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	<title>लोकसभा चुनाव &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>लोकसभा चुनाव &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>लोकसभा चुनाव से कैसे अलग होता है उपराष्ट्रपति का चुनाव?</title>
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		<pubDate>Tue, 09 Sep 2025 11:46:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[लोकसभा चुनाव]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="612" height="420" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/62-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/62.jpg 612w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/62-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/62-110x75.jpg 110w" sizes="(max-width: 612px) 100vw, 612px" />उपराष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए संसद परिसर में मतदान जारी है। एनडीए ने महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया है। राधाकृष्णन आरएसएस की विचारधारा से जुड़े हैं और मृदुभाषी और गैर-विवादास्पद नेता के रूप में जाने जाते हैं। वहीं विपक्ष ने सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड न्यायाधीश सुदर्शन रेड्डी को &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="612" height="420" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/62-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/62.jpg 612w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/62-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/62-110x75.jpg 110w" sizes="(max-width: 612px) 100vw, 612px" />
<p>उपराष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए संसद परिसर में मतदान जारी है। एनडीए ने महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया है। राधाकृष्णन आरएसएस की विचारधारा से जुड़े हैं और मृदुभाषी और गैर-विवादास्पद नेता के रूप में जाने जाते हैं।</p>



<p>वहीं विपक्ष ने सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड न्यायाधीश सुदर्शन रेड्डी को उम्मीदवार बनाया है। 79 वर्षीय बी सुदर्शन रेड्डी जुलाई 2011 में सुप्रीम कोर्ट से सेवानिवृत्त हुए थे। काले धन के मामलों की जांच में ढिलाई बरतने के लिए वह तत्कालीन केंद्र सरकार की आलोचना कर चुके हैं। उन्होंने नक्सलियों से लड़ने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा स्थापित सलवा जुडूम को भी असंवैधानिक घोषित किया था।</p>



<p><strong>शाम 6 बजे तक होगी गिनती</strong><br>उपराष्ट्रपति पद के लिए सुबह 10 बजे से शुरू हुआ मतदान शाम 5 बजे तक चलेगा। इसके बाद शाम 6 बजे से वोटों की गिनती शुरू होगी और रात 8 बजे तक रिजल्ट आने की संभावना है। आंकड़ो के हिसाब से देखें, तो विपक्ष के मुकाबले एनडीए उम्मीदवार का पलड़ा भारी है।</p>



<p>संसद के दोनों सदनों में 788 सांसदों के पद स्वीकृत हैं। इसमें से राज्यसभा में 6 और लोकसभा में 1 पद रिक्त है। ऐसे में केवल 781 सदस्य ही उपराष्ट्रपति पद के मतदान में हिस्सा लेंगे। वोटिंग के लिए सांसदों को पक्ष-विपक्ष के दोनों उम्मीदवारों के नाम वाले मतपत्र दिए जाएंगे, जिन पर उन्हें अपनी पसंद के उम्मीदवार के नाम के सामने ‘एक’ लिखकर अपनी पसंद बतानी होगी। जो भी सदस्य प्रक्रिया के तहत वोटिंग नहीं करेगा, उसका वोट रद माना जाएगा।</p>



<p><strong>किसके पास कितना संख्याबल?</strong><br>लोकसभा में एनडीए के 293 सांसद हैं, वहीं राज्यसभा में एनडीए सांसदों की संख्या 129 है। कुल मिलाकर एनडीए के पास 422 सांसदों का संख्याबल है। वहीं माना जा रहा है कि एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन को जगन मोहन रेड्डी की पार्टी वाईएसआर कांग्रेस के 11 सांसदों का वोट भी मिल सकता है। ऐसे में आंकड़ा 433 तक पहुंच जाता है।</p>



<p>विपक्ष की बात करें, तो उनके पास लोकसभा में 232 तथा राज्यसभा में 92 सदस्य हैं। कुल आंकड़ा 324 का है। विपक्ष को बीजद तथा बीआरएस से उम्मीद थी, लेकिन दोनों ही पार्टियां उपराष्ट्रपति चुनाव में हिस्सा नहीं लेंगी। उपराष्ट्रपतिन पद के चुनाव में व्हिप लागू नहीं होता है, ऐसे में इसमें क्रॉस वोटिंग की संभावना बढ़ जाती है।</p>



