लिव-इन – Live Halchal https://livehalchal.com Latest News, Updated News, Hindi News Portal Tue, 18 Feb 2025 05:52:51 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.10 https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg लिव-इन – Live Halchal https://livehalchal.com 32 32 UCC में लिव-इन संबंधों के पंजीकरण पर HC ने कहा- बिना शादी निर्लज्जता से रह रहे https://livehalchal.com/ucc-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%b5-%e0%a4%87%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%ac%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%82%e0%a4%9c%e0%a5%80/603337 Tue, 18 Feb 2025 05:52:49 +0000 https://livehalchal.com/?p=603337 नैनीताल हाईकोर्ट ने उत्तराखंड के यूसीसी में लिव-इन संबंधों के अनिवार्य पंजीकरण को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान टिप्पणी करते हुए कहा कि बिना शादी किए निर्लज्जता के साथ रह रहे हैं तो फिर निजता का हनन कैसे। कहा कि राज्य सरकार ने भी यह नहीं कहा है कि आप …]]>

नैनीताल हाईकोर्ट ने उत्तराखंड के यूसीसी में लिव-इन संबंधों के अनिवार्य पंजीकरण को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान टिप्पणी करते हुए कहा कि बिना शादी किए निर्लज्जता के साथ रह रहे हैं तो फिर निजता का हनन कैसे। कहा कि राज्य सरकार ने भी यह नहीं कहा है कि आप साथ नहीं रहते हैं।

याचिका दायर करने वाले देहरादून के जय त्रिपाठी के अधिवक्ता ने तर्क दिया था कि ऐसे संबंधों के पंजीकरण के लिए अनिवार्य प्रावधान कर राज्य सरकार गपशप को संस्थागत रूप दे रही है। याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट के वर्ष 2017 के फैसले का हवाला दे तर्क दिया कि लिव इन अनिवार्य पंजीकरण से निजता का हनन हो रहा है।

मुख्य न्यायाधीश जी नरेंदर व न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ ने सोमवार को सुनवाई के दौरान कहा कि यूसीसी ऐसे रिश्ते के लिए पंजीकरण करने के लिए कह रही है। ‘क्या रहस्य है? आप दोनों एक साथ रह रहे हैं, आपका पड़ोसी जानता है, समाज जानता है और दुनिया जानती है। फिर आप जिस गोपनीयता की बात कर रहे हैं, वह कहां है? बिना शादी के दो लोग निर्लज्जता के साथ रह रहे हैं तो फिर निजता का हनन कैसे, कहां हुआ।

याचिकाकर्ता ने कहा कि अल्मोड़ा के एक युवक की हत्या अंतर-धार्मिक लिव-इन रिलेशनशिप की वजह से कर दी गई। खंडपीठ ने इस याचिका को अन्य याचिकाओं के साथ संबद्ध करते हुए अगली सुनवाई के लिए पहली अप्रैल की तिथि नियत कर दी है।

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राजधानी देहरादून के दो जोड़ों ने मांगी संग रहने की अनुमति, UCC पोर्टल पर किया आवेदन https://livehalchal.com/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a5%82%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a6%e0%a5%8b-%e0%a4%9c%e0%a5%8b/601688 Tue, 04 Feb 2025 06:26:21 +0000 https://livehalchal.com/?p=601688 दो युगलों ने यूसीसी पोर्टल पर लिव-इन का पंजीकरण कराने के लिए आवेदन किया है। पुलिस आवेदनों की कर रही जांच एक ही छत के नीचे रहने के लिए विवाह के सात फेरों का बंधन अब अनिवार्य नहीं रहा। उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता ने लिव-इन रिलेशनशिप को कानूनी मान्यता दी तो दून में दो …]]>

दो युगलों ने यूसीसी पोर्टल पर लिव-इन का पंजीकरण कराने के लिए आवेदन किया है। पुलिस आवेदनों की कर रही जांच एक ही छत के नीचे रहने के लिए विवाह के सात फेरों का बंधन अब अनिवार्य नहीं रहा। उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता ने लिव-इन रिलेशनशिप को कानूनी मान्यता दी तो दून में दो जोड़े सबसे पहले लिव-इन रिलेशन का पंजीकरण कराने के लिए आगे आए। यानी देश में दो जोड़े कानूनी संरक्षण में एक साथ रह सकेंगे।

दोनों युगलों ने यूसीसी पोर्टल पर लिव-इन का पंजीकरण कराने के लिए आवेदन किया है। दून पुलिस आवेदनों की जांच कर रही है। दस्तावेज व दावे सही पाए जाने पर दोनों को लिव-इन में रहने की अनुमति दी जाएगी।

