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	<title>मार्गशीर्ष अमावस्या &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>मार्गशीर्ष अमावस्या &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>मार्गशीर्ष अमावस्या पर करें भगवान शिव की विशेष पूजा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Dec 2024 04:57:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[भगवान शिव]]></category>
		<category><![CDATA[मार्गशीर्ष अमावस्या]]></category>
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					<description><![CDATA[सनातन धर्म में मार्गशीर्ष अमावस्या का दिन बेहद खास होता है। यह दिन पूजा-पाठ के लिए अच्छा होता है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन पितरों का तर्पण करने से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। पंचांग के अनुसार इस साल मार्गशीर्ष अमावस्या (Margashirsha Amavasya 2024) 1 &#8230;]]></description>
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<p>सनातन धर्म में मार्गशीर्ष अमावस्या का दिन बेहद खास होता है। यह दिन पूजा-पाठ के लिए अच्छा होता है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन पितरों का तर्पण करने से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। पंचांग के अनुसार इस साल मार्गशीर्ष अमावस्या (Margashirsha Amavasya 2024) 1 दिसंबर 2024 दिन रविवार यानी आज मनाई जा रही है।</p>



<p>हिंदुओं में अमावस्या का बड़ा धार्मिक महत्व है। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह अमावस्या मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष के 15वें दिन पड़ती है। इस साल मार्गशीर्ष अमावस्या (Margashirsha Amavasya 2024) 1 दिसंबर 2024 दिन रविवार यानी आज मनाई जा रही है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन धार्मिक कार्य और दान-पुण्य अवश्य करना चाहिए। वहीं, इस तिथि पर भगवान शिव की पूजा का भी विधान है। कहते हैं कि इससे घर में सुख-समृद्धि आती है। ऐसे में गंगा स्नान के बाद शिव जी की पूजा विधिवत करें। फिर उनके 108 नामों का जाप करें, तो आइए भगवान शिव के नामों ता जाप करते हैं।</p>



