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	<title>यशोदा जयंती &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>यशोदा जयंती &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>यशोदा जयंती पर करें ये विशेष आरती</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 07 Feb 2026 05:35:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[यशोदा जयंती]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="334" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-06-213354.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-06-213354.png 769w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-06-213354-300x162.png 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />यशोदा जयंती का दिन वात्सल्य और ममता का प्रतीक है। हर साल फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को माता यशोदा का जन्मोत्सव मनाया जाता है। इस साल यह 7 फरवरी 2026 यानी आज के दिन मनाया जा रहा है। इस शुभ दिन पर उपवास रखने से जीवन में सुख-शांति आती है। साथ &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="334" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-06-213354.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-06-213354.png 769w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-06-213354-300x162.png 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>यशोदा जयंती का दिन वात्सल्य और ममता का प्रतीक है। हर साल फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को माता यशोदा का जन्मोत्सव मनाया जाता है। इस साल यह 7 फरवरी 2026 यानी आज के दिन मनाया जा रहा है। इस शुभ दिन पर उपवास रखने से जीवन में सुख-शांति आती है। साथ ही संतान प्राप्ति की कामना रखने वालों के लिए यह दिन बहुत महत्वपूर्ण है।</p>



<p>ऐसी मान्यता है कि इस दिन माता यशोदा की विधि-विधान से पूजा करने और उनकी विशेष आरती करने से संतान पर आने वाले सभी संकट टल जाते हैं और सुख-समृद्धि का वास होता है, तो आइए कान्हा की भव्य आरती करते हैं, जो इस प्रकार हैं –</p>