पंजीकरण के सबसे पहले दो मामले आए सामने
उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू होने के बाद देहरादून में भी इसके तहत पंजीकरण होने लगे हैं। दून में अब तक कुल 193 लोगों ने पोर्टल पर विभिन्न श्रेणियों में आवेदन किया है। विवाह पंजीकरण के अलावा विवाह विच्छेद, विवाह की निरर्थकता का पंजीकरण, कानूनी उत्तराधिकारियों की घोषणा, वसीयत पंजीकरण के लिए आवेदन किए जा रहे हैं।

लिव-इन रिलेशनशिप पंजीकरण व लिव-इन रिलेशनशिप की समाप्ति के लिए अभी तक पंजीकरण की प्रक्रिया बेशक पूर्ण नहीं हुई है, लेकिन यूसीसी के तहत लिव-इन रिलेशनशिप पंजीकरण के सबसे पहले दो मामले सामने आ चुके हैं। यूसीसी पंजीकरण के जिला नोडल अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि लिव इन पंजीकरण के आवेदनों को सीधे रजिस्ट्रार देखेंगे। आवेदनों की जांच रजिस्ट्रार स्तर से होने के बाद पुलिस की ओर से की जा रही है।

अगर पहले से लिव-इन में हैं तो एक माह का समय
समान नागरिक संहिता लागू होने से पहले से स्थापित लिव-इन रिलेशनशिप मामलों में संहिता लागू होने की तिथि से एक माह के अंदर पंजीकरण कराना होगा, जबकि संहिता लागू होने के बाद स्थापित लिव इन रिलेशनशिप मामलों का पंजीकरण, रिलेशनशिप में प्रवेश की तिथि से एक माह के अंदर कराना होगा। वहीं, ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों ही तरीके से लिव इन रिश्तों को समाप्त किया जा सकेगा। जोड़े के एक साथी की ओर से रिश्ता समाप्त करने का आवेदन करने पर रजिस्ट्रार दूसरे से पुष्टि करेगा। लिव इन में महिला के गर्भवती होने पर रजिस्ट्रार को सूचना देना अनिवार्य होगा। बच्चे के जन्म के 30 दिन के अंदर स्टेटस अपडेट कराना होगा।

यह होगी सजा
लिव-इन का अनिवार्य पंजीकरण नहीं कराने पर छह माह का कारावास या 25 हजार रुपये दंड अथवा दोनों का प्रावधान होगा।

रजिस्ट्रार से मिलेगी रसीद
लिव इन में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को साथ में रहने के लिए अनिवार्य रूप से पंजीकरण यूसीसी वेब पोर्टल पर कराना होगा। पंजीकरण के बाद रजिस्ट्रार की ओर से जोड़े को एक रसीद दी जाएगी। इसी रसीद के आधार पर वह जोड़ा किराये पर घर, हाॅस्टल अथवा पीजी में रह सकेगा।

माता-पिता को दी जाएगी सूचना
लिव-इन में पंजीकरण करने वाले जोड़े की सूचना रजिस्ट्रार की ओर से उनके माता-पिता या अभिभावक को दी जाएगी। लिव इन के दौरान पैदा हुए बच्चों को उसी युगल की संतान माना जाएगा। इस बच्चे को जैविक संतान के समस्त अधिकार प्राप्त होंगे।

लिव इन पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज
महिला की तस्वीर, पुरुष की तस्वीर, उत्तराखंड के निवास का प्रमाण, बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र (यदि बच्चा पैदा हुआ है), बच्चे के गोद लेने का प्रमाणपत्र (यदि बच्चा गोद लिया गया), यदि व्यक्ति तलाकशुदा है तो तलाक के दस्तावेज, विवाह विच्छेद का प्रमाणपत्र, यदि पिछले संबंध की स्थिति विधवा है तो जीवनसाथी की मृत्यु का प्रमाणपत्र, यदि व्यक्ति के पिछले संबंध की स्थिति मृत लिव-इन पार्टनर है तो मृत महिला/पुरुष लिव-इन पार्टनर का मृत्यु प्रमाणपत्र, साझा घराने के स्वामित्व के लिए यूटिलिटी कंपनी का अंतिम बिजली बिल या पानी का बिल, आरडब्ल्यूए का अंतिम बिजली बिल या पानी का बिल, किराये पर साझा किए गए घर के लिए किराया समझौते के साथ सबूत का कोई भी एक दस्तावेज, मकान मालिक से एनओसी।

