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	<title>यूजीसी &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>यूजीसी के नियमों के खिलाफ आज सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट</title>
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		<pubDate>Thu, 29 Jan 2026 06:03:20 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[यूजीसी]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="325" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/yoi-2.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/yoi-2.png 792w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/yoi-2-300x158.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/yoi-2-768x404.png 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए समता विनियमन (इक्विटी रेगुलेशन), 2026 को चुनौती देने वाली याचिकाओं के एक बैच पर सुनवाई करेगा। शीर्ष कोर्ट की वेबसाइट के अनुसार चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जोयमाल्या बागची की पीठ 29 जनवरी को इस मामले की सुनवाई करेगी। इससे पहले दिन में सुप्रीम कोर्ट &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="325" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/yoi-2.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/yoi-2.png 792w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/yoi-2-300x158.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/yoi-2-768x404.png 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए समता विनियमन (इक्विटी रेगुलेशन), 2026 को चुनौती देने वाली याचिकाओं के एक बैच पर सुनवाई करेगा। शीर्ष कोर्ट की वेबसाइट के अनुसार चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जोयमाल्या बागची की पीठ 29 जनवरी को इस मामले की सुनवाई करेगी।</p>



<p>इससे पहले दिन में सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई, जिसमें हाल ही में अधिसूचित विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नियमों को चुनौती दी गई थी। याचिका में आरोप लगाया गया है कि आयोग ने जाति आधारित भेदभाव की एक गैर-समावेशी परिभाषा अपनाई है और कुछ वर्गों को संस्थागत सुरक्षा से बाहर रखा गया है।</p>



<p>प्रेट्र के अनुसार, चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जोयमाल्या बागची की पीठ ने एक वकील की दलीलों पर गौर किया, जिन्होंने याचिका पर तात्कालिक सुनवाई की मांग की। वकील ने कहा- &#8221;इन नियमों से सामान्य वर्ग के खिलाफ भेदभाव की आशंका है। &#8221;</p>



<p>मुख्य न्यायाधीश ने कहा- &#8221;हमें पता है कि क्या चल रहा है। सुनिश्चित करें कि कमियां दूर हो जाएं। हम इसे सूचीबद्ध करेंगे।&#8221; 13 जनवरी को अधिसूचित नए नियमों में सभी उच्च शिक्षा संस्थानों को &#8221;समानता समितियों&#8221; का गठन करने का निर्देश दिया गया है, जो भेदभाव की शिकायतों की जांच करेंगी और समानता को बढ़ावा देंगी।</p>



<p>विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने) नियम, 2026 के अनुसार, इन समितियों में ओबीसी, एससी, एसटी, विकलांग व्यक्तियों और महिला सदस्य को शामिल करना अनिवार्य है।</p>



<p>नए नियम यूजीसी (उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने) नियम, 2012 को प्रतिस्थापित करते हैं। याचिका में आरोप लगाया गया है कि इसमें जाति आधारित भेदभाव को केवल अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़े वर्गों के खिलाफ परिभाषित किया गया है।</p>



<p>यूजीसी ने सामान्य या गैर-आरक्षित श्रेणियों के लोगों को संस्थागत सुरक्षा और शिकायत निवारण से प्रभावी ढंग से वंचित कर दिया है, जिन्हें उनकी जाति पहचान के आधार पर उत्पीड़न या भेदभाव का सामना करना पड़ सकता है।</p>



