राफेल – Live Halchal https://livehalchal.com Latest News, Updated News, Hindi News Portal Fri, 26 Oct 2018 11:55:39 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.10 https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg राफेल – Live Halchal https://livehalchal.com 32 32 सीबीआइ मुद्दे और राफेल को लेकर AAP ने केंद्र सरकार पर लगाये गंभीर आरोप https://livehalchal.com/%e0%a4%b8%e0%a5%80%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%86%e0%a4%87-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a5%87-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ab%e0%a5%87%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a5%8b/181194 Fri, 26 Oct 2018 11:55:39 +0000 http://www.livehalchal.com/?p=181194 आम आदमी पार्टी (AAP) शुक्रवार को कांग्रेस समर्थित सीबीआइ कार्यालयों पर होने वाले प्रदर्शनों में शामिल तो नहीं हुई, लेकिन दोपहर बाद पत्रकार वार्ता कर पार्टी ने केंद्र में सत्तासीन भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर जमकर हमला बोला। राज्यसभा सदस्य और AAP नेता संजय सिंह ने पत्रकार वार्ता कर कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश …]]>

आम आदमी पार्टी (AAP) शुक्रवार को कांग्रेस समर्थित सीबीआइ कार्यालयों पर होने वाले प्रदर्शनों में शामिल तो नहीं हुई, लेकिन दोपहर बाद पत्रकार वार्ता कर पार्टी ने केंद्र में सत्तासीन भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर जमकर हमला बोला। राज्यसभा सदस्य और AAP नेता संजय सिंह ने पत्रकार वार्ता कर कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश ने मोदी सरकार की मनमानियों पर सीधी रोक लगाने का काम किया है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे जूनियर अधिकारी जिस पर सीधे तौर पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं, मोदी सरकार ने केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) का निदेशक बनाया उसपर भी सर्वोच्च न्यायालय ने रोक लगाई। 

संजय सिंह ने राफेल मुद्दे पर चर्चा करते हुए कहा कि राफेल और राकेश को बचाने के लिए आनन-फानन में मोदी सरकार ने आलोक वर्मा को हटाया और एक जूनियर और भ्रष्ट अधिकारी को CBI का निर्देशक बना दिया। साथ ही यह भी कहा कि राफेल महाघोटाले को बचाने की सीधी कोशिश है। 

पूरे मुद्दे का श्रेय खुद लेते हुए AAP के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने कहा कि उनकी शिकायत पर ही केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) ने राफेल घोटाले की जांच की बात की, जिसे CBI को करना था।

वहीं, पत्रकार वार्ता में संजय सिंह के साथ मौजूद AAP के अन्य राज्यसभा सदस्य एनडी गुप्ता ने हमलावार अंदाज में कहा कि राफेल के मुद्दे में अब सच सामने आने से कोई नहीं रोक सकता, जल्द ही दूध का दूध, पानी का पानी साफ होने वाला है। उन्होंने कहा कि जब हम राफेल के मुद्दे पर आलोक वर्मा जी से मिले थे, तो उन्होंने हमें बताया कि राफेल का मुद्दा उन्हें CVC से आ चुका है। 

वहीं, संजय सिंह ने कहा कि आलोक वर्मा मामले में एक सच को छुपाने के लिए, हज़ार झूठ बोले जा रहे हैं, जासूसी कराई जा रही है। आज सुप्रीम कोर्ट से केंद्र सरकार को करारा तमाचा पड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि रक्षा राज्य मंत्री सुभाष भामरे ने संसद में राफेल विमानों की कीमत पर सदन से झूठ क्यों बोला, ये जवाब अभी भी नहीं मिला है।

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जब विमान मिलने शुरू होंगे, तभी राफेल सौदे के साझीदारों के नाम आएंगे सामने https://livehalchal.com/%e0%a4%9c%e0%a4%ac-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b6%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a5%82-%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%87/180986 Fri, 26 Oct 2018 09:58:14 +0000 http://www.livehalchal.com/?p=180986 रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने राफेल युद्धक विमान सौदे पर कहा है कि इस रक्षा सौदे के साझीदारों के नाम तभी सामने लाए जाएंगे जब विमान मिलने शुरू हो जाएंगे। उन्होंने गुरुवार को कहा कि राफेल की आपूर्ति में फ्रांस की कंपनी दासौ और दो या तीन अन्य कंपनियां भी हिस्सेदारी कर रही हैं। इन …]]>

