ये थी वजह – Live Halchal https://livehalchal.com Latest News, Updated News, Hindi News Portal Tue, 12 Jun 2018 06:51:14 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.9 https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg ये थी वजह – Live Halchal https://livehalchal.com 32 32 ..जब वनडे की पहली हैट्रिक का जश्न एक दिन बाद मना, ये थी वजह https://livehalchal.com/%e0%a4%9c%e0%a4%ac-%e0%a4%b5%e0%a4%a8%e0%a4%a1%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a4%b9%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b9%e0%a5%88%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a4%be/144054 Tue, 12 Jun 2018 06:51:14 +0000 http://www.livehalchal.com/?p=144054 क्रिकेट जगत में हैट्रिक का रोमांच हमेशा सिर चढ़कर बोला है. एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों की शुरुआती हैट्रिक 36 साल पहले (20 सितंबर 1982) लगी थी. इस अद्भुत तिकड़ी जमाने का कारनामा पाकिस्तान के मध्यम गति के तेज गेंदबाज जलालुद्दीन ने किया था. जलालुद्दीन आज (12 जून) 59 साल के हो गए. वे फिलहाल पाकिस्तानी महिला …]]>

क्रिकेट जगत में हैट्रिक का रोमांच हमेशा सिर चढ़कर बोला है. एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों की शुरुआती हैट्रिक 36 साल पहले (20 सितंबर 1982) लगी थी. इस अद्भुत तिकड़ी जमाने का कारनामा पाकिस्तान के मध्यम गति के तेज गेंदबाज जलालुद्दीन ने किया था. जलालुद्दीन आज (12 जून) 59 साल के हो गए. वे फिलहाल पाकिस्तानी महिला क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता हैं.क्रिकेट जगत में हैट्रिक का रोमांच हमेशा सिर चढ़कर बोला है. एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों की शुरुआती हैट्रिक 36 साल पहले (20 सितंबर 1982) लगी थी. इस अद्भुत तिकड़ी जमाने का कारनामा पाकिस्तान के मध्यम गति के तेज गेंदबाज जलालुद्दीन ने किया था. जलालुद्दीन आज (12 जून) 59 साल के हो गए. वे फिलहाल पाकिस्तानी महिला क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता हैं.  वनडे इंटरनेशनल में अब तक 44 हैट्रिक बन चुकी हैं. पहली हैट्रिक की बात करें, तो मजेदार तथ्य उभकर सामने आता है. यह जानकर आपको हैरानी होगी कि उस हैट्रिक का जश्न उस पल नहीं मना, बल्कि एक दिन बाद मना.  महज एक वनडे का अनुभव रखने वाले कराची के जलालुद्दीन को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू सीरीज में मौका दिया गया था. दरअसल, इमरान खान ने इंग्लैंड दौरे में जांघ की मांसपेशियों में खिंचाव के चलते खुद को आराम दिया था. उनकी गैरमौजूदगी में जहीर अब्बास ने टीम की कप्तानी संभाली थी.  हैदराबाद (सिंध) के नियाज स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी ली. पाकिस्तान ने 40 ओवरों के उस मैच में कंगारुओं को 230 रनों का लक्ष्य दिया. उसके सलामी बल्लेबाज मोहसिन खान ने 101 गेंदों पर शानदार 104 रन बनाए. जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने जबर्दस्त शुरुआत की.  ऑस्ट्रेलिया ने पहले विकेट के लिए 23 ओवरों में 104 रन जोड़े. इसके बाद तौसीफ अहमद ने तीन विकेट लेकर ऑस्ट्रेलियाई स्कोर को 109/3 कर दिया. हालांकि एलन बॉर्डर ओर जॉन डायसन की जोड़ी ने स्कोर को 157 तक पहुंचाया. जलालुद्दीन ने बॉर्डर को वापस भेजकर उस साझेदारी को तोड़ा.  अब बारी थी उस ऐतिहासिक ओवर की, जब जलालुद्दीन ने 162 के स्कोर पर लगातार गेंदों पर तीन विकेट चटकाए. सबसे पहले उस ओवर की चौथी गेंद पर जलालुद्दीन ने विकेटकीपर बल्लेबाज रोडनी मार्श को बोल्ड कर दिया. अगली गेंद पर ब्रूस यार्डले को वसीम बारी के हाथों विकेट के पीछे कैच कराया. और इसके बाद ज्योफ लॉसन को बोल्ड कर अपनी हैट्रिक पूरी की.  पाकिस्तान का यह नवोदित गेंदबाज इस हैट्रिक से खुश तो हुआ, लेकिन तब उसे नहीं पता था कि उसने वनडे क्रिकेट में पहली बार यह कारनामा कर दिखाया है. जलालुद्दीन ने बाद में स्वीकार किया कि मैच के अगले दिन रिकॉर्ड बुक खंगाले गए, तो इस वर्ल्ड रिकॉर्ड का खुलासा हुआ. जिससे उनकी खुशी दोगुनी हो गई.  ऑस्ट्रेलिया की टीम निर्धारित ओवरों में 170/9 रन ही बना पाई. पाकिस्तान ने 59 रनों से वह मैच जीत लिया. लेकिन 'मैन ऑफ द मैच' जलालुद्दीन को नहीं दिया गया. उस मैच में शतक जमाने वाले मोहसिन खान को यह अवॉर्ड मिला. जलालुद्दीन का करियर बड़ा नहीं रहा. वह इसके बाद 7 वनडे और 6 टेस्ट मैच ही खेल पाए.