<p>याचिका में कहा गया है कि यह नियम अनुच्छेद 14 (बराबरी का अधिकार) और 15(1) (धर्म, नस्ल, जाति, ¨लग या जन्म स्थान के आधार पर राज्य द्वारा भेदभाव पर रोक) के तहत प्रदत्त मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करते हैं। इन नियमों के खिलाफ विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। छात्र समूह और विभिन्न संगठन इन्हें तत्काल वापस लेने की मांग कर रहे हैं।</p>
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		<title>यूजीसी ने लॉन्च की नेशनल अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग स्कीम, छात्रों को मिलेंगे ऑन-जॉब ट्रेनिंग के अवसर</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 31 Aug 2024 07:06:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कैरियर]]></category>
		<category><![CDATA[यूजीसी]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="362" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/ouoi-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/ouoi.jpg 641w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/ouoi-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने प्रशिक्षुता (Apprenticeship) के अवसरों तक पहुंच बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय प्रशिक्षुता प्रशिक्षण योजना (NATS 2.0) पोर्टल &#8211; nats.education.gov.in लॉन्च किया है। इस योजना के तहत छह माह से एक वर्ष तक की अवधि के लिए स्रातकों, डिप्लोमा छात्रों और व्यावसायिक प्रमाणपत्र धारकों को व्यावहारिक &#8216;ऑन-जॉब ट्रेनिंग&#8217; (OJT) आधारित कौशल अवसर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="362" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/ouoi-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/ouoi.jpg 641w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/ouoi-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने प्रशिक्षुता (Apprenticeship) के अवसरों तक पहुंच बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय प्रशिक्षुता प्रशिक्षण योजना (NATS 2.0) पोर्टल &#8211; nats.education.gov.in लॉन्च किया है। इस योजना के तहत छह माह से एक वर्ष तक की अवधि के लिए स्रातकों, डिप्लोमा छात्रों और व्यावसायिक प्रमाणपत्र धारकों को व्यावहारिक &#8216;ऑन-जॉब ट्रेनिंग&#8217; (OJT) आधारित कौशल अवसर प्रदान किया जाता है।</p>



<p>एनएटीएस 2.0 पोर्टल अभ्यर्थियों को प्रशिक्षुता के अवसर के लिए उपयुक्त एम्पलॉयर ढूंढने में मदद करेगा। इसके साथ ही यह अभ्यर्थियों को प्रशिक्षुता से संबंधित सभी गतिविधियों के लिए व्यापक समाधान भी प्रदान करेगा; जैसे पंजीकरण और आवेदन, नौकरियों का विज्ञापन, अनुबंध निर्माण, सर्टिफिकेशन और वजीफा वितरण।</p>



<p>प्रशिक्षुता के लिए वजीफा नियमों के अनुसार लागू होगा और पोर्टल के माध्यम से प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से वितरित किया जाएगा।</p>



<p>एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुरूप है, जो छात्रों के लिए ऊर्ध्वाधर और क्षैतिज गतिशीलता की सुविधा के लिए सामान्य शिक्षा के साथ व्यावसायिक शिक्षा को एकीकृत करने पर जोर देती है।</p>



<p>आधिकारिक बयान में कहा गया है, &#8220;एनएटीएस पोर्टल प्लेसमेंट और उद्योग के रुझानों पर मूल्यवान डेटा अंतर्दृष्टि प्रदान करेगा और पूर्ण प्रशिक्षुता के लिए मान्यता प्राप्त प्रमाणन प्रदान करेगा, कौशल अंतर को कम करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि छात्र नौकरी के लिए तैयार हैं।&#8221;</p>



<p><strong>NAT 2.0 के बारे में<br></strong>एनएटीएस कार्यक्रम भारत सरकार के राष्ट्रीय प्रमुख कार्यक्रम के तहत शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य युवाओं को विभिन्न विषयों में कौशल प्रदान करना था। एनएटीएस 2.0 पोर्टल उच्च शिक्षण संस्थानों (एचईआई) को भी लाभान्वित करेगा, क्योंकि इससे उनके छात्रों को एम्पलॉयर्स से जोड़ा जा सकेगा और प्रासंगिक कौशल और व्यावहारिक अनुभव के माध्यम से उनकी रोजगार क्षमता में वृद्धि होगी।</p>
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		<title>दिल्ली : यूजीसी ने राज्यों और विश्वविद्यालयों को भेजी गाइडलाइन</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 06 Feb 2024 12:25:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[गाइडलाइन]]></category>
		<category><![CDATA[यूजीसी]]></category>
		<category><![CDATA[विश्वविद्यालयों]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="351" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/02/delhi-4-2-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/02/delhi-4-2.jpg 832w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/02/delhi-4-2-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/02/delhi-4-2-768x436.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />स्नातक छात्रों को रोजगार से जोड़ने के पहले अब उन्हें इंटर्नशिप में पेशेवर तरीके से व्यवहार, ईमानदारी, नैतिक मूल्य भी सिखाए जाएंगे। इंडस्ट्री की मांग और इंडिया स्किल रिपोर्ट 2022 के आधार पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने एनईपी 2020 के तहत स्नातक प्रोग्राम के लिए इंटर्नशिप और रिसर्च इंटर्नशिप पॉलिसी 2024 तैयार करके राज्यों &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="351" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/02/delhi-4-2-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/02/delhi-4-2.jpg 832w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/02/delhi-4-2-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/02/delhi-4-2-768x436.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>स्नातक छात्रों को रोजगार से जोड़ने के पहले अब उन्हें इंटर्नशिप में पेशेवर तरीके से व्यवहार, ईमानदारी, नैतिक मूल्य भी सिखाए जाएंगे। इंडस्ट्री की मांग और इंडिया स्किल रिपोर्ट 2022 के आधार पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने एनईपी 2020 के तहत स्नातक प्रोग्राम के लिए इंटर्नशिप और रिसर्च इंटर्नशिप पॉलिसी 2024 तैयार करके राज्यों और विश्वविद्यालयों को भेज दी है। </p>