<p><strong>ऐसे होती है वोटिंग</strong><br>उपराष्ट्रपति पद के चुनावों की मतदान प्रणाली लोकसभा और विधानसभा चुनावों से अलग होने की वजह से इस चुनाव में ईवीएम का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनाव एकल संक्रमणीय मत के माध्यम से आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के अनुसार होते हैं।</p>



<p>इसमें हर मतदाता उतनी ही वरीयताएं दर्ज कर सकता है, जितने उम्मीदवार चुनाव मैदान में होते हैं। मतपत्र के स्तंभ दो में दिए गए स्थान में उम्मीदवारों के नामों के सामने वरीयता क्रम में 1,2,3,4 आदि दर्ज करके अंकित की जाती हैं। अधिकारियों के मुताबिक ईवीएम इस मतदान प्रणाली के मुताबिक डिजाइन नहीं की गई है।</p>



<p><strong>उपराष्ट्रपति को नहीं मिलता है नियमित वेतन</strong><br>भारत का उपराष्ट्रपति देश का दूसरा सर्वोच्च संवैधानिक पद है। हालांकि, वह संभवत: एकमात्र ऐसे संवैधानिक अधिकारी हैं, जिन्हें नियमित वेतन नहीं मिलता है। उपराष्ट्रपति संसद के ऊपरी सदन राज्यसभा के सभापति के रूप में वेतन प्राप्त करते हैं। उपराष्ट्रपति का वेतन और भत्ते संसद अधिकारियों के वेतन और भत्ते अधिनियम, 1953 के तहत निर्धारित किए जाते हैं।</p>



<p>उपराष्ट्रपति के लिए किसी विशिष्ट वेतन का प्रविधान नहीं है। इसके बजाय उन्हें राज्यसभा के सभापति के तौर पर चार लाख रुपये प्रति माह वेतन मिलता है। उपराष्ट्रपति को कई सुविधाएं मिलती हैं, जिनमें मुफ्त आवास, चिकित्सा सेवा, रेल और हवाई यात्रा, लैंडलाइन कनेक्शन, मोबाइल फोन सेवा, निजी सुरक्षा और कर्मचारी शामिल हैं। पूर्व उपराष्ट्रपति को लगभग दो लाख रुपये प्रति माह पेंशन, टाइप-8 बंगला, एक निजी सचिव, एक अतिरिक्त निजी सचिव, एक निजी सहायक, एक चिकित्सक, एक नर्सिंग अधिकारी और चार निजी परिचारक की सुविधा मिलती है।</p>
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		<title>पंजाब: कांग्रेस में प्रधान पद के लिए गुटबाजी शुरू…</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 21 Feb 2025 08:27:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[लोकसभा चुनाव]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="352" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-506-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-506.jpg 730w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-506-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />लोकसभा चुनाव में लुधियाना से पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के संसदीय चुनाव जीतने के बाद से ही पार्टी में नए प्रधान के लिए हाईकमान को दावे पेश किए जा रहे हैं। इस दौड़ में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, सुखजिंदर सिंह रंधावा, परगट सिंह, विजय इंद्र सिंगला के अलावा कई युवा नेता &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="352" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-506-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-506.jpg 730w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-506-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>लोकसभा चुनाव में लुधियाना से पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के संसदीय चुनाव जीतने के बाद से ही पार्टी में नए प्रधान के लिए हाईकमान को दावे पेश किए जा रहे हैं। इस दौड़ में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, सुखजिंदर सिंह रंधावा, परगट सिंह, विजय इंद्र सिंगला के अलावा कई युवा नेता भी शामिल हैं।</p>



<p>पंजाब कांग्रेस में नए प्रभारी भूपेश बघेल के कदम रखते ही प्रधान पद के लिए गुटबाजी शुरू हो गई है। प्रदेश इकाई के दिग्गज नेता दिल्ली में पार्टी हाईकमान के सामने अपनी प्रबल दावेदारी पेश करने में जुट गए हैं।</p>



<p>कोई पार्टी के सीनियर लीडर राहुल गांधी के संपर्क में तो कोई मल्लिकार्जुन खरगे के जरिये अपने दांव लगाने में जुट गए हैं। यहां तक की प्रधान पद की दौड़ में शामिल प्रदेश इकाई के दिग्गज नेताओं ने नए प्रभारी भूपेश बघेल को प्रभावित करना शुरू कर दिया है, ताकि पार्टी को प्रदेश में प्रधान के रूप में नया चेहरा मिल सके।</p>