वनडे इंटरनेशनल में अब तक 44 हैट्रिक बन चुकी हैं. पहली हैट्रिक की बात करें, तो मजेदार तथ्य उभकर सामने आता है. यह जानकर आपको हैरानी होगी कि उस हैट्रिक का जश्न उस पल नहीं मना, बल्कि एक दिन बाद मना.

महज एक वनडे का अनुभव रखने वाले कराची के जलालुद्दीन को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू सीरीज में मौका दिया गया था. दरअसल, इमरान खान ने इंग्लैंड दौरे में जांघ की मांसपेशियों में खिंचाव के चलते खुद को आराम दिया था. उनकी गैरमौजूदगी में जहीर अब्बास ने टीम की कप्तानी संभाली थी.

हैदराबाद (सिंध) के नियाज स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी ली. पाकिस्तान ने 40 ओवरों के उस मैच में कंगारुओं को 230 रनों का लक्ष्य दिया. उसके सलामी बल्लेबाज मोहसिन खान ने 101 गेंदों पर शानदार 104 रन बनाए. जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने जबर्दस्त शुरुआत की.

ऑस्ट्रेलिया ने पहले विकेट के लिए 23 ओवरों में 104 रन जोड़े. इसके बाद तौसीफ अहमद ने तीन विकेट लेकर ऑस्ट्रेलियाई स्कोर को 109/3 कर दिया. हालांकि एलन बॉर्डर ओर जॉन डायसन की जोड़ी ने स्कोर को 157 तक पहुंचाया. जलालुद्दीन ने बॉर्डर को वापस भेजकर उस साझेदारी को तोड़ा.

अब बारी थी उस ऐतिहासिक ओवर की, जब जलालुद्दीन ने 162 के स्कोर पर लगातार गेंदों पर तीन विकेट चटकाए. सबसे पहले उस ओवर की चौथी गेंद पर जलालुद्दीन ने विकेटकीपर बल्लेबाज रोडनी मार्श को बोल्ड कर दिया. अगली गेंद पर ब्रूस यार्डले को वसीम बारी के हाथों विकेट के पीछे कैच कराया. और इसके बाद ज्योफ लॉसन को बोल्ड कर अपनी हैट्रिक पूरी की.