रिलेशनशिप समाप्त करने के लिए दस्तावेज
बच्चे-बच्चों के विवरण के लिए जन्म प्रमाणपत्र (यदि बच्चा पैदा हुआ है) व गोद लेने का प्रमाणपत्र (यदि बच्चा गोद लिया गया है) प्रस्तुत करना होगा। इसके बाद में अन्य जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे।

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लिव-इन में रहते-रहते कैसे बन गयी श्रद्धा कपूर एक नही चार बच्चों की माँ… https://livehalchal.com/%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%b5-%e0%a4%87%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b0%e0%a4%b9%e0%a4%a4%e0%a5%87-%e0%a4%b0%e0%a4%b9%e0%a4%a4%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%88%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%ac/74692 Tue, 29 Aug 2017 10:23:56 +0000 http://www.livehalchal.com/?p=74692 हम सभी जानते हैं की श्रद्धा आजकल फ़रहान अख्तर के साथ लिव-इन में हैं.चुलबुले किरदारों में नज़र आने वाली श्रद्धा कपूर इस बार अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के बहन की भूमिका निभाते हुए नज़र आने वाली हैं. जी हां, श्रद्धा अपनी आगामी फिल्म ‘हसीना- द क्वीन ऑफ़ मुंबई’ में दाऊद इब्राहिम की बहन का किरदार …]]>

हम सभी जानते हैं की श्रद्धा आजकल फ़रहान अख्तर के साथ लिव-इन में हैं.चुलबुले किरदारों में नज़र आने वाली श्रद्धा कपूर इस बार अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के बहन की भूमिका निभाते हुए नज़र आने वाली हैं. जी हां, श्रद्धा अपनी आगामी फिल्म ‘हसीना- द क्वीन ऑफ़ मुंबई’ में दाऊद इब्राहिम की बहन का किरदार निभा रही हैं. श्रद्धा का यह रोल अब तक उनके निभाए हुए किरदारों से बिल्कुल अलग है. फिल्म का ट्रेलर और पोस्टर ही बताते हैं कि श्रद्धा ने इस रोल में खुद को ढाल लिया है. इस रोल के लिए आशिक़ी गर्ल ने कड़ी मेहनत की है.लिव-इन में रहते-रहते कैसे बन गयी श्रद्धा कपूर एक नही चार बच्चों की माँ...बड़ा खुलासा: राम रहीम अपने पुरुष सेवादारों को ‘काली गोली’ देकर बना देता था नपुंसक, फिर करवाता था….

इस फिल्म में श्रद्धा कपूर चार बच्चों की माँ का किरदार निभा रही हैं. इस रोल के लिए श्रद्धा की मेहनत काबिले तारीफ़ है क्योंकि इतनी कम उम्र में चार बच्चों की माँ दिखना बेहद मुश्किल है. इसके अलावा डॉन की बहन का किरदार निभाना भी कोई आसान काम नहीं है.

 

इस फिल्म को डायरेक्ट किया है अपूर्व लाखिया ने. उनके मुताबिक श्रद्धा ने डॉन की बहन के किरदार को बखूबी निभाया है. उनसे बेहतर यह रोल और कोई नहीं कर सकता था. हम आपको बता दें कि फिल्म अभिनेत्री तेजस्वनी कोल्हापुरी श्रद्धा कपूर की आंटी हैं. तेजस्वनी कोल्हापुरी की बेटी वेदिका के साथ श्रद्धा ने काफी वक़्त बिताया है और इस वजह से उन्हें बच्चों को टैकल करने का एक्सपीरियंस भी हो गया है. श्रद्धा के इसी एक्सपीरियंस ने उन्हें चार बच्चों की माँ का किरदार निभाने में मदद की और ऑनस्क्रीन इस रोल को करने में ज़्यादा परेशानी नहीं हुई.

डायरेक्टर अपूर्व लाखिया ने बताया कि श्रद्धा अपनी उम्र के हिसाब से काफी मैच्योर हैं. फिल्म के लिए उन्होंने प्रेगनेंसी से संबंधित किताबें पढ़ी और उससे जुड़ी हर छोटी से छोटी जानकारियों पर ध्यान दिया. बताया जा रहा है कि दर्शकों ने श्रद्धा का यह कातिलाना अंदाज़ पहले कभी नहीं देखा होगा. आंखों में सूरमा लगाकर वह बेहद खुबसूरत दिख रही हैं. उनके इस किरदार को देखकर दर्शक एक बार सोच में तो ज़रूर पड़ जायेंगे कि क्या ये वही बबली और चुलबुली श्रद्धा है जिसे हमने दूसरी फिल्मों में नाचते गाते और उछलते कूदते देखा है.

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