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने राफेल युद्धक विमान सौदे पर कहा है कि इस रक्षा सौदे के साझीदारों के नाम तभी सामने लाए जाएंगे जब विमान मिलने शुरू हो जाएंगे।

उन्होंने गुरुवार को कहा कि राफेल की आपूर्ति में फ्रांस की कंपनी दासौ और दो या तीन अन्य कंपनियां भी हिस्सेदारी कर रही हैं। इन सबको अलग-अलग लक्ष्य दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन कंपनियों के नाम तभी सामने लाए जाएंगे जब युद्धक विमान देश को मिलने शुरू हो जाएंगे। यह पूछे जाने पर कि अनिल अंबानी की रिलायंस डिफेंस को किस आधार पर दासौ एविएशन का ऑफसेट साझीदार बनाया गया है।

इसके जवाब में सीतारमण ने कहा कि आपूर्ति में शामिल सभी कंपनियों को ऑफसेट पूरा करने का मौका दिया जाएगा। दो या तीन जितनी भी कंपनियां होंगी, उन्हें या तो निवेश का मौका मिलेगा या फिर सेवा की खरीद करनी होगी। यह मामला दासौ पर छोड़ दिया जाएगा कि वह हमारे पास आकर इस विषय में दावा करे। ऑफसेट पार्टनर का ब्योरा तभी दिया जाएगा जब वह बिल के साथ अपनी सेवा के लिए हमारे पास आएंगे। फिर चाहे उन्होंने उपकरण दिए हों या कि कोई सेवा प्रदान की हो।

इसके अलावा, सीतारमण ने कहा कि देश के सुरक्षा प्रतिष्ठानों के कामकाज के तरीके में हालिया बदलाव से रक्षा मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में कोई कमी नहीं आई है। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) सुरक्षा संबंधी मामलों में अंतर मंत्रिमंडलीय समायोजन में बेहद अहम भूमिका निभाता है।

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कांग्रेस : CBI ने मोदी और शाह की जोड़ी को कही का नही छोड़ा https://livehalchal.com/%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b8-cbi-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%b6%e0%a4%be%e0%a4%b9-%e0%a4%95%e0%a5%80/179210 Wed, 24 Oct 2018 11:14:09 +0000 http://www.livehalchal.com/?p=179210 सीबीआई विवाद पर केंद्र सरकार की सफाई के बाद कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई सवाल उठाए. कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने मोदी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि राफेल के फोबिया से बचने के लिए मोदी सरकार ने सीबीआईडायरेक्टर को हटाया है. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने देश की संस्थाओं को ICU में धकेल दिया है,  …]]>

सीबीआई विवाद पर केंद्र सरकार की सफाई के बाद कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई सवाल उठाए. कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने मोदी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि राफेल के फोबिया से बचने के लिए मोदी सरकार ने सीबीआईडायरेक्टर को हटाया है.

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने देश की संस्थाओं को ICU में धकेल दिया है,  सीबीआई की प्रतिष्ठा को धूल में मिलाया जा रहा है. आज केंद्र सरकार उच्चतम न्यायालय के आदेशों को नहीं मान रही है.

उन्होंने कहा कि राफेल घोटाले की पोल खुलने से डरे हुए बीजेपी नेताओं ने गुजरात मॉडल केंद्र में थोप दिया है. उन्होंने कहा कि इस प्रकार सीबीआई डायरेक्टर को हटाना असंवैधानिक है.

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी खुद सीबीआई के अधिकारियों को बुलाते हैं और फौजदारी के मामलों में दखल देते हैं. जबकि मुख्यमंत्री के तौर पर मोदी CBI को लेकर कई तरह की बातें करते थे. यूपीए सरकार में एफिडेविट देखा गया था तो इस्तीफा मांगा गया था.