<p>बघेल ने पार्टी में अनुशासन बनाए रखने की नेताओं को सख्त हिदायत दी है। वह अनुशासन और पार्टी हाईकमान के निर्देशों पर संगठनात्मक शैली को आगे बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं।</p>



<p>प्रदेश इकाई में पंजाब कांग्रेस के नए प्रधान के लिए सुर उठने लगे हैं। नए प्रभारी भूपेश बघेल के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यह रहेगी कि प्रदेश इकाई के वरिष्ठ नेताओं के बीच समन्वय बनाकर नए प्रधान की घोषणा के साथ पार्टी को 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए तैयार करना है। प्रदेश इकाई की गुटबाजी हाईकमान से भी छिपी नहीं है। पार्टी के कई सीनियर लीडर एक दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोल चुके हैं, ऐसे में पार्टी हाईकमान ने अपने दिग्गज नेता भूपेश बघेल को प्रदेश इकाई के नेताओं की नब्ज टटोलने के साथ सबको साथ लेकर आगे चलने के लिए भेजा है।</p>



<p><strong>प्रधान पद की दौड़ में नेताओं की बघेल से मीटिंग</strong><br>पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष की दौड़ में शामिल नेताओं ने नए प्रभारी भूपेश बघेल के साथ तालमेल बढ़ाना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में 18 फरवरी को मौजूदा प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के साथ नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने नए प्रभारी से दिल्ली में मुलाकात की।</p>



<p>करीब ड़ेढ घंटे की इस मुलाकात में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों के अलावा प्रदेश इकाई को लेकर गहन चर्चा हुई। इस मुलाकात के अगले ही दिन प्रधान की दौड़ में शामिल रंधावा और परगट सिंह ने भी नए प्रभारी से दिल्ली में मुलाकात की। आने वाले दिनों में कई बड़े चेहरे नए प्रभारी से मेल मिलाप कर सकते हैं, बताया जा रहा है इस मुलाकात के जरिये नए प्रभारी को भी पंजाब कांग्रेस का नया प्रधान बनाने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए मनाया जा रहा है।</p>



<p><strong>कांग्रेस पंजाब में बेहतर विकल्प, सियासी समीकरण चुनौती</strong><br>2024 के लोकसभा चुनाव में 13 में से 7 सीटों पर जीत दर्ज करने के बाद उप चुनाव से लेकर पंचायत और निकाय चुनावों में आप को कड़ी टक्कर देने वाली कांग्रेस अब भी प्रदेश की जनता के बीच एक बेहतर विकल्प के रूप में लगातार उभरकर सामने आ रही है।</p>



<p>सत्ताधारी आप ने पंजाब में अपनी पार्टी की कमान अब हिंदू चेहरे के हाथों दी हैं। इसके पीछे का मुख्य कारण जातीय समीकरण भी बताए जा रहे हैं, क्योंकि गठबंधन से अलग हुई भाजपा ने अपने वोट प्रतिशत में इजाफा किया है। ऐसे में अब पंजाब कांग्रेस के लिए यह बड़ी चुनौती होगी कि वह अपने प्रदेश इकाई के लिए नए चेहरे के रूप में क्या जातीय समीकरण बैठाती है। या फिर वह हिंदू चेहरे को छोड़ दलित नेता या जट सिख चेहरे को ही आगे रखेगी।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>इंदौर: वर्ष 2024 राजनीतिक घटनाक्रम- इंदौर में कांग्रेस ने बगैर उम्मीदवार लड़ा चुनाव</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 30 Dec 2024 07:54:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मध्यप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[लोकसभा चुनाव]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="357" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/12/Capture-787-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/12/Capture-787.jpg 722w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/12/Capture-787-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के तीन पूर्व विधायक संजय शुक्ला, विशाला पटेल और अंतर सिंह दरबार ने भाजपा का दामन थाम लिया। शुक्ला और पटेल का नाम लोकसभा चुनाव के दावेदारों की पैनल में था। उन्होंने मेयर का चुनाव भी लड़ा था। वर्ष 2024 राजनीतिक रुप से भी इंदौर और मालवा निमाड़ के लिए &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="357" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/12/Capture-787-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/12/Capture-787.jpg 722w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/12/Capture-787-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के तीन पूर्व विधायक संजय शुक्ला, विशाला पटेल और अंतर सिंह दरबार ने भाजपा का दामन थाम लिया। शुक्ला और पटेल का नाम लोकसभा चुनाव के दावेदारों की पैनल में था। उन्होंने मेयर का चुनाव भी लड़ा था।</p>



