<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>लोन लेकर खरीदी थी कार &#8211; Live Halchal</title>
	<atom:link href="https://livehalchal.com/tag/%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%a8-%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%96%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%a5%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0/feed" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://livehalchal.com</link>
	<description>Latest News, Updated News, Hindi News Portal</description>
	<lastBuildDate>Fri, 02 Oct 2020 06:02:58 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg</url>
	<title>लोन लेकर खरीदी थी कार &#8211; Live Halchal</title>
	<link>https://livehalchal.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>जानें भारत के एक ऐसे PM के बारे में जिनके पास नहीं था अपना घर, लोन लेकर खरीदी थी कार</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%8f%e0%a4%95-%e0%a4%90%e0%a4%b8%e0%a5%87-pm-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b0/378655</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Alpana Vaish]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 02 Oct 2020 06:02:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slide]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[जानें भारत के एक ऐसे PM के बारे में जिनके पास नहीं था अपना घर]]></category>
		<category><![CDATA[लोन लेकर खरीदी थी कार]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://www.livehalchal.com/?p=378655</guid>

					<description><![CDATA[<img width="618" height="513" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/10/jjgj.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/10/jjgj.jpg 650w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/10/jjgj-300x249.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />लाल बहादुर शास्&#x200d;त्री, वो नाम है जिसने पाकिस्&#x200d;तान को उसके घर में घुसकर मारा था। उनके ही कार्यकाल में भारतीय फौज ने पाकिस्&#x200d;तान को जंग का करारा जवाब दिया और लाहौर तक पर अपना झंडा लहराया था। इसके अलावा वो इतने नेकदिल इंसान भी थे कि बाद में जीती हुई सारी भूमि पाकिस्&#x200d;तान को वापस &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="513" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/10/jjgj.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/10/jjgj.jpg 650w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/10/jjgj-300x249.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" /><p>लाल बहादुर शास्&#x200d;त्री, वो नाम है जिसने पाकिस्&#x200d;तान को उसके घर में घुसकर मारा था। उनके ही कार्यकाल में भारतीय फौज ने पाकिस्&#x200d;तान को जंग का करारा जवाब दिया और लाहौर तक पर अपना झंडा लहराया था। इसके अलावा वो इतने नेकदिल इंसान भी थे कि बाद में जीती हुई सारी भूमि पाकिस्&#x200d;तान को वापस कर दी थी। उन्&#x200d;होंने जय जवान जय किसान का नारा दिया। जब देश को भीषण अकाल का सामना करना पड़ा पड़ा तब उनके कहने पर ही देश के लोगों ने एक दिन का उपवास रखना शुरू किया था। उनके कहने पर लोगों ने पाकिस्&#x200d;तान से हुए युद्ध के लिए दिल खोलकर दान दिया था। सार्वजनिक जीवन में उनके जैसी ईमानदारी बहुत ही कम देखने को मिलती है। उन्&#x200d;होंने अपने रेल मंत्री के कार्यकाल में हुई रेल दुर्घटना की नैतिक जिम्&#x200d;मेदारी लेते हुए पद से इस्&#x200d;तीफा दे दिया था। आधुनिक भारत के इतिहास उनका पूरा जीवन सादगी और ईमानदारी की मिसाल रहा है।</p>
<p><img decoding="async" class="size-full wp-image-378656 aligncenter" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/10/jjgj.jpg" alt="" width="650" height="540" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/10/jjgj.jpg 650w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/10/jjgj-300x249.jpg 300w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></p>
<p>सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी के तहत उनको 50 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती थी। एक बार उन्&#x200d;होंने अपनी पत्&#x200d;नी से पूछा कि कितने में घर का खर्च चल जाता है। तब उनकी पत्&#x200d;नी ने 40 रुपये बताए। इसके बाद उन्&#x200d;होंने खुद आर्थिक सहायता को कम करने की मांग की थी। शास्&#x200d;त्री कभी निजी इस्&#x200d;तेमाल के लिए सरकारी कार का इस्&#x200d;तेमाल नहीं करते थे। एक बार जब उनके बेटे ने इसका इस्&#x200d;तेमाल निजी तौर पर किया तो उन्&#x200d;होंने किलोमीटर के हिसाब से पैसा सरकारी खाते में जमा करवाया दिया था। जब वो देश के पीएम बने तब उनके पास अपना ना घर था और न ही कोई कार। उनके खाते में इतने पैसे भी नहीं थे कि वो कार खरीद सकें। बाद में बच्&#x200d;चों के कहने पर उन्&#x200d;होंने बैंक से लोन लेकर एक कार खरीदी थी। वो इस कार का ऋण पूरा उतार भी नहीं पाए थे कि उनका तााशकंद में देहांत हो गया। इसके बाद तत्&#x200d;कालीन पीएम इंदिरा गांधी ने उनका ऋण माफ करने की सिफारिश की थी, लेकिन उनकी पत्&#x200d;नी ने ऐसा करने से इनकार कर दिया।</p>
<div class="relativeNews">
<p>इस घटना के चार साल बाद तक उनकी कार के ऋण की अदायगी बिना सरकारी मदद के की गई थी। ये कार आज भी दिल्ली के लाल बहादुर शास्त्री मेमोरियल में रखी है। 1966 में ताशकंद में हुए समझौते के बाद भारत ने पाकिस्तान हाजी पीर और ठिथवाल भूक्षेत्र वापस कर दिया था। उनके इस कदम की आलोचना भी हुई। उनकी पत्&#x200d;नी भी इस कदम से नाराज थीं। उनकी एक और घटना काफी दिलचस्&#x200d;प है। प्रधानमंत्री बनने के बाद शास्त्रीजी एक बार पत्नी के लिए साड़ी खरीदने गए थे। दुकानदार ने उन्&#x200d;हें कई महंगी साडि़यां दिखाईं। शास्&#x200d;त्री जी ने विनम्रता से कहा कि वो इतनी महंगी साड़ी नहीं ले सकते हैं। इस पर दुकानदार ने साड़ी गिफ्ट करने की बात कही, जिस पर शास्&#x200d;त्री जी ने साफ इनकार कर दिया।</p>
<div class="relativeNews">
<p>भारत के इस सपूत का जन्&#x200d;म 2 अक्टूबर सन् 1904 को उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में हुआ था। उनको घर में सबसे छोटे होने के नाते प्यार से &#8216;नन्हें&#8217; बुलाया जाता था। बचपन में ही पिता का साया सिर से उठजाने की वजह से उन्&#x200d;होंने मिर्जापुर में अपने नाना के यहां पर प्राथमिक शिक्षा हासिल की। पैसे के अभाव में वो नदी को तैर कर पार करते और स्&#x200d;कूल जाते थे। काशी विद्यापीठ से संस्कृत की पढ़ाई करने के बाद उन्हें &#8216;शास्त्री&#8217; की उपाधि दी गई। बेहद कम उम्र में ही वो गांधी जी के साथ असहयोग आंदोलन में शामिल हो गए। आजादी के बाद वो दिल्ली आ गए और केंद्रीय मंत्रिमंडल के कई विभागों में काम किया। उन्होंने रेल मंत्री, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री, गृह मंत्री समेत कई मंत्री पद संभाले। उन्होंने 11 जनवरी, 1966 को ताशकंद में अंतिम सांस ली थी।</p>
<p>&nbsp;</p>
<div class="bannerBox border0"></div>
</div>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
