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	<title>वायु प्रदूषण से बढ़ता है फ्रैक्चर का खतरा &#8211; Live Halchal</title>
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		<pubDate>Mon, 20 Nov 2017 11:07:55 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<img width="276" height="183" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/11/वायु-प्रदूषण.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="वायु प्रदूषण से बढ़ता है फ्रैक्चर का खतरा" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" />वायु प्रदूषण से फ्रैक्चर का खतरा बढ़ सकता है। इससे साफ है कि ऑस्टियोपोरोसिस से पीड़ित मरीजों के लिए वायु प्रदूषण और घातक साबित हो सकता है। अध्ययनों में सामने आया है कि हवा में मौजूद छोटे-छोटे कण (पीएम 2.5) से हड्डी के घनत्व के नुकसान में तेजी आती है। रिसर्च के अनुसार, सिगरेट के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="276" height="183" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/11/वायु-प्रदूषण.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="वायु प्रदूषण से बढ़ता है फ्रैक्चर का खतरा" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" /><p><strong>वायु प्रदूषण से फ्रैक्चर का खतरा बढ़ सकता है। इससे साफ है कि ऑस्टियोपोरोसिस से पीड़ित मरीजों के लिए वायु प्रदूषण और घातक साबित हो सकता है। अध्ययनों में सामने आया है कि हवा में मौजूद छोटे-छोटे कण (पीएम 2.5) से हड्डी के घनत्व के नुकसान में तेजी आती है। रिसर्च के अनुसार, सिगरेट के धुएं में मौजूद जहरीले पदार्थ की तरह वायु प्रदूषण सूजन और ऑक्सीडेटिव तनाव पैदा कर सकता है, जिससे हड्डी को नुकसान हो सकता है।<img decoding="async" class="aligncenter  wp-image-93220" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/11/वायु-प्रदूषण.jpg" alt="वायु प्रदूषण से बढ़ता है फ्रैक्चर का खतरा" width="679" height="450" /></strong></p>
<p><strong> इस बात को सामने लाने के लिए शोधकर्ता ने दो स्टडी की. पहले उन्होंने 2003 से लेकर 2010 तक ऑस्टियोपोरोसिस से होने वाले फ्रैक्चर के कारण अस्पताल में भर्ती हुए लोगों का आंकड़ा इकट्ठा किया। इन मरीजों की उम्र 60 से ऊपर थी। निष्कर्ष में सामने आया कि वायुमंडल के महीन कण हड्डियों को नुकसान पहुंचाते हुए बुजुर्गों में फ्रैक्चर की संभावना बढ़ा देते हैं। </strong></p>
<p><strong>दूसरे अध्ययन के लिए वैज्ञानिकों ने बोस्टन क्षेत्र में कम-आय की पृष्ठभूमि वाले 692 पुरुषों पर सर्वे किया। इन प्रतिभागियों की औसत आयु 47 थी। उन्होंने पाया कि मोटर के उत्सर्जन के प्रदूषक कणों और काले कार्बन के उच्च स्तर वाले क्षेत्रों में रहने वाले वयस्कों में पैराथाइरॉइड हार्मोन का स्तर काफी कम है। जो एक महत्वपूर्ण कैल्शियम और हड्डी से संबंधित हार्मोन है। इनका अभाव हड्डी को कमजोर बना देता है। शोधकर्ताओं ने ये भी पाया कि जो पुरुष इन प्रदूषकों के कम संपर्क में आए हैं। उनकी हड्डियों के घनत्व को कम नुकसान हुआ है और उन्हें फ्रैक्चर की समस्या भी कम हुई है।</strong></p>
<p><strong>शोधकर्ताओं ने निष्कर्ष निकाला की सिगरेट के धुंए और व्यायाम की कमी के साथ ही फ्रेक्चर होने का एक बड़ा कारण वायु प्रदूषण भी है। </strong><strong>इस मौसम में हमें ज्&#x200d;यादा से ज्&#x200d;यादा ऐसी चीजों को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए जो वायु प्रदूषण के बुरे प्रभाव से हमें बचा सकें।हमें सुबह हल्दी, अदरक और तुलसी के रस लेना चाहिए, क्&#x200d;योंकि इनमें भरपूर एंटीऑक्सीडेंट्स हैं। </strong></p>
<p><strong>एंटीऑक्सीडेंट न केवल हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता में इजाफा करते हैं, बल्कि सेहत से जुड़ी दूसरी परेशानियों में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से फायदा पहुंचाते हैं। एंटीऑक्सीडेंट प्रदूषण की वजह से हमारे शरीर में पहुंचे हानिकारक तत्&#x200d;वों को बाहर निकालते हैं और हमारी सेहत को ठीक रखते हैं। तुलसी के अपना औषधीय महत्&#x200d;व है, लिहाजा़ इस मौसम में तुलसी का सेवन बेहद फायदेमंद है। </strong><strong>इसके साथ ही शहद और गुड़ भी हमारे इम्&#x200d;यून सिस्&#x200d;टम को मजबूत करता है। हवा में फैल रहे प्रदूषण से बचाने के साथ ही हमारे शरीर को बीमारियों के प्रभाव से बचाता है। लहसुन भी इम्&#x200d;यूटी बढ़ाने में काफी ज्&#x200d;यादा असरदार होता। </strong></p>
<p><strong>यह कफ से निजात दिलाने में मददगार होता है।</strong><strong>इसके अलावा हमें विटामिन सी की अधिक से अधिक खुराक लेनी चाहिए। इसके लिए हमें संतरा, आंवला, नींबू और अमरूद जैसी विटामिन सी से भरपूर चीजों को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए। आंवला और एलोवेरा जूस भी प्रदूषण के मौसम में हमारी त्&#x200d;वचा को बचाने में काफी फायदेमंद है। इसके अलावा सब्जियों और फलों को अच्छी तरह से धोकर भी इस्&#x200d;तेमाल करें, क्योंकि वे खुले में प्रदूषित होते हैं। इसके अलावा हमें अपने आसपास पौधे लगाने चाहिए, क्&#x200d;योंकि इससे हमें ताजा ऑक्सीजन मिलती है।</strong></p>
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