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	<title>यमुना &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>यमुना &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>यमुना की सफाई के लिए एक्शन मोड में दिल्ली सरकार</title>
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		<pubDate>Thu, 18 Dec 2025 06:16:37 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[यमुना]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="337" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/Screenshot-2025-12-17-221511-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/Screenshot-2025-12-17-221511.png 735w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/Screenshot-2025-12-17-221511-medium.png 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />कई साल से फाइलों और घोषणाओं में उलझी यमुना सफाई अब सीधे कार्रवाई के रास्ते पर आ गई है। दिल्ली सरकार ने यमुना में गिरने वाले नालों को प्रदूषण के स्रोत पर ही रोकने के लिए 32 अत्याधुनिक हाई-कैपेसिटी सफाई मशीनों की तैनाती को मंजूरी दी है। मार्च तक सभी मशीनें पूरी तरह ऑपरेशनल होंगी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="337" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/Screenshot-2025-12-17-221511-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/Screenshot-2025-12-17-221511.png 735w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/Screenshot-2025-12-17-221511-medium.png 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>कई साल से फाइलों और घोषणाओं में उलझी यमुना सफाई अब सीधे कार्रवाई के रास्ते पर आ गई है। दिल्ली सरकार ने यमुना में गिरने वाले नालों को प्रदूषण के स्रोत पर ही रोकने के लिए 32 अत्याधुनिक हाई-कैपेसिटी सफाई मशीनों की तैनाती को मंजूरी दी है। मार्च तक सभी मशीनें पूरी तरह ऑपरेशनल होंगी और अभियान की शुरुआत नजफगढ़ ड्रेन से की जाएगी, जिसे यमुना का सबसे बड़ा प्रदूषण स्रोत माना जाता है।</p>



<p>यमुना को प्रदूषण से मुक्त करने के लिए सरकार ने इस बार प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि तकनीक आधारित और लगातार चलने वाला अभियान शुरू किया है। इस बार योजना का मकसद साफ है, बिना उपचारित कीचड़, सिल्ट और ठोस कचरे को यमुना में पहुंचने से पहले ही नालों में रोका जाएगा। अब तक पारंपरिक तरीके नाकाम रहे हैं। इसके लिए बड़े स्तर पर यांत्रिक सफाई की जाएगी। पहले चरण में नजफगढ़ ड्रेन की गहरी सफाई की जाएगी। यहां काम पूरा होने के बाद मशीनों को अन्य प्रमुख नालों और यमुना के चिन्हित हिस्सों में तैनात किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबकि, ये अभियान दिन-रात चलेगा और हटाए गए कचरे व सिल्ट का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाएगा।</p>



<p><strong>इसी महीने योजना का पहला कदम उठाया<br></strong>एक एम्फीबियस मल्टी पर्पज ड्रेजर फिनलैंड से दिसंबर के अंतिम सप्ताह में दिल्ली पहुंचेगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नदी और वेटलैंड पुनर्जीवन में इस्तेमाल होने वाली ये मशीनें जनवरी से पूरी क्षमता के साथ काम शुरू करेंगी। इससे यांत्रिक सफाई की रफ्तार कई गुना बढ़ने की उम्मीद है। सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने कहा है कि यमुना सफाई अब बयानबाजी तक सीमित नहीं रहेगी। इस बार मशीनें जमीन पर उतरेंगी और नतीजे दिखेंगे।</p>



<p><strong>पहले की लापरवाही पर उठाए सवाल<br></strong>मंत्री ने पिछली सरकार की लापरवाही पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यमुना में आज जो हालात हैं, वे लंबे समय की अनदेखी और पुराने सिस्टम का नतीजा हैं। अब आधुनिक मशीनें, सख्त निगरानी और तय जवाबदेही के साथ इस चक्र को तोड़ा जाएगा। भारी प्रदूषण भार को देखते हुए नजफगढ़ ड्रेन को प्राथमिकता दी गई है। सरकार की रणनीति है कि नाले साफ होंगे तो प्रदूषण अपने आप घटेगा और यमुना में सुधार साफ नजर आएगा। मंत्री ने साफ कहा कि इस काम में न कोई बहाना चलेगा और न कोई ढिलाई।</p>



