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	<title>रोजे &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>रोजे &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>Ramadana 2026: रोजे में क्या करें और किन बातों से बचें? जान लें जरूरी नियम</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 19 Feb 2026 04:50:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[रोजे]]></category>
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					<description><![CDATA[रोजा रखने के सही नियम और कायदे क्या हैं? सेहरी के समय से लेकर इफ्तार की दुआ तक, और दान-पुण्य (जकात) से लेकर नेक व्यवहार तक, रोजे से जुड़ी हर छोटी-बड़ी और जरूरी बात जानें। पहली बार रोजा रखने वाले किन बातों का खास ख्याल रखें, किन गलतियों से बचें और अपनी इबादत को कैसे &#8230;]]></description>
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<p>रोजा रखने के सही नियम और कायदे क्या हैं? सेहरी के समय से लेकर इफ्तार की दुआ तक, और दान-पुण्य (जकात) से लेकर नेक व्यवहार तक, रोजे से जुड़ी हर छोटी-बड़ी और जरूरी बात जानें। पहली बार रोजा रखने वाले किन बातों का खास ख्याल रखें, किन गलतियों से बचें और अपनी इबादत को कैसे मुकम्मल करें?</p>



<p>रमजान का पाक महीना इस्लाम में सबसे ज्यादा बरकत और इबादत वाला माना जाता है। यह सिर्फ भूख-प्यास सहने का नाम नहीं है, बल्कि यह अपने मन और अपनी इच्छाओं पर काबू पाने का एक जरिया है। आइए जानते हैं रमजान के दौरान क्या करना चाहिए और किन बातों से परहेज करना जरूरी है।</p>



<p><strong>रोजा शुरू करने का सही तरीका<br></strong>रोजा रखने की शुरुआत सुबह सूरज निकलने से पहले होती है, जिसे &#8216;सेहरी&#8217; कहते हैं। सेहरी में ऐसा खाना खाना चाहिए जो दिन भर आपको ऊर्जा दे सके। रोजा रखने से पहले &#8216;नियत&#8217; करना सबसे जरूरी है। नियत का मतलब है दिल में यह पक्का इरादा करना कि आप सिर्फ ईश्वर की रजा के लिए रोजा रख रहे हैं।</p>



<p>शाम को सूरज ढलने के बाद रोजा खोला जाता है, जिसे &#8216;इफ्तार&#8217; कहते हैं। खजूर से रोजा खोलना सेहत के लिहाज से बेहतरीन माना जाता है।</p>



<p><strong>रमजान में क्या करें (Do&#8217;s)</strong><br><strong>पांच वक्त की नमाज</strong>: रोजे के साथ नमाज पढ़ना जरूरी है। यह आपको अनुशासन और मानसिक शांति देता है।</p>



<p><strong>कुरान पढ़ना</strong>: इस महीने में कुरान पढ़ना और उसके अर्थ को समझना बहुत पुण्य का काम माना जाता है।</p>



<p><strong>जकात और सदका (दान</strong>): रमजान हमें दूसरों का दर्द समझना सिखाता है। इसलिए, गरीबों की मदद करना और उन्हें खाना खिलाना इस महीने का अहम हिस्सा है।</p>



<p><strong>सब्र और तहजीब</strong>: रोजे का असली मकसद गुस्से पर काबू पाना और हर हाल में शुक्रगुजार रहना है।</p>



<p><strong>किन बातों से बचें (Don&#8217;ts)</strong><br><strong>झूठ और बुराई:</strong> किसी की पीठ पीछे बुराई करना या झूठ बोलना रोजे की रूह को नुकसान पहुंचाता है।</p>



<p><strong>लड़ाई-झगड़ा:</strong> रोजे की हालत में किसी से लड़ना या अपशब्द कहना सख्त मना है। इससे रोजे का सवाब (पुण्य) खत्म हो जाता है।</p>



<p><strong>जानबूझकर खाना-पीना</strong>: अगर आप भूलकर कुछ खा या पी लेते हैं, तो रोजा नहीं टूटता। लेकिन, जानबूझकर थोड़ा सा भी पानी पीना रोजे को अमान्य कर देता है।</p>



<p><strong>सिर्फ पेट का रोजा नहीं</strong>: याद रखें, रोजा सिर्फ पेट का नहीं बल्कि आंखों, कानों और जुबान का भी होता है। गलत चीजें देखने या सुनने से बचें।</p>