<p>अब कॉलेज पहले मार्केट सर्वे करेंगे और उसके बाद इंटर्नशिप करवाई जाएगी। इसके अलावा इंटर्नशिप के लिए सुपरवाइजर भी मिलेंगे, जोकि इंडस्ट्री और सरकारी विभागों में जाकर इंटर्नशिप के मौके तलाएंगे। जबकि नोडल अधिकारी पूरी निगरानी करेंगे। छात्रों को इंटर्नशिप में कमाई के साथ बीमा और क्रेडिट भी मिलेंगे।</p>



<p>विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के सचिव प्रोफेसर मनीष जोशी ने बताया कि नई इंटर्नशिप पॉलिसी-2024 इंडिया स्किल रिपोर्ट 2022, एनईपी 2020, करिकुलम एंड क्रेडिट फ्रेमवर्क के आधार पर तैयार की गई है। इसका मकसद स्नातक छात्रों में इंटर्नशिप के माध्यम रोजगार क्षमता में सुधार के साथ उन्हें पेशेवर तरीके से तैयार करना है। &nbsp;</p>



<p>शैक्षणिक सत्र 2024 से चार वर्षीय डिग्री और तीन वर्षीय डिग्री प्रोग्राम के छात्रों को इन्हीं नियमों के तहत इंटर्नशिप होगी। इंटर्नशिप से छात्रों को कक्षाओं में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान को वास्तविक दुनिया के बारे में जानने और सीखने का मौका मिलता है। यह व्यावहारिक अनुभव शैक्षणिक शिक्षा और व्यावहारिक कार्यान्वयन के बीच की दूरी को कम करेगी। छात्रों के लिए संचार, टीम वर्क, समस्या-समाधान और समय प्रबंधन सहित कौशल की एक विस्तृत शृंखला को विकसित और बदलावों के बारे में बताना जरूरी था।</p>



<p><strong>88.6 फीसदी को इंटर्नशिप की तलाश</strong><br>यूजीसी की विशेषज्ञ समिति ने नई इंटर्नशिप पॉलिसी को इंडिया स्किल रिपोर्ट-2022 की सिफारिशों के आधार पर तैयार किया है। इसके मुताबिक, पिछले तीन साल में युवाओं की रोजगार क्षमता में सुधार हुआ है। वर्ष 2020 में यह 45.97 फीसदी तो 2021 में 46.2 फीसदी और 2022 में यह 56 फीसदी तक पहुंच गई है। इसमें महिलाओं की रोजगार क्षमता 51.44 फीसदी है। जबकि वाणिज्य के क्षेत्र में स्नातक छात्रों की उच्चतम रोजगार योग्यता की रेटिंग लगभग 60.62 फीसदी थी। हालांकि, 88.6 फीसदी ग्रेजुएट इंटर्नशिप की भी तलाश में हैं। वहीं, इंडस्ट्री और कंपनियां कम से कम एक वर्ष का अनुभव रखने वाले कर्मियों को काम पर रखना पसंद करती हैं।</p>