<p><strong>आधुनिक मशीनें तेजी से करेंगी सफाई<br></strong>अधिकारियों के मुताबिक, एम्फीबियस मशीनें गहरे, दलदली और जलभराव वाले इलाकों में भी काम कर सकेंगी, जबकि हॉपर बार्ज सफाई सामग्री को तेजी से हटाने में मदद करेंगी। रोजाना प्रगति की निगरानी और विभागों के बीच तालमेल की व्यवस्था भी की गई है, ताकि यह अभियान किसी मौसम तक सीमित न रहे। सरकार का दावा है कि मशीनें, मैनपावर और राजनीतिक इच्छाशक्ति एक साथ मैदान में उतर रही हैं। मंत्री ने कहा कि संदेश साफ है, यमुना सफाई अब इरादों से आगे बढ़कर स्थायी कार्रवाई की ओर बढ़ चुकी है।</p>



<p><strong>यमुना सफाई के लिए लाई जा रहीं 32 विशेष मशीनें<br></strong>8 लॉन्ग बूम एम्फीबियस एक्स्केवेटर<br>6 लॉन्ग बूम हाइड्रोलिक एक्स्केवेटर<br>2 एम्फीबियस मल्टी पर्पज ड्रेजर<br>6 सेल्फ प्रोपेल्ड, सेल्फ अनलोडिंग हॉपर बार्ज<br>3 मिनी एम्फीबियस एक्स्केवेटर<br>2 वीड हार्वेस्टर मशीनें<br>2 व्हील्ड स्किड स्टीयर लोडर<br>2 क्रॉलर मिनी हाइड्रोलिक एक्स्केवेटर<br>1 सुपर सकर कम जेटिंग मशीन</p>



<p></p>
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		<title>दिल्ली में डिटर्जेंट और गंदे पानी ने बिगाड़ी यमुना की हालत</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 27 Oct 2025 06:19:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[यमुना]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="351" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/gbnmm-5-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/gbnmm-5.jpg 742w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/gbnmm-5-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />आस्था के महापर्व छठ पूजा पर जीवनदायिनी यमुना के कई घाटों पर पानी डुबकी लगाने पर संकट खड़ा हो गया है। इसकी वजह नदी की सतह पर सफेद झाग की मोटी परत का फैलना है। सरकार के दावों के बीच ऊर्जा और संसाधन संस्थान (टेरी) की हालिया रिपोर्ट ने साफ यमुना को लेकर चिंता बढ़ा &#8230;]]></description>
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<p>आस्था के महापर्व छठ पूजा पर जीवनदायिनी यमुना के कई घाटों पर पानी डुबकी लगाने पर संकट खड़ा हो गया है। इसकी वजह नदी की सतह पर सफेद झाग की मोटी परत का फैलना है। सरकार के दावों के बीच ऊर्जा और संसाधन संस्थान (टेरी) की हालिया रिपोर्ट ने साफ यमुना को लेकर चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि यमुना में झाग का जिम्मेदार डिटर्जेंट और नालों से आने वाला गंदा पानी है। ओखला बैराज के पास पानी में प्रदूषण इतना बढ़ गया है कि श्रद्धालुओं को सोचने को विवश होना पड़ रहा है कि आखिर छठ की पवित्र डुबकी इस पानी में कैसे लगाई जाए?</p>



<p>टेरी ने दिल्ली सरकार के लिए एक विस्तृत रिपोर्ट और कार्ययोजना तैयार की है, जिसमें झाग बनने के कारणों की पहचान की गई है और उसे रोकने के लिए कई ठोस सुझाव दिए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, यमुना में झाग तब बनता है जब नदी में मौजूद गंदा पानी, डिटर्जेंट में पाए जाने वाले रसायन (सर्फेक्टेंट) और पानी की तेजी या अशांति आपस में मिल जाते हैं।</p>