पाकिस्तान का यह नवोदित गेंदबाज इस हैट्रिक से खुश तो हुआ, लेकिन तब उसे नहीं पता था कि उसने वनडे क्रिकेट में पहली बार यह कारनामा कर दिखाया है. जलालुद्दीन ने बाद में स्वीकार किया कि मैच के अगले दिन रिकॉर्ड बुक खंगाले गए, तो इस वर्ल्ड रिकॉर्ड का खुलासा हुआ. जिससे उनकी खुशी दोगुनी हो गई.

ऑस्ट्रेलिया की टीम निर्धारित ओवरों में 170/9 रन ही बना पाई. पाकिस्तान ने 59 रनों से वह मैच जीत लिया. लेकिन ‘मैन ऑफ द मैच’ जलालुद्दीन को नहीं दिया गया. उस मैच में शतक जमाने वाले मोहसिन खान को यह अवॉर्ड मिला. जलालुद्दीन का करियर बड़ा नहीं रहा. वह इसके बाद 7 वनडे और 6 टेस्ट मैच ही खेल पाए.

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दिमाग छोड़कर स्टीफन के शरीर का कोई भी अंग नहीं करता था काम, ये थी वजह https://livehalchal.com/%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%97-%e0%a4%9b%e0%a5%8b%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%80%e0%a4%ab%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b6%e0%a4%b0/125895 Wed, 14 Mar 2018 12:02:44 +0000 http://www.livehalchal.com/?p=125895 ब्लैक होल्स पर असाधारण रिसर्च करके उसकी थ्योरी मोड़ देने वाले महान वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग का 76 साल की उम्र में निधन हो गया है. आधुनिक विज्ञान की दुनिया में अपने ज्ञान और शोध के कारण वह दुनिया में एक अलग पहचान रखते थे. जानते हैं उनके जीवन के बारे में कुछ बातें: – वे …]]>

ब्लैक होल्स पर असाधारण रिसर्च करके उसकी थ्योरी मोड़ देने वाले महान वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग का 76 साल की उम्र में निधन हो गया है. आधुनिक विज्ञान की दुनिया में अपने ज्ञान और शोध के कारण वह दुनिया में एक अलग पहचान रखते थे.दिमाग छोड़कर स्टीफन के शरीर का कोई भी अंग नहीं करता था काम, ये थी वजह

जानते हैं उनके जीवन के बारे में कुछ बातें:

– वे अपनी शारीरिक अक्षमता के बावजूद आज विश्व के सबसे बड़े वैज्ञानिक थे. उन्हें मोटर न्यूरॉन नाम की बीमारी थी. इस बीमारी में मनुष्य का नर्वस सिस्टम धीरे-धीरे खत्म हो जाता है और शरीर के मूवमेंट करने और कम्यूनिकेशन पावर समाप्त हो जाती है. स्टीफन हॉकिंग के दिमाग को छोड़कर उनके शरीर का कोई भी भाग काम नहीं करता था.

– स्टीफन हॉकिंग ने एक बताया कि उनकी बीमारी ने उन्हें वैज्ञानिक बनाने में सबसे बड़ी भूमिका अदा की थी. बीमारी से पहले वे अपनी पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान नहीं देते थे लेकिन बीमारी के दौरान उन्हें लगने लगा कि वे अब जिंदा नहीं रहेंगे जिसके बाद उन्होंने अपना सारा ध्यान रिसर्च पर लगा दिया. हॉकिंग ने ब्लैक हॉल्स पर रिसर्च किया है.

– 1974 में ब्लैक हॉल्स पर असाधारण रिसर्च करके उसकी थ्योरी मोड़ देने के कारण वे साइंस की दुनिया के सेलेब्रेटी बन गए थे.  हॉकिंग ने अपने रिसर्च के माध्यम से यह कहा था कि ईश्वर ने यह दुनिया नहीं रची है बल्कि यह तो भौतिक विज्ञान के नियमों का नतीजा है.  अपनी किताब ‘ग्रांड डिजाइन’ में कहा था कि गुरुत्वाकर्षण जैसे कई नियम हैं और ब्राह्मांड कुछ नहीं से भी खुद को बना सकता है. ब्रह्मांड एक स्फूर्त सृजन का नतीजा है. 