कांग्रेस नेता बोले कि CVC के पास CBI डायरेक्टर को नियुक्ति या हटाने का कोई अधिकार नहीं है. CVC के पास नया पावर कैसे आ गया? CVC केवल सुपरवाइजरी बॉडी है. CVC गुमराह कर रहा है. इस संस्थान का भी दुरुपयोग किया जा रहा है

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राहुल गांधी ने एक बार फिर पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कुछ बोला ऐसा, जाने पूरी खबर https://livehalchal.com/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b9%e0%a5%81%e0%a4%b2-%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%8f%e0%a4%95-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%ab%e0%a4%bf%e0%a4%b0-%e0%a4%aa/179191 Wed, 24 Oct 2018 11:08:32 +0000 http://www.livehalchal.com/?p=179191 सीबीआइ रार पर विपक्ष ने भी मोदी सरकार पर वार करना शुरू कर दिया है। तमाम विपक्षी दल सीबीआइ चीफ पर हुई कार्रवाई को राफेल सौदे की जांच से जोड़कर देख रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी सीबीआई मामले को राफेल से जोड़ते हुए केंद्र सरकार पर हमला बोला। राजस्थान के झालावाड़ में …]]>

सीबीआइ रार पर विपक्ष ने भी मोदी सरकार पर वार करना शुरू कर दिया है। तमाम विपक्षी दल सीबीआइ चीफ पर हुई कार्रवाई को राफेल सौदे की जांच से जोड़कर देख रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी सीबीआई मामले को राफेल से जोड़ते हुए केंद्र सरकार पर हमला बोला।

राजस्थान के झालावाड़ में राहुल गांधी ने एक रैली कर कहा कि कल रात चौकीदार ने सीबीआइ निदेशक को हटा दिया। सीबीआइ निदेशक ने राफेल सौदे पर सवाल उठाए थे और उनको हटा दिया गया।

राहुल ने कहा, ‘सीबीआइ चीफ आलोक वर्मा राफेल घोटाले के कागजात इकट्ठा कर रहे थे। उन्हें जबरदस्ती छुट्टी पर भेज दिया गया। प्रधानमंत्री का मैसेज एकदम साफ है जो भी राफेल के इर्द- गिर्द आएगा। हटा दिया जाएगा, मिटा दिया जाएगा। देश और संविधान खतरे में हैं।’

विपक्षी दलों ने क्या कहा?

डीएमके चीफ एमके स्‍टालिन- क्या सीबीआई में फेरबदल राफेल की जांच रोकने के लिए किया गया है। इससे पता चलता है कि देश में अघोषित आपातकाल है। नागेश्वर राव जैसे लोगों की नियुक्ति सीबीआई को ‘पिंजरे का तोता’ बनाए रखने के लिए की गई है। सीबीआइ डायरेक्टर नागेश्वर राव के खिलाफ कई शिकायतें भेजी जा चुकी हैं, साथ ही यह रिपोर्ट भी आ रही है कि आलोक वर्मा राफेल मामले की जांच करना चाहते थे।

शिवसेना सांसद अरविंद सावंत- सीबीआइ, सीवीसी, न्यायपालिका, चुनाव आयोग जैसी संस्थाएं लोकतंत्र के स्तंभ हैं…। यह वास्तव में बेहद दुःखद है कि शीर्षतम जांच एजेंसी के प्रमुख ही एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं। यह संसद के आगामी सत्र के लिए बड़ा मुद्दा है।’

अभिषेक मनु सिंघवी- आलोक वर्मा को असंवैधानिक तरीके से हटाया गया है। केंद्र सरकार राफेलोफोबिया से पीड़ित है, इसीलिए केंद्र ने डायरेक्टर को हटाया। डायरेक्टर को हटाने के लिए सरकार ने गलत तरीकों का इस्तेमाल किया। सीबीआइ एक्‍ट का उल्‍लंघन किया गया है। उन्हें हटाना संभव नहीं, इसीलिए छुट्टी पर भेजा गया है।