<p>यह समस्या ओखला बैराज के पास अधिक देखने को मिलती है, जहां गेट खुलने पर पानी में कीचड़ हिलता है और झाग उठने लगता है। अध्ययन में बताया गया है कि यमुना में गिरने वाले बिना साफ नाले और फॉस्फेट वाले डिटर्जेंट झाग की सबसे बड़ी वजह हैं। इसे रोकने के लिए टेरी ने दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) को सुझाव दिया गया है कि वह पानी की जांच में अमोनिया और फॉस्फेट स्तर को भी शामिल करें। साथ ही, धोबी घाटों और कपड़े धोने वाले केंद्रों में छोटे-छोटे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) लगाए जाएं।</p>
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		<title>दिल्ली:  यमुना शांत, लेकिन टेंट में रात-दिन गुजारना मुश्किल</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 12 Sep 2025 06:03:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[यमुना]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="337" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/ffgh-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/ffgh.jpg 718w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/ffgh-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />यमुना का जलस्तर सामान्य हो गया है, फिर भी लोग चिल्ला, यमुना खादर, विकास मार्ग, पुराना उस्मानपुर और गढ़ी मांडू समेत अन्य जगहों पर सड़क पर टेंट लगाकर रहे हैं। लोगों ने बताया कि अब उनके पास पर्याप्त राशन भी नहीं बचा है जाे कुछ भी था वह बाढ़ में बर्बाद हो गया है। इन &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="337" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/ffgh-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/ffgh.jpg 718w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/ffgh-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>यमुना का जलस्तर सामान्य हो गया है, फिर भी लोग चिल्ला, यमुना खादर, विकास मार्ग, पुराना उस्मानपुर और गढ़ी मांडू समेत अन्य जगहों पर सड़क पर टेंट लगाकर रहे हैं। लोगों ने बताया कि अब उनके पास पर्याप्त राशन भी नहीं बचा है जाे कुछ भी था वह बाढ़ में बर्बाद हो गया है। इन लोगों ने आरोप लगाया कि बाढ़ के एक-दो दिन तक सरकार की ओर से मदद की गई, लेकिन पानी कम होने के बाद प्रशासन की ओर से न के बराबर मदद की जा रही है।</p>



<p>लोगों ने बताया कि पहले गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) की ओर से यहां पर हर घंटे कुछ न कुछ मदद मिल जाती थी, लेकिन अब वह भी कम हो चुकी है। बाढ़ प्रभावितों ने बताया कि यमुना का पानी कम होते ही वह अपने घरों तक गए लेकिन खाने-पीने का सारा सामान खराब हो चुका था। जो बची हुई चीजें थीं वह साथ लेकर आ गए। कोई संस्था खाने-पीने की चीजें लेकर मदद के लिए पहुंचती है, तो लंबी कतार की वजह से हर जरूरतमंद तक सामान नहीं पहुंच पाता है।</p>



<p><strong>दानदाताओं में फोटो लेने की होड़</strong><br>लोगों ने बताया कि यहां पर कुछ लोग ऐसे भी आते हैं, जो दान करते वक्त हर एक व्यक्ति की फोटो क्लिक करते रहते हैं। वह थोड़ा सा भी कुछ देते हैं, तो वह पहले उसकी फोटो लेते हैं और वीडियो बनाते हैं। फिर उसके बाद वह लोगों की मदद करते हैं। ऐसे में लोग मदद लेते वक्त खुद को शर्मिंदा महसूस करते हैं।</p>



<p>टेंट में रात-दिन गुजारना बहुत मुश्किल हो रहा है। किसी तरह हम लोग यहां पर रहे हैं। शुरू-शुरू में यहां कई लोग मदद के लिए आते थे, लेकिन पानी कम होने के बाद अब यहां पर लोगों ने आना कम कर दिया है।</p>
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		<title>खतरे के निशान की तरफ बढ़ रही गंगा, यमुना भी करीब</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 09 Sep 2025 05:35:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[गंगा]]></category>
		<category><![CDATA[यमुना]]></category>
		<category><![CDATA[सिंचाई विभाग]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="343" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/r-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/r.jpg 1008w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/r-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/r-768x426.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />सिंचाई विभाग की सोमवार शाम चार बजे की रिपोर्ट के अनुसार फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 84.01 मीटर पहुंच गया था। गंगा के जलस्तर में प्रतिघंटे दो सेमी की बढ़ोतरी भी दर्ज की गई। नैनी में यमुना का जलस्तर 83.81 मीटर पहुंच गया और इसमें प्रतिघंटे 1.50 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। गंगा-यमुना नदियों &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="343" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/r-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/r.jpg 1008w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/r-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/r-768x426.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>सिंचाई विभाग की सोमवार शाम चार बजे की रिपोर्ट के अनुसार फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 84.01 मीटर पहुंच गया था। गंगा के जलस्तर में प्रतिघंटे दो सेमी की बढ़ोतरी भी दर्ज की गई। नैनी में यमुना का जलस्तर 83.81 मीटर पहुंच गया और इसमें प्रतिघंटे 1.50 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई।</p>



