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	<title>रामनाथ कोविंद &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>रामनाथ कोविंद &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>देहरादून में जुटेंगे 65 देशों के साहित्यकार, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद करेंगे समारोह का उद्घाटन</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 16 Sep 2024 05:40:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[रामनाथ कोविंद]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="350" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/09/Capture-459-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/09/Capture-459.jpg 731w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/09/Capture-459-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />पांच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय समारोह का पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद समारोह का उद्घाटन करेंगे। राजधानी के थानों इलाके में विकसित किए जा रहे लेखक गांव में 23 से 27 अक्तूबर तक अंतरराष्ट्रीय कला, साहित्य एवं संस्कृति महोत्सव का आयोजन होगा। इस पांच दिवसीय समारोह में लगभग 65 देशों के साहित्यकार, लेखक और कलाकार भाग लेंगे। देश &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="350" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/09/Capture-459-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/09/Capture-459.jpg 731w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/09/Capture-459-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>पांच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय समारोह का पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद समारोह का उद्घाटन करेंगे।</p>



<p>राजधानी के थानों इलाके में विकसित किए जा रहे लेखक गांव में 23 से 27 अक्तूबर तक अंतरराष्ट्रीय कला, साहित्य एवं संस्कृति महोत्सव का आयोजन होगा। इस पांच दिवसीय समारोह में लगभग 65 देशों के साहित्यकार, लेखक और कलाकार भाग लेंगे। देश के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद समारोह का उद्घाटन करेंगे। देश के पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक की अध्यक्षता में बैठक में महोत्सव की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया गया।</p>



<p>डॉ. निशंक ने कहा, यह महोत्सव हिंदी भाषा के वैश्विक प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को उजागर करेगा। समारोह में भाग लेने वाले विदेशी विद्वान, साहित्यकार और छात्र हिंदी भाषा के ब्रांड एंबेसडर के रूप में अपने-अपने देशों में हिंदी का प्रचार करेंगे।</p>



<p>महोत्सव के उद्घाटन सत्र में देश के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और समापन समारोह में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित कई केंद्रीय मंत्री भी इस आयोजन में शिरकत करेंगे।</p>



<p><strong>चार सत्रों में साहित्यिक परिचर्चाओं और विमर्शों का आयोजन किया जाएगा</strong></p>



<p>महोत्सव का उद्घाटन में विभिन्न प्रदर्शनियों और लोक प्रस्तुतियों के साथ होगा। हिंदी और स्थानीय भाषाओं के 20 लेखकों की पुस्तकों का विमोचन भी शामिल होगा। 23 और 24 अक्टूबर को हिंदी और स्थानीय बोली-भाषाओं पर विशेष कार्यशालाओं का आयोजन होगा। जिसमें डॉ. निशंक की 12 पुस्तकों के गढ़वाली और कुमाऊंनी संस्करणों का लोकार्पण भी किया जाएगा।</p>



<p>पहले दो दिनों का संयोजन भाषा विज्ञानी रमाकांत बैंजवाल और बीना बैंजवाल करेंगे। इसी दौरान एनबीटी (नेशनल बुक ट्रस्ट) द्वारा बच्चों की किताबों की अनुवाद कार्यशाला भी आयोजित की जाएगी। 25 अक्तूबर को मुख्य उद्घाटन सत्र के बाद चार सत्रों में साहित्यिक परिचर्चाओं और विमर्शों का आयोजन किया जाएगा।</p>



