लड़ाकू विमान – Live Halchal https://livehalchal.com Latest News, Updated News, Hindi News Portal Sat, 08 Aug 2026 07:00:17 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.10 https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg लड़ाकू विमान – Live Halchal https://livehalchal.com 32 32 छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान कार्यक्रम में शामिल होने की तैयारी में भारत https://livehalchal.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a0%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%a2%e0%a4%bc%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a5%82-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a8-2/680506 Sat, 08 Aug 2026 07:00:17 +0000 https://livehalchal.com/?p=680506  भारत अपनी वायुसेना की ताकत बढ़ाने के लिए छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान की दिशा में आगे बढ़ रहा है। संसद की एक समिति ने कहा है कि रक्षा मंत्रालय ने फ्रांस सरकार के नेतृत्व वाले छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान विकास कार्यक्रम-‘फ्यूचर कांबैट एयर सिस्टम’ में शामिल होने की कोशिशें शुरू कर दी है। …]]>

 भारत अपनी वायुसेना की ताकत बढ़ाने के लिए छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान की दिशा में आगे बढ़ रहा है। संसद की एक समिति ने कहा है कि रक्षा मंत्रालय ने फ्रांस सरकार के नेतृत्व वाले छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान विकास कार्यक्रम-‘फ्यूचर कांबैट एयर सिस्टम’ में शामिल होने की कोशिशें शुरू कर दी है।

संसदीय समिति ने मंत्रालय से ऐसे विमानों के अधिग्रहण का रोडमैप मांगा है। शुक्रवार को संसद में पेश अपनी रिपोर्ट में रक्षा मामलों की संसदीय स्थायी समिति ने मंत्रालय को सलाह दी कि वह आज की हवाई-केंद्रित आधुनिक लड़ाई में भारत की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए छठी पीढ़ी के विमानों के विकास और उन्हें हासिल करने की दिशा में एक योजना तैयार करे। संसदीय समिति को बताया गया है कि छठी पीढ़ी के विमान पर दो कंसोर्टियम काम कर रहे हैं।

एक समूह में ब्रिटेन, इटली और जापान शामिल हैं। दूसरा समूह फ्रांस और जर्मनी का है। दोनों समूह विमान विकसित कर रहे हैं। भारतीय वायु सेना उन्नत विमान हासिल करने में पीछे न रह जाए, यह सुनिश्चित करने के लिए रक्षा मंत्रालय इनमें से किसी एक समूह के साथ जुड़ने की कोशिश करेगा।

सुरक्षा चुनौतियों के मद्देनजर रक्षा बजट में वृद्धि की सिफारिश

संसदीय समिति ने सिफारिश की है कि मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति और “हर समय युद्ध रोकने की विश्वसनीय क्षमता” बनाए रखने की जरूरत को देखते हुए रक्षा बजट बढ़ाया जाना चाहिए। समिति ने कहा कि रक्षा बलों के आधुनिकीकरण के लिए रक्षा बजट के पूंजी खंड के माध्यम से फंड दिया जाता है। इसलिए पूंजी खंड के तहत आवंटन बढ़ाया जाना चाहिए।

आधुनिकीकरण में रक्षा क्षमताओं को बेहतर और मजबूत बनाने के लिए नए और अत्याधुनिक प्लेटफार्म, तकनीक और हथियार प्रणाली हासिल करना शामिल है। यह एक निरंतर प्रक्रिया है, जो खतरे के आकलन, परिचालन चुनौतियों और तकनीकी बदलावों पर आधारित है।

डीआरडीओ परफार्मेंस इंडिकेटर को जल्द अंतिम रूप दे

संसदीय समिति ने सिफारिश की है कि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) को अपनी परियोजनाओं से जुड़े “की परफार्मेंस इंडिकेटर” (केपीआइ) को शीघ्रता और स्पष्टता के साथ अंतिम रूप देना चाहिए।