अरविंद केजरीवाल- क्या आलोक वर्मा की छुट्टी और राफेल डील के बीच कोई संबंध है? क्या आलोक वर्मा राफेल डील को लेकर जांच शुरू करने वाले थे, जो मोदी जी के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता था।

रणदीप सुरजेवाला- मोदी सरकार ने सीबीआइ की आजादी में आखिरी कील ठोक दी है। सीबीआइ का व्यवस्थित विध्वंस और विघटन अब पूरा हो गया है। एक वक्त की शानदार जांच एजेंसी, जिसकी अखंडता, विश्वसनीयता और दृढ़ता खत्म करने का काम प्रधानमंत्री ने किया है। सीबीआइ निदेशक का तबादला इसीलिए क्या गया क्योंकि वे राफेल घोटाले की जांच करने वाले थे।

सीताराम येचुरी- मोदी सरकार और प्रधानमंत्री ने सीबीआइ का राजनीतिक तख्ता-पलट किया है। हमें नहीं पता कि सीबीआइ राफेल घोटाले की जांच कर रही थी। अगर ऐसा था तो ये आदेश सरकार, प्रधानमंत्री और संबंधित अधिकारियों को बचाने के लिए दिया गया। राकेश अस्थाना मामले की जांच कर रहे डीआईजी को अंडमान में ‘काला पानी’ क्यों भेजा गया?

केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने दिया जवाब
कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के सरकार के फैसले पर उंगली उठाने के सवाल पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि क्या दो अधिकारी जो जांच का सामना कर रहे हैं वो ही अपनी जांच करवाएं? विपक्ष के आरोप बिल्कुल गलत हैं। सरकार ने सेक्शन 42 की शक्ति का इस्तेमाल करते हुए यह आदेश पारित किया है। सरकार का यह कदम विपक्ष, पीआईएल दाखिल करने वाले लोगों और आम जनता सभी के लिए है। उन्होंने कहा कि जांच का माखौल नहीं बनने दिया जा सकता है। अगर अधिकारी निर्दोष होंगे तो उनकी वापसी होगी। सीवीसी की अनुशंसा पर सरकार के तुरंत फैसले के सवाल पर जेटली ने कहा कि हमारी सरकार फास्ट ऐक्टिंग सरकार है। इसलिए हमने तुरंत अनुशंसा पर कदम उठाया। 

इनकी हुई पोस्टिंग/इनका हुआ तबादला
सीबीआइ के JD(P) अरुण कुमार शर्मा, ए. साई मनोहर, HoZ वी. मुरुगुशन और DIG अमित कुमार को तत्काल प्रभाव से नई पोस्टिंग दी गई है। उधर, अफसरों के दफ्तरों को सील किए जाने की खबरों पर सीबीआइ के प्रवक्ता ने साफ कहा है कि CBI मुख्यालय के किसी भी कमरे को सील नहीं किया गया है। इसके अलावा सीबीआइ के डीआईजी मनीष कुमार सिन्हा, डीआईजी तरूण गौबा, डीआईजी जसबीर सिंह, डीआईजी अनीश प्रसाद, डीआईजी केआर चौरसिया, HoB राम गोपाल और एसपी सतीष डागर का भी तबादला किया गया है। ये सभी अधिकारी राकेश अस्थाना घूसखोरी मामले की जांच कर रहे थे। बता दें कि एम नागेश्वर राव को तत्काल प्रभाव से सीबीआई का अंतरिम निदेशक नियुक्त किया गया है। एम नागेश्वर राव सीबीआइ में ही संयुक्त निदेशक के पद पर हैं।

अस्थाना मामले की जांच के लिए बनी नई टीम 
सीबीआइ के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना मामले की जांच सीबीआइ डीआइजी तरुण गौबा, एसपी सतीश डागर और जॉइंट डायरेक्टर वी मुरूगुशन करेंगे। सीबीआइ हेडक्वार्टर में अभी अंतरिम डायरेक्टर एम. नागेश्वर राव एक बड़ी बैठक कर रहे हैं।