<p>26 अक्तूबर को पतंजलि विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य बालकृष्ण योग, अध्यात्म और संगीत के स्वास्थ्य पर प्रभावों पर विचार प्रस्तुत करेंगे। 27 अक्तूबर को समापन समाराेह होेगा। बैठक में पूर्व उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. सविता मोहन, पूर्व प्राचार्य डॉ. केएल तलवाड़, डॉ. बीना बैंजवाल, प्राचार्य डॉ. सुशील उपाध्याय, डॉ. बेचैन कंडियाल, बालकृष्ण चमोली, डॉ. सुप्रिया रतूड़ी, पूजा पोखरियाल, भारती मिश्रा, नालंदा पांडेय, मुकेश नौटियाल, अमित पोखरियाल और आशना नेगी सहित कई अन्य उपस्थित रहे।</p>
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		<title>एक देश-एक चुनाव के मुद्दे पर रामनाथ कोविंद ने पूर्व सीजेआइ से की चर्चा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 28 Jan 2024 09:40:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[एक देश-एक चुनाव]]></category>
		<category><![CDATA[रामनाथ कोविंद]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="256" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/01/Capture-66-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/01/Capture-66.png 1010w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/01/Capture-66-medium.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/01/Capture-66-768x318.png 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />एक राष्ट्र एक चुनाव पर उच्च स्तरीय समिति के प्रमुख व पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने एक साथ चुनाव के मुद्दे पर देश के पूर्व चीफ जस्टिस यूयू ललित और बार काउंसिल ऑफ इंडिया के साथ परामर्श किया है। एक आधिकारिक बयान में शनिवार को कहा गया कि सेवानिवृत्त जजों के साथ अपने विचार-विमर्श जारी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="256" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/01/Capture-66-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/01/Capture-66.png 1010w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/01/Capture-66-medium.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/01/Capture-66-768x318.png 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>एक राष्ट्र एक चुनाव पर उच्च स्तरीय समिति के प्रमुख व पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने एक साथ चुनाव के मुद्दे पर देश के पूर्व चीफ जस्टिस यूयू ललित और बार काउंसिल ऑफ इंडिया के साथ परामर्श किया है।</p>



<p>एक आधिकारिक बयान में शनिवार को कहा गया कि सेवानिवृत्त जजों के साथ अपने विचार-विमर्श जारी रखते हुए, कोविंद ने मेघालय हाई कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस संजीब बनर्जी और बार काउंसिल आफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा से भी मुलाकात की। इन लोगों ने इस विषय पर अपनी सुविचारित राय दी।</p>



<p>इस बयान में यह भी कहा गया कि समिति की शनिवार को बैठक हुई जिसमें पैनल के सदस्य और पूर्व वित्त आयोग प्रमुख एनके सिंह और प्राची मिश्रा द्वारा सह-लिखित शोध पत्र ‘मैक्रोइकोनामिक इंपैक्ट आफ हार्मोनाइजिंग इलेक्टोरल साइकल, एविडेंस फ्राम इंडिया’ पर एक प्रेजेंटेशन दिया गया। प्रेजेंटेशन में संकेत दिया कि एक साथ चुनाव से उच्च आर्थिक विकास को गति मिलेगी|</p>



<p>शनिवार की बैठक में राज्यसभा में विपक्ष के पूर्व नेता गुलाम नबी आजाद, एन के सिंह, पूर्व लोकसभा महासचिव सुभाष सी कश्यप, पूर्व सीवीसी संजय कोठारी और वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे भी शामिल हुए। यह समिति की चौथी बैठक थी।</p>



