<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>मासिक कार्तिगाई &#8211; Live Halchal</title>
	<atom:link href="https://livehalchal.com/tag/%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%88/feed" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://livehalchal.com</link>
	<description>Latest News, Updated News, Hindi News Portal</description>
	<lastBuildDate>Thu, 06 Feb 2025 05:19:41 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.9</generator>

<image>
	<url>https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg</url>
	<title>मासिक कार्तिगाई &#8211; Live Halchal</title>
	<link>https://livehalchal.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>मासिक कार्तिगाई पर करें शिव जी को प्रसन्न, दूर होगी जीवन की सारी मुश्किलें</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b6/601939</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 06 Feb 2025 05:19:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[मासिक कार्तिगाई]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=601939</guid>

					<description><![CDATA[<img width="553" height="307" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-128-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-128.jpg 553w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-128-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 553px) 100vw, 553px" />मासिक कार्तिगाई का पर्व प्रत्येक माह मनाया जाता है। इस दिन लोग पूर्ण भक्ति भाव के साथ व्रत व पूजा-पाठ करते हैं। इसे कार्तिगाई दीपम (Karthigai Deepam 2025) के नाम से भी जाना जाता है। यह दक्षिण भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक माना जाता है। कहते हैं कि इस दिन ज्यादा से ज्यादा &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="553" height="307" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-128-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-128.jpg 553w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-128-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 553px) 100vw, 553px" />
<p>मासिक कार्तिगाई का पर्व प्रत्येक माह मनाया जाता है। इस दिन लोग पूर्ण भक्ति भाव के साथ व्रत व पूजा-पाठ करते हैं। इसे कार्तिगाई दीपम (Karthigai Deepam 2025) के नाम से भी जाना जाता है। यह दक्षिण भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक माना जाता है। कहते हैं कि इस दिन ज्यादा से ज्यादा दीप जलाने से जीवन की सारी नकारात्मकता समाप्त होती है।</p>



<p>मासिक कार्तिगाई भगवान शिव और मुरुगन स्वामी को समर्पित एक मासिक अनुष्ठान है। यह तमिल हिंदुओं के लिए बहुत महत्व रखता है। फरवरी 2025 के महीने में, मासिक कार्तिगाई का पर्व आज यानी 06 फरवरी 2025 को पूर्ण भाव के साथ मनाया जा रहा है। कहते हैं कि इस तिथि पर भक्ति और श्रद्धा के साथ पूजा-पाठ करने से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।</p>



<p>इसके साथ ही जीवन में शुभता का आगमन होता है। इसके अलावा इस मौके पर शिव चालीसा का पाठ बहुत शुभ माना गया है, तो चलिए यहां पढ़ते हैं।</p>



<p>मासिक कार्तिगाई भगवान शिव और मुरुगन स्वामी को समर्पित एक मासिक अनुष्ठान है। यह तमिल हिंदुओं के लिए बहुत महत्व रखता है। फरवरी 2025 के महीने में, मासिक कार्तिगाई का पर्व आज यानी 06 फरवरी 2025 को पूर्ण भाव के साथ मनाया जा रहा है। कहते हैं कि इस तिथि पर भक्ति और श्रद्धा के साथ पूजा-पाठ करने से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।</p>



<p>इसके साथ ही जीवन में शुभता का आगमन होता है। इसके अलावा इस मौके पर शिव चालीसा का पाठ बहुत शुभ माना गया है, तो चलिए यहां पढ़ते हैं।</p>



<p><strong>।।शिव चालीसा।।</strong></p>



<p><strong>॥ दोहा ॥</strong><br>जय गणेश गिरिजा सुवन,<br>मंगल मूल सुजान ।<br>कहत अयोध्यादास तुम,<br>देहु अभय वरदान ॥</p>