इसमें लागत दक्षता, तकनीकी परिपक्वता, लक्ष्य तिथियां, पूरा होने का समय और परिचालन संबंधी प्रभावशीलता शामिल हों। यह एक ऐसी व्यवस्था है, जिसमें यह देखा जाता है कि कोई व्यक्ति, टीम या कंपनी अपने लक्ष्यों को हासिल करने में कितना अच्छा काम कर रही है।

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पांच तेजस तैयार… पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान की रेस से बाहर हो सकती है HAL https://livehalchal.com/%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%9a-%e0%a4%a4%e0%a5%87%e0%a4%9c%e0%a4%b8-%e0%a4%a4%e0%a5%88%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%9a%e0%a4%b5%e0%a5%80%e0%a4%82/659033 Fri, 06 Feb 2026 04:53:04 +0000 https://livehalchal.com/?p=659033 सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी हिंदुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड को बड़ा झटका लग सकता है। पांचवीं पीढ़ी के उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान परियोजना से एचएएल के बाहर होने की आशंका है। हालांकि, इस मुद्दे पर रक्षा मंत्रालय द्वारा अभी तक अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी हिंदुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड को बड़ा झटका लग …]]>

सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी हिंदुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड को बड़ा झटका लग सकता है। पांचवीं पीढ़ी के उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान परियोजना से एचएएल के बाहर होने की आशंका है। हालांकि, इस मुद्दे पर रक्षा मंत्रालय द्वारा अभी तक अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी हिंदुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड को बड़ा झटका लग सकता है। पांचवीं पीढ़ी के उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान परियोजना से एचएएल के बाहर होने की आशंका है। हालांकि, इस मुद्दे पर रक्षा मंत्रालय द्वारा अभी तक अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

इस बीच, भारतीय वायु सेना इस साल मई में एलसीए मार्क 1ए लड़ाकू विमान परियोजना की समीक्षा करेगी। इसके बाद ही वह इन विमानों की डिलीवरी स्वीकार करने का निर्णय लेगी। वायु सेना ने दो चरणों में 180 मार्क 1ए विमानों का आर्डर दिया है, लेकिन इनकी डिलीवरी में देरी हो रही है।

5 एलसीए मार्क 1ए लड़ाकू विमान तैयार
इस परियोजना पर पिछले साल दिसंबर में विस्तार से चर्चा की गई थी। एचएएल के अधिकारियों ने कहा कि कंपनी के पास 5 एलसीए मार्क 1ए लड़ाकू विमान तैयार स्थिति में है।

इनमें रडार, इलेक्ट्रानिक युद्धक उपकरण और हथियार जैसे प्रमुख घटक पहले से ही एकीकृत हैं। इन विमानों की डिलीवरी पिछले साल ही हो जानी थी, लेकिन वायु सेना ने एचएएल से विमानों को पूर्णत: परिचालन योग्य स्थिति में उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

इंजन से जुड़ी आपूर्ति श्रृंखला की समस्याओं के कारण डिलीवरी में कुछ समय के लिए देरी हो गई। 17 अक्टूबर को एचएएल के नासिक स्थित संयंत्र से तेजस एमके1ए प्रोटोटाइप ने पहली उड़ान भरी थी।

बेंगलुरु में स्थित दो संयंत्रों के साथ-साथ नासिक को तेजस कार्यक्रम के तहत तीसरी उत्पादन लाइन के रूप में विकसित किया गया है। एचएएल के पास 15 विमान तैयार स्थिति में हैं और संभावना है कि साल के अंत तक लगभग 20 विमान तैयार हो जाएंगे।

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ईरान पर हमले की तैयारी में अमेरिका, ट्रंप ने कहा- हमारे लड़ाकू विमान और सेना रवाना https://livehalchal.com/%e0%a4%88%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%b9%e0%a4%ae%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a4%e0%a5%88%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82/656199 Fri, 23 Jan 2026 05:56:12 +0000 https://livehalchal.com/?p=656199 अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दावोस से लौटते हुए ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका का बड़ा नौसैनिक बेड़ा ईरान की ओर बढ़ रहा है और वे उसकी गतिविधियों पर करीब से नजर रख रहे हैं। इस चेतावनी से ईरान के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई की आशंका बढ़ गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति …]]>