<p>वर्ष 2024 राजनीतिक रुप से भी इंदौर और मालवा निमाड़ के लिए बीत रहा साल सुर्खियों मेें रहा। यहां हुए राजनीतिक घटनाक्रमों की चर्चा पूरे देशभर में हुई। खासतौर पर भाजपा के लिए यह साल शुभ रहा। इंदौर के लोकसभा चुनाव में सर्वाधिक वोटों से जीत का रिकार्ड इंदौर से मना। इंदौर में सबसे ज्यादा नए भाजपा सदस्य बने। कांग्रेस छोड़कर कई पूर्व विधायक व बड़े नेता भाजपा में शामिल हुए।</p>



<p><strong>बम ने नामांकन तिथि के अंतिम दिन थामा भाजपा का दामन<br></strong>इंदौर में लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने अक्षय बम को कांग्रेस का उम्मीदवार घोषित किया था। भाजपा की तरफ से शंकर लालवानी मैदान में थे। नामांकन तिथि के अंतिम दिन अक्षय बम विधायक रमेश मेंदोला के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और अपना नाम वापस ले लिया। इस घटनाक्रम से राजनीतिक गरमा गई,क्योकि कांग्रेस से डमी उम्मीदवार ने भी नामांकन नहीं भरा था। कांग्रेस ने इंदौर में बगैर उम्मीदवार के चुनाव लड़ा।</p>



<p>बम को भाजपा में लाने के लिए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बड़ी भूमिका निभाई। इसके बाद बम ने भाजपा का दामन थाम लिया। इसके बाद भाजपा उम्मीदवार शंकर लालवानी पूरे देश में सर्वाधिक वोटों से चुनाव जीते। उनकी जीत का अंतर 11.75 लाख था। इतने वोटों की बढ़त से पूरे देश में सिर्फ उनकी ही रही।</p>



<p><strong>विजयवर्गीय का कांग्रेस कार्यालय में स्वागत पड़ा मंहगा<br></strong>नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बीएसएफ टेकरी में सर्वाधिक पौधे लगाने का रिकार्ड बनाने का शहरवासियों से आव्हान किया। वे कांग्रेस पदाधिकारियों को आमंत्रित करने कांग्रेस कार्यालय गांधी भवन भी पहुंचे। वहां कांग्रेसियों ने उनका बुके देकर और गुलाब जामुन खिलाकर स्वागत किया। यह बात कुछ कांग्रेसियों को नागवार गुजरी। राजनीति गरमाने के बाद शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुरजीत सिंह चड्ढा और जिला अध्यक्ष सदाशिव यादव को सात दिन के निलंबित कर दिया गया।</p>



<p><strong>कांग्रेस के तीन पूर्व विधायक हुए भाजपा में शामिल<br></strong>लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के तीन पूर्व विधायक संजय शुक्ला, विशाला पटेल और अंतर सिंह दरबार ने भाजपा का दामन थाम लिया। शुक्ला और पटेल का नाम लोकसभा चुनाव के दावेदारों की पैनल में था। उन्होंने मेयर का चुनाव भी लड़ा था। संजय अपना दूसरा विधानसभा चुनाव कैलाश विजयवर्गीय से हार गए थे। इसके अलावा महू विधानसभा से बागी उम्मीदवार के रुप में चुनाव लड़ने वाले अंतर सिंह दरबार भी भाजपा में आ गए।</p>



<p>कुछ दिनों बाद विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी बने राम किशोर शुक्ला ने भी भाजपा का दामन थाम लिया। इसके अलावा इंदौर के चार नंबर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े राजा मंधवानी भी भाजपा में शामिल हो गए।</p>



<p><strong>विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री के सामने उठाया नशा बेचने वालों का मुद्दा<br></strong>मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दशहरा मैदान में हुए एक आयोजन में इंदौर में अवैध नशा और ब्राउनशुगर बेचने का मुद्दा दमदारी से उठाया। उन्होंने कहा कि राजस्थान से इंदौर में नशा आता है और तस्करों की पूरी सूची उनके पास है। उन्होंने मध्य प्रदेश पुलिस को इस मामले में सख्ती बरतने को कहा था। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बाद में कहा कि मध्य प्रदेश सरकार अपराधियों के खिलाफ सख्त एक्शन लेगी।</p>



