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	<title>ये हैं खास बातें &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>जानिए जब दुल्हन के गुलदस्ते में फूल की जगह होता था लहसुन, ये हैं खास बातें</title>
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		<pubDate>Thu, 07 Dec 2017 10:49:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="347" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/12/7555_1512632920_618x347.jpeg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="जानिए जब दुल्हन के गुलदस्ते में फूल की जगह होता था लहसुन, ये हैं खास बातें" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/12/7555_1512632920_618x347.jpeg 618w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/12/7555_1512632920_618x347-300x168.jpeg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />लहसुन को लेकर राजस्थान में इन दिनों मामला कोर्ट की दहलीज तक पहुंच गया है जहां पर उसने सरकार से पूछा है कि लहसुन सब्जी है या मसाला. देखना दिलचस्प होगा कि राजस्थान सरकार इस पर क्या जवाब देती है. विवाद की जड़ यह है कि 2016 में राजस्थान सरकार की ओर से बनाए नए &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="347" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/12/7555_1512632920_618x347.jpeg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="जानिए जब दुल्हन के गुलदस्ते में फूल की जगह होता था लहसुन, ये हैं खास बातें" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/12/7555_1512632920_618x347.jpeg 618w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/12/7555_1512632920_618x347-300x168.jpeg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" /><p><strong>लहसुन को लेकर राजस्थान में इन दिनों मामला कोर्ट की दहलीज तक पहुंच गया है जहां पर उसने सरकार से पूछा है कि लहसुन सब्जी है या मसाला. देखना दिलचस्प होगा कि राजस्थान सरकार इस पर क्या जवाब देती है.<img decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-97032" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/12/7555_1512632920_618x347.jpeg" alt="जानिए जब दुल्हन के गुलदस्ते में फूल की जगह होता था लहसुन, ये हैं खास बातें" width="618" height="347" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/12/7555_1512632920_618x347.jpeg 618w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/12/7555_1512632920_618x347-300x168.jpeg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" /></strong></p>
<p><strong>विवाद की जड़ यह है कि 2016 में राजस्थान सरकार की ओर से बनाए नए कानून के मुताबिक लहसुन को अब अनाज मंडी में बेचा जाना चाहिए. इस नियम से पहले तक इसे सब्जी मंडी में बेचा जाता था. इस फैसले से लहसुन विक्रेताओं की कमाई पर सीधा असर पड़ने लगा है क्योंकि उनके मुताबिक सब्जी मंडी में बेचने पर बिचौलिए की ओर से छह फीसदी कमीशन मिलता है जबकि अनाज मंडी में दो फीसदी कमीशन मिलता है.</strong></p>
<p><strong>जारी बहस के बीच लहसुन की अपनी अहमियत पहले भी रही है और इसके जितने गुण हैं उससे आगे भी उसकी मांग बनी रहेगी. हमारे देश के हर क्षेत्र में लहसुन की खूब मांग रहती है. जानते हैं लहसुन से जुड़े 12 खास फैक्ट्स</strong></p>
<p><strong>-खेती की जाने वाली दुनिया की सबसे पुरानी फसलों में से लहसुन का इतिहास 5,000 साल से भी पुराना है. इसकी उत्पत्ति प्राचीन मिस्र में मानी जाती है. कहा जाता है कि उस समय पिरामिड बनाने के काम में लगे मजदूर अपनी ताकत बढ़ाने के लिए लहसुन खाया करते थे.</strong></p>
<p><strong>-लहसुन को प्याज की चचेरी बहन माना जाता है, और पूरी दुनिया में इसे पसंद करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है. इन्हें लिली की श्रेणी में रखा जाता है प्याज, लहसुन और ट्यूलिप के फूल एक ही प्रजाति के माने गए हैं.</strong></p>
<p><strong>-कैलिफोर्निया (अमेरिका) का गिलरो शहर लहसुन की पैदावर के लिए जाना जाता है. इसे लहसुन की वैश्विक राजधानी भी कहा जाता है और यहां हर साल लहसुन उत्सव भी मनाया जाता है, 19 अप्रैल को अमेरिका में नेशनल गारलिक डे भी मनाया जाता है.</strong></p>
<p><strong>-दुनियाभर में लहसुन की 300 तरह की वैरायटी पाई जाती है, खेती के लिए सूखा और गर्म क्षेत्र काफी उपयोगी रहता है. इसका वैज्ञानिक नाम एलियम सैटिवुम एल है.</strong></p>
<p><strong>-लहसुन की सबसे ज्यादा खेती (करीब 80%) चीन में की जाती है. 2014 में इसकी पैदावार 20 मिलियन टन रही थी.</strong></p>
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<p><strong>-भारत सबसे ज्यादा लहसुन पैदा करने के मामले में दूसरे पायदान पर है और यहां 2014 में 1.25 मिलियन टन की खेती हुई थी.</strong></p>
<p><strong>-लहसुन में एंटीबायोटिक, एंटीवायरल और एंटीफंगल की खासियत होती है. इसमें पाया जाने वाला केमिकल एलिसिन एक एंटीबायोटिक है. इसमें पेनिसिलिन जैसी खूबियां भी होती हैं. बुखार, खांसी जैसी कई छोटी-मोटी दिक्कतों को दूर करने में लहसुन का खूब इस्तेमाल किया जाता है. यह खून को पतला करने में भी सहायक है, जिन लोगों को कोलेस्ट्रोल की समस्या है उनके लिए लहसुन फायदेमंद होता है, साथ ही कैंसर और ह्दय रोग के लिए भी कारगर होता है.</strong></p>
<p><strong>-पहले और दूसरे विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटिश सैनिकों ने घायलों के घाव को और बढ़ने से रोकने के लिए लहसुन को एंटीसेप्टिक के रूप में इस्तेमाल किया था.</strong></p>
<p><strong>-प्राचीन मिस्र में दुल्हन अपने साथ गुलदस्ते में फूलों के बजाए जड़ी-बूटी और लहसुन ले जाया करती थीं.</strong></p>
<p><strong>-एक मिनट में सबसे ज्यादा लहसुन खाने का रिकॉर्ड नेपाल के दीपक शर्मा के नाम दर्ज है जिन्होंने एक मिनट में 34 लहसुन खाया था.</strong></p>
<p><strong>-लहसुन जमीन के नीचे उगती है और भारत में यह अक्टूबर-नबंवर के महीने में बोई जाती है, जबकि 5 महीने बाद अप्रैल के महीने में इसे उखाड़ा जाता है.</strong></p>
<p><strong>-रोमानिया में इसे बुरी आत्माओं और घर में किसी संकट या परेशानी को दूर करने के लिए लहसुन का इस्तेमाल किया जाता है. यहां के लोग आज भी बुरी आत्माओं से बचाने के लिए अपने घर के दरवाजों और खिड़कियों पर लहसुन की लड़ी बनाकर लटकाते हैं.</strong></p>
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