<p><strong>जमीनी स्तर पर लोकतंत्र मजबूत होगा- कोविंद</strong><br>बयान में कहा गया है कि राजनीतिक दलों के साथ अपनी चर्चा जारी रखते हुए कोविंद ने गोवा की महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी के अध्यक्ष दीपक ‘पांडुरंग’ धवलीकर के साथ बातचीत की। पार्टी ने एक राष्ट्र, एक चुनाव की अवधारणा को अपना मजबूत समर्थन देने की पेशकश की। पार्टी का मानना है कि इससे जमीनी स्तर पर लोकतंत्र मजबूत होगा।</p>
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		<title>एक देश, एक चुनाव पर रामनाथ कोविंद समिति की बैठक आज</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 18 Dec 2023 05:30:14 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[रामनाथ कोविंद]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="374" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/12/national-1-14-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/12/national-1-14.jpg 762w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/12/national-1-14-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />एक देश, एक चुनाव पर विचार करने के लिए पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द के नेतृत्व में गठित उच्च स्तरीय समिति की बैठक सोमवार को होने की संभावना है। बैठक में अब तक हुई प्रगति की समीक्षा की जाएगी। साथ ही राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाओं पर भी विचार किया जाएगा। राजनीतिक दलों से प्राप्त प्रतिक्रियाओं पर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="374" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/12/national-1-14-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/12/national-1-14.jpg 762w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/12/national-1-14-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>एक देश, एक चुनाव पर विचार करने के लिए पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द के नेतृत्व में गठित उच्च स्तरीय समिति की बैठक सोमवार को होने की संभावना है। बैठक में अब तक हुई प्रगति की समीक्षा की जाएगी। साथ ही राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाओं पर भी विचार किया जाएगा।</p>



<h2 class="wp-block-heading">राजनीतिक दलों से प्राप्त प्रतिक्रियाओं पर चर्चा हो सकती है</h2>



<p>सूत्रों ने कहा कि हालांकि “अनौपचारिक” बैठक के लिए लिखित एजेंडा जारी नहीं किया गया है, पर इसमें राजनीतिक दलों से प्राप्त प्रतिक्रियाओं पर चर्चा हो सकती है। समिति ने अपनी पहली बैठक में राजनीतिक दलों की राय जानने का फैसला किया था। समिति ने दलों को पत्र लिखकर उनके विचार मांगे थे।</p>



