<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>रामजन्मोत्सव &#8211; Live Halchal</title>
	<atom:link href="https://livehalchal.com/tag/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b8%e0%a4%b5/feed" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://livehalchal.com</link>
	<description>Latest News, Updated News, Hindi News Portal</description>
	<lastBuildDate>Thu, 18 Apr 2024 05:37:28 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg</url>
	<title>रामजन्मोत्सव &#8211; Live Halchal</title>
	<link>https://livehalchal.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>रामजन्मोत्सव के साक्षी बनने देश विदेश से आए श्रद्धालु</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b8%e0%a4%b5-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a5%80-%e0%a4%ac/553642</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 18 Apr 2024 05:37:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[रामजन्मोत्सव]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=553642</guid>

					<description><![CDATA[रामजन्मोत्सव के साक्षी बनने के लिए श्रद्धालु &#160;देश विदेश से अयोध्या पहुंचे। हर कोई रामलला की दिव्य छवि को अपनी नजरों में बसाने के लिए आतुर दिखा। 37 डिग्री तापमान में भी बड़ी संख्या में भक्त नंगे पांव रामलला के दर्शन को पहुंचे। रामजन्मोत्सव की पावन बेला में अयोध्या में आस्था का कुंभ नजर आया। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>रामजन्मोत्सव के साक्षी बनने के लिए श्रद्धालु &nbsp;देश विदेश से अयोध्या पहुंचे। हर कोई रामलला की दिव्य छवि को अपनी नजरों में बसाने के लिए आतुर दिखा। 37 डिग्री तापमान में भी बड़ी संख्या में भक्त नंगे पांव रामलला के दर्शन को पहुंचे।</p>



<p>रामजन्मोत्सव की पावन बेला में अयोध्या में आस्था का कुंभ नजर आया। साक्षी बनने के लिए देश के कोने-कोने से ही नहीं, सात समंदर पार से भी श्रद्धालु पहुंचे। हर कोई रामलला की दिव्य छवि को अपनी नजरों में बसाने को आतुर था। हर जन मन में बस राम ही राम नजर आए। आस्था ऐसी कि 37 डिग्री तापमान में भी बड़ी संख्या में भक्त नंगे पांव रामलला के दर्शन को पहुंचे।</p>



<p>रामलला के दर्शन के लिए कतर से पहुंचीं निकिता कुसुम ने कहा कि 22 जनवरी को ही आने की तैयारी थी, लेकिन नहीं आ सके। जन्मोत्सव के अवसर को गंवाना नहीं चाहते थे इसलिए अयोध्या आए। रामलला के सम्मुख पहुंचते ही उनकी दिव्य छवि मानो आंखों में बस गईं। टेंट में भी रामलला को देखा था।&nbsp;</p>



<p>अब भव्य मंदिर में भी देखने का अवसर मिला यह कहते-कहते निकिता भावुक हो उठीं। पति नीरज तिवारी उन्हें संभालते हैं। नीरज कहते हैं कि रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद कतर के हिंदू भी अयोध्या आने को लालायित हैं।</p>



<p>नेपाल से आए बागेश्वर जय श्रीराम गुनगुनाते हुए रामलला के दर्शन कर लौट रहे थे। बोले- मंदिर से आने का मन ही नहीं कर रहा था, लेकिन कुछ आचार संहिता भी है, जिसे मानना ही पड़ता है। रामलला की छवि मनमोहक है। मंदिर अद्भुत है।&nbsp;</p>



<p>महाराष्ट्र के रामचंद्र बडरे कहते हैं कि यह राम की महिमा है कि तेज धूप में लोग नंगे पांव चले आ रहे हैं। नगरी हो अयोध्या सी, रघुकुल सा घराना हो, चरण हो राघव के, जहां मेरा ठिकाना हो&#8230;पंक्तियों के जरिये उन्होंने राम के प्रति अपनी आस्था और अयोध्या की महिमा को व्यक्त किया। गवालियर से आए राजपाल मोबाइल में रामजन्मभूमि पथ की भव्यता को कैद कर रहे थे।</p>



