रक्षा कवच – Live Halchal https://livehalchal.com Latest News, Updated News, Hindi News Portal Fri, 23 Jan 2026 06:24:04 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.10 https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg रक्षा कवच – Live Halchal https://livehalchal.com 32 32 उत्तराखंड में तैयार हुआ ‘रक्षा कवच’, इस तरह जंगल की आग पर होगा तुरंत एक्‍शन https://livehalchal.com/%e0%a4%89%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%96%e0%a4%82%e0%a4%a1-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%a4%e0%a5%88%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%b9%e0%a5%81%e0%a4%86/656237 Fri, 23 Jan 2026 06:23:49 +0000 https://livehalchal.com/?p=656237 जंगल की आग की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए उत्तराखंड वन विभाग ने तैयारियों को और सुदृढ़ करने की योजना बनाई है। प्रमुख वन संरक्षक (हाफ) आरके मिश्र ने स्पष्ट किया कि आग नियंत्रण एवं प्रबंधन के तहत फारेस्ट सर्वे आफ इंडिया (एफएसआइ) से प्राप्त फायर अलर्ट पर त्वरित और प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की …]]>

जंगल की आग की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए उत्तराखंड वन विभाग ने तैयारियों को और सुदृढ़ करने की योजना बनाई है। प्रमुख वन संरक्षक (हाफ) आरके मिश्र ने स्पष्ट किया कि आग नियंत्रण एवं प्रबंधन के तहत फारेस्ट सर्वे आफ इंडिया (एफएसआइ) से प्राप्त फायर अलर्ट पर त्वरित और प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही फील्ड स्तर पर निगरानी, संसाधनों की उपलब्धता और जनभागीदारी को प्राथमिकता दी जा रही है।

गुरुवार को वन मुख्यालय स्थित वीडियो कांफ्रेंसिंग कक्ष में जंगल की आग के प्रबंधन/ नियंत्रण की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रमुख मुख्य वन संरक्षक (हाफ) ने की। इसमें प्रमुख वन संरक्षक (नियोजन एवं वित्तीय प्रबंधन), अपर प्रमुख वन संरक्षक (वन्यजीव), मुख्य वन संरक्षक (अग्नि एवं आपदा प्रबंधन), वन पंचायत, गढ़वाल, शिवालिक सहित देहरादून, चकराता और मसूरी के प्रभागीय वनाधिकारी भौतिक रूप से तथा कुमाऊं मंडल सहित राज्यभर के वन संरक्षक/ निदेशक एवं प्रभागीय वनाधिकारी/उप निदेशक आनलाइन माध्यम से जुड़े।

वनों की सुरक्षा का ऐसे तैयार किया कवच
बैठक में मुख्य वन संरक्षक सुशांत कुमार पटनायक ने बताया कि कंट्रोल बर्निंग, फायर लाइन मेंटेनेंस, चीड़-पिरूल के संग्रहण, पिरूल आधारित ब्रिकेट्स यूनिटों की स्थापना, वनाग्नि प्रबंधन के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता, ग्राम पंचायत स्तरीय अग्नि सुरक्षा समितियों और जन-जागरूकता कार्यक्रमों की प्रगति पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यालय स्तर पर एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के साथ 1926 इंटीग्रेटेड हेल्पलाइन नंबर भी क्रियाशील है।

चीड़-पिरूल एकत्रीकरण के लिए 48 कलेक्शन सेंटर
चीड़-पिरूल एकत्रीकरण के लिए 48 कलेक्शन सेंटर स्थापित किए गए हैं और अगले दो वर्षों में 58 नए सेंटर स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही वर्तमान में नौ ब्रिकेट्स यूनिट कार्यरत हैं, जबकि आगामी दो वर्षों में 20 नई यूनिट स्थापित करने की योजना है। वन प्रभागों की ओर से फरवरी, 2026 के प्रथम सप्ताह में ‘ओण दिवस’ के आयोजन की तैयारी भी की जा रही है। विश्व बैंक परियोजना के तहत अति संवेदनशील प्रभागों को पहले चरण में 500 पर्सनल प्रोटेक्टिव गियर किट्स उपलब्ध कराई गई हैं।

वन विभागाध्यक्ष (हाफ) ने निर्देश दिए कि सभी जिलों के फायर प्लान जिलाधिकारियों से अनुमोदित कराकर तत्काल प्रेषित किए जाएं। फील्ड स्तर पर प्रस्तावित कंट्रोल बर्निंग और फायर लाइन मेंटेनेंस को प्राथमिकता से पूरा किया जाए।

ग्राम पंचायतों और स्थानीय समुदायों को जोड़ना होगा
जंगल की आग के दौरान ग्राम पंचायतों और स्थानीय समुदायों को जोड़ते हुए अधिक से अधिक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। पिरूल के फारवर्ड लिंकज के लिए उद्योग विभाग से समन्वय बढ़ाने और सभी क्रू स्टेशनों पर आवश्यक उपकरण व मानव संसाधन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

इन सात सुरक्षा प्रबंधन को उतारना होगा धरातल पर
एफएसआइ फायर अलर्ट पर तत्काल रिस्पांस और फीडबैक अनिवार्य
1438 क्रू स्टेशन, 40 कंट्रोल रूम, 174 वाच टावर से निगरानी मजबूत
1926 हेल्पलाइन के साथ एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर सक्रिय
चीड़-पिरूल संग्रहण: 48 सेंटर चालू, 58 नए सेंटर का लक्ष्य
पिरूल आधारित यूनिट: 9 यूनिट कार्यरत, 20 नई यूनिट प्रस्तावित
500 पीपीई किट्स अति संवेदनशील प्रभागों को उपलब्ध

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