<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>राजस्व संग्रह &#8211; Live Halchal</title>
	<atom:link href="https://livehalchal.com/tag/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b9/feed" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://livehalchal.com</link>
	<description>Latest News, Updated News, Hindi News Portal</description>
	<lastBuildDate>Tue, 03 Feb 2026 09:25:50 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg</url>
	<title>राजस्व संग्रह &#8211; Live Halchal</title>
	<link>https://livehalchal.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>केंद्र पर निर्भरता कम: स्वयं के कर राजस्व संग्रह में देश में टॉप पर हरियाणा</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ad%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%ae-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b5/658533</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 03 Feb 2026 09:25:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[हरियाणा]]></category>
		<category><![CDATA[राजस्व संग्रह]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=658533</guid>

					<description><![CDATA[<img width="618" height="445" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/45-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/45-1.jpg 626w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/45-1-300x216.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />हरियाणा का कुल कर्जा जीएसडीपी (सकल घरेलू उत्पादन) का 30.5 फीसदी पहुंच गया है, जोकि चिंताजनक स्थिति है। हालांकि इस श्रेणी में सबसे खराब स्थिति पड़ोसी राज्य पंजाब की है। पंजाब का कुल कर्ज उसकी जीएसडीपी का 42.9 फीसदी है। स्वयं के कर राजस्व संग्रह (ओटीआर) में हरियाणा देश में सभी राज्यों को पछाड़ते हुए &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="445" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/45-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/45-1.jpg 626w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/45-1-300x216.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>हरियाणा का कुल कर्जा जीएसडीपी (सकल घरेलू उत्पादन) का 30.5 फीसदी पहुंच गया है, जोकि चिंताजनक स्थिति है। हालांकि इस श्रेणी में सबसे खराब स्थिति पड़ोसी राज्य पंजाब की है। पंजाब का कुल कर्ज उसकी जीएसडीपी का 42.9 फीसदी है।</p>



<p>स्वयं के कर राजस्व संग्रह (ओटीआर) में हरियाणा देश में सभी राज्यों को पछाड़ते हुए शीर्ष पर पहुंच गया है। इसकी केंद्र पर निर्भरता भी बीते वर्षों में कम हुई है।</p>



<p>16वें वित्त आयोग की ताजा रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार 2023-24 में हरियाणा का ओटीआर उसके कुल कर राजस्व का 80 फीसदी रहा है। इस सूची में हरियाणा के साथ तेलगांना भी शीर्ष पर है। खुद के करों से तेलगांना ने भी 80 फीसदी तक राजस्व प्राप्त किया।</p>



<p><strong>अपने खर्च के लिए केंद्र पर निर्भरता नहीं<br></strong>इसका सीधा मतलब है कि हरियाणा अपने खर्चे के लिए खुद के राजस्व पर निर्भर है न कि केंद्र से मिलने वाले हिस्से पर। रिपोर्ट ने हरियाणा की आर्थिक स्थिति के कमजोर पहलुओं का भी जिक्र है। उसके अनुसार हरियाणा का कुल कर्जा जीएसडीपी (सकल घरेलू उत्पादन) का 30.5 फीसदी पहुंच गया है, जोकि चिंताजनक स्थिति है। हालांकि इस श्रेणी में सबसे खराब स्थिति पड़ोसी राज्य पंजाब की है। पंजाब का कुल कर्ज उसकी जीएसडीपी का 42.9 फीसदी है।</p>



<p><strong>प्रति व्यक्ति आय में हरियाणा तीसरे स्थान पर<br></strong>रविवार को पेश हुए आम बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026-2031 की अवधि के लिए केंद्र और राज्यों के बीच कर-राजस्व बंटवारे के लिए 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट जारी की है। इसमें हरियाणा समेत अन्य राज्यों की कर्ज व आर्थिक स्थिति और केंद्रीय कर में राज्यों की हिस्सेदारी का उल्लेख है।</p>



<p>रिपोर्ट के मुताबिक साल 2023-24 में 80 प्रतिशत के साथ हरियाणा ने कुल प्राप्तियों में अपने स्वयं के राजस्व का उच्चतम अनुपात दर्ज किया है और केंद्र के अनुदानों पर सबसे कम निर्भरता दर्ज की। ये आंकड़े उसकी मजबूत राजकोषीय स्वायत्तता को दर्शाते हैं। हरियाणा-तेलगांना के बाद इस सूची में कर्नाटक (75.7 प्रतिशत) और महाराष्ट्र (75.1 प्रतिशत) जैसे राज्य शामिल हैं। वहीं, मणिपुर (9.7 प्रतिशत) और अरुणाचल प्रदेश (13.5 प्रतिशत) केंद्र के अनुदानों और हस्तांतरण पर अत्यधिक निर्भर हैं। प्रति व्यक्ति आय के मामले में हरियाणा फिलहाल तीसरे स्थान पर है।</p>



<p><strong>राजस्व बढ़ाने के लिए करनी होगी मेहनत<br></strong>रिपोर्ट के मुताबिक कुल जीएसडीपी के मुकाबले कुल दायित्व (कर्ज व राजकोषीय घाटा का जोड़) के मामले में हरियाणा की स्थिति फिलहाल अच्छी नहीं है। राज्य का कुल कर्जा जीएसडीपी के अनुपात में 30.5 फीसदी तक पहुंच गया है, इसलिए हरियाणा को अपने राजस्व संग्रह को बढ़ाने के लिए और मेहनत करनी होगी। जीएसडीपी के मुकाबले कर्ज का उच्च स्तर होने से बुनियादी ढांचा निर्माण व अन्य विकासात्मक व्ययों के लिए वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता कम होती है। इससे विकास व राजस्व संग्रह भी प्रभावित होता है।</p>



<p><strong>जीएसडीपी के मुकाबले राज्यों का कुल कर्जा</strong></p>



<p><strong>राज्य कुल कर्ज व राजकोषीय घाटा (प्रतिशत में )<br></strong>पंजाब 42.9<br>पश्चिम बंगाल 38.3<br>बिहार 37<br>राजस्थान 37.9<br>मध्यप्रदेश 30.7<br>हरियाणा 30.5<br>तमिलनाडु 29.9<br>उत्तर प्रदेश 29.7</p>



<p><strong>यहां से इतना राजस्व मिला हरियाणा को<br></strong>स्टेट जीएसटी 32893<br>स्टांप ड्यूटी व रजिस्ट्रेशन फीस 12480<br>स्टेट टैक्स/वैट 11460<br>स्टेट एक्साइज 11400<br>गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन से 4740<br>बिजली पर टैक्स व ड्यूटी 575<br>भू राजस्व 25<br>राशि करोड़ में</p>



<p><strong>ओटीआर में राज्यों की स्थिति<br>राज्य अनुपात<br></strong>हरियाणा 80 फीसदी<br>तेलंगाना 80 फीसदी<br>कर्नाटक 75.7 फीसदी<br>महाराष्ट्र 75.1 फीसदी<br>तमिलनाडु 74 फीसदी<br>केरल 73 फीसदी<br>गुजरात 72 फीसदी<br>पंजाब 63 फीसदी</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