<h2 class="wp-block-heading">विधि आयोग का विचार भी सुना है</h2>



<p>आपसी सहमति से किसी तारीख पर बातचीत का भी अनुरोध किया था। समिति ने पार्टियों को उनकी प्रतिक्रिया जानने के लिए एक रिमाइंडर भी भेजा था। समिति ने एक साथ चुनाव कराने पर विधि आयोग का विचार भी सुना है। इस मुद्दे पर दोबारा विधि आयोग को बुलाया जा सकता है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>आम आदमी पार्टी के 27 विधायकों पर लगे लाभ का पद का आरोप EC ने किया खारिज</title>
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		<dc:creator><![CDATA[somali sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 25 Oct 2018 08:55:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[आम आदमी पार्टी]]></category>
		<category><![CDATA[चुनाव आयोग]]></category>
		<category><![CDATA[रामनाथ कोविंद]]></category>
		<category><![CDATA[रोगी कल्याण समिति]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="399" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/10/Arvind-Kejriwal-620x400.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/10/Arvind-Kejriwal-620x400.jpg 620w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/10/Arvind-Kejriwal-620x400-300x194.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />लाभ का पद मामले में आम आदमी पार्टी को चुनाव आयोग से बड़ी राहत मिली है. गुरुवार को चुनाव आयोग ने आम आदमी पार्टी के 27 विधायकों पर सभी तरह के आरोप खारिज कर दिए हैं. ये मामला रोगी कल्याण समिति से जुड़ा हुआ था. यानी इस मामले में 27 विधायकों पर लगा लाभ के पद का आरोप अब &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="399" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/10/Arvind-Kejriwal-620x400.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/10/Arvind-Kejriwal-620x400.jpg 620w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/10/Arvind-Kejriwal-620x400-300x194.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" /><p align="justify"><strong>लाभ का पद मामले में आम आदमी पार्टी को चुनाव आयोग से बड़ी राहत मिली है. गुरुवार को चुनाव आयोग ने आम आदमी पार्टी के 27 विधायकों पर सभी तरह के आरोप खारिज कर दिए हैं. ये मामला रोगी कल्याण समिति से जुड़ा हुआ था. यानी इस मामले में 27 विधायकों पर लगा लाभ के पद का आरोप अब खारिज हो गया है.<img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-179881" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/10/Arvind-Kejriwal-620x400.jpg" alt="" width="620" height="400" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/10/Arvind-Kejriwal-620x400.jpg 620w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/10/Arvind-Kejriwal-620x400-300x194.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 620px) 100vw, 620px" /></strong></p>
<p align="justify"><strong>राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी चुनाव आयोग की इस सिफारिश को मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही आम आदमी पार्टी के सभी 27 विधायकों पर लटकी अयोग्यता की तलवार भी खत्म होगी.</strong></p>
<p align="justify"><strong>गौरतलब है कि विभोर आनंद ने इस मामले में याचिका दायर की थी, जिसपर आज फैसला आया है. विभोर आनंद ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि आम आदमी पार्टी के 27 विधायक रोगी कल्याण समिति में अध्यक्ष पद पर तैनात हैं, इस लिहाज से ये मामला लाभ के पद का बनता है.</strong></p>
<p align="justify"><strong>आपको बता दें कि रोगी कल्याण समिति एक एनजीओ की तरह काम करता है, ये अस्पताल के प्रबंधन से जुड़ा है.</strong></p>