<p><strong>॥ चौपाई ॥</strong><br>जय गिरिजा पति दीन दयाला ।<br>सदा करत सन्तन प्रतिपाला ॥<br>भाल चन्द्रमा सोहत नीके ।<br>कानन कुण्डल नागफनी के ॥<br>अंग गौर शिर गंग बहाये ।<br>मुण्डमाल तन क्षार लगाए ॥<br>वस्त्र खाल बाघम्बर सोहे ।<br>छवि को देखि नाग मन मोहे ॥<br>मैना मातु की हवे दुलारी ।<br>बाम अंग सोहत छवि न्यारी ॥<br>कर त्रिशूल सोहत छवि भारी ।<br>करत सदा शत्रुन क्षयकारी ॥<br>नन्दि गणेश सोहै तहँ कैसे ।<br>सागर मध्य कमल हैं जैसे ॥<br>कार्तिक श्याम और गणराऊ ।<br>या छवि को कहि जात न काऊ ॥<br>देवन जबहीं जाय पुकारा ।<br>तब ही दुख प्रभु आप निवारा ॥<br>किया उपद्रव तारक भारी ।<br>देवन सब मिलि तुमहिं जुहारी ॥<br>तुरत षडानन आप पठायउ ।<br>लवनिमेष महँ मारि गिरायउ ॥<br>आप जलंधर असुर संहारा ।<br>सुयश तुम्हार विदित संसारा ॥<br>त्रिपुरासुर सन युद्ध मचाई ।<br>सबहिं कृपा कर लीन बचाई ॥<br>किया तपहिं भागीरथ भारी ।<br>पुरब प्रतिज्ञा तासु पुरारी ॥<br>दानिन महँ तुम सम कोउ नाहीं ।<br>सेवक स्तुति करत सदाहीं ॥<br>वेद नाम महिमा तव गाई।<br>अकथ अनादि भेद नहिं पाई ॥<br>प्रकटी उदधि मंथन में ज्वाला ।<br>जरत सुरासुर भए विहाला ॥<br>कीन्ही दया तहं करी सहाई ।<br>नीलकण्ठ तब नाम कहाई ॥<br>पूजन रामचन्द्र जब कीन्हा ।<br>जीत के लंक विभीषण दीन्हा ॥<br>सहस कमल में हो रहे धारी ।<br>कीन्ह परीक्षा तबहिं पुरारी ॥<br>एक कमल प्रभु राखेउ जोई ।<br>कमल नयन पूजन चहं सोई ॥<br>कठिन भक्ति देखी प्रभु शंकर ।<br>भए प्रसन्न दिए इच्छित वर ॥<br>जय जय जय अनन्त अविनाशी ।<br>करत कृपा सब के घटवासी ॥<br>दुष्ट सकल नित मोहि सतावै ।<br>भ्रमत रहौं मोहि चैन न आवै ॥<br>त्राहि त्राहि मैं नाथ पुकारो ।<br>येहि अवसर मोहि आन उबारो ॥<br>लै त्रिशूल शत्रुन को मारो ।<br>संकट से मोहि आन उबारो ॥<br>मात-पिता भ्राता सब होई ।<br>संकट में पूछत नहिं कोई ॥<br>स्वामी एक है आस तुम्हारी ।<br>आय हरहु मम संकट भारी ॥<br>धन निर्धन को देत सदा हीं ।<br>जो कोई जांचे सो फल पाहीं ॥<br>अस्तुति केहि विधि करैं तुम्हारी ।<br>क्षमहु नाथ अब चूक हमारी ॥<br>शंकर हो संकट के नाशन ।<br>मंगल कारण विघ्न विनाशन ॥<br>योगी यति मुनि ध्यान लगावैं ।<br>शारद नारद शीश नवावैं ॥<br>नमो नमो जय नमः शिवाय ।<br>सुर ब्रह्मादिक पार न पाय ॥<br>जो यह पाठ करे मन लाई ।<br>ता पर होत है शम्भु सहाई ॥<br>ॠनियां जो कोई हो अधिकारी ।<br>पाठ करे सो पावन हारी ॥<br>पुत्र हीन कर इच्छा जोई ।<br>निश्चय शिव प्रसाद तेहि होई ॥<br>पण्डित त्रयोदशी को लावे ।<br>ध्यान पूर्वक होम करावे ॥<br>त्रयोदशी व्रत करै हमेशा ।<br>ताके तन नहीं रहै कलेशा ॥<br>धूप दीप नैवेद्य चढ़ावे ।<br>शंकर सम्मुख पाठ सुनावे ॥<br>जन्म जन्म के पाप नसावे ।<br>अन्त धाम शिवपुर में पावे ॥<br>कहैं अयोध्यादास आस तुम्हारी ।<br>जानि सकल दुःख हरहु हमारी ॥</p>