<p>गंगा-यमुना नदियों का जलस्तर खतरे के निशान की तरफ बढ़ता दिख रहा है। गंगा का जलस्तर 84 मीटर के पार हो गया है तो यमुना का भी इसके करीब है। इसका नतीजा है कि एक दर्जन से अधिक बस्तियां बाढ़ की चपेट में आ गई हैं। मुश्किल यह कि दोनों नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी जारी है और टोंस अब भी उफान पर है। ऐसे में बाढ़ का दायरा बढ़ता दिख रहा है।</p>



<p>सिंचाई विभाग की सोमवार शाम चार बजे की रिपोर्ट के अनुसार फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 84.01 मीटर पहुंच गया था। गंगा के जलस्तर में प्रतिघंटे दो सेमी की बढ़ोतरी भी दर्ज की गई। नैनी में यमुना का जलस्तर 83.81 मीटर पहुंच गया और इसमें प्रतिघंटे 1.50 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। दोनों नदियों के खतरे का निशान 84.734 मीटर है।</p>



<p>दोनों नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी की रफ्तार कुछ कम जरूर हुई है लेकिन वृद्धि का सिलसिला अभी जारी रहेगा। अफसरों के अनुसार दोनों नदियों के जलस्तर में मंगलवार तक बढ़ोतरी जारी रहने के आसार हैं। इसके अलावा टोंस में ज्यादा पानी आ रहा है। इससे संगम के बाद पानी तेजी से निकल भी नहीं पा रहा है। इससे मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।</p>



<p><strong>खुल गए चार राहत शिविर, 1100 से अधिक लोग पहुंचे<br></strong>जलस्तर बढ़ने के साथ बाढ़ का दायरा भी बढ़ता जा रहा है। बघाड़ा, सलोरी, बेली, राजापुर, नेवादा आदि मोहल्लों के कछारी इलाकों में ऊपर तक पानी आ गया है और एक दर्जन से अधिक बस्तियां प्रभावित हैं। गंगा के दोनों तरफ शहर की 13 बस्तियों के हजारों परिवारों को तीसरी बार घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा है। इसका नतीजा रहा कि सोमवार को राजापुर स्थित ऋषिकुल विद्यालय भी बाढ़ राहत शिविर में तब्दील हो गया और शाम तक पौने तीन सौ लोग इसमें पहुंच भी गए। इस तरह अब चार शिविर चालू हो गए हैं और इनमें करीब 250 परिवारों के 1100 से अधिक लोग पहुंचे हैं। इन शिविरों में लोगों के पहुंचने का सिलसिला रात तक जारी रहा। जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसे देखते हुए दो अन्य शिविर तैयार भी कर दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर इन्हें भी चालू कर दिया जाएगा।</p>



<p><strong>घंटों गुल रही बिजली, शिविर में परेशान रहे शरणार्थी<br></strong>बाढ़ की वजह से बेघर हुए लोगों को उमस भरी गर्मी ने भी परेशान किया। मेहबूब अली इंटर कॉलेज बाढ़ रात शिविर में दोपहर में लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। यहां दो घंटे से अधिक समय तक बिजली गुल रही। ऐसे में पंखे नहीं चले। लोग हाथ वाले पंखे के सहारे रहे लेकिन चिपचिपाती गर्मी में इससे राहत नहीं मिली।</p>



<p>शिविर में लोगों को सुबह नाश्ते में चाय के अलावा हलवा और केला मिला। बच्चों को दूध और बिस्किट भी मिला। इसके अलावा दोपहर में खाना मिला लेकिन कई लोग इससे वंचित रह गए। म्योराबाद के कल्लू मिस्त्री, छोटकई वर्मा, अमित वर्मा को सुबह नाश्ता नहीं मिला। कल्लू का कहना था कि दोपहर में खाना भी पर्याप्त नहीं मिला। कल्लू, छोटकई का कहना था कि बाहर से कई लोग आ जा रहे हैं जिन्हें खाना दिया जा रहा है लेकिन उन्हें पर्याप्त भोजन नहीं दिया गया। इनका कहना था कि सुबह वे लोग काम से चले गए थे और लौटे तो नाश्ता बंट चुका था। मांगने पर बताया गया कि अब नहीं मिलेगा।</p>