<p align="justify"><strong>गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी के अन्य 20 विधायकों पर भी संसदीय सचिव का लाभ का पद मामला चल रहा है. इस मामले की सुनवाई भी चुनाव आयोग में ही चल रही है.</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>राष्‍ट्रपति बनने के बाद रामनाथ कोविंद का पढ़िए पहला भाषण हू-ब-हू</title>
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		<dc:creator><![CDATA[publisher]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 25 Jul 2017 09:30:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[रामनाथ कोविंद]]></category>
		<category><![CDATA[राष्‍ट्रपति बनने के बाद रामनाथ कोविंद का पढ़िए पहला भाषण हू-ब-हू]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="353" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/07/158659-ramnath-kovind700.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="राष्‍ट्रपति बनने के बाद रामनाथ कोविंद का पढ़िए पहला भाषण हू-ब-हू" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/07/158659-ramnath-kovind700.jpg 700w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/07/158659-ramnath-kovind700-300x171.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />जस्टिस जेएस खेहर ने मंगलवार दोपहर 12.15 बजे रामनाथ कोविंद को देश के 14वें राष्‍ट्रपति के तौर पर शपथ दिलाई. शपथ लेने के बाद राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने पहले संबोधन में सभी का आभार व्‍यक्‍त किया. उन्‍होंने कहा कि सेंट्रल हाल में पुरानी यादें ताजा हो गईं. सेंट्रल हाल में मैंने विचार-विमर्श किया. कई बार विचारों &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="353" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/07/158659-ramnath-kovind700.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="राष्‍ट्रपति बनने के बाद रामनाथ कोविंद का पढ़िए पहला भाषण हू-ब-हू" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/07/158659-ramnath-kovind700.jpg 700w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/07/158659-ramnath-kovind700-300x171.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" /><p class="rtejustify"><strong>जस्टिस जेएस खेहर ने मंगलवार दोपहर 12.15 बजे रामनाथ कोविंद को देश के 14वें राष्&#x200d;ट्रपति के तौर पर शपथ दिलाई. शपथ लेने के बाद राष्&#x200d;ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने पहले संबोधन में सभी का आभार व्&#x200d;यक्&#x200d;त किया. उन्&#x200d;होंने कहा कि सेंट्रल हाल में पुरानी यादें ताजा हो गईं.</strong></p>
<p class="rtejustify"><strong> सेंट्रल हाल में मैंने विचार-विमर्श किया. कई बार विचारों से सहमत होते तो कभी असहमत. विचारों का सम्मान करना इसी सेंट्रल हाल में सीखा है. आगे पढ़िए राष्&#x200d;ट्रपति रामनाथ कोविंद का पहला भाषण हूबहू.</strong></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="size-full wp-image-66273" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/07/158659-ramnath-kovind700.jpg" alt="राष्&#x200d;ट्रपति बनने के बाद रामनाथ कोविंद का पढ़िए पहला भाषण हू-ब-हू" width="700" height="400" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/07/158659-ramnath-kovind700.jpg 700w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/07/158659-ramnath-kovind700-300x171.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 700px) 100vw, 700px" /></p>