<p><strong>इंदौर जिले में भाजपा एक भी सीट नहीं हारी<br></strong>इंदौर जिले में विधानसभा चुनाव में भाजपा ने एक रिकार्ड बनाया। जिले की सभी 9 सीटे भाजपा ने जीत ली। तीन नंबर, राऊ विधानसभा और देपालपुर में मुकाबला टसल वाला माना जा रहा था, लेकिन एक भी सीट कांग्रेस इंदौर जिले में नहीं जीत पाई। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी भी राऊ विधानसभा सीट से चुनाव नहीं जीत पाए।</p>



<p><strong>इंदौर में सबसे ज्यादा भाजपा के सदस्य बने<br></strong>भाजपा के देशव्यापी सदस्यता अभियान में इंदौर ने बाजी मारी। इंदौर में सबसे ज्यादा छह लाख सदस्य भाजपा पदाधिकारियों ने बनाए। एक नंबर विधानसभा क्षेत्र में एक लाख से ज्यादा नए सदस्य भाजपा से जुड़े। इंदौर में सबसे ज्यादा सदस्य बनने की घोषणा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने की। इसे भाजपा नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे की बड़ी उपलब्धि माना गया।</p>
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		<title>पंजाब: कांग्रेस के सामने उपचुनाव में गढ़ बचाने की चुनौती</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 19 Nov 2024 07:34:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[लोकसभा चुनाव]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="348" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/11/Capture-221-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/11/Capture-221.jpg 729w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/11/Capture-221-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />पंजाब में चार सीटों पर विधानसभा उपचुनाव कांग्रेस के लिए अहम रहने वाला है, क्योंकि इसी से कांग्रेस प्रदेश में सत्ता में अपनी वापसी की राह तलाश रही है। इस चुनाव में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं की साख दांव पर है। पिछले लोकसभा चुनाव में सात सीटें जीतने के बाद पंजाब कांग्रेस के हौसले बुलंद &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="348" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/11/Capture-221-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/11/Capture-221.jpg 729w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/11/Capture-221-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>पंजाब में चार सीटों पर विधानसभा उपचुनाव कांग्रेस के लिए अहम रहने वाला है, क्योंकि इसी से कांग्रेस प्रदेश में सत्ता में अपनी वापसी की राह तलाश रही है। इस चुनाव में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं की साख दांव पर है।</p>



<p>पिछले लोकसभा चुनाव में सात सीटें जीतने के बाद पंजाब कांग्रेस के हौसले बुलंद जरूर हैं, लेकिन हरियाणा में मिली हार ने इस खुशी को कम किया है, क्योंकि पड़ोसी राज्य होने के कारण हरियाणा का भी पंजाब की राजनीति पर प्रभाव रहता है।</p>



<p><strong>बरनाला सीट पर आप का दबदबा<br></strong>बरनाला सीट से कांग्रेस ने कुलदीप सिंह ढिल्लों को टिकट दी है। पिछले दो विधानसभा चुनाव से यहां आम आदमी पार्टी का दबदबा रहा है। गुरमीत सिंह मीत हेयर यहां से 2017 व 2022 में जीत दर्ज कर चुके हैं। उनके लोकसभा में जाने के बाद ही यह सीट खाली हुई थी। कांग्रेस के सामने पहले तो आप का किला ढाहने की चुनौती है। वहीं दूसरा पार्टी को यहां बागी भी चुनौती दे रहे हैं। भाजपा ने पूर्व कांग्रेस विधायक केवल सिंह ढिल्लों को टिकट दी है, जो 2007 व 2012 में यहां से दो बार विधायक रह चुके हैं, इसलिए बरनाला सीट पर कांग्रेस के सामने डबल चुनौती है।</p>



<p><strong>चब्बेवाल में मुकाबला कड़ा<br></strong>इसी तरह चब्बेवाल सीट पर कांग्रेस से एडवोकेट रंजीत कुमार चुनाव लड़ रहे हैं। उनके सामने आम आदमी पार्टी से डॉ. राजकुमार चब्बेवाल के बेटे ईशांक चब्बेवाल मैदान में है। डॉ. राजकुमार दो बार इस सीट पर कांग्रेस से विधायक रह चुके हैं। लोकसभा चुनाव से पहले ही कांग्रेस छोड़कर वह आप में शामिल हो गए थे और होशियारपुर सीट से लोकसभा चुनाव जीत गए थे। इस तरह चब्बेवाल सीट पर भी बागियों ने कांग्रेस की राह मुश्किल कर दी है।</p>



