लोन लेना चाहते है तो जरुरी है क्रेडिट स्कोर – Live Halchal https://livehalchal.com Latest News, Updated News, Hindi News Portal Fri, 04 Dec 2020 09:26:36 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.9 https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg लोन लेना चाहते है तो जरुरी है क्रेडिट स्कोर – Live Halchal https://livehalchal.com 32 32 लोन लेना चाहते है तो जरुरी है क्रेडिट स्कोर, इन 5 तरीकों से बढ़ा सकते हैं अपना सिबिल स्कोर https://livehalchal.com/%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%a8-%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%b9%e0%a4%a4%e0%a5%87-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%a4%e0%a5%8b-%e0%a4%9c%e0%a4%b0%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a5%80/399652 Fri, 04 Dec 2020 09:26:34 +0000 http://www.livehalchal.com/?p=399652  किसी ग्राहक को कर्ज देने से पहले बैंक या वित्तीय संस्थान यह चेक करते हैं कि व्यक्ति लोन लौटा पाएगा या नहीं। लोन लेने या देने के लिए क्रेडिट स्कोर सबसे ज्यादा मायने रखता है। यह उपाय ग्राहक के क्रेडिट हिस्ट्री, उसके बैंक और लोन खातों, पुनर्भुगतान ट्रैक रिकॉर्ड और कुल लोन स्तर से जुड़ी …]]>

 किसी ग्राहक को कर्ज देने से पहले बैंक या वित्तीय संस्थान यह चेक करते हैं कि व्यक्ति लोन लौटा पाएगा या नहीं। लोन लेने या देने के लिए क्रेडिट स्कोर सबसे ज्यादा मायने रखता है। यह उपाय ग्राहक के क्रेडिट हिस्ट्री, उसके बैंक और लोन खातों, पुनर्भुगतान ट्रैक रिकॉर्ड और कुल लोन स्तर से जुड़ी हर जानकारी दे देता है। क्रेडिट स्कोर 300 से 900 तक होता है, एक बढ़िया क्रेडिट स्कोर 550 से 700 के बीच होता है और बहुत अच्छा क्रेडिट स्कोर 700 से 900 तक होता है। अगर आपको लोन लेने में दिक्कत हो रही है तो आप क्रेडिट स्कोर में सुधार करके लोन ले सकते हैं। हम आपको बता रहे हैं कि आप कैसे अपना क्रेडिट स्कोर बढ़ा सकते हैं।

क्रेडिट डिसिप्लिन जरूरी: क्रेडिट के रीपेमेंट के संबंध में अनुशासन बनाना महत्वपूर्ण है। देय तारीख से पहले ईएमआई और क्रेडिट कार्ड बकाया का भुगतान कर देना चाहिए। रिमाइंडर बनाना या ऑटो डेबिट निर्देशों की स्थापना इस अनुशासन को बनाए रखने के लिए अच्छी तरह से काम करती है।

अच्छा क्रेडिट स्कोर बनाएं: ग्राहक को एक अच्छा क्रेडिट हिस्ट्री बनाना चाहिए, जिसमें विभिन्न प्रकार के क्रेडिट, अल्पावधि या दीर्घकालिक सुरक्षित ट्रैक को दिखाना चाहिए जिससे पता चले कि ग्राहक भविष्य में लोन भर सकता है।

क्रेडिट कार्ड पर CUR को कम बनाए रखें: सीयूआर क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो होता है। उदाहरण के लिए,अगर आपके कार्ड की लिमिट एक लाख है और आप एक महने में 50,000 रुपये खर्च करते हैं, तो आपका सीयूआर 50 फीसद होगा। अपने सीयूआर को 20 से 30 फीसद बनाए रखना एक आदर्श स्थिति होती है।

जॉइंट खाता: जहां ग्राहक जॉइंट होल्डर है वहां लोन के लिए किए गए रीपेमेंट की निगरानी करना महत्वपूर्ण है। ग्राहक जॉइंट लोन पर ईएमआई भुगतान करने के लिए समान रूप से जिम्मेदार है और इसका क्रेडिट स्कोर पर सीधा असर पड़ता है। यही सिद्धांत ग्राहक द्वारा गारंटीकृत लोन पर भी लागू होता है।

समय-समय पर अपनी क्रेडिट रिपोर्ट जांचते रहें: अगर आप क्रेडिट कार्ड का उपयोग करते हैं या आप पर कोई लोन है, तो आपको समय-समय पर अपनी क्रेडिट रिपोर्ट जांचते रहना चाहिए। अधिक नहीं तो कम से कम तीन महीनों में एक बार अपनी क्रेडिट रिपोर्ट जरूर देख लेनी चाहिए। इससे आप अपने क्रेडिट स्कोर के गिरने के कारणों को जान पाएंगे और समय पर उन्हें ठीक कर सकेंगे। क्रेडिट स्कोर की जांच करने के लिए ग्राहक CIBIL वेबसाइट पर निर्धारित शुल्क का भुगतान करके नए क्रेडिट रिपोर्ट का इस्तेमाल कर सकता है।

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