<p><strong>॥ दोहा ॥</strong><br>नित्त नेम कर प्रातः ही,<br>पाठ करौं चालीसा ।<br>तुम मेरी मनोकामना,<br>पूर्ण करो जगदीश ॥<br>मगसर छठि हेमन्त ॠतु,<br>संवत चौसठ जान ।<br>अस्तुति चालीसा शिवहि,<br>पूर्ण कीन कल्याण</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>आज है मासिक कार्तिगाई, जानिए पूजा विधि और शुभ मुहूर्त</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%86%e0%a4%9c-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a8/601936</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 06 Feb 2025 05:06:41 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[मासिक कार्तिगाई]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=601936</guid>

					<description><![CDATA[<img width="618" height="338" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-127-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-127.jpg 757w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-127-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />मासिक कार्तिगाई दीपम (Karthigai Deepam 2025) एक प्रसिद्ध तमील पर्व है। इस दिन लोग अपने घरो और मंदिरों को भव्य तरीके से सजाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान शिव के साथ उनके पुत्र कार्तिकेय जी की पूजा होती है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन पूजा-पाठ करने से जीवन में खुशहाली &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="338" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-127-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-127.jpg 757w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-127-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>मासिक कार्तिगाई दीपम (Karthigai Deepam 2025) एक प्रसिद्ध तमील पर्व है। इस दिन लोग अपने घरो और मंदिरों को भव्य तरीके से सजाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान शिव के साथ उनके पुत्र कार्तिकेय जी की पूजा होती है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन पूजा-पाठ करने से जीवन में खुशहाली आती है। साथ ही सभी दुखों का अंत होता है।</p>



<p>मासिक कार्तिगाई का पर्व बेहद शुभ और कल्याणकारी माना जाता है। यह तमील महीने कार्तिगाई की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। यह दिन विशेष रूप से भगवान शिव और भगवान मुरुगन की पूजा करने के लिए समर्पित है। इसके अलावा इस दिन कृतिका नक्षत्र की भी पूजा होती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस बार यह 6 फरवरी 2025 यानी आज मनाया जा रहा है।<br>धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मासिक कार्तिगाई (Karthigai Deepam 2025) पर लोग उपवास, प्रार्थना, दीपक जलाने के साथ अन्य पूजा अनुष्ठान का पालन करते हैं। कहते हैं कि ऐसा करने से सुरक्षा, ज्ञान और सभी दुखों का अंत होता है, तो आइए इस दिन से जुड़ी प्रमुख बातों को जानते हैं।</p>



<p><strong>मासिक कार्तिगाई शुभ मुहूर्त (Karthigai Deepam 2025 Puja Muhurat)</strong><br>हिंदू पंचांग के अनुसार, विजय मुहूर्त दोपहर 02 बजकर 25 मिनट से 03 बजकर 09 मिनट तक रहेगा। फिर गोधूलि मुहूर्त शाम 06 बजकर 01 मिनट से 06 बजकर 27 मिनट तक रहेगा। इसके साथ ही निशिता मुहूर्त रात्रि 12 बजकर 09 मिनट से 01 बजकर 01 मिनट तक रहेगा। इस दौरान सभी तरह के मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं।</p>



<p><strong>मासिक कार्तिगाई पूजा अनुष्ठान (Karthigai Deepam 2025 Puja Vidhi)</strong><br>मासिक कार्तिगाई के पर लोग अपने घर और उसके आसपास तेल के दीपक जलाते हैं। दीप जलाना अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है। भक्त इस दिन उपवास भी रखते हैं और भोजन के रूप में फलहारी करते हैं। इस दिन लोग शिव मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना करते हैं और उन्हें फूल, बेल के पत्ते, धूप-दीप आदि अर्पित करते हैं। इसके साथ ही इस मौके पर भगवान मुरुगन की पूजा जरूर करनी चाहिए। उन्हें प्रसन्न करने के लिए भक्त उनका अभिषेक करें। इसके साथ ही उन्हें चंदन का तिलक लगाएं और उन्हें फूल, घर पर बनी मिठाई, वस्त्र, धन, अक्षत और दीप-धूप अर्पित करें।</p>



<p>अंत में आरती के साथ पूजा का समापन करें। इसके अलावा इस दिन तामसिक चीजों से बचने की सलाह दी जाती है। साथ ही दान-पुण्य का भी विधान है।</p>



