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	<title>रूस-यूक्रेन युद्ध भेजा &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>हरियाणा: नौकरी के नाम पर युवकों को रूस-यूक्रेन युद्ध भेजा</title>
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		<pubDate>Sat, 09 Mar 2024 05:23:06 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<img width="456" height="258" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/Capture-13-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/Capture-13.png 456w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/Capture-13-medium.png 300w" sizes="(max-width: 456px) 100vw, 456px" />अंबाला के बीआर कॉम्पलेक्स के मालिक नरेश कौशल बताते हैं कि एक साल पहले एडवेंचर वीजा सर्विसिज ने उनके कॉम्पलेक्स में 28 हजार रुपये प्रतिमाह किराये पर कार्यालय के लिए जगह ली थी। मगर अक्सर किराया न देने जैसी इनके साथ दिक्कत रहती थी। नौकरी के नाम पर रूस यूक्रेन युद्ध क्षेत्र में भारतीयों को &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="456" height="258" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/Capture-13-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/Capture-13.png 456w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/Capture-13-medium.png 300w" sizes="(max-width: 456px) 100vw, 456px" />
<p>अंबाला के बीआर कॉम्पलेक्स के मालिक नरेश कौशल बताते हैं कि एक साल पहले एडवेंचर वीजा सर्विसिज ने उनके कॉम्पलेक्स में 28 हजार रुपये प्रतिमाह किराये पर कार्यालय के लिए जगह ली थी। मगर अक्सर किराया न देने जैसी इनके साथ दिक्कत रहती थी।</p>



<p>नौकरी के नाम पर रूस यूक्रेन युद्ध क्षेत्र में भारतीयों को उतारने वाली कंपनियों में शामिल चंडीगढ़ की इमिग्रेशन कंपनी एडवेंचर वीजा सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के तार अंबाला से भी जुड़े हैं। इस कंपनी ने करीब एक वर्ष पहले अंबाला सिटी में मॉडल टाउन रोड के पास बीआर कॉम्पलेक्स में कार्यालय खोला था।</p>



<p>यहां इमिग्रेशन का काम होता था। स्थानीय लोगों की मानें तो इस कार्यालय को तब दो पार्टनर मिलकर चलाते थे, जिसमें एक मंजीत सिंह और अन्य व्यक्ति था। दोनों ही पंजाब के हैं। इसमें मंजीत सिंह अपने आपको बरनाला के एक गांव का बताता था। खास बात यह है कि इस कंपनी का चाल चलन कुछ ठीक नहीं था। इस कारण से बीआर कॉम्पलेक्स के मालिक ने भी कुछ महीने पहले ही कार्यालय खाली करा लिया था।</p>



<p>वीरवार को जब केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के अधिकारी अंबाला स्थित कंपनी के कार्यालय के पते पर पहुंचे तो यहां कॉम्पलेक्स के संचालक ने पूरी जानकारी दी। इसके बाद सीबीआई चंडीगढ़ लौट गई। इस दौरान सीबीआई की टीम में 15 अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे। गौरतलब है कि वीरवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो ने बड़े मानव तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया था। यह गिरोह विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर भारतीयों को रूस यूक्रेन युद्ध क्षेत्र में ले जाता था। इसके लिए सीबीआई ने 13 स्थानों पर छापेमारी की थी, जिसमें अंबाला भी शामिल था।</p>



<p><strong>जल्द बदल देते थे स्टाफ, किराया दिया न वेतन</strong><br>बीआर कॉम्पलेक्स के मालिक नरेश कौशल बताते हैं कि एक साल पहले एडवेंचर वीजा सर्विसिज ने उनके कॉम्पलेक्स में 28 हजार रुपये प्रतिमाह किराये पर कार्यालय के लिए जगह ली थी। मगर अक्सर किराया न देने जैसी इनके साथ दिक्कत रहती थी। यहां तक कि इनके कार्यालय का स्टॉफ भी जल्दी जल्दी बदल जाता था, इसी कारण हमें कुछ ठीक नहीं लग रहा था और हमने भी कार्यालय की जगह खाली करने को बोल दिया था।</p>



<p>कुछ स्थानीय लोग भी इस कार्यालय में भर्ती किए थे तो वह भी अपनी पगार न मिलने को लेकर परेशान रहते थे। करीब छह माह पहले इस कार्यालय को बंद कर कंपनी चली गई। उन्हें पूरा किराया भी नहीं मिला और उन्होंने कार्यालय शुरु करने के लिए कुछ पुराने टेबल, कंप्यूटर आदि दिए थे मगर वह भी उन्हें बाद में कार्यालय में नहीं मिले। यही सब जानकारियां कॉम्पलेक्स के संचालक ने सीबीआई के अधिकारियों को दी।</p>



<p><strong>18 जनवरी को बनाई थी कंपनी</strong><br>रजिस्ट्रार ऑफ कंपनी में एडवेंचर वीजा सर्विसिज (ओपीसी) प्राइवेट लिमिटेड का रिकाॅर्ड देखें तो यह कंपनी 18 जनवरी 2023 को अंबाला के पते पर ही पंजीकृत की गई थी। तब इस कंपनी को शुरु करने के लिए 15 लाख रुपये की ऑथोराइज्ड केपिटल व दो लाख रुपये की पेडअप केपिटल दिखाई थी। इस कंपनी में डायरेक्टर के पद पर मंजीत सिंह है।</p>



<p><strong>विदेश भेजने में 200 करोड़ की धोखाधड़ी</strong><br>हरियाणा में लोगों को डंकी या अन्य माध्यमों से विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी मामलों में इजाफा हुआ है। ऐसे मामलों में गठित एसआईटी ने अभी तक प्रदेशभर में 727 मामलों में एजेंटों व वीजा एजेंसियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इन सभी मामलों पर गौर किया जाए तो करीब 200 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी सामने आई है। जिसमें से करीब तीन करोड़ रुपये पुलिस ने रिकवर भी किए हैं। इन धोखाधड़ी के मामलों में जीटी बेल्ट के जिले सबसे आगे हैं।</p>
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