<p><strong>सबसे हाॅट सीट बनी गिद्दड़बाहा<br></strong>इस बार उपचुनाव में गिद्दड़बाहा सीट सबसे हॉट बनी हुई है। यह सीट कांग्रेस का गढ़ मानी जाती है, क्योंकि पिछले तीन चुनाव से लगातार यहां से पंजाब कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग जीत दर्ज करते रहे हैं। इस बार कांग्रेस ने उनकी पत्नी अमृता वड़िंग को चुनाव मैदान में उतारा है। वड़िंग के लिए अपना गढ़ बचाने के साथ ही यह उपचुनाव साख का सवाल बना हुआ है। इस पर भाजपा से मनप्रीत बादल चुनाव मैदान में उतरे हैं, जो चार बार इस हलके से विधायक रह चुके हैं। वह वर्ष 2023 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे। इसी तरह आप ने यहां पूर्व अकाली हरदीप सिंह डिंपी ढिल्लों को टिकट दी है, जो सुखबीर बादल के करीबियों में से एक थे। दोनों ही नेता इस सीट पर कांग्रेस को कड़ी टक्कर दे रहे हैं।</p>



<p><strong>डेरा बाबा नानक में भी गढ़ बचाने की चुनौती<br></strong>इसी तरह कांग्रेस के लिए डेरा बाबा नानक में भी अपना गढ़ बचाने की चुनौती है। यहां 2012 से लगातार तीन बार कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा जीत दर्ज करते रहे हैं। इस बार उनकी पत्नी जतिंदर कुमार चुनाव में उतरी हैं। भाजपा ने यहां से अकाली नेता निर्मल सिंह काहलों के बेटे रविकरण काहलों को टिकट दी है। निर्मल काहलों यहां से दो बार विधायक रह चुके हैं। आम आदमी पार्टी ने यहां पर गुरदीप रंधावा को दोबारा टिकट दी है। वह वर्ष 2022 चुनाव में हार गए थे। डेरा बाबा नानक में इस बार भाजपा व आप प्रत्याशी दोनों ही पूरा जोर लगा रहे हैं, जिसके चलते यह सीट भी कांग्रेस के लिए आसान नहीं रहने वाली है।</p>
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		<title>पंजाब की चार विधानसभा सीटों पर उपचुनाव का एलान आज</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 15 Oct 2024 07:01:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[लोकसभा चुनाव]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="346" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-578-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-578.png 718w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-578-medium.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के चार विधायक जीतकर सांसद बन चुके हैं। अब बरनाला, चब्बेवाल, डेरा बाबा नानक और गिद्दड़बाहा में उपचुनाव होने हैं। संभावना है कि आज चुनाव आयोग इसका एलान कर देगा। पंजाब की चार विधानसभा सीटों पर आज उपचुनाव का एलान हो सकता है। चुनाव आयोग ने आज &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="346" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-578-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-578.png 718w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-578-medium.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के चार विधायक जीतकर सांसद बन चुके हैं। अब बरनाला, चब्बेवाल, डेरा बाबा नानक और गिद्दड़बाहा में उपचुनाव होने हैं। संभावना है कि आज चुनाव आयोग इसका एलान कर देगा।</p>



<p>पंजाब की चार विधानसभा सीटों पर आज उपचुनाव का एलान हो सकता है। चुनाव आयोग ने आज दोपहर साढ़े तीन बजे महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान करने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है। उम्मीद है कि आज ही पंजाब के उपचुनाव का भी एलान कर दिया जाएगा।</p>



<p>पंजाब में डेरा बाबा नानक, गिद्दड़बाहा, बरनाला और चब्बेवाल में उपचुनाव होने हैं। यहां के विधायक अब सांसद बन गए हैं। डेरा बाबा नानक के विधायक सुखजिंदर सिंह रंधावा गुरदासपुर से, गिद्दड़बाहा के अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग लुधियाना से, चब्बेवाल के राजकुमार चब्बेवाल होशियारपुर से और बरनाला के विधायक गुरमीत सिंह मीत हेयर संगरूर से लोकसभा चुनाव जीत गए हैं।</p>
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