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	<title>रेल कोच फैक्टरी &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>पंजाब: इतिहास के सबसे गंभीर संकट से जूझ रही रेल कोच फैक्टरी</title>
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		<pubDate>Fri, 04 Apr 2025 07:02:12 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="351" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/04/Capture-92-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/04/Capture-92.jpg 728w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/04/Capture-92-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />रेल कोच फैक्टरी (आरसीएफ) में वंदे भारत, अमृत भारत और राजधानी जैसी कई नामी ट्रेनों के आधुनिक कोच तैयार होते हैं। वहीं अब इस फैक्टरी पर संकट आ गया है। आरसीएफ में उत्पादन ठप होने की कगार पर है। पंजाब के कपूरथला स्थित रेल कोच फैक्टरी (आरसीएफ) में इतिहास के सबसे गंभीर संकट से जूझ &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="351" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/04/Capture-92-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/04/Capture-92.jpg 728w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/04/Capture-92-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>रेल कोच फैक्टरी (आरसीएफ) में वंदे भारत, अमृत भारत और राजधानी जैसी कई नामी ट्रेनों के आधुनिक कोच तैयार होते हैं। वहीं अब इस फैक्टरी पर संकट आ गया है। आरसीएफ में उत्पादन ठप होने की कगार पर है।</p>



<p>पंजाब के कपूरथला स्थित रेल कोच फैक्टरी (आरसीएफ) में इतिहास के सबसे गंभीर संकट से जूझ रही है। ऐसा पहली बार हो रहा है कि जिस फैक्टरी में राजधानी एक्सप्रेस, वंदे भारत और अमृत भारत जैसी देश की सबसे बड़ी और चर्चित ट्रेनों के कोच तैयार होते हैं उस फैक्टरी में इतना बड़ा संकट आया है। इस साल रिकार्ड उत्पादन पर उत्साहित आरसीएफ की उत्पादन इकाई में पेंट का टोटा चल रहा है। इसके चलते आरसीएफ यूनियनों ने काम ठप होने का दावा किया है।</p>



<p>एक ओर केंद्र सरकार ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ के नारे दे रही है, वहीं आरसीएफ प्रशासन और रेल मंत्रालय की लापरवाही के कारण कोचों में लगने वाली मैटीरियल जो बाहर ट्रेड से आता है, की भारी कमी है। जिससे उत्पादन प्रक्रिया ठप होने के कगार पर पहुंच गई है। हालांकि, आरसीएफ के मुख्य जनसपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) ने पेंट की उपलब्धता की देरी की बात कबूली, लेकिन उत्पादन पर किसी तरह के असर को सिरे से खारिज कर दिया।</p>



<p><strong>उत्पादन एक तरह से ठप</strong><br>यूनियन नेताओं के मुताबिक कोच शैल को ईपॉक्सी पेंट करके ही फर्निशिंग में भेजा जाता है, लेकिन दो अप्रैल से पेंट शॉप के एक सेक्शन का काम ईपॉक्सी पेंट और प्राइमर न होने की वजह से बंद हो चुका है। इसी तरह चार अप्रैल तक बाकी के सेक्शन भी बंद होने की कगार पर हैं। ईपॉक्सी पेंट और प्राइमर न होने से किसी भी कोच को पेंट नहीं हो पा रहा, जिसके चलते शॉप का उत्पादन एक तरह से ठप है।</p>



<p><strong>यूनियन ने दी प्रबंधन को दी चेतावनी</strong><br>आरसीएफ इंप्लाइज यूनियन के महासचिव सर्वजीत सिंह ने कहा है कि यदि अगले 48 घंटे में पेंट, प्राइमर सहित सभी आवश्यक सामग्रियों की आपूर्ति नहीं हुई और प्रशासन ने इस संकट से निपटने के लिए ठोस कार्ययोजना नहीं बनाई, तो यूनियन को आउटसोर्सिंग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का रास्ता अपनाना पड़ेगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी आरसीएफ प्रशासन और केंद्र सरकार पर होगी। जब तक कर्मचारियों को नियमित रूप से काम नहीं मिलेगा, तब तक ठेकेदारी व्यवस्था के तहत कोई भी कार्य नहीं होने दिया जाएगा।</p>



<p><strong>आरसीएफ प्रबंधन बनाए स्थायी योजना</strong><br>सर्वजीत सिंह ने कहा कि यूनियन की ओर से स्पष्ट रूप से मांग की जाती है कि तत्काल प्रभाव से पेंट और प्राइमर सहित सभी आवश्यक सामग्रियों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही भविष्य में इस तरह की समस्याओं से बचने के लिए एक स्थायी योजना बनाई जाए। उन्होंने तंज कसा कि हाल में आरसीएफ प्रशासन ने रिकार्ड उत्पादन की उपलब्धि पर खूब वाहवाही लूटी। वहीं उत्पादन में सामग्री की कमी से काम ठप होना हकीकत को उजागर कर रहा है।</p>



<p><strong>समस्या का समाधान जल्द</strong><br>आरसीएफ के सीपीआरओ अनुज कुमार ने माना कि पेंट की आपूर्ति में देरी हुई है, क्योंकि इपोक्सी पेंट की कुछ सप्लाई को निम्न गुणवत्ता की वजह से रिजेक्ट किया गया था, जोकि एक सामान्य प्रक्रिया है, क्योंकि हम गुणवत्ता को प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस समस्या का समाधान जल्द ही कर दिया जाएगा। इससे मासिक उत्पादन के टारगेट पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। किसी भी कोच निर्माण का काम प्रभावित नहीं हुआ है।</p>
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