– स्टीफन हॉकिंग ने अनुमान लगाया था कि ग्लोबल वार्मिंग और नए वायरसों के कारण संपूर्ण मानवता नष्ट हो सकती है.

– बता दें, ब्रिटेन के स्टीफन हॉकिंग की पीएचडी थीसिस को लाखों बार देखा गया है.

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JNU: डीन ऑफ स्टूडेंट्स को तीन घंटे तक बंधक बनाकर पीटा, ये थी वजह https://livehalchal.com/jnu-%e0%a4%a1%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%91%e0%a4%ab-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%82%e0%a4%a1%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%98/125682 Wed, 14 Mar 2018 05:31:28 +0000 http://www.livehalchal.com/?p=125682 जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय कैंपस में छात्रों ने एक बार फिर गुरु-शिष्य परंपरा को ठेस पहुंचाई है। कैंपस में सोमवार को पौने तीन घंटे तक डीन ऑफ स्टूडेंट्स प्रो. उमेश कदम को बंधक बनाकर मारपीट की।  इसके चलते उक्त अधिकारी को मानसिक आघात पहुंचा, हाथ में भी चोट लगी। इस मामले में चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर ने …]]>
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय कैंपस में छात्रों ने एक बार फिर गुरु-शिष्य परंपरा को ठेस पहुंचाई है। कैंपस में सोमवार को पौने तीन घंटे तक डीन ऑफ स्टूडेंट्स प्रो. उमेश कदम को बंधक बनाकर मारपीट की।JNU: डीन ऑफ स्टूडेंट्स को तीन घंटे तक बंधक बनाकर पीटा, ये थी वजह

 इसके चलते उक्त अधिकारी को मानसिक आघात पहुंचा, हाथ में भी चोट लगी। इस मामले में चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर ने पुलिस में शिकायत दे दी है, जबकि विश्वविद्यालय ने कमेटी गठित कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

जेएनयू के डीन ऑफ स्टूडेंट्स कार्यालय ने सोमवार सुबह दस बजे हॉस्टल की मेस फीस व लेट फीस पर जुर्माना राशि की बढ़ोतरी मामले पर नोटिस निकाला था। सोमवार सुबह साढ़े 11 बजे जेएनयू छात्रसंघ समेत हॉस्टल के अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारी अपनी मांगों को लेकर डीन ऑफ स्टूडेंट्स कार्यालय पहुंच गए। 

इसी बीच कुछ छात्रों ने प्रदर्शनकारियों को अंदर बुला लिया। साढ़े 11 बजे से पौने तीन बजे तक छात्रों ने प्रो. कदम को बंधक बनाकर लिखित में पूर्व में जारी सभी आदेशों को रद्द करने का दबाव बनाया। 

विश्वविद्यालय प्रबंधन के मुताबिक, छात्रों का उग्र रूप देखकर प्रो. कदम बाहर जाने लगे, लेकिन दरवाजा अंदर से बंद करते हुए उन्हें सोफे पर धक्का मार दिया। कुछ छात्रों ने पीटा भी, जिससे उनके बाएं हाथ में चोट लगी। प्रो. कदम का ब्लड प्रेशर हाई हो गया, जिसके चलते उन्हें मानसिक आघात पहुंचा।

उधर, इस मामले में प्रो. कदम ने चीफ प्रोक्टर को लिखित शिकायत दी है, जबकि चीफ सिक्योरिटी अधिकारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। गौरतलब है कि इससे पहले भी तीन बार छात्रों ने अपनी मांगें मनवाने के लिए कुलपति से लेकर अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को बंधक बनाकर मारपीट की है।