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दावोस से लौटते हुए ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका का बड़ा नौसैनिक बेड़ा ईरान की ओर बढ़ रहा है और वे उसकी गतिविधियों पर करीब से नजर रख रहे हैं। इस चेतावनी से ईरान के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई की आशंका बढ़ गई है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने दावोस से लौटते समय एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका का बड़ा नौसैनिक बेड़ा ईरान की तरफ बढ़ रहा है।

ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका उसकी गतिविधियों पर करीब से नजर रख रहा है और अमेरिकी नौसेना का एक बड़ा बेड़ा उस दिशा में जा रहा है और हम देखेंगे कि क्या होता है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वे युद्ध नहीं चाहते और इस बल का प्रयोग अंतिम विकल्प होगा। लेकिन ट्रंप की इस चेतावनी के बाद ईरान को लेकर अमेरिकी कार्रवाई (युद्ध) की आशंका तेज हो गई है।

मैं नहीं चाहता कि कुछ भी…
स्विट्जरलैंड के दावोस में विश्व आर्थिक मंच से लौटते समय ट्रंप ने कहा, ‘हमारे बहुत सारे जहाज उस दिशा में जा रहे हैं। हमारी एक बड़ी फोर्स ईरान की ओर जा रही है।’ उन्होंने आगे कहा कि ‘मैं नहीं चाहता कि कुछ भी हो, लेकिन हम उन पर बहुत करीब से नजर रख रहे हैं।’ लेकिन साथ ही ट्रंप ने यह भी कहा कि ‘हो सकता है कि हमें इस्तेमाल न करना पड़े।’

ट्रंप बार-बार दे रहें धमकी
गौरतलब है कि ट्रंप ईरान में हो रहे विरोध प्रदर्शन में प्रदर्शनकारियों के साथ हैं। प्रदर्शनकारियों पर हो रही कार्रवाई को लेकर ट्रंप ने बार-बार ईरानी शासन को अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की धमकी दी है। ट्रंप ने कहा कि तेहरान के खिलाफ बल प्रयोग की धमकी देने के बाद प्रदर्शनकारियों की 837 फांसी की सजाओं को रोक दिया था। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि वह ईरान के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं।

ईरानी अधिकारियों ने जारी की मृतकों की संख्या
ईरान में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान मारे गए प्रदर्शनकारियों की ईरानी अधिकारियों ने बुधवार को पहली बार आधिकारिक संख्या जारी की। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, 3,117 लोग मारे गए। वहीं, इसको लेकर मानवाधिकार समूहों का कहना है कि मृतकों की वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है।

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डेनमार्क पर कब्जे के लिए वॉर मोड में ट्रंप! ग्रीनलैंड में लड़ाकू विमानों की तैनाती का एलान https://livehalchal.com/%e0%a4%a1%e0%a5%87%e0%a4%a8%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%ac%e0%a5%8d%e0%a4%9c%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%8f-%e0%a4%b5/655655 Tue, 20 Jan 2026 06:39:42 +0000 https://livehalchal.com/?p=655655 अमेरिका ने ग्रीनलैंड के पिटुफ्फिक अंतरिक्ष बेस पर NORAD का लड़ाकू विमान तैनात किया है। NORAD ने बताया कि यह अमेरिका और कनाडा के बीच रक्षा सहयोग मजबूत करने के लिए दीर्घकालिक योजनाबद्ध गतिविधि है। डेनमार्क और ग्रीनलैंड सरकार की मंजूरी के बाद यह कदम उठाया गया है। यह तैनाती ट्रंप के ग्रीनलैंड पर कब्जे …]]>