<p><strong>भगवान शिव मंत्र (Shiv Ji Mantra)</strong><br>”ॐ नमः शिवाय”।।<br>”ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्”।।</p>



<p><strong>मुरुगन स्वामी मंत्र ( Lord Murugan Mantra)</strong><br>”ॐ कर्तिकेयाय विद्महे षष्ठीनाथाय: धीमहि तन्नो कार्तिकेय प्रचोदयात्”।।<br>”ॐ शारवाना-भावाया नम: ज्ञानशक्तिधरा स्कन्दा वल्लीईकल्याणा<br>सुंदरा देवसेना मन: कांता कार्तिकेया नामोस्तुते”।।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>मासिक कार्तिगाई पर इस तरह करें भगवान कार्तिकेय को प्रसन्न</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%87%e0%a4%b8-%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a4%b9/601933</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 06 Feb 2025 04:46:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[मासिक कार्तिगाई]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=601933</guid>

					<description><![CDATA[<img width="507" height="311" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-126-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-126.jpg 507w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-126-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 507px) 100vw, 507px" />दक्षिण भारत में मासिक कार्तिगाई के पर्व को बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है इसे कार्तिगाई दीपम (Karthigai Deepam 2025) के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन लोग अपने घर और आस-पास के स्थानों पर एक कतार में दीपक जलाते हैं। ऐसा माना जाता है कि इससे साधक व उसके परिवार &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="507" height="311" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-126-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-126.jpg 507w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-126-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 507px) 100vw, 507px" />
<p>दक्षिण भारत में मासिक कार्तिगाई के पर्व को बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है इसे कार्तिगाई दीपम (Karthigai Deepam 2025) के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन लोग अपने घर और आस-पास के स्थानों पर एक कतार में दीपक जलाते हैं। ऐसा माना जाता है कि इससे साधक व उसके परिवार पर मुरुगन दे की कृपा बनी रहती है।</p>



<p>हर माह में जब कृतिका नक्षत्र प्रबल होता है, तब मासिक कार्तिगाई का पर्व मनाया जाता है। ऐसे में आज यानी 06 फरवरी 2025 को मासिक कार्तिगाई मनाई जा रही है। इस दिन पर कार्तिकेय भगवान की पूजा की जाती है, जो मुरुगन देव के नाम से अधिक प्रचलित हैं । इस मौके पर भगवान कार्तिकेय की कृपा प्राप्ति के लिए आप उनके 108 नामों का जप कर सकते हैं।</p>