<p><strong>।।भगवान शिव के 108 नाम।।</strong></p>



<p>ॐ महाकाल नमः<br>ॐ रुद्रनाथ नमः<br>ॐ भीमशंकर नमः<br>ॐ नटराज नमः<br>ॐ प्रलेयन्कार नमः<br>ॐ चंद्रमोली नमः<br>ॐ डमरूधारी नमः<br>ॐ चंद्रधारी नमः<br>ॐ भोलेनाथ नमः<br>ॐ कैलाश पति नमः<br>ॐ भूतनाथ नमः<br>ॐ नंदराज नमः<br>ॐ नन्दी की सवारी नमः<br>ॐ ज्योतिलिंग नमः<br>ॐ मलिकार्जुन नमः<br>ॐ भीमेश्वर नमः<br>ॐ विषधारी नमः<br>ॐ बम भोले नमः<br>ॐ विश्वनाथ नमः<br>ॐ अनादिदेव नमः<br>ॐ उमापति नमः<br>ॐ गोरापति नमः<br>ॐ गणपिता नमः<br>ॐ ओंकार स्वामी नमः<br>ॐ ओंकारेश्वर नमः<br>ॐ शंकर त्रिशूलधारी नमः<br>ॐ भोले बाबा नमः<br>ॐ शिवजी नमः<br>ॐ शम्भु नमः<br>ॐ नीलकंठ नमः<br>ॐ महाकालेश्वर नमः<br>ॐ त्रिपुरारी नमः<br>ॐ त्रिलोकनाथ नमः<br>ॐ त्रिनेत्रधारी नमः<br>ॐ बर्फानी बाबा नमः<br>ॐ लंकेश्वर नमः<br>ॐ अमरनाथ नमः<br>ॐ केदारनाथ नमः<br>ॐ मंगलेश्वर नमः<br>ॐ अर्धनारीश्वर नमः<br>ॐ नागार्जुन नमः<br>ॐ जटाधारी नमः<br>ॐ नीलेश्वर नमः<br>ॐ जगतपिता नमः<br>ॐ मृत्युन्जन नमः<br>ॐ नागधारी नमः<br>ॐ रामेश्वर नमः<br>ॐ गलसर्पमाला नमः<br>ॐ दीनानाथ नमः<br>ॐ सोमनाथ नमः<br>ॐ जोगी नमः<br>ॐ भंडारी बाबा नमः<br>ॐ बमलेहरी नमः<br>ॐ गोरीशंकर नमः<br>ॐ शिवाकांत नमः<br>ॐ महेश्वराए नमः<br>ॐ महेश नमः<br>ॐ संकटहारी नमः<br>ॐ महेश्वर नमः<br>ॐ रुंडमालाधारी नमः<br>ॐ जगपालनकर्ता नमः<br>ॐ पशुपति नमः<br>ॐ संगमेश्वर नमः<br>ॐ दक्षेश्वर नमः<br>ॐ घ्रेनश्वर नमः<br>ॐ मणिमहेश नमः<br>ॐ अनादी नमः<br>ॐ अमर नमः<br>ॐ आशुतोष महाराज नमः<br>ॐ विलवकेश्वर नमः<br>ॐ अचलेश्वर नमः<br>ॐ ओलोकानाथ नमः<br>ॐ आदिनाथ नमः<br>ॐ देवदेवेश्वर नमः<br>ॐ प्राणनाथ नमः<br>ॐ शिवम् नमः<br>ॐ महादानी नमः<br>ॐ शिवदानी नमः<br>ॐ अभयंकर नमः<br>ॐ पातालेश्वर नमः<br>ॐ धूधेश्वर नमः<br>ॐ सर्पधारी नमः<br>ॐ त्रिलोकिनरेश नमः<br>ॐ हठ योगी नमः<br>ॐ विश्लेश्वर नमः<br>ॐ नागाधिराज नमः<br>ॐ सर्वेश्वर नमः<br>ॐ उमाकांत नमः<br>ॐ बाबा चंद्रेश्वर नमः<br>ॐ त्रिकालदर्शी नमः<br>ॐ त्रिलोकी स्वामी नमः<br>ॐ महादेव नमः<br>ॐ गढ़शंकर नमः<br>ॐ मुक्तेश्वर नमः<br>ॐ नटेषर नमः<br>ॐ गिरजापति नमः<br>ॐ भद्रेश्वर नमः<br>ॐ त्रिपुनाशक नमः<br>ॐ निर्जेश्वर नमः<br>ॐ किरातेश्वर नमः<br>ॐ जागेश्वर नमः<br>ॐ अबधूतपति नमः<br>ॐ भीलपति नमः<br>ॐ जितनाथ नमः<br>ॐ वृषेश्वर नमः<br>ॐ भूतेश्वर नमः<br>ॐ बैजूनाथ नमः<br>ॐ नागेश्वर नमः</p>
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		<title>आज है मार्गशीर्ष अमावस्या, इस समय करें पितरों का तर्पण</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Dec 2024 04:53:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[मार्गशीर्ष अमावस्या]]></category>
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					<description><![CDATA[मार्गशीर्ष अमावस्या का दिन हिंदू धर्म में बेहद विशेष माना गया है। यह मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष के 15वें दिन पड़ती है। इस साल मार्गशीर्ष अमावस्या (Margashirsha Amavasya 2024) 1 दिसंबर 2024 दिन रविवार यानी आज मनाई जा रही है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन धार्मिक कार्य और दान-पुण्य अवश्य करना चाहिए। कहा &#8230;]]></description>
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<p>मार्गशीर्ष अमावस्या का दिन हिंदू धर्म में बेहद विशेष माना गया है। यह मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष के 15वें दिन पड़ती है। इस साल मार्गशीर्ष अमावस्या (Margashirsha Amavasya 2024) 1 दिसंबर 2024 दिन रविवार यानी आज मनाई जा रही है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन धार्मिक कार्य और दान-पुण्य अवश्य करना चाहिए। कहा जाता है इससे जीवन में खुशहाली आती है और पितरों का आशीर्वाद मिलता है।</p>