<p><strong>॥आरती बाल कृष्ण की कीजै॥<br></strong>तोतली बोलन मधुर सुहावै,</p>



<p>सखन संग खेलत सुख पावै ।</p>



<p>सोई सुक्ति जो इनको ध्यावे,</p>



<p>अब इनको अपना करि लीजै ॥</p>



<p>॥आरती बाल कृष्ण की कीजै…॥</p>



<p>आरती बाल कृष्ण की कीजै,</p>



<p>अपना जन्म सफल कर लीजै ॥</p>



<p>॥श्रीकृष्ण जी की आरती॥</p>



<p>आरती कुंजबिहारी की,</p>



<p>श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥</p>



<p>आरती कुंजबिहारी की,</p>



<p>श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥</p>



<p>गले में बैजंती माला,</p>



<p>बजावै मुरली मधुर बाला ।</p>



<p>श्रवण में कुण्डल झलकाला,</p>



<p>नंद के आनंद नंदलाला ।</p>



<p>गगन सम अंग कांति काली,</p>



<p>राधिका चमक रही आली ।</p>



<p>लतन में ठाढ़े बनमाली</p>



<p>भ्रमर सी अलक,</p>



<p>कस्तूरी तिलक,</p>



<p>चंद्र सी झलक,</p>



<p>ललित छवि श्यामा प्यारी की,</p>



<p>श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥</p>



<p>आरती कुंजबिहारी की,</p>



<p>श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥</p>



<p>कनकमय मोर मुकुट बिलसै,</p>



<p>देवता दरसन को तरसैं ।</p>



<p>गगन सों सुमन रासि बरसै ।</p>



<p>बजे मुरचंग,</p>



<p>मधुर मिरदंग,</p>



<p>ग्वालिन संग,</p>



<p>अतुल रति गोप कुमारी की,</p>



<p>श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥</p>



<p>आरती कुंजबिहारी की,</p>



<p>श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥</p>



<p>जहां ते प्रकट भई गंगा,</p>



<p>सकल मन हारिणि श्री गंगा ।</p>



<p>स्मरन ते होत मोह भंगा</p>



<p>बसी शिव सीस,</p>



<p>जटा के बीच,</p>



<p>हरै अघ कीच,</p>



<p>चरन छवि श्री बनवारी की,</p>



<p>श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥</p>



<p>आरती कुंजबिहारी की,</p>



<p>श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥</p>



<p>चमकती उज्ज्वल तट रेनू,</p>



<p>बज रही वृंदावन बेनू ।</p>



<p>चहुं दिसि गोपि ग्वाल धेनू</p>



<p>हंसत मृदु मंद,</p>



<p>चांदनी चंद,</p>



<p>कटत भव फंद,</p>



<p>टेर सुन दीन दुखारी की,</p>



<p>श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥</p>



<p>आरती कुंजबिहारी की,</p>



<p>श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥</p>



<p>आरती कुंजबिहारी की,</p>



<p>श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥</p>



<p>आरती कुंजबिहारी की,</p>



<p>श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥</p>



<p><strong>।।यशोदा के लाल भजन।।<br></strong>जय हो जय हो तेरी माँ यशोदा के लाल,<br>ले के अवतार आना गज़ब हो गया,<br>त्रेता युग में थे तुम आये द्वापर में भी,<br>त्रेता युग में थे तुम आये द्वापर में भी,<br>तेरा कलयुग में आना गज़ब हो गया,<br>जय हो जय हो तेरी माँ यशोदा के लाल ॥<br>जब लगे पाप धरती पे बढ़ने तभी,<br>आके दुष्टो को तुमने संहारा तभी,<br>राम बनकर के मारे रावण को कभी,<br>प्राण कंस के हरना गज़ब हो गया,<br>जय हो जय हो तेरी मां यशोदा के लाल,<br>ले के अवतार आना गज़ब हो गया,<br>जय हो जय हो तेरी माँ यशोदा के लाल ॥<br>जब लगे तुम सखाओ के संग खेलने,<br>आ गए देव सारे ये पल देखने,<br>गेंद जाकर गिरी कालियादेह में,<br>नाग नथकर के आना गज़ब हो गया,<br>जय हो जय हो तेरी मां यशोदा के लाल,<br>ले के अवतार आना गज़ब हो गया,<br>जय हो जय हो तेरी माँ यशोदा के लाल ॥<br>आज तेरा मनाए हम जन्मोदिवस,<br>सबकी आँखों में तुम ही बसे हो प्रभु,<br>आके दीदार दे दो घडी के लिए,<br>तेरा पल भर को आना गज़ब हो गया,<br>जय हो जय हो तेरी मां यशोदा के लाल,<br>ले के अवतार आना गजब हो गया,<br>जय हो जय हो तेरी माँ यशोदा के लाल ॥<br>जय हो जय हो तेरी माँ यशोदा के लाल,<br>ले के अवतार आना गज़ब हो गया,<br>त्रेता युग में थे तुम आये द्वापर में भी,<br>त्रेता युग में थे तुम आये द्वापर में भी,<br>तेरा कलयुग में आना गज़ब हो गया,<br>जय हो जय हो तेरी माँ यशोदा के लाल ॥</p>
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		<title>यशोदा जयंती पर बन रहे हैं कई शुभ-अशुभ योग</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 18 Feb 2025 04:45:18 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
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		<category><![CDATA[यशोदा जयंती]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="611" height="442" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-415-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-415.jpg 611w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-415-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 611px) 100vw, 611px" />आज यानी 18 फरवरी को यशोदा जयंती का पर्व मनाया जा रहा है। यह त्योहार मां यशोदा को समर्पित है। मान्यता है कि इस दिन मां यशोदा की पूजा करने से जीवन के दुख दूर होते हैं। फाल्गुन की इस शुभ तिथि पर कई शुभ योग (Today Shubh Yog) बन रहे हैं तो चलिए पंचांग &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="611" height="442" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-415-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-415.jpg 611w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-415-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 611px) 100vw, 611px" />
<p>आज यानी 18 फरवरी को यशोदा जयंती का पर्व मनाया जा रहा है। यह त्योहार मां यशोदा को समर्पित है। मान्यता है कि इस दिन मां यशोदा की पूजा करने से जीवन के दुख दूर होते हैं। फाल्गुन की इस शुभ तिथि पर कई शुभ योग (Today Shubh Yog) बन रहे हैं तो चलिए पंचांग (Aaj ka Panchang 2025) से जानते हैं आज का शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय।</p>



<p>फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि आज यानी 18 फरवरी को है। इस तिथि पर हर साल यशोदा जयंती (Yashoda Jayanti 2025) मनाई जाती है। धार्मिक मान्यता है कि यशोदा जंयती व्रत करने से घर में सुख-शांति का वास बना रहता है। षष्ठी तिथि पर कई शुभ और अशुभ योग का निर्माण हो रहा है। ऐसे में चलिए पंडित हर्षित शर्मा जी से जानते हैं आज का पंचांग और शुभ मुहूर्त (Today Puja Time) के विषय में।</p>



<p><strong>आज का पंचांग (Aaj ka Panchang 18 February 2025)</strong></p>



<p>सूर्योदय और सूर्यास्त का समय<br>सूर्योदय – सुबह 06 बजकर 57 मिनट पर<br>सूर्यास्त – शाम 06 बजकर 13 मिनट पर<br>चन्द्रोदय- रात सुबह 11 बजकर 26 मिनट पर<br>चंद्रास्त- सुबह 09 बजकर 49 मिनट पर<br>वार – मंगलवार<br>ऋतु – शिशिर</p>



<p><strong>शुभ समय (Today Shubh Muhurat)</strong><br>ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 05 बजकर 15 मिनट से 06 बजकर 06 मिनट तक<br>विजय मुहूर्त – दोपहर 02 बजकर 28 मिनट से 03 बजकर 13 मिनट तक<br>गोधूलि मुहूर्त – शाम 06 बजकर 11 मिनट से 06 बजकर 37 मिनट तक<br>निशिता मुहूर्त – रात 12 बजकर 09 मिनट से 01 बजे तक</p>



<p><strong>अशुभ समय</strong><br>राहुकाल – दोपहर 03 बजकर 24 मिनट से 04 बजकर 49 मिनट तक<br>गुलिक काल – दोपहर 12 बजकर 35 मिनट से 02 बजे तक<br>दिशा शूल – उत्तर<br>नक्षत्र के लिए उत्तम ताराबल – भरणी, रोहिणी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती<br>राशि के लिए उत्तम चन्द्रबलम – मेष, वृषभ, सिंह, तुला, धनु, मकर</p>



<p><strong>भगवान श्रीकृष्ण के मंत्र</strong><br>ॐ कृष्णाय नमः<br>हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे ।<br>हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे ।।<br>ॐ श्री कृष्णः शरणं ममः<br>ॐ देव्किनन्दनाय विधमहे वासुदेवाय धीमहि तन्नो कृष्ण:प्रचोदयात<br>ॐ नमो भगवते तस्मै कृष्णाया कुण्ठमेधसे।<br>सर्वव्याधि विनाशाय प्रभो माममृतं कृधि।।<br>ॐ नमो भगवते श्री गोविन्दाय<br>परेशानियी दूर करने वाला मंत्र<br>हे कृष्ण द्वारकावासिन् क्वासि यादवनन्दन।<br>आपद्भिः परिभूतां मां त्रायस्वाशु जनार्दन।।</p>
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