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	<title>यूरोपीय संघ &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>यूरोपीय संघ &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>&#8216;इंडिया बेहद जरूरी हो गया है&#8217;, ट्रंप के टैरिफ से भारत को फायदा, यूरोपीय संघ ने माना लोहा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 22 Jan 2026 04:43:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[यूरोपीय संघ]]></category>
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					<description><![CDATA[अमेरिका के टैरिफ की धमकियों के बीच भारत को यूरोपीय संघ का समर्थन मिला है। यूरोपीय संघ की विदेश मामलों की हाई रिप्रेजेंटेटिव काजा कल्लास ने दोनों रणनीतिक साझेदारों के संबंधों में महत्वपूर्ण बदलाव की बात कही। गणतंत्र दिवस 2026 समारोह में यूरोपीय संघ की शीर्ष लीडरशिप मुख्य अतिथि बनने वाली हैं। अमेरिका के टैरिफ &#8230;]]></description>
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<p>अमेरिका के टैरिफ की धमकियों के बीच भारत को यूरोपीय संघ का समर्थन मिला है। यूरोपीय संघ की विदेश मामलों की हाई रिप्रेजेंटेटिव काजा कल्लास ने दोनों रणनीतिक साझेदारों के संबंधों में महत्वपूर्ण बदलाव की बात कही। गणतंत्र दिवस 2026 समारोह में यूरोपीय संघ की शीर्ष लीडरशिप मुख्य अतिथि बनने वाली हैं।</p>



<p>अमेरिका के टैरिफ की धमकियों के बीच भारत और यूरोपीय संघ को एक-दूसरे का साथ मिल रहा है। भारत आने से कुछ दिन पहले, यूरोपीय यूनियन की विदेश मामलों और सुरक्षा नीति की हाई रिप्रेजेंटेटिव काजा कल्लास ने बुधवार, 21 जनवरी को दोनों रणनीतिक साझेदारों के बीच संबंधों को लेकर महत्वपूर्ण बदलाव की बात कही। कल्लास ने कहा, इस ज्यादा खतरनाक दुनिया में, हम दोनों एक साथ मिलकर काम करने से फायदा उठाएंगे।&#8217;</p>



<p>गणतंत्र दिवस 2026 के समारोह में इस बार मुख्य अतिथि के तौर पर यूरोपीय संघ की टॉप लीडरशिप शामिल हो सकती है। 26 जनवरी के कार्यक्रम के बाद 16वीं EU-इंडिया समिट का होना तय है। इसी समिट में कई बड़ी डील होने की उम्मीद है।</p>



<p><strong>भारत और EU के बीच बढ़ रही दोस्ती</strong><br>यूरोपीय संसद को संबोधित करते हुए काजा कल्लास ने कहा, &#8216;भारत यूरोप की आर्थिक मजबूती के लिए बहुत जरूरी होता जा रहा है और संकेत दिया कि EU नई दिल्ली के साथ व्यापार, सुरक्षा, टेक्नोलॉजी और लोगों के बीच संबंधों को लेकर एक शक्तिशाली नए एजेंडे पर काम करने के लिए तैयार है।</p>



<p>कल्लास ने EU और भारत के बीच होने वाली मीटिंग को काफी अहम बताया है। कल्लास ने कहा, EU और भारत ऐसे समय में एक-दूसरे के करीब आ रहे हैं जब नियमों पर आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था युद्धों, दबाव और आर्थिक बंटवारे के चलते तनाव में है।</p>



<p>कल्लास ने आगे कहा, &#8216;आज के समय में दो बड़े लोकतंत्र किसी भी तरह हिचकिचाने का जोखिम नहीं उठा सकते। हमारी जिम्मेदारी है कि हम अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और 21वीं सदी के लिए एक प्रभावी मल्टीलेटरल सिस्टम को बनाए रखें।</p>



<p><strong>भारत और EU के बीच तीन खास डील</strong><br>भारत और यूरोपीय संघ के बीच तीन बड़ी बातों पर डील हो सकती है। इनमें व्यापार समझौते से लेकर रक्षा से जुड़े मामले भी शामिल हैं।</p>