<p><strong>प्रभावित मोहल्ले एवं गांव<br></strong>अफसरों के अनुसार सदर तहसील के अंतर्गत कछार मऊ, मऊ सरैया, बघाड़ा जहरूद्दीन, बघाड़ा बालन, मेहंदौरी कछार, शिवकुटी, नेवादा, बेली, सलोरी की बस्तियों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। फूलपुर में सोनौटी, बदरा धोकरी, लीलापुर, करछना में देहली, भगेसर गांव और मोहल्ले बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। इन मोहल्लों और गांवों में 32 नावें व एक मोटर बोट चलानी पड़ी है।</p>
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		<title>यूपी:  ताजमहल तक पहुंचा यमुना का पानी&#8230;खतरे का निशान हुआ पार, लोगों में दहशत</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 06 Sep 2025 05:33:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[यमुना]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="355" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/FVCCX-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/FVCCX.jpg 715w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/FVCCX-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />भारी बारिश के बीच हथिनीकुंड बैराज से शुक्रवार को ढाई लाख क्यूसेक पानी और छोड़ दिया गया। यही नहीं, गोकुल बैराज से शुक्रवार शाम सात बजे 1.22 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद यमुना में बाढ़ के हालात बन गए हैं। चेतावनी बिंदु के 3.3 फीट ऊपर (498.3 फीट) बह रही यमुना शनिवार को &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="355" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/FVCCX-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/FVCCX.jpg 715w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/FVCCX-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>भारी बारिश के बीच हथिनीकुंड बैराज से शुक्रवार को ढाई लाख क्यूसेक पानी और छोड़ दिया गया। यही नहीं, गोकुल बैराज से शुक्रवार शाम सात बजे 1.22 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद यमुना में बाढ़ के हालात बन गए हैं। चेतावनी बिंदु के 3.3 फीट ऊपर (498.3 फीट) बह रही यमुना शनिवार को बाढ़ के स्तर 499 फीट के आंकड़े को पार कर सकती है। बाढ़ के हालात के बीच जिला प्रशासन ने सदर तहसील क्षेत्र में पड़ने वाले ठार आश्रम के मेहरा नाहरगंज के 40 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया है। जलस्तर और बढ़ने पर पांच हजार परिवार चपेट में आ सकते हैं।</p>



<p>सिंचाई विभाग के अनुसार यमुना का जलस्तर बढ़ने से कई क्षेत्रों में झोपड़ी-खेल खलिहान डूब चुके हैं। शहर का नगला बूढ़ी, अमर विहार दयालबाग, मोतीमहल, कटरा वजीर खां, रामबाग बस्ती का क्षेत्र बाढ़ की चपेट में आ सकता है। वहीं, ग्राम तनौरा, नूरपुर, मेहरा नाहगंज, विसारना, कैलाश, स्वामी बाग, फतेहाबाद तहसील में ग्राम-भरापुर, बमरौली, इंदौन, मडायना, मेलीकलॉ, गुडा, मेवली खुर्द, हिमायूपुर, बुर्ज, नगला छीतर सिंह, मेहरा नाहरगंज, महल बादशाही, नगला तल्फी, नगल पैमा, तहसील फतेहाबाद में शाहिदपुर, वीरपुरा, बेहड़, पारौली सिकरवार, बिचौला, गिदौन, तहसील एत्मादपुर में नगला धीमर, बढ़नुपरा, रहनकलां, नगला कटा प्रभावित हो सकते हैं।</p>



<p>शहर के विभिन्न इलाकोें में नाले बैक मार रहे हैं। टैपिंग की वजह से भी नालों का पानी पीछे आ रहा है। ऐसे में बारिश के बाद अब उफनाई यमुना की दोहरी मार से शहर के लोगों की परेशानी बढ़ना तय माना जा रहा है।</p>
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