<p><strong>भगवान कार्तिकेय के 108 नाम</strong></p>



<p>ॐ ब्रह्मवादिने नमः।<br>ॐ ब्रह्मणे नमः।<br>ॐ ब्रह्मब्राह्मणवत्सलाय नमः।<br>ॐ ब्रह्मण्याय नमः।<br>ॐ ब्रह्मदेवाय नमः।<br>ॐ ब्रह्मदाय नमः।<br>ॐ ब्रह्मसंग्रहाय नमः।<br>ॐ पराय नमः।<br>ॐ परमाय तेजसे नमः।<br>ॐ मङ्गलानाञ्च मङ्गलाय नमः।<br>ॐ अप्रमेयगुणाय नमः।<br>ॐ मन्त्राणां मन्त्रगाय नमः।<br>ॐ सावित्रीमयाय देवाय नमः।<br>ॐ सर्वत्रैवापराजिताय नमः।<br>ॐ मन्त्राय नमः।<br>ॐ सर्वात्मकाय नमः।<br>ॐ देवाय नमः।<br>ॐ षडक्षरवतां वराय नमः।<br>ॐ गवां पुत्राय नमः।<br>ॐ सुरारिघ्नाय नमः।<br>ॐ सम्भवाय नमः।<br>ॐ भवभावनाय नमः।<br>ॐ पिनाकिने नमः।<br>ॐ शत्रुघ्ने नमः।<br>ॐ कूटाय नमः।<br>ॐ स्कन्दाय नमः।<br>ॐ सुराग्रण्ये नमः।<br>ॐ द्वादशाय नमः।<br>ॐ भुवे नमः।<br>ॐ भुवाय नमः।<br>ॐ भाविने नमः।<br>ॐ भुवःपुत्राय नमः।<br>ॐ नमस्कृताय नमः।<br>ॐ नागराजाय नमः।<br>ॐ सुधर्मात्मने नमः।<br>ॐ नाकपृष्ठाय नमः।<br>ॐ सनातनाय नमः।<br>ॐ हेमगर्भाय नमः।<br>ॐ महागर्भाय नमः।<br>ॐ जयाय नमः।<br>ॐ विजयेश्वराय नमः।<br>ॐ कर्त्रे नमः।<br>ॐ विधात्रे नमः।<br>ॐ नित्याय नमः।<br>ॐ अनित्याय नमः।<br>ॐ अरिमर्दनाय नमः।<br>ॐ महासेनाय नमः।<br>ॐ महातेजसे नमः।<br>ॐ वीरसेनाय नमः।<br>ॐ चमूपतये नमः।<br>ॐ सुरसेनाय नमः।<br>ॐ सुराध्यक्षाय नमः।<br>ॐ भीमसेनाय नमः।<br>ॐ निरामयाय नमः।<br>ॐ शौरये नमः।<br>ॐ यदवे नमः।<br>ॐ महातेजसे नमः।<br>ॐ वीर्यवते नमः।<br>ॐ सत्यविक्रमाय नमः।<br>ॐ तेजोगर्भाय नमः।<br>ॐ असुररिपवे नमः।<br>ॐ सुरमूर्तये नमः।<br>ॐ सुरोर्जिताय नमः।<br>ॐ कृतज्ञाय नमः।<br>ॐ वरदाय नमः।<br>ॐ सत्याय नमः।<br>ॐ शरण्याय नमः।<br>ॐ साधुवत्सलाय नमः।<br>ॐ सुव्रताय नमः।<br>ॐ सूर्यसङ्काशाय नमः।<br>ॐ वह्निगर्भाय नमः।<br>ॐ रणोत्सुकाय नमः।<br>ॐ पिप्पलिने नमः।<br>ॐ शीघ्रगाय नमः।<br>ॐ रौद्रये नमः।<br>ॐ गाङ्गेयाय नमः।<br>ॐ रिपुदारणाय नमः।<br>ॐ कार्तिकेयाय नमः।<br>ॐ प्रभवे नमः।<br>ॐ क्षान्ताय नमः।<br>ॐ नीलदंष्ट्राय नमः।<br>ॐ महामनसे नमः।<br>ॐ निग्रहाय नमः।<br>ॐ निग्रहाणां नेत्रे नमः।<br>ॐ दैत्यसूदनाय नमः।<br>ॐ प्रग्रहाय नमः।<br>ॐ परमानन्दाय नमः।<br>ॐ क्रोधघ्नाय नमः।<br>ॐ तारकोच्छिदाय नमः।<br>ॐ कुक्कुटिने नमः।<br>ॐ बहुलाय नमः।<br>ॐ वादिने नमः।<br>ॐ कामदाय नमः।<br>ॐ भूरिवर्धनाय नमः।<br>ॐ अमोघाय नमः।<br>ॐ अमृतदाय नमः।<br>ॐ अग्नये नमः।<br>ॐ शत्रुघ्नाय नमः।<br>ॐ सर्वबोधनाय नमः।<br>ॐ अनघाय नमः।<br>ॐ अमराय नमः।<br>ॐ श्रीमते नमः।<br>ॐ उन्नताय नमः।<br>ॐ अग्निसम्भवाय नमः।<br>ॐ पिशाचराजाय नमः।<br>ॐ सूर्याभाय नमः।<br>ॐ शिवात्मने नमः।<br>ॐ सनातनाय नमः।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>मासिक कार्तिगाई पर करें इस कवच का पाठ, भगवान कार्तिकेय होंगे प्रसन्न</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%87/598295</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 09 Jan 2025 05:30:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[मासिक कार्तिगाई]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=598295</guid>