<p>मार्गशीर्ष अमावस्या का दिन बेहद शुभ माना जाता है। हिंदू कैलेंडर में अमावस्या एक महत्वपूर्ण दिन है, जो मार्गशीर्ष महीने में कृष्ण पक्ष के 15वें दिन पड़ती है। इसे अगहन अमावस्या के रूप में भी जाना जाता है। वहीं, इस दिन को पितृ पूजा करने के लिए अत्यधिक शुभ माना जाता है, जिससे पूर्वजों की आत्माओं को मुक्ति मिलती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल मार्गशीर्ष अमावस्या (Margashirsha Amavasya 2024) 1 दिसंबर 2024 दिन रविवार यानी आज मनाई जा रही है, तो इस दिन पितरों का तर्पण कैसे करना है, आइए उसके बारे में जानते हैं, जो इस प्रकार है।</p>



<p><strong>इस समय करें पितरों का तर्पण (Pitru Tarpan Time)<br></strong>हिंदू पंचांग के अनुसार, अभिजित मुहूर्त सुबह 11 बजकर 49 मिनट से दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगा। इसके बाद विजय मुहूर्त दोपहर 01 बजकर 55 मिनट से 02 बजकर 37 मिनट तक रहेगा। इसके साथ ही गोधूलि मुहूर्त शाम 05 बजकर 26 मिनट से 05 बजकर 53 मिनट तक रहेगा और निशिता मुहूर्त रात्रि 11 बजकर 43 मिनट से 12 बजकर 38 मिनट तक रहेगा। कहते हैं कि पितरों का तर्पण हमेशा मध्य काल में किया जाता है। इसलिए दोपहर के समय पितरों का पिंडदान व तर्पण करने की कोशिश करें।</p>



<p><strong>ऐसे करें पितरों तर्पण (Pitru Tarpan Vidhi)</strong></p>



<p>किसी जानकार पुरोहित की मौजूदगी में ही पितरों का तर्पण करें।<br>जिस स्थान में तर्पण करना हो, वहां पर गंगाजल का छिड़काव करें।<br>इसके बाद एक दीपक जलाएं।<br>जिसका तर्पण करना हो उसका चित्र स्थापित करें।<br>पितृ देवता के मंत्रों से उनका आवाहन करें और ध्यान करें।<br>कुश की जूड़ी लेकर जल से भरे लोटे में डालें।<br>फिर पितरों का नाम लेते हुए जल चढ़ाएं।<br>इसके साथ ही दूध, दही, घी आदि को भी जल में मिलाकर अर्पित करें।<br>तर्पण के समय ओम तर्पयामी मंत्र का जाप करें।<br>पिंड बनाकर उन्हें कुश पर रखकर जल से सींचें।<br>उनका प्रिय भोजन चढ़ाएं।<br>फिर पितरों को श्रद्धांजलि अर्पित करें।<br>अंत में पशु और पक्षियों को भोजन कराएं।<br>तर्पण के पश्चात क्षमता अनुसार दान-पुण्य करें।</p>



<p><strong>तर्पण के दौरान करें इन मंत्रों का जाप</strong></p>



<p>ॐ पितृ देवतायै नम:।।<br>ओम आगच्छन्तु में पितर एवं ग्रहन्तु जलान्जलिम।।<br>ॐ पितृगणाय विद्महे जगत धारिणी धीमहि तन्नो पितृो प्रचोदयात्।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>मार्गशीर्ष अमावस्या पर करें श्री हरि के 108 नामों का जाप</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%97%e0%a4%b6%e0%a5%80%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b7-%e0%a4%85%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%95/592190</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 28 Nov 2024 10:31:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[मार्गशीर्ष अमावस्या]]></category>
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					<description><![CDATA[मार्गशीर्ष अमावस्या का दिन बेहद विशेष माना जाता है। इस दिन विभिन्न प्रकार के धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन गंगा स्नान पितरों का तर्पण और दान जरूर करना चाहिए। पंचांग के अनुसार इस साल मार्गशीर्ष अमावस्या (Margashirsha Amavasya 2024) 1 दिसंबर 2024 दिन रविवार को मनाई जाएगी। वहीं &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>मार्गशीर्ष अमावस्या का दिन बेहद विशेष माना जाता है। इस दिन विभिन्न प्रकार के धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन गंगा स्नान पितरों का तर्पण और दान जरूर करना चाहिए। पंचांग के अनुसार इस साल मार्गशीर्ष अमावस्या (Margashirsha Amavasya 2024) 1 दिसंबर 2024 दिन रविवार को मनाई जाएगी। वहीं इस दिन श्री हरि के नामों का जाप बहुत ही शुभ माना जाता है।</p>