<p><strong>रिसर्च, तकनीक, वैश्विक मांग के आधार पर प्रशिक्षण</strong><br>इंटर्नशिप में अब रिसर्च इंटर्नशिप जुड़ा है। छात्र को किताबी पढ़ाई और प्रशिक्षण के ज्ञान के साथ उन्हें समाज और आम लोगों के लिए काम आने वाले रिसर्च,स्थानीय बाजार व उद्योगों में काम करना होगा। वैश्विक मांग वाले क्षेत्र (ट्रेड,एग्रिकल्चर, बैकिंग, फाइनेंशियल, इंश्योरेंस, फॉस्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स, टूरिज्म एंड हॉस्पिटेलिटी,पब्लिक व लीगल पॉलिसी,इंवायरमेंट, एजुकेशन, कम्यूनिकेशन,कॉमर्स, छोटे उद्योग,इंटरनेट ऑफ थिकिंग, एआई, मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग,रियलिटी &#8211; वर्चुअल रियलिटी,हेल्थकेयर, लाइफ साइंस, ऑटोमोटिव, रिटेल, स्पोर्ट्स वेलनेस-फिजिकल एजुकेशन आदि में हाईब्रिड मोड से होगी।</p>



<p><strong>महत्वपूर्ण बिंदु</strong><br>&#8211; केंद्रीयकृत डिजिटल पोर्टल पर सभी छात्रों का पंजीकरण होगा। छात्रों का रोजगार से जोड़ने के लिए रिकार्ड रखा जाएगा। कोई भी नियाेक्ता सीधे इस पोर्टल से छात्र की जानकारी और प्रदर्शन जांच कर सकते हैं।<br>&#8211; हर छात्र को उच्च शिक्षण संस्थान के अलावा संबंधित इंटर्नशिप एरिया (जहां भी इंटर्नशिप के लिए जाएगा) में सुपरवाइजर और मेंटर मिलेगा।<br>&#8211; इंटर्नशिप में मूल्य आधारित कौशल भी जोड़ा जाएगा। स्थानीय उद्योगों और बाजारों के साथ मिलकर भी इंटर्नशिप कराई जाएगी।<br>&#8211; कैंपस में इंडस्ट्री रिलेशंस सेल बनेंगे, यूनिवर्सिटी-इंडस्ट्री डे भी मनाया जाएगा। संयुक्त रिसर्च प्रोजेक्ट को बढ़ावा मिलेगा। स्टूडेंट करियर काउंसलिंग सेल में विश्वविद्यालय और इंडस्ट्री दोनों के एक्सपर्ट होंगे।</p>



<p><strong>कमाई, बीमा के साथ क्रेडिट डिग्री में जुड़ेंगे</strong><br>तीन वर्षीय डिग्री प्रोग्राम, चार वर्षीय ऑनर्स, चार वर्षीय ऑनर्स विद रिसर्च प्रोग्राम के छात्रों के लिए चौथे वर्ष से इंटर्नशिप शुरू होगी। यह 60 से 120 घंटों की रहेगी, जिसके बदले उन्हें दो से चार क्रेडिट मिलेंगे। इंटर्नशिप में उन्हें रिसर्च प्रोजेक्ट, सोशल प्रोजेक्ट समेत अन्य क्षेत्रों में काम करना होगा। जबकि चार वर्षीय यूजी ऑनर्स विद रिसर्च के छात्रों को आठवें सेमेस्टर से एक अन्य इंटर्नशिप करनी होगी। यह पूरा एक सेमेस्टर चलेगी। इसमें उन्हें आठ से 12 क्रेडिट मिलेंगे। इंडस्ट्री को छात्रों को इंटर्नशिप के बदले पैसे और बीमा सुरक्षा भी देनी होगी।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>यूजीसी के मसौदा निर्देशों पर शिक्षा मंत्रालय की सफाई</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 29 Jan 2024 09:43:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[मंत्रालय]]></category>
		<category><![CDATA[मसौदा निर्देशों]]></category>
		<category><![CDATA[यूजीसी]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="370" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/01/national-1-30-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/01/national-1-30.jpg 823w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/01/national-1-30-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/01/national-1-30-768x460.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />शिक्षा मंत्रालय ने केंद्रीय अनुदान आयोग के एससी, एसटी या ओबीसी के शिक्षकों के पदों को खाली रहने पर आवश्यकतानुसार अनारक्षित करने के दिशा-निर्देशों के मसौदे पर अमल होने से साफ इनकार किया है। साथ ही यूजीसी अध्यक्ष ने भी अब तक खाली पड़े आरक्षित पदों को शीघ्र भरने की बात कही है। 2019 अधिनियम का &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="370" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/01/national-1-30-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/01/national-1-30.jpg 823w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/01/national-1-30-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/01/national-1-30-768x460.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>शिक्षा मंत्रालय ने केंद्रीय अनुदान आयोग के एससी, एसटी या ओबीसी के शिक्षकों के पदों को खाली रहने पर आवश्यकतानुसार अनारक्षित करने के दिशा-निर्देशों के मसौदे पर अमल होने से साफ इनकार किया है। साथ ही यूजीसी अध्यक्ष ने भी अब तक खाली पड़े आरक्षित पदों को शीघ्र भरने की बात कही है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">2019 अधिनियम का पालन करें सभी शिक्षण संस्थान: शिक्षा मंत्रालय</h3>



<p>शिक्षा मंत्रालय ने यूजीसी के प्रस्ताव का विरोध होने के बाद रविवार को एक्स पर पोस्ट जारी करके कहा कि केंद्रीय शिक्षण संस्थान (प्रध्यापकों के कैडर में आरक्षण) अधिनियम, 2019 के लागू होने के बाद से किसी भी आरक्षित पद को अनारक्षित नहीं किया जाएगा। शिक्षा मंत्रालय ने सभी केंद्रीय शिक्षण संस्थानों को सख्ती से 2019 अधिनियम का पालन करने को कहा है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">यूजीसी के प्रस्तावित मसौदे पर कांग्रेस ने जताई आपत्ति</h3>



<p>यूजीसी के प्रस्तावित मसौदे पर कांग्रेस ने कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि मोदी सरकार दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों के मुद्दों पर केवल प्रतीकों की राजनीति करती है। उसका उच्च शिक्षण संस्थानों में एससी, एसटी और ओबीसी पदों से यह आरक्षण खत्म करने की साजिश है।</p>



<p>कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने यूजीसी के इस प्रस्ताव को तत्काल वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि कुछ साल पहले आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत ने आरक्षण की समीक्षा किए जाने की बात की थी।</p>



<h3 class="wp-block-heading">जेएनयू के छात्र संगठन जेएनयूएसयू ने विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की</h3>



<p>अब उच्च शिक्षण संस्थानों में एससी, एसटी और ओबीसी को दिए जाने वाले आरक्षण को खत्म करने की साजिश हो रही है। वहीं, जेएनयू के छात्र संगठन जेएनयूएसयू ने इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है और वह यूजीसी के अध्यक्ष एम.जगदीश कुमार का पुतला भी फूंकेंगे।</p>



<p>इन दिशा-निर्देशों की आलोचना पर यूजीसी के अध्यक्ष एम.जगदीश कुमार ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय शिक्षण संस्थानों के प्राध्यापकों की सीधी भर्ती में सभी पदों के लिए आरक्षण यथावत कायम रहेगा। अनारक्षण की स्थिति न पहले हुई है और ना ही आगे होगी।</p>



<h3 class="wp-block-heading">यूजीसी के दिशा-निर्देशों के नए मसौदे में क्या कहा गया है?</h3>



<p>उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्रालय ने जल्द से जल्द केंद्रीय शिक्षण संस्थानों में बैकलाग वाले आरक्षित पदों को भरने के निर्देश भी दिए हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पहले यूजीसी के दिशा-निर्देशों के नए मसौदे में कहा गया कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित श्रेणी की रिक्त सीटों के पर्याप्त उम्मीदवार नहीं मिलने पर उसे अनारक्षित घोषित किया जा सकता है।</p>



<p>भारत सरकार की उच्च शिक्षा संस्थानों में आरक्षण नीति लागू करने के दिशा-निर्देश&#8217; के तहत यूजीसी समेत सभी हितधारकों से उनकी राय मांगी गई है।</p>



