी तक दो करोड़ रुपये से अधिक का खर्च हो चुका है। वित्तमंत्री मनप्रीत बादल ने इस संबंध में वित्त विभाग के सचिव अनिरुद्ध तिवाड़ी से बात की है। वित्तमंत्री ने निर्देश जारी किए कि पीडब्ल्यूडी के लिए जो निर्धारित राशि है, उससे अधिक खर्च करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। मनप्रीत बादल ने बताया कि पीडब्ल्यूडी को अतिरिक्त ग्रांट जारी नहीं की जाएगी।</strong></p>
<div class="relativeNews"></div>
<p><strong>कर्मचारियों को भुगतना पड़ता है खमियाजा</strong></p>
<p><strong>यह भी चर्चा है कि मंत्री व बड़े अधिकारी पीडब्ल्यूडी पर दबाव बनाकर अपनी कोठियों को आलीशान बनवा लेते हैं। इसका खामियाजा सरकारी मुलाजिमों को उठाना पड़ता है। क्&#x200d;योंकि, बाद में पीडब्ल्यूडी वित्त की कमी का हवाला देते हुए उनके मकानों को रिपेयर करवाने में आनाकानी करता है।</strong></p>
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