<p>अमावस्या का हिंदुओं में बड़ा धार्मिक महत्व है। इसे मृगशिरा नक्षत्र से सम्बंधित होने के कारण इस अमावस्या को मृगशिरा अमावस्या भी कहा जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह अमावस्या मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष के 15वें दिन पड़ती है। इस साल यह (Margashirsha Amavasya 2024) 1 दिसंबर 2024 दिन रविवार को मनाई जाएगी। ऐसा माना जाता है कि इस दिन पूजा अनुष्ठान व दान-पुण्य करना बहुत ही शुभ माना जाता है।</p>



<p>वहीं, इस तिथि पर श्री हरी के 108 नामों का जाप करना भी बहुत ही अच्छा माना जाता है। कहते हैं कि इससे घर में सुख-समृद्धि आती है, तो आइए यहां पढ़ते हैं।</p>



<p><strong>।।भगवान विष्णु के 108 नाम।।</strong></p>



<p>ऊँ श्री प्रकटाय नम:<br>ऊँ श्री वयासाय नम:<br>ऊँ श्री हंसाय नम:<br>ऊँ श्री वामनाय नम:<br>ऊँ श्री गगनसदृश्यमाय नम:<br>ऊँ श्री लक्ष्मीकान्ताजाय नम:<br>ऊँ श्री प्रभवे नम:<br>ऊँ श्री गरुडध्वजाय नम:<br>ऊँ श्री परमधार्मिकाय नम:<br>ऊँ श्री यशोदानन्दनयाय नम:<br>ऊँ श्री विराटपुरुषाय नम:<br>ऊँ श्री अक्रूराय नम:<br>ऊँ श्री सुलोचनाय नम:<br>ऊँ श्री भक्तवत्सलाय नम:<br>ऊँ श्री विशुद्धात्मने नम :<br>ऊँ श्री श्रीपतये नम:<br>ऊँ श्री आनन्दाय नम:<br>ऊँ श्री कमलापतये नम:<br>ऊँ श्री सिद्ध संकल्पयाय नम:<br>ऊँ श्री महाबलाय नम:<br>ऊँ श्री लोकाध्यक्षाय नम:<br>ऊँ श्री सुरेशाय नम:<br>ऊँ श्री ईश्वराय नम:<br>ऊँ श्री विराट पुरुषाय नम:<br>ऊँ श्री क्षेत्र क्षेत्राज्ञाय नम:<br>ऊँ श्री चक्रगदाधराय नम:<br>ऊँ श्री योगिनेय नम:<br>ऊँ श्री दयानिधि नम:<br>ऊँ श्री लोकाध्यक्षाय नम:<br>ऊँ श्री जरा-मरण-वर्जिताय नम:<br>ऊँ श्री कमलनयनाय नम:<br>ऊँ श्री शंख भृते नम:<br>ऊँ श्री दु:स्वपननाशनाय नम:<br>ऊँ श्री प्रीतिवर्धनाय नम:<br>ऊँ श्री हयग्रीवाय नम:<br>ऊँ श्री कपिलेश्वराय नम:<br>ऊँ श्री महीधराय नम:<br>ऊँ श्री द्वारकानाथाय नम:<br>ऊँ श्री सर्वयज्ञफलप्रदाय नम:<br>ऊँ श्री सप्तवाहनाय नम:<br>ऊँ श्री श्री यदुश्रेष्ठाय नम:<br>ऊँ श्री चतुर्मूर्तये नम:<br>ऊँ श्री सर्वतोमुखाय नम:<br>ऊँ श्री लोकनाथाय नम:<br>ऊँ श्री वंशवर्धनाय नम:<br>ऊँ श्री एकपदे नम:<br>ऊँ श्री धनुर्धराय नम:<br>ऊँ श्री प्रीतिवर्धनाय नम:<br>ऊँ श्री केश्वाय नम:<br>ऊँ श्री धनंजाय नम:<br>ऊँ श्री ब्राह्मणप्रियाय नम:<br>ऊँ श्री शान्तिदाय नम:<br>ऊँ श्री श्रीरघुनाथाय नम:<br>ऊँ श्री वाराहय नम:<br>ऊँ श्री नरसिंहाय नम:<br>ऊँ श्री रामाय नम:<br>ऊँ श्री शोकनाशनाय नम:<br>ऊँ श्री श्रीहरये नम:<br>ऊँ श्री गोपतये नम:<br>ऊँ श्री विश्वकर्मणे नम:<br>ऊँ श्री हृषीकेशाय नम:<br>ऊँ श्री पद्मनाभाय नम:<br>ऊँ श्री कृष्णाय नम:<br>ऊँ श्री विश्वातमने नम:<br>ऊँ श्री गोविन्दाय नम:<br>ऊँ श्री लक्ष्मीपतये नम:<br>ऊँ श्री दामोदराय नम:<br>ऊँ श्री अच्युताय नम:<br>ऊँ श्री सर्वदर्शनाय नम:<br>ऊँ श्री वासुदेवाय नम:<br>ऊँ श्री पुण्डरीक्षाय नम:<br>ऊँ श्री नर-नारायणा नम:<br>ऊँ श्री जनार्दनाय नम:<br>ऊँ श्री चतुर्भुजाय नम:<br>ऊँ श्री विष्णवे नम:<br>ऊँ श्री केशवाय नम:<br>ऊँ श्री मुकुन्दाय नम:<br>ऊँ श्री सत्यधर्माय नम:<br>ऊँ श्री परमात्मने नम:<br>ऊँ श्री पुरुषोत्तमाय नम:<br>ऊँ श्री हिरण्यगर्भाय नम:<br>ऊँ श्री उपेन्द्राय नम:<br>ऊँ श्री माधवाय नम:<br>ऊँ श्री अनन्तजिते नम:<br>ऊँ श्री महेन्द्राय नम:<br>ऊँ श्री नारायणाय नम:<br>ऊँ श्री सहस्त्राक्षाय नम:<br>ऊँ श्री प्रजापतये नम:<br>ऊँ श्री भूभवे नम:<br>ऊँ श्री प्राणदाय नम:<br>ऊँ श्री देवकी नन्दनाय नम:<br>ऊँ श्री सुरेशाय नम:<br>ऊँ श्री जगतगुरूवे नम:<br>ऊँ श्री सनातन नम:<br>ऊँ श्री सच्चिदानन्दाय नम:<br>ऊँ श्री दानवेन्द्र विनाशकाय नम:<br>ऊँ श्री एकातम्ने नम:<br>ऊँ श्री शत्रुजिते नम:<br>ऊँ श्री घनश्यामाय नम:<br>ऊँ श्री वामनाय नम:<br>ऊँ श्री गरुडध्वजाय नम:<br>ऊँ श्री धनेश्वराय नम:<br>ऊँ श्री भगवते नम:<br>ऊँ श्री उपेन्द्राय नम:<br>ऊँ श्री परमेश्वराय नम:<br>ऊँ श्री सर्वेश्वराय नम:<br>ऊँ श्री धर्माध्यक्षाय नम:<br>ऊँ श्री प्रजापतये नम:</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>मार्गशीर्ष अमावस्या पर इन चीजों से करें भगवान शिव का अभिषेक</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 23 Nov 2024 04:41:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[मार्गशीर्ष अमावस्या]]></category>
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					<description><![CDATA[मार्गशीर्ष अमावस्या का दिन सनातन धर्म में बहुत महत्व रखता है। इस दिन नए कार्य नहीं करने चाहिए। हालांकि यह तिथि धार्मिक अनुष्ठान के लिए खास होती है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन गंगा स्नान और पितरों का तर्पण करने से पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। वैदिक पंचांग के अनुसार इस साल &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>मार्गशीर्ष अमावस्या का दिन सनातन धर्म में बहुत महत्व रखता है। इस दिन नए कार्य नहीं करने चाहिए। हालांकि यह तिथि धार्मिक अनुष्ठान के लिए खास होती है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन गंगा स्नान और पितरों का तर्पण करने से पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। वैदिक पंचांग के अनुसार इस साल मार्गशीर्ष अमावस्या (Margashirsha Amavasya 2024) 1 दिसंबर 2024 दिन रविवार को मनाई जाएगी।</p>