अमेरिका ने ग्रीनलैंड के पिटुफ्फिक अंतरिक्ष बेस पर NORAD का लड़ाकू विमान तैनात किया है। NORAD ने बताया कि यह अमेरिका और कनाडा के बीच रक्षा सहयोग मजबूत करने के लिए दीर्घकालिक योजनाबद्ध गतिविधि है। डेनमार्क और ग्रीनलैंड सरकार की मंजूरी के बाद यह कदम उठाया गया है। यह तैनाती ट्रंप के ग्रीनलैंड पर कब्जे के बयानों और यूरोपीय देशों में बढ़ती बेचैनी के बीच हुई है।

ग्रीनलैंड पर ट्रंप के बयान ने पूरी दुनिया की टेंशन बढ़ा दी है। खासकर यूरोपिय देशों में बेचैनी का माहौल है। ट्रंप लगातार ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की धमकी दे रहे हैं। इसी बीच अमेरिका ने ग्रीनलैंड में स्थित पिटुफ्फिक अंतरिक्ष बेस पर उत्तरी अमेरिकी एयरोस्पेस डिफेंस कमांड (NORAD) का लड़ाकू विमान तैनात करने का फैसला किया है।

NORAD ने बताया कि ग्रीनलैंड में अमेरिका की दीर्घकालिक योजनाबद्ध गतिविधियों को पूरा करने के लिए एयरक्राफ्ट की तैनाती की गई है। अमेरिका का दावा है कि ग्रीनलैंड और डेनमार्क से संपर्क करने के बाद ये एक्शन लिया गया है।

NORAD ने शेयर की पोस्ट
NORAD ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट शेयर करते हुए कहा, “NORAD का एयरक्राफ्ट जल्द ही ग्रीनलैंड स्थित पिटुफ्फिक स्पेस बेस पर पहुंच जाएगा। ये एयरक्राफ्ट ग्रीनलैंड में पहले से तैनात अमेरिका और कनाडा के एयरक्राफ्ट बेड़े में शामिल होगा। ये NORAD की दीर्घकालिक योजनाबद्ध गतिविधियों का समर्थन करेगा। इससे अमेरिका और कनाडा के बीच रक्षा सहयोग में मजबूती आएगी।”

NORAD ने आगे कहा-
ग्रीनलैंड में मौजूद डेनमार्क समेत सभी सहयोगी सेनाओं से कूटनीतिक मंजूरी के बाद ही ये गतिविधियां प्लान की गई हैं। ग्रीनलैंड की सरकार को भी इसकी सूचना दे दी गई है।

डेनमार्क ने किया था सैन्य अभ्यास
बता दें कि हाल ही में डेनमार्क की सेना ने भी ग्रीनलैंड पर बहुराष्ट्रवादी सैन्य अभ्यास किया था। इस अभ्यास के लिए जर्मनी, स्वीडन, फ्रांस, नॉर्वे, नीदरलैंड और फिनलैंड ने भी अपनी सेनाएं भेजी थीं। डेनमार्क ने अमेरिकी सेना को भी अभ्यास में शामिल होने का निमंत्रण भेजा था।

ट्रंप ने दी टैरिफ की धमकी
वेनेजुएला पर सफल सैन्य कार्रवाई के बाद डोनल्ड ट्रंप लगातार ग्रीनलैंड हथियाने की धमकी दे रहे हैं। कई यूरोपिय देशों ने इसका विरोध किया है, जिसपर ट्रंप ने अमेरिका का समर्थन न करने वाले देशों पर 1 फरवरी 2026 से 10 प्रतिशत का टैरिफ लगाने की धमकी दी है। ट्रंप का कहना है कि 1 जून 2026 से टैरिफ बढ़ाकर 25 प्रतिशत किया जा सकता है।