1973 के बाद पहली बार मेस फीस में बढ़ोतरी
वर्ष 1973 के बाद जेएनयू में पहली बार मेस फीस में बढ़ोतरी हुई है, जबकि मेस फीस समय पर न देने पर पहले एक रुपये जुर्माना लगता था, जिसे बढ़ाकर बीस रुपये किया गया है।

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श्रीदेवी नहीं चाहती थीं फिल्‍मों में काम करें जाह्नवी कपूर, ये थी वजह… https://livehalchal.com/%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b5%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a4%b9%e0%a5%80%e0%a4%82-%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%b9%e0%a4%a4%e0%a5%80-%e0%a4%a5%e0%a5%80%e0%a4%82-%e0%a4%ab/123240 Tue, 06 Mar 2018 12:28:35 +0000 http://www.livehalchal.com/?p=123240 मुंबई: बॉलीवुड की पहली महिला सुपरस्टार श्रीदेवी की बड़ी बेटी जाह्नवी का आज 21वां जन्मदिन है. जाह्नवी कुछ समय बाद ही बॉलीवुड में फिल्‍म ‘धड़क’ से डेब्‍यू करने वाली हैं. फिल्‍म के पोस्‍टर्स रिलीज हो चुके हैं. उनके फैंस को बेताबी से इस फिल्‍म का इंतजार है. पर क्‍या आप जानते हैं कि उनकी मां श्रीदेवी ये …]]>

मुंबई: बॉलीवुड की पहली महिला सुपरस्टार श्रीदेवी की बड़ी बेटी जाह्नवी का आज 21वां जन्मदिन है. जाह्नवी कुछ समय बाद ही बॉलीवुड में फिल्‍म ‘धड़क’ से डेब्‍यू करने वाली हैं. फिल्‍म के पोस्‍टर्स रिलीज हो चुके हैं. उनके फैंस को बेताबी से इस फिल्‍म का इंतजार है. पर क्‍या आप जानते हैं कि उनकी मां श्रीदेवी ये नहीं चाहती थीं कि जाह्नवी फिल्‍मों में काम करें.श्रीदेवी नहीं चाहती थीं फिल्‍मों में काम करें जाह्नवी कपूर, ये थी वजह...

मिड डे को दिए एक इंटरव्यू में श्रीदेवी ने खुद ये बात कही थी. उन्‍होंने कहा था, ‘उसे फिल्म (स्टूडेंट ओग द इयर 2) करनी थी और पहले मैं इस बात के फेवर में नहीं थी. मुझे नहीं लगता कि ये इंडस्ट्री बुरी है. मुझे इसी इंडस्ट्री ने बनाया है. लेकिन एक मां होने के नाते मुझे ज्यादा खुशी मिलेगी उसे शादी करता हुआ देखकर. लेकिन उसकी खुशी ज्यादा मायने रखती है. अगर वो एक कामयाब एक्ट्रेस बनती है तो मुझे गर्व होगा.’

इस इंटरव्‍यू के बाद चर्चा का दौर शुरू हो गया था. श्रीदेवी ऐसा कुछ भी कहेंगी इसकी किसी ने उम्मीद नहीं की थी. फिर ये खबरें भी आईं कि जिस तरह सैफ अपनी बेटी के बॉलीवुड डेब्‍यू से खुश नहीं हैं उसी तरह श्रीदेवी भी हैं. बता दें, जाह्नवी कपूर की फिल्‍म ‘धड़क’ मराठी फिल्म ‘सैराट’ का हिंदी रिमेक है. उनके अपोजिट शाहिद कपूर के भाई ईशान खट्टर नजर आएंगे. बता दें क‍ि ये जाह्नवी की पहली फिल्म है, जबकि शाहिद कपूर के छोटे भाई ईशान की प्रसिद्ध विदेशी निर्देशक माजिद माजिदी की फिल्म ‘बियॉन्ड द क्लाउड्स’ के बाद यह दूसरी फिल्म है. ‘धड़क’ इस साल जुलाई में रिलीज हो सकती है. 