<p>उच्च शिक्षा को लेकर यूजीसी के दिशा-निर्देशों के नए मसौदे में कहा गया था कि निर्धारित कानून का पालन करते हुए एक रिक्त आरक्षित सीट से आरक्षण हटाया जा सकता है। यानी उसे अनारक्षित (अनरिजर्वड) के तौर पर भरा जा सकेगा।</p>



<p>मसौदे में कहा गया कि उच्च शिक्षण संस्थानों में रिक्त पद जो अनुसूचित जाति (एससी) या अनुसूचित जनजाति) या अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षित है, वह खाली रह जाने की स्थिति में आवश्यकतानुसार इन तीन आरक्षित श्रेणियों से इतर श्रेणी में भरा जा सकेगा। आमतौर पर सीधी भर्तियों के मामले में किसी भी आरक्षित पद को अनारक्षित करने पर प्रतिबंध रहता है।</p>
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		<title>यूजीसी ने फॉरेन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूट के लिए जारी किए ये सख्त नियम</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 16 Dec 2023 11:45:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जॉब्स]]></category>
		<category><![CDATA[फॉरेन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूट]]></category>
		<category><![CDATA[यूजीसी]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="350" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/12/job-2-9-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/12/job-2-9.jpg 763w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/12/job-2-9-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने हाल ही में एक अहम नोटिफिकेशन जारी किया है। इसके मुताबिक, कोई भी फॉरेन हायर एजुकेशनल इंस्ट्टीयूट आयोग की पूर्व मंजूरी के बिना भारत में कोई भी प्रोगाम ऑफर नहीं कर सकेगा। एचईआई (HEI) किसी फ्रेंचाइजी व्यवस्था के तहत प्रोगाम पेश नहीं करेंगे और ऐसे प्रोगाम को यूजीसी द्वारा मान्यता नहीं &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="350" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/12/job-2-9-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/12/job-2-9.jpg 763w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/12/job-2-9-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने हाल ही में एक अहम नोटिफिकेशन जारी किया है। इसके मुताबिक, कोई भी फॉरेन हायर एजुकेशनल इंस्ट्टीयूट आयोग की पूर्व मंजूरी के बिना भारत में कोई भी प्रोगाम ऑफर नहीं कर सकेगा। एचईआई (HEI) किसी फ्रेंचाइजी व्यवस्था के तहत प्रोगाम पेश नहीं करेंगे और ऐसे प्रोगाम को यूजीसी द्वारा मान्यता नहीं दी जाएगी। इस संंबंध में डिटेल्ड जानकारी करने के लिए उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट www.ugc.gov.in पर सूचना पढ़ सकते हैं। इसके अलावा, चाहें तो नीचे दिए गए डायरेक्ट लिंक पर क्लिक करके भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।</p>



<p><strong>यूजीसी ने किया आगाह&nbsp;</strong></p>



<p><strong></strong>यूजीसी ने अपने जारी नोटिस में यह भी कहा कि यह भी बात संज्ञान में आई है कि, कुछ एडटेक कंपनियां कुछ विदेशी विश्वविद्यालयों/संस्थानों के सहयोग से ऑनलाइन मोड में डिग्री और डिप्लोमा प्रोगाम की पेशकश करने वाले विज्ञापन समाचार पत्रों/सोशल मीडिया/टेलीविजन आदि में दे रही हैं। ऐसी फ्रेंचाइजी व्यवस्था की अनुमति नहीं है और ऐसे किसी भी कार्यक्रम/डिग्री को यूजीसी की मान्यता नहीं होगी। धोखाधड़ी करने वाली सभी एडटेक कंपनियों पर कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, यूजीसी ने छात्र-छात्राओं और पब्लिक को इस संबंध में अवेयर रहने के लिए कहा है। अब यूजीसी की ओर से जारी किए इस निर्देश के बाद छात्र-छात्राओं को और ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है, जिससे उनके साथ कोई फ्राड न हो।&nbsp;</p>



<p>एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यूजीसी द्वारा हाल ही में भारत में विदेशी विश्वविद्यालयों को अपने परिसरों को स्थापित करने और संचालित करने के लिए जारी हुए नियमों के बाद से दुनिया भर के कम से कम दस विश्वविद्यालयों ने विदेशी उच्च शिक्षा संस्थान (एफएचईआई) पोर्टल के साथ पंजीकरण कराया है।</p>
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