<p class="rtejustify"><strong>आदरणीय श्री प्रणब मुखर्जी जी, श्री हामिद अंसारी जी, श्री नरेन्द्र मोदी जी, श्रीमती सुमित्रा महाजन जी, न्यायमूर्ति श्री जे.एस. खेहर जी, एक्सीलेंसीज, संसद के सम्मानित सदस्यगण, देवियो और सज्जनो, और मेरे देशवासियो, </strong></p>
<p class="rtejustify"><strong>मुझे, भारत के राष्ट्रपति पद का दायित्व सौंपने के लिए मैं आप सभी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं. मैं पूरी विनम्रता के साथ इस पद को ग्रहण कर रहा हूं. यहां सेंट्रल हॉल में आकर मेरी कई पुरानी स्मृतियां ताजा हो गई हैं. मैं संसद का सदस्य रहा हूं, और इसी सेंट्रल हॉल में मैंने आप में से कई लोगों के साथ विचार-विनिमय किया है. कई बार हम सहमत होते थे, कई बार असहमत. लेकिन इसके बावजूद हम सभी ने एक दूसरे के विचारों का सम्मान करना सीखा. यही लोकतंत्र की खूबसूरती है.</strong></p>
<p class="rtejustify"><strong>ये भी पढ़ें : देश के ​14वें राष्&#x200d;ट्रपति बने रामनाथ कोविंद</strong></p>
<p class="rtejustify"><strong>मैं एक छोटे से गांव में मिट्टी के घर में पला-बढ़ा हूँ. मेरी यात्रा बहुत लंबी रही है, लेकिन ये यात्रा अकेले सिर्फ मेरी नहीं रही है. हमारे देश और हमारे समाज की भी यही गाथा रही है. हर चुनौती के बावजूद, हमारे देश में, संविधान की प्रस्तावना में उल्लिखित—न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के मूल मंत्र का पालन किया जाता है और मैं इस मूल मंत्र का सदैव पालन करता रहूँगा. </strong></p>
<p class="rtejustify"><strong>मैं इस महान राष्ट्र के 125 करोड़ नागरिकों को नमन करता हूं. और उन्होंने मुझ पर जो विश्वास जताया है, उस पर खरा उतरने का मैं वचन देता हूं. मुझे इस बात का पूरा एहसास है कि मैं डॉक्टर राजेन्द्र प्रसाद, डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन, डॉक्टर एपीजे. अब्दुल कलाम और मेरे पूर्ववर्ती श्री प्रणब मुखर्जी, जिन्हें हम स्नेह से ‘प्रणब दा’ कहते हैं, जैसी विभूतियों के पदचिह्नों पर चलने जा रहा हूं.</strong></p>
<p class="rtejustify"><strong>साथियो,</strong><br />
<strong>हमारी स्वतंत्रता, महात्मा गांधी के नेतृत्व में हजारों स्वतंत्रता सेनानियों के प्रयासों का परिणाम थी. बाद में, सरदार पटेल ने हमारे देश का एकीकरण किया. हमारे संविधान के प्रमुख शिल्पी, बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर ने हम सभी में मानवीय गरिमा और गणतांत्रिक मूल्यों का संचार किया. वे इस बात से संतुष्ट नहीं थे कि केवल राजनीतिक स्वतंत्रता ही काफी है. उनके लिए, हमारे करोड़ों लोगों की आर्थिक और सामाजिक स्वतंत्रता के लक्ष्य को पाना भी बहुत महत्त्वपूर्ण था.</strong></p>
<p class="rtejustify"><strong>अब स्वतंत्रता मिले 70 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं. हम 21वीं सदी के दूसरे दशक में हैं, वो सदी, जिसके बारे में हम सभी को भरोसा है कि ये भारत की सदी होगी, भारत की उपलब्धियां ही इस सदी की दिशा और स्वरूप तय करेंगी. हमें एक ऐसे भारत का निर्माण करना है जो आर्थिक नेतृत्व देने के साथ ही नैतिक आदर्श भी प्रस्तुत करे. हमारे लिए ये दोनों मापदंड कभी अलग नहीं हो सकते. ये दोनों जुड़े हुए हैं और इन्हें हमेशा जुड़े ही रहना होगा. </strong></p>
<p class="rtejustify"><strong>साथियो,</strong><br />
<strong>देश की सफलता का मंत्र उसकी विविधता है. विविधता ही हमारा वो आधार है, जो हमें अद्वितीय बनाता है. इस देश में हमें राज्यों और क्षेत्रों, पंथों, भाषाओं, संस्कृतियों, जीवन-शैलियों जैसी कई बातों का सम्मिश्रण देखने को मिलता है. हम बहुत अलग हैं, लेकिन फिर भी एक हैं और एकजुट हैं. </strong></p>
<p class="rtejustify"><strong>21वीं सदी का भारत, ऐसा भारत होगा जो हमारे पुरातन मूल्यों के अनुरूप होने के साथ ही साथ चौथी औद्योगिक क्रांति को विस्तार देगा. इसमें ना कोई विरोधाभास है और ना ही किसी तरह के विकल्प का प्रश्न उठता है. हमें अपनी परंपरा और प्रौद्योगिकी, प्राचीन भारत के ज्ञान और समकालीन भारत के विज्ञान को साथ लेकर चलना है. </strong></p>