<p><strong>501 महिलाएं, दलित, आदिवासी, मुसहर और किन्नर बने पुजारी&nbsp;</strong><br>उधर, रामनवमी पर काशी से श्रीराम परिवार भक्त आंदोलन की शुरुआत हुई। देश में पहली बार दलित, आदिवासी, मुसहर, किन्नर और महिलाओं को दीक्षा देकर पुजारी बनाया गया। पहले चरण में 501 लोगों को दीक्षा देकर पुजारी बनाया गया। उन्हें हर 20 घर में पूजा कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई। महिलाओं को जानकीचार्या और पुरुषों को रामाचार्य की पदवी दी गई। साथ ही 1100 लोगों ने दीक्षा लेकर राम परिवार भक्ति आंदोलन को देशभर में ले जाने का संकल्प लिया।&nbsp;</p>



<p><strong>मुस्लिम महिलाओं ने उतारी भगवान श्रीराम, माता जानकी की आरती</strong><br>अयोध्या है हमारी जियारत गाह का नाम, रहते हैं वहां मालिक-ए-कायनात, श्रीराम, जय श्रीराम, जय जय राम&#8230; की धुन के साथ मुस्लिम महिलाओं ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की आरती उतारी। रामनवमी पर बुधवार को यह नजारा लमही स्थित सुभाष भवन में नजर आया।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>रामजन्मोत्सव&#8230;मुख्यमंत्री धामी ने आवास पर पत्नी के साथ कन्या पूजन किया</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b8%e0%a4%b5-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d/553602</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 17 Apr 2024 12:05:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[रामजन्मोत्सव]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=553602</guid>

					<description><![CDATA[त्तराखंड में रामजन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पत्नी के साथ सीएम आवाज आवास पर कन्या पूजन किया। साथ ही उन्होंने पूरे प्रदेशवासियों को रामनवमी की शुभकामनाएं दीं। वहीं प्रदेश में विभिन्न जगहों पर रामनवमी के अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। मंदिरों में भी सुबह से श्रद्धालुओं का तांता लगा &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>त्तराखंड में रामजन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पत्नी के साथ सीएम आवाज आवास पर कन्या पूजन किया। साथ ही उन्होंने पूरे प्रदेशवासियों को रामनवमी की शुभकामनाएं दीं। वहीं प्रदेश में विभिन्न जगहों पर रामनवमी के अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। मंदिरों में भी सुबह से श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा है।</p>



<p>आज देशभर में रामनवमी मनाई जा रही है। इस बार रामनवमी बहुत ही खास रही।&nbsp;अयोध्या में राम मंदिर बनने और प्राण प्रतिष्ठा के बाद पहली बार रामनवमी मनाई गई।&nbsp;दोपहर 12 बजे रामलला का सूर्य तिलक हुई&nbsp;जो सभी के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।</p>



<p>अयोध्या में रामलला की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा के बाद पहली रामनवमी पर सूर्यदेव ने अपनी किरणों से रामलला के मस्तक पर तिलक किया। और इस अद्भुत क्षण को देखने के लिए लोग उत्सुक रहे।</p>



<p>रामलला के जन्मोत्सव के मौके पर मंदिरों में विधि-विधान के साथ भगवान राम की पूजा की गई और मंगल गीत और भजन गाया गया।</p>



<p>सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीबीआरआई) रुड़की के वैज्ञानिकों की एक टीम ने सूर्य तिलक मैकेनिज्म को तैयार किया है।</p>



<p>इसके डिजाइन को तैयार करने में टीम को पूरे दो साल लग गए थे। 2021 में राम मंदिर के डिजाइन पर काम शुरू हुआ था।</p>



<p>सीबीआरआई के वैज्ञानिकों की एक टीम ने सूर्य तिलक मैकेनिज्म को इस तरह से डिजाइन किया है कि हर साल राम नवमी के दिन दोपहर 12 बजे करीब चार मिनट तक सूर्य की किरणें भगवान राम की प्रतिमा के माथे पर पड़ें।</p>



<p>इस निर्माण कार्य में सीबीआरआई के साथ सूर्य के पथ को लेकर तकनीकी मदद बेंगलूरु के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोफिजिक्स (आईआईए) की भी ली गई है। बेंगलूरु की एक कंपनी ऑप्टिका ने लेंस और ब्रास ट्यूब का निर्माण किया है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>

<!--
Performance optimized by W3 Total Cache. Learn more: https://www.boldgrid.com/w3-total-cache/?utm_source=w3tc&utm_medium=footer_comment&utm_campaign=free_plugin

Page Caching using Disk: Enhanced 

Served from: livehalchal.com @ 2026-04-15 11:42:53 by W3 Total Cache
-->