					<description><![CDATA[<img width="618" height="485" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-173-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-173.jpg 689w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-173-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />प्रत्येक माह में जब कृतिका नक्षत्र प्रबल होता है तब मासिक कार्तिगा मनाई जाती है। ऐसे में आज यानी 09 जनवरी 2025 को मासिक कार्तिगाई का पर्व मनाया जा रहा है। इस दिन पर खासतौर से मुरुगन देव अर्थात कार्तिकेय भगवान की पूजा की जाती है। इस दिन पर भगवान कार्तिकेय की कृपा प्राप्ति के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="485" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-173-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-173.jpg 689w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-173-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>प्रत्येक माह में जब कृतिका नक्षत्र प्रबल होता है तब मासिक कार्तिगा मनाई जाती है। ऐसे में आज यानी 09 जनवरी 2025 को मासिक कार्तिगाई का पर्व मनाया जा रहा है। इस दिन पर खासतौर से मुरुगन देव अर्थात कार्तिकेय भगवान की पूजा की जाती है। इस दिन पर भगवान कार्तिकेय की कृपा प्राप्ति के लिए पूजा के दौरान इस श्री सुब्रह्मण्य कवच स्तोत्र का पाठ जरूर करें।</p>



<p>मासिक कार्तिगाई या कार्तिगाई दीपम (Karthigai Deepam 2025) दक्षिण भारत का एक प्रमुख पर्व है। इस दिन पर लोग अपने घर और आस-पास कतार में दीपक जलाते हैं। माना जाता है कि ऐसा करने से साधक पर भगवान कार्तिकेय की कृपा बनी रहती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।</p>



<p><strong>श्री सुब्रह्मण्य कवच स्तोत्रम् (Sri Subrahmanya Kavach Stotram)</strong></p>



<p><strong>करन्यासः –</strong></p>



<p>ॐ सां अङ्गुष्ठाभ्यां नमः ।</p>



<p>ॐ सीं तर्जनीभ्यां नमः ।</p>



<p>ॐ सूं मध्यमाभ्यां नमः ।</p>



<p>ॐ सैं अनामिकाभ्यां नमः ।</p>



<p>ॐ सौं कनिष्ठिकाभ्यां नमः ।</p>



<p>ॐ सः करतलकरपृष्ठाभ्यां नमः ॥</p>



<p><strong>अङ्गन्यासः&nbsp;</strong>–<br>ॐ सां हृदयाय नमः ।</p>



<p>ॐ सीं शिरसे स्वाहा ।</p>



<p>ॐ सूं शिखायै वषट् ।</p>



<p>ॐ सैं कवचाय हुम् ।</p>



<p>ॐ सौं नेत्रत्रयाय वौषट् ।</p>



<p>ॐ सः अस्त्राय फट् ।</p>



<p>भूर्भुवस्सुवरोमिति दिग्बन्धः ॥</p>



<p><strong>ध्यानम् ।<br></strong>सिन्दूरारुणमिन्दुकान्तिवदनं केयूरहारादिभिः</p>



<p>दिव्यैराभरणैर्विभूषिततनुं स्वर्गादिसौख्यप्रदम् ।</p>



<p>अम्भोजाभयशक्तिकुक्कुटधरं रक्ताङ्गरागोज्ज्वलं</p>



<p>सुब्रह्मण्यमुपास्महे प्रणमतां सर्वार्थसिद्धिप्रदम् ॥ [भीतिप्रणाशोद्यतम्]



<p><strong>लमित्यादि पञ्चपूजा ।<br></strong>ॐ लं पृथिव्यात्मने सुब्रह्मण्याय गन्धं समर्पयामि ।</p>



<p>ॐ हं आकाशात्मने सुब्रह्मण्याय पुष्पाणि समर्पयामि ।</p>



<p>ॐ यं वाय्वात्मने सुब्रह्मण्याय धूपमाघ्रापयामि ।</p>



<p>ॐ रं अग्न्यात्मने सुब्रह्मण्याय दीपं दर्शयामि ।</p>



<p>ॐ वं अमृतात्मने सुब्रह्मण्याय स्वादन्नं निवेदयामि ।</p>



<p>ॐ सं सर्वात्मने सुब्रह्मण्याय सर्वोपचारान् समर्पयामि ।</p>



<p><strong>कवचम् ।<br></strong>सुब्रह्मण्योऽग्रतः पातु सेनानीः पातु पृष्ठतः ।</p>