<p class="rtejustify"><strong>एक तरफ जहां ग्राम पंचायत स्तर पर सामुदायिक भावना से विचार-विमर्श करके समस्याओं का निस्तारण होगा, वहीं दूसरी तरफ डिजिटल राष्ट्र हमें विकास की नई ऊंचाइयों पर पहुंचने में सहायता करेगा. ये हमारे राष्ट्रीय प्रयासों के दो महत्त्वपूर्ण स्तंभ हैं. </strong></p>
<p class="rtejustify"><strong>राष्ट्र निर्माण अकेले सरकारों द्वारा नहीं किया जाता. सरकार सहायक हो सकती है, वो समाज की उद्यमी और रचनात्मक प्रवृत्तियों को दिशा दिखा सकती है, प्रेरक बन सकती है. राष्ट्र निर्माण का आधार है राष्ट्रीय गौरव :</strong></p>
<p class="rtejustify"><strong>&#8211; हमें गर्व है-भारत की मिट्टी और पानी पर; </strong><br />
<strong>&#8211; हमें गर्व है- भारत की विविधता, सर्वधर्म समभाव और समावेशी विचारधारा पर;</strong><br />
<strong>&#8211; हमें गर्व है- भारत की संस्कृति, परंपरा एवं अध्यात्म पर; </strong><br />
<strong>&#8211; हमें गर्व है- देश के प्रत्येक नागरिक पर; </strong><br />
<strong>&#8211; हमें गर्व है- अपने कर्त्तव्यों के निवर्हन पर, और</strong><br />
<strong>&#8211; हमें गर्व है- हर छोटे से छोटे काम पर, जो हम प्रतिदिन करते हैं.</strong></p>
<p class="rtejustify"><strong>साथियो,</strong></p>
<p class="rtejustify"><strong>देश का हर नागरिक राष्ट्र निर्माता है. हम में से प्रत्येक व्यक्ति भारतीय परंपराओं और मूल्यों का संरक्षक है और यही विरासत हम आने वाली पीढ़ियों को देकर जाएंगे. देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले और हमें सुरक्षित रखने वाले सशस्त्र बल, राष्ट्र निर्माता हैं. जो पुलिस और अर्धसैनिक बल, आतंकवाद और अपराधों से लड़ रहे हैं, वो राष्ट्र निर्माता हैं. जो किसान तपती धूप में देश के लोगों के लिए अन्न उपजा रहा है, वो राष्ट्र निर्माता है. और हमें ये भी नहीं भूलना चाहिए, कि खेत में कितनी बड़ी संख्या में महिलाएं भी काम करती हैं.</strong></p>
<p class="rtejustify"><strong>जो वैज्ञानिक 24 घंटे अथक परिश्रम कर रहा है, भारतीय अंतरिक्ष मिशन को मंगल तक ले जा रहा है, या किसी वैक्सीन का अविष्कार कर रहा है, वो राष्ट्र निर्माता है. जो नर्स या डॉक्टर सुदूर किसी गांव में, किसी मरीज की गंभीर बीमारी से लड़ने में उसकी मदद कर रहे हैं, वो राष्ट्र निर्माता हैं. जिस नौजवान ने अपना स्टार्ट-अप शुरू किया है और अब स्वयं रोजगार दाता बन गया है, वो राष्ट्र निर्माता है. ये स्टार्ट-अप कुछ भी हो सकता है. किसी छोटे से खेत में आम से अचार बनाने का काम हो, कारीगरों के किसी गांव में कार्पेट बुनने का काम हो या फिर कोई लैबोरेटरी, जिसे बड़ी स्क्रीनों से रौशन किया गया हो.</strong></p>
<p class="post-box-title"><strong><a title="Permalink to अभी-अभी: यूपी बना कश्मीर, हिन्दू श्रद्धालुओं पर हुआ भयानक हमला योगी ने भेजी फ़ोर्स दिया गोली मारने का आदेश" href="http://www.livehalchal.com/%e0%a4%85%e0%a4%ad%e0%a5%80-%e0%a4%85%e0%a4%ad%e0%a5%80-%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%aa%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%b9%e0%a4%bf/66220" target="_blank" rel="bookmark noopener noreferrer">अभी-अभी: यूपी बना कश्मीर, हिन्दू श्रद्धालुओं पर हुआ भयानक हमला योगी ने भेजी फ़ोर्स दिया गोली मारने का आदेश</a></strong></p>
<p class="rtejustify"><strong>वो आदिवासी और सामान्य नागरिक, जो जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में हमारे पर्यावरण, हमारे वनों, हमारे वन्य जीवन की रक्षा कर रहे हैं और वे लोग जो नवीकरणीय ऊर्जा के महत्त्व को बढ़ावा दे रहे हैं, वे राष्ट्र निर्माता हैं. वो प्रतिबद्ध लोकसेवक जो पूरी निष्ठा के साथ अपना कर्त्तव्य निभा रहे हैं, कहीं पानी से भरी सड़क पर ट्रैफिक को नियंत्रित कर रहे हैं, कहीं किसी कमरे में बैठकर फाइलों पर काम कर रहे हैं, वे राष्ट्र निर्माता हैं.</strong></p>