<p><strong>किसे रोजे से छूट मिलती है?</strong><br>इस्लाम में रोजा फर्ज है, लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में छूट भी दी गई है। जो लोग बीमार हैं, बहुत बुजुर्ग हैं, यात्री (मुसाफिर) हैं, या गर्भवती महिलाएं हैं, उन्हें रोजा न रखने की अनुमति है। हालांकि, बाद में उन्हें इसकी &#8216;कजा&#8217; (छूटे हुए रोजे के बदले रोजा रखना) पूरी करनी होती है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>अहम होते है रोजे, मुस्लिम के लिए,&#8217;सजा&#8217; नहीं रखने पर मिलती है&#8230;</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Hema Bisht]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 22 May 2019 10:05:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[मिलती]]></category>
		<category><![CDATA[मुस्लिम]]></category>
		<category><![CDATA[रोजे]]></category>
		<category><![CDATA[सजा]]></category>
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					<description><![CDATA[रमजान का पाक महीना चल रहा है. इस महीने में मुस्लिम धर्म के लोग पूरे महीने के रोज रखते है. इसके साथ ही कुरान की तिलावत,नमाज, जकात देना और तरावीह पढ़ते है. इस पूरे महीने मुस्लिम लोग नेकी में गुजारते है. इसके कई सारे नियम भी होते हैं जिन्हें माना जाता है. कहा जाता है &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रमजान का पाक महीना चल रहा है. इस महीने में मुस्लिम धर्म के लोग पूरे महीने के रोज रखते है. इसके साथ ही कुरान की तिलावत,नमाज, जकात देना और तरावीह पढ़ते है. इस पूरे महीने मुस्लिम लोग नेकी में गुजारते है.</strong></p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="aligncenter wp-image-235898 " src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/05/download-2019-05-22T153411.547.jpg" alt="" width="704" height="527" /></p>
<p><strong> इसके कई सारे नियम भी होते हैं जिन्हें माना जाता है. कहा जाता है रोजा नहीं रखने पर उन्हें कड़ी सजा भी दी जाती है. इस महीने में तीन अरसे होते है और प्रत्येक अरसे का अपना अलग महत्व होता है. मुस्लिम मान्यता के अनुसार इस पाक महीने में शैतान कैद हो जाते है और जन्नत के दरवाजे खोल दिए जाते है.रमज़ान के माह में कई बार सफर, बीमारी, गर्भावस्था और पीरियड्स के दौरान रोजा ना रखने की इजाजत है. तो वहीं कई मुस्लिम देशों में रोजा ना रखना अपराध माना जाता है. वहां रोजा ना रखने वालों को सजा देने का प्रावधान भी है. </strong></p>
<p><strong>1. सऊदी अरब-  इस देश में मुस्लिम लोगों को रोजा रखना बेहद जरूरी होता है. इसके अलावा यहां यदि विदेशी और गैर मुस्लिम लोग इफ्तार से पहले खाते-पीते या फिर धूम्रपान करते पाए जाते है. तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है. इस कार्रवाई के तहत उन्हें कारावास, कोड़े मारने और देश निकाला की भी सजा हो सकती है.</strong><br />
<strong>2. कुवैत-  कुवैत में इस पाक महीने में मुस्लिम और गैर मुस्लिम दोनों समुदायों के लिए सार्वजनिक जगहों पर खाना-पीना, ध्रूमपान करना और शराब पीना सख्त मना होता है. इसके अलावा कुवैत में 1968 की कानून संख्या 44 में नियम तोड़ने पर सजा भी तय की गई है. इसमें व्यक्ति को एक महीने की जेल और 100 कुवैत दीनार का जुर्माना भी हो सकता है.<br />
</strong></p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>इफ्तारी टाईम-टेबल, 22 मई के रोजे का, जानिए यहां&#8230;</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Hema Bisht]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 22 May 2019 10:00:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[22 मई]]></category>
		<category><![CDATA[इफ्तारी]]></category>
		<category><![CDATA[टाईम-टेबल]]></category>
		<category><![CDATA[रोजे]]></category>