<p>गुहो मां दक्षिणे पातु वह्निजः पातु वामतः ॥ 1 ॥</p>



<p>शिरः पातु महासेनः स्कन्दो रक्षेल्ललाटकम् ।</p>



<p>नेत्रे मे द्वादशाक्षश्च श्रोत्रे रक्षतु विश्वभृत् ॥ 2 ॥</p>



<p>मुखं मे षण्मुखः पातु नासिकां शङ्करात्मजः ।</p>



<p>ओष्ठौ वल्लीपतिः पातु जिह्वां पातु षडाननः ॥ 3 ॥</p>



<p>देवसेनापतिर्दन्तान् चिबुकं बहुलोद्भवः ।</p>



<p>कण्ठं तारकजित्पातु बाहू द्वादशबाहुकः ॥ 4 ॥</p>



<p>हस्तौ शक्तिधरः पातु वक्षः पातु शरोद्भवः ।</p>



<p>हृदयं वह्निभूः पातु कुक्षिं पात्वम्बिकासुतः ॥ 5 ॥</p>



<p>नाभिं शम्भुसुतः पातु कटिं पातु हरात्मजः ।</p>



<p>ऊरू पातु गजारूढो जानू मे जाह्नवीसुतः ॥ 6 ॥</p>



<p>जङ्घे विशाखो मे पातु पादौ मे शिखिवाहनः ।</p>



<p>सर्वाण्यङ्गानि भूतेशः सर्वधातूंश्च पावकिः ॥ 7 ॥</p>



<p>सन्ध्याकाले निशीथिन्यां दिवा प्रातर्जलेऽग्निषु ।</p>



<p>दुर्गमे च महारण्ये राजद्वारे महाभये ॥ 8 ॥</p>



<p>तुमुले रण्यमध्ये च सर्वदुष्टमृगादिषु ।</p>



<p>चोरादिसाध्वसेऽभेद्ये ज्वरादिव्याधिपीडने ॥ 9 ॥</p>



<p>दुष्टग्रहादिभीतौ च दुर्निमित्तादिभीषणे ।</p>



<p>अस्त्रशस्त्रनिपाते च पातु मां क्रौञ्चरन्ध्रकृत् ॥ 10 ॥</p>



<p>यः सुब्रह्मण्यकवचं इष्टसिद्धिप्रदं पठेत् ।</p>



<p>तस्य तापत्रयं नास्ति सत्यं सत्यं वदाम्यहम् ॥ 11 ॥</p>



<p>धर्मार्थी लभते धर्ममर्थार्थी चार्थमाप्नुयात् ।</p>



<p>कामार्थी लभते कामं मोक्षार्थी मोक्षमाप्नुयात् ॥ 12 ॥</p>



<p>यत्र यत्र जपेद्भक्त्या तत्र सन्निहितो गुहः ।</p>



<p>पूजाप्रतिष्ठाकाले च जपकाले पठेदिदम् ॥ 13 ॥</p>



<p>तेषामेव फलावाप्तिः महापातकनाशनम् ।</p>



<p>यः पठेच्छृणुयाद्भक्त्या नित्यं देवस्य सन्निधौ ।</p>



<p>सर्वान्कामानिह प्राप्य सोऽन्ते स्कन्दपुरं व्रजेत् ॥ 14 ॥</p>



<p><strong>उत्तरन्यासः ॥</strong></p>



<p><strong>करन्यासः –</strong></p>



<p>ॐ सां अङ्गुष्ठाभ्यां नमः ।</p>



<p>ॐ सीं तर्जनीभ्यां नमः ।</p>



<p>ॐ सूं मध्यमाभ्यां नमः ।</p>



<p>ॐ सैं अनामिकाभ्यां नमः ।</p>



<p>ॐ सौं कनिष्ठिकाभ्यां नमः ।</p>



<p>ॐ सः करतलकरपृष्ठाभ्यां नमः ॥</p>



<p><strong>अङ्गन्यासः&nbsp;</strong>–<br>ॐ सां हृदयाय नमः ।</p>



<p>ॐ सीं शिरसे स्वाहा ।</p>



<p>ॐ सूं शिखायै वषट् ।</p>



<p>ॐ सैं कवचाय हुम् ।</p>



<p>ॐ सौं नेत्रत्रयाय वौषट् ।</p>



<p>ॐ सः अस्त्राय फट् ।</p>



<p>भूर्भुवस्सुवरोमिति दिग्विमोकः ॥</p>



<p>इति श्री सुब्रह्मण्य कवच स्तोत्रम् ।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