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सिग्नल के भिखारी भी पहचानते थे श्रीदेवी की कार, ये थी वजह https://livehalchal.com/%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%a8%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ad%e0%a4%bf%e0%a4%96%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%ad%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a4%b9%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%a8/122574 Sun, 04 Mar 2018 12:44:20 +0000 http://www.livehalchal.com/?p=122574 फिल्मी पर्दे पर अपनी खूबसूरती से सभी को दीवाना बनाने वालीं बॉलीवुड की ‘चांदनी’ श्रीदेवी अब इस दुनिया में नहीं हैं. दुबई में निधन के बाद 28 फरवरी को मुंबई में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया था. श्रीदेवी को करीब से देखने-जानने वाले उनके बारे में नए-नए खुलासे कर रहे हैं. सीनियर जर्नलिस्ट जयप्रकाश …]]>

फिल्मी पर्दे पर अपनी खूबसूरती से सभी को दीवाना बनाने वालीं बॉलीवुड की ‘चांदनी’ श्रीदेवी अब इस दुनिया में नहीं हैं. दुबई में निधन के बाद 28 फरवरी को मुंबई में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया था. श्रीदेवी को करीब से देखने-जानने वाले उनके बारे में नए-नए खुलासे कर रहे हैं. सीनियर जर्नलिस्ट जयप्रकाश चौकसे ने भी हाल ही में श्रीदेवी से जुड़ी कुछ रोचक जानकारियां एक टीवी इंटरव्यू में साझा की हैं. उन्होंने बताया कि मुंबई के भिखारी भी श्रीदेवी की कार पहचानते थे. सिग्नल के भिखारी भी पहचानते थे श्रीदेवी की कार, ये थी वजह

चौकसे के मुताबिक एक दिन बोनी कपूर से मुलाकात करने मैं उनके घर गया था. देर शाम वापसी के दौरान मुझे एयरपोर्ट पहुंचना था. इत्तेफाक से उस दिन बोनी की कार खराब थी, तो श्रीदेवी ने अपनी कार ऑफर की और ड्राइवर को मुझे एयरपोर्ट छोड़ने को बोला.

जैसे ही कार श्रीदेवी के आवास के आस-पास किसी सिग्नल पर रुकती तो वहां किन्नर और भिखारी कार घेर लेते. फिर मुझे कार में बैठा देख हैरान होते. ऐसा कई बार हुआ, उनकी बातचीत से मुझे मालूम चला कि श्रीदेवी हमेशा इन लोगों से मिलती थीं और पैसे दिया करती थीं. श्रीदेवी को उन लोगों से लगाव था. वो उनके लिए बेहद सहानुभूति रखती थीं. वो इन लोगों को देने के लिए खूब ढेर सारे खुले पैसे रखती थीं.

बता दें कि दुबई के एक होटल में बाथटब में डूबने से श्रीदेवी की मौत हो गई थी. घटना 24 फरवरी की है.

श्रीदेवी एक रिश्तेदार की शादी समारोह के लिए परिवार के साथ दुबई गई थीं. उनके साथ पति बोनी कपूर और छोटी बेटी खुशी भी गई थीं. जाह्नवी फिल्म की शूटिंग की वजह से वहां जा नहीं पाई थी. हालांकि शादी के बाद बोनी और खुशी मुंबई लौट आए थे पर श्रीदेवी बेटियों की शॉपिंग और दूसरे काम के लिए कुछ दिन वहीं रुक गईं.

निधन के बाद जांच और तमाम औपचारिकताओं की वजह से श्रीदेवी की पार्थिव देह दो दिन बाद मुंबई लाई जा सकी. 28 फरवरी को राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया.

बोनी कपूर 24 फरवरी को दुबई पहुंचे थे. उनका मकसद श्रीदेवी को सरप्राइज देना था. उसी शाम डिनर पर जाने से पहले ये हादसा हो गया.

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