<p class="rtejustify"><strong>वो शिक्षक, जो नि:स्वार्थ भाव से युवाओं को दिशा दे रहे हैं, उनका भविष्य तय कर रहे हैं, वे राष्ट्र निर्माता हैं. वो अनगिनत महिलाएं जो घर पर और बाहर, तमाम दायित्व निभाने के साथ ही अपने परिवार की देख-रेख कर रही हैं, अपने बच्चों को देश का आदर्श नागरिक बना रही हैं, वे राष्ट्र निर्माता हैं.</strong></p>
<p class="rtejustify"><strong>साथियो,</strong><br />
<strong>देश के नागरिक ग्राम पंचायत से लेकर संसद तक अपने प्रतिनिधि चुनते हैं, उन प्रतिनिधियों में अपनी आस्था और उम्मीद जताते हैं. नागरिकों की उम्मीदों को पूरा करने के लिए यही जनप्रतिनिधि अपना जीवन राष्ट्र की सेवा में लगाते हैं. लेकिन हमारे ये प्रयास सिर्फ हमारे लिए ही नहीं हैं. सदियों से भारत ने वसुधैव कुटुंबकम, यानि पूरा विश्व एक परिवार है, के दर्शन पर भरोसा किया है. ये उचित होगा कि अब भगवान बुद्ध की ये धरती, शांति की स्थापना और पर्यावरण का संतुलन बनाने में विश्व का नेतृत्व करे.</strong></p>
<p class="rtejustify"><strong>आज पूरे विश्व में भारत के दृष्टिकोण का महत्त्व है. पूरा विश्व भारतीय संस्कृति और भारतीय परंपराओं की तरफ आकर्षित है. विश्व समुदाय अंतरराष्ट्रीय समस्याओं के समाधान के लिए हमारी तरफ देख रहा है. चाहे आतंकवाद हो, कालेधन का लेन-देन हो या फिर जलवायु परिवर्तन. वैश्विक परिदृश्य में हमारी जिम्मेदारियां भी वैश्विक हो गई हैं. </strong></p>
<p class="rtejustify"><strong>यही भाव हमें, हमारे वैश्विक परिवार से, विदेश में रहने वाले मित्रों और सहयोगियों से, दुनिया के अलग-अलग क्षेत्रों में रहकर अपना योगदान दे रहे प्रवासी भारतीयों से जोड़ता है. यही भाव हमें दूसरे देशों की सहायता के लिए तत्पर करता है, चाहे वो अंतरराष्ट्रीय सोलर अलायंस का विस्तार करना हो, या फिर प्राकृतिक आपदाओं के समय, सबसे पहले सहयोग के लिए आगे आना हो. </strong></p>
<p class="rtejustify"><strong>एक राष्ट्र के तौर पर हमने बहुत कुछ हासिल किया है, लेकिन इससे भी और अधिक करने का प्रयास, और बेहतर करने का प्रयास, और तेजी से करने का प्रयास, निरंतर होते रहना चाहिए. ये इसलिए भी महत्त्वपूर्ण है क्योंकि वर्ष 2022 में देश अपनी स्वतंत्रता के 75वें साल का पर्व मना रहा होगा. हमें इस बात का लगातार ध्यान रखना होगा कि हमारे प्रयास से समाज की आखिरी पंक्ति में खड़े उस व्यक्ति के लिए, और गरीब परिवार की उस आखिरी बेटी के लिए भी नई संभावनाओं और नए अवसरों के द्वार खुलें. हमारे प्रयत्न आखिरी गांव के आखिरी घर तक पहुंचने चाहिए. इसमें न्याय प्रणाली के हर स्तर पर, तेजी के साथ, कम खर्च पर न्याय दिलाने वाली व्यवस्था को भी शामिल किया जाना चाहिए. </strong></p>
<p class="rtejustify"><strong>साथियो,</strong><br />
<strong>इस देश के नागरिक ही हमारी ऊर्जा का मूल स्रोत हैं. मैं पूरी तरह आश्वस्त हूं कि राष्ट्र की सेवा के लिए, मुझे इन लोगों से इसी प्रकार निरंतर शक्ति मिलती रहेगी. हमें तेजी से विकसित होने वाली एक मजबूत अर्थव्यवस्था, एक शिक्षित, नैतिक और साझा समुदाय, समान मूल्यों वाले और समान अवसर देने वाले समाज का निर्माण करना होगा. एक ऐसा समाज जिसकी कल्पना महात्मा गांधी और दीन दयाल उपाध्याय जी ने की थी. ये हमारे मानवीय मूल्यों के लिए भी महत्त्वपूर्ण है. ये हमारे सपनों का भारत होगा. एक ऐसा भारत, जो सभी को समान अवसर सुनिश्चित करेगा. ऐसा ही भारत, 21वीं सदी का भारत होगा.</strong></p>
<p class="rtejustify"><strong>आप सबको बहुत-बहुत धन्यवाद!! </strong></p>
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