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					<description><![CDATA[इस्लाम के नौंवे महीने रमजान 2019 के 15 रोजे पूरे हो गए हैं, बुधवार 22 मई को 16वां रोजा रखा जा रहा है. रमजान के पवित्र महीने के पूरा होने के बाद दुनियाभर में ईद उल फितर का त्योहार मनाया जाएगा. मई की तपती गर्मी के बावजूद भी मुस्लिम समुदाय के लोग पूरी श्रद्धा के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>इस्लाम के नौंवे महीने रमजान 2019 के 15 रोजे पूरे हो गए हैं, बुधवार 22 मई को 16वां रोजा रखा जा रहा है. रमजान के पवित्र महीने के पूरा होने के बाद दुनियाभर में ईद उल फितर का त्योहार मनाया जाएगा. मई की तपती गर्मी के बावजूद भी मुस्लिम समुदाय के लोग पूरी श्रद्धा के साथ रोजा रख रहे हैं. रोजा रखना बहुत ही कठिन काम है और इसके लिए काफी नियम का पालन करना पड़ता है. रोजा रखने के लिए मुस्लिम समाज के लोग सुबह दिन निकलने से पहले सेहरी ( एक तरह का हल्का नाश्ता) खाते हैं जिसके बाद रोजा रखने के लिए दुआ करते हैं. </strong></p>
<p><img decoding="async" class="aligncenter wp-image-235894 size-full" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/05/Former-BJP-MP-Tarun-Vijay-ramadan-disputed-statement-Ramzan-Tiranga-Muslims-in-India-644x362.jpg" alt="" width="644" height="362" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/05/Former-BJP-MP-Tarun-Vijay-ramadan-disputed-statement-Ramzan-Tiranga-Muslims-in-India-644x362.jpg 644w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/05/Former-BJP-MP-Tarun-Vijay-ramadan-disputed-statement-Ramzan-Tiranga-Muslims-in-India-644x362-300x169.jpg 300w" sizes="(max-width: 644px) 100vw, 644px" /></p>
<p><strong>इसके बाद शाम को मगरिब की नमाज से पहले इफ्तार किया जाता है, जिसके बाद रात के समय तरावीह नमाज का आयोजन किया जाता है. रमजान में सेहरी और इफ्तार का समय प्रतिदिन जगह-जगह के अनुसार प्रतिदिन बदलता है. इसलिए आज हम आपको बता रहे हैं दिल्ली, एनसीआर, भोपाल, अहमदाबाद, मुबंई, हैदराबाद, पटना, इंदौर, जयपुर, लखनऊ, सहारनपुर, अमरोहा, मेरठ में बुधवार 22 मई सेहरी- रोजा इफ्तार टाइम टेबल. यहां जाएं इफ्तारी का समय. </strong></p>
<p><strong>सहारनपुर सहरी इफ्तार समय 22 मई: खत्म सहरी सुबह 3 बजकर 50 मिनट, इफ्तार-7 बजकर 11 मिनट</strong></p>
<p><strong>दिल्ली- NCR सहरी इफ्तार समय 22 मई: खत्म सहरी सुबह 3 बजकर 56 मिनट, इफ्तार-7 बजकर 10 मिनट</strong></p>
<p><strong>मुंबई सहरी इफ्तार समय 22 मई: खत्म सहरी सुबह 4 बजकर 41 मिनट, इफ्तार-7 बजकर 10 मिनट</strong></p>
<p><strong>मेरठ सहरी इफ्तार समय 22 मई: खत्म सहरी सुबह 3 बजकर 53 मिनट, इफ्तार-7 बजकर 09 मिनट</strong></p>
<p><strong>अमरोहा सहरी इफ्तार समय 21 मई: खत्म सहरी सुबह 3 बजकर 52 मिनट, इफ्तार-7 बजकर 03 मिनट</strong></p>
<p><strong>हैदराबाद सहरी इफ्तार समय 22 मई: खत्म सहरी सुबह 4 बजकर 22 मिनट, इफ्तार-6 बजकर 44 मिनट</strong></p>
<p><strong>पटना सहरी इफ्तार समय 22 मई: खत्म सहरी सुबह 3 बजकर 34 मिनट, इफ्तार-6 बजकर 32 मिनट</strong></p>
<p><strong>अहमदाबाद सहरी इफ्तार समय 22 मई: खत्म सहरी सुबह 4 बजकर 31 मिनट, इफ्तार-7 बजकर 17 मिनट</strong></p>
<p><strong>लखनऊ सहरी इफ्तार समय 22 मई: खत्म सहरी सुबह 3 बजकर 47 मिनट, इफ्तार-6 बजकर 52 मिनट</strong></p>
<p><strong>इंदौर सहरी इफ्तार समय 22 मई: खत्म सहरी सुबह 04 बजकर 20 मिनट, इफ्तार-7.07 बजे</strong></p>
<p><strong>भोपाल सहरी इफ्तार समय 22 मई: खत्म सहरी सुबह 4 बजकर 12 मिनट, इफ्तार- 7 बजकर -01 मिनट</strong></p>
<p><strong>जयपुर सहरी इफ्तार समय 22 मई: खत्म सहरी सुबह 4 बजकर 09 मिनट, इफ्तार-7 बजकर 13 मिनट</strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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