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वायुसेना को मिलेंगे नए लड़ाकू विमान https://livehalchal.com/%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%87-%e0%a4%a8%e0%a4%8f-%e0%a4%b2%e0%a4%a1/605971 Wed, 12 Mar 2025 05:50:22 +0000 https://livehalchal.com/?p=605971 भारतीय वायुसेना अपनी ताकत बढ़ाने के लिए 114 नए मध्यम श्रेणी के लड़ाकू विमान खरीदने की तैयारी कर रही है। वायुसेना अगले चार से पांच वर्षों में वैश्विक टेंडर के माध्यम से इन विमानों को अपने बेड़े में शामिल करना चाहती है। इस प्रतिस्पर्धा में बोइंग, लाकहीड मार्टिन, दासौ और साब समेत कई बड़ी कंपनियां …]]>

भारतीय वायुसेना अपनी ताकत बढ़ाने के लिए 114 नए मध्यम श्रेणी के लड़ाकू विमान खरीदने की तैयारी कर रही है। वायुसेना अगले चार से पांच वर्षों में वैश्विक टेंडर के माध्यम से इन विमानों को अपने बेड़े में शामिल करना चाहती है। इस प्रतिस्पर्धा में बोइंग, लाकहीड मार्टिन, दासौ और साब समेत कई बड़ी कंपनियां शामिल हो सकती हैं।

हल्के लड़ाकू विमान भी वायुसेना में शामिल किए जाएंगे

वैश्विक निविदा का हिस्सा बनने वाले विमानों में राफेल, ग्रिपेन, यूरोफाइटर टाइफून, मिग-31 और अमेरिकी एफ-16, एफ 15 विमान शामिल हैं। इनमें से एफ 15 को छोड़कर अन्य लड़ाकू विमान पहले ही 126 बहुउद्देशीय लड़ाकू विमानों के लिए पिछली निविदा में भाग ले चुके हैं और उनका मूल्यांकन भी हो चुका है। इस बार दौड़ में शामिल होने वाला एकमात्र नया विमान अमेरिकी कंपनी बोइंग का एफ-15 स्ट्राइक ईगल लड़ाकू विमान है।

रक्षा सूत्रों ने बताया कि 114 बहुउद्देशीय लड़ाकू विमानों को शामिल करने से वायुसेना को अगले 10 वर्षों में अपने स्क्वाड्रन की ताकत बनाए रखने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही मार्क 1 ए और मार्क-2 सहित हल्के लड़ाकू विमान भी वायुसेना में शामिल किए जाएंगे।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को सौंपी गई रिपोर्ट

रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय समिति ने हाल ही में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को अपनी रिपोर्ट सौंपी और वायुसेना को अपनी लड़ाकू क्षमताओं को बढ़ाने में मदद करने के लिए 114 बहुउद्देशीय लड़ाकू विमान प्राप्त करने की जरूरत जताई। सूत्रों ने बताया कि वायुसेना वर्ष 2037 तक लड़ाकू विमानों के 10 स्क्वाड्रनों को रिटारयर करेगी।वायुसेना वर्ष 2047 तक 60 लड़ाकू विमान स्क्वाड्रन क्षमता हासिल करना चाहती है। उसका मानना है कि अगले पांच से 10 वर्षों में इन लड़ाकू विमानों के बेड़े में शामिल होने से दो मोर्चों पर युद्ध से निपटने की क्षमता और बढ़ेगी।

मिराज-2000 और मिग-29 बाहर हो जाएंगे

उन्होंने कहा कि अगले 10-12 वर्षों में वायुसेना के बेड़े से जगुआर, मिराज-2000 और मिग-29 बाहर हो जाएंगे। मिग श्रृंखला के पुराने विमानों को चरणबद्ध तरीके से हटाने तथा एलसीए मार्क 1 और मार्क 1 ए जैसे नए स्वदेशी विमानों को शामिल करने में देरी के कारण वायुसेना में लड़ाकू विमानों की संख्या में गिरावट देखी जा रही है। वायुसेना केवल 36 राफेल विमानों को ही अपने बेड़े में शामिल कर पाई है, जो 4.5 से अधिक पीढ़ी की श्रेणी का लड़ाकू विमान है।

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