गौरतलब है कि सीबीआइ के दो वरिष्ठ अफसरों के बीच विवाद गहराता देख बुधवार तड़के केंद्र सरकार ने सीबीआइ डायरेक्टर आलोक वर्मा और स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना को छुट्टी पर भेज दिया। सीबीआइ द्वारा दर्ज की गई एफआइआर में आरोप लगाया गया है कि उसके स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना और डीएसपी देवेंद्र कुमार जबरन वसूली का रैकेट चलाते हैं। उधर, इस मामले में राकेश अस्थाना ने 29 अक्टूबर तक दिल्ली हाई कोर्ट से गिरफ्तारी से राहत का आदेश प्राप्त कर लिया है।

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डसाल्ट सीईओ ने बताया 2019 से भारत में शुरू हो जाएगी राफेल की डिलीवरी https://livehalchal.com/%e0%a4%a1%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%9f-%e0%a4%b8%e0%a5%80%e0%a4%88%e0%a4%93-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%be-2019-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%ad%e0%a4%be/173307 Tue, 16 Oct 2018 07:11:58 +0000 http://www.livehalchal.com/?p=173307 डसाल्ट एविएशन साल 2019 से भारत को राफेल फाइटर जेट्स की डिलीवरी करना शुरू कर देगा। आने वाले कुछ महीनों में नए विमानों के लिए ऑर्डर दिए जा सकते हैं। भारत ने डसाल्ट एविएशन के साथ साल 2016 में 36 विमानों की खरीद का सौदा किया था। यह जानकारी कंपनी के सीईओ एरिक ट्रेपियर ने …]]>

डसाल्ट एविएशन साल 2019 से भारत को राफेल फाइटर जेट्स की डिलीवरी करना शुरू कर देगा। आने वाले कुछ महीनों में नए विमानों के लिए ऑर्डर दिए जा सकते हैं। भारत ने डसाल्ट एविएशन के साथ साल 2016 में 36 विमानों की खरीद का सौदा किया था। यह जानकारी कंपनी के सीईओ एरिक ट्रेपियर ने ऑरलैंडो में सोमवार को दी।

विश्व के सबसे बड़े बिजनेस जेट के शो के दौरान ऑरलैंडो में ट्रेपियर ने राफेल पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि साल 2018 डसाल्ट 40 बिजनेस जेट्स भी डिलीवर कर सकता है। ट्रेपियर ने कहा कि कंपनी साल 2020 में कुछ चुनिंदा मॉडल के उत्पादन को बढ़ाएगा। 

ट्रेपियर ने कहा था कि अनिल अंबानी की कंपनी के राफेल में केवल 10 फीसद ऑफसेट निवेश हैं। सीईओ के मुताबिक, कंपनी 100 भारतीय कंपनियों के साथ बातचीत कर रही है। फ्रांस की वेबसाइट मीडियापार्ट ने यह स्टेटमेंट छापा था। वेबसाइट पर डसॉल्ट मैनजेमेंट और इसके कर्मियों के प्रतिनिधियों के बीच के हुई एक मीटिंग के नोट्स का हवाला दिया गया है.

ट्रेपियर ने साफ कहा कि रिलायंस के साथ डसाल्ट एविएशन का संयुक्त उपक्रम राफेल लड़ाकू विमान करार के तहत करीब 10 फीसद ऑफसेट निवेश का प्रतिनिधित्व करता है। ट्रेपियर ने कहा था कि हम करीब 100 भारतीय कंपनियों के साथ बातचीत कर रहे हैं, जिनमें करीब 30 कंपनियों के साथ पहले ही साझेदारी की पुष्टि कर दी है।

बताते चलें कि राफेल विमान में सौदेबाजी को लेकर कांग्रेस पार्टी केंद्र की भाजपा सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है। फिलहाल यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट में पहुंच चुका है। कोर्ट ने राफेल डील पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार से कहा था कि वह विमान की कीमतों और तकनीक से जुड़ी जानकारी भले ही सार्वजनिक न करें, लेकिन डील की प्रक्रिया के बारे में कोर्ट को जानकारी दें।

मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को 29 अक्‍टूबर तक का समय दिया है और इस पूरी जानकारी को बंद लिफाफे में देने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 31 अक्‍टूबर को होगी।

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