<p>27 जनवरी को यूरोपीय संघ-भारत व्यापार समझौते पर बातचीत पूरी हो सकती है। कल्लास ने कहा, इस डील से कई बड़े बदलाव होने की उम्मीद है। यह डील बाजार खोलेगी, रुकावटें हटाएगी और क्लीन टेक्नोलॉजी, फार्मास्यूटिकल्स और सेमीकंडक्टर जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सप्लाई चेन को मजबूत करेगी।<br>कल्लास ने आगे कहा कि वे अगले हफ्ते नई दिल्ली में EU-भारत सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पर हस्ताक्षर करने का इंतजार कर रही हैं। यह समझौता समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी और साइबर-रक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार करेगा। इसके साथ ही सूचना सुरक्षा समझौते पर बातचीत शुरू की जाएगी।<br>दोनों पक्षों ने मोबिलिटी पर सहयोग के लिए एक व्यापक ढांचे पर एक समझौता ज्ञापन (MOU) को अंतिम रूप देने की योजना बनाई है। उम्मीद है कि इससे श्रमिकों, छात्रों, शोधकर्ताओं और उच्च कुशल पेशेवरों की आवाजाही आसान होगी।</p>
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		<title>अमेरिका के खिलाफ यूरोपीय संघ , शुल्क लगाने को तैयार &#8230;</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Nandita Pal]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 13 Apr 2019 10:06:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
		<category><![CDATA[अमेरिका]]></category>
		<category><![CDATA[यूरोपीय संघ]]></category>
		<category><![CDATA[शुल्क]]></category>
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					<description><![CDATA[फ्रांस के वित्त मंत्री ब्रूनो ली मेयर ने चेतावनी दी है कि एयरबस को सब्सिडी देने के मुद्दे पर अमेरिका ने यूरोपीय संघ (ईयू) के खिलाफ शुल्क लगाया तो यूरोपीय देशों का यह समूह जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार है. साथ ही उन्होंने इस मसले का &#8216;सौहार्दपूर्वक समाधान&#8217; निकालने की अपील की है. फ्रांसीसी मंत्री &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>फ्रांस के वित्त मंत्री ब्रूनो ली मेयर ने चेतावनी दी है कि एयरबस को सब्सिडी देने के मुद्दे पर अमेरिका ने यूरोपीय संघ (ईयू) के खिलाफ शुल्क लगाया तो यूरोपीय देशों का यह समूह जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार है. साथ ही उन्होंने इस मसले का &#8216;सौहार्दपूर्वक समाधान&#8217; निकालने की अपील की है. फ्रांसीसी मंत्री ने अमेरिकी वित्त मंत्री स्टीवन म्यूचिन से मिलने के बाद मीडिया से कहा, &#8216;यदि हमारे विरुद्ध अमेरिका की ओर से अनुचित और अतार्किक प्रतिबंध लगाए गए तो यूरोप भी एक जुट होकर करारा जवाब देने को तैयार है.&#8217;</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="aligncenter wp-image-221024 size-full" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/04/air-india-1481547457_835x547.jpg" alt="" width="553" height="223" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/04/air-india-1481547457_835x547.jpg 553w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/04/air-india-1481547457_835x547-300x121.jpg 300w" sizes="(max-width: 553px) 100vw, 553px" /></p>
<p><strong>ट्रंप ने आयात शुल्क लगाने की दी थी चेतावनी</strong></p>
<p>हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि दोनों पक्षों के बीच इस तरह की कोई भी व्यापारिक कार्रवाई आर्थिक वृद्धि व अमेरिका और यूरोप दोनों की आर्थिक वृद्धि के लिए बुरी होगी. उन्होंने कहा, &#8216;हमें इससे बचना होगा. विश्व व्यापार संगठन के निष्कर्ष को देखते हुए मेरा मानना है कि अमेरिका और यूरोपीय संघ को एयरबस-बोइंग मामले के समाधान के लिए सौहार्दपूर्वक कोई समझौता करना चाहिए.&#8217; अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि यूरोपीय संघ ने एयरबस को सब्सिडी देनी बंद न किया तो अमेरिका उसके उत्पादों के खिलाफ अपने यहां नए आयात शुल्क लगाएगा.</p>
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<p><strong>20 अरब डॉलर का व्यापार प्रभावित होगा</strong></p>
<p>अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच बोइंग और एयरबस को गैर कानूनी तरीके से सरकारी सहायता देने को लेकर आरोप-प्रत्यारोप 14 साल से चला आ रहा है. यूरोपीय संघ सूत्रों ने कहा कि वह बुधवार को कुछ अमेरिकी उत्पादों की सूची जारी करेगा जिनपर यूरोपीय संघ मेंआयात शुल्क लगाए जा सकते हैं. सूत्र ने संकेत दिया कि इससे अमेरिका से यूरोपीय संघ में आने वाले करीब 20 अरब डॉलर के उत्पाद का व्यापार प्रभावित होगा.</p>
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