<p>अमावस्या का हिंदुओं में बड़ा धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। मार्गशीर्ष अमावस्या का अपना ही महत्व है। मृगशिरा नक्षत्र से सम्बंधित होने के कारण इस अमावस्या को मृगशिरा अमावस्या भी कहा जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह अमावस्या मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष के 15वें दिन पड़ती है। इस साल मार्गशीर्ष अमावस्या (Margashirsha Amavasya 2024) 1 दिसंबर 2024 दिन रविवार को मनाई जाएगी। कहा जाता है कि इस दिन धार्मिक कार्य और दान-पुण्य करना बहुत शुभ माना जाता है।</p>



<p>वहीं, इस तिथि पर भगवान शिव का अभिषेक करना भी बहुत ही अच्छा माना जाता है। कहते हैं कि इससे घर में सुख-समृद्धि आती है, तो आइए जानते हैं कि इस दिन किन चीजों से भोलेनाथ का राशि अनुसार अभिषेक करना चाहिए?</p>



<p><strong>मार्गशीर्ष अमावस्या पर इन चीजों से करें शिव जी का अभिषेक (Shiv ji Ka Abhishek Kin Chijon Se Karen?)</strong></p>



<p>मेष राशि: मेष राशि के लोगों को मार्गशीर्ष अमावस्या पर भगवान शिव का गुड़ मिश्रित जल से अभिषेक करना चाहिए।<br>वृषभ राशि: वृषभ राशि के जातक को इस दिन पर शिव जी का पंचामृत से अभिषेक करना चाहिए।<br>मिथुन राशि: मिथुन राशि के लोगों को इस तिथि पर भोलेनाथ का गंगाजल से अभिषेक करना चाहिए।<br>कर्क राशि: कर्क राशि के जातकों को इस शुभ मौके पर शंकर भगवान का दही से अभिषेक करना चाहिए।<br>सिंह राशि: सिंह राशि वालों को इस तिथि पर भगवान शंकर का गन्ने के रस से अभिषेक करना चाहिए।<br>कन्या राशि: कन्या राशि के लोगों को इस मौके पर देवों के देव महादेव का गाय के दूध से अभिषेक करना चाहिए।<br>तुला राशि: तुला राशि के लोगों को भगवान शंकर का शहद से अभिषेक करना चाहिए।<br>वृश्चिक राशि: वृश्चिक राशि के जातकों को इस अवसर पर महादेव का गुड़ मिश्रित जल से अभिषेक करना चाहिए।<br>धनु राशि: धनु राशि के लोगों को इस दिन भोलेनाथ का कच्चे दूध से अभिषेक करना चाहिए।<br>मकर राशि: मकर राशि के लोगों को मार्गशीर्ष अमावस्या पर भगवान शिव का तिल के तेल से अभिषेक करना चाहिए।<br>कुंभ राशि: कुंभ राशि के जातकों को इस दिन शिव जी का जल में काले तिल मिलाकर अभिषेक करना चाहिए।<br>मीन राशि: मीन राशि वालों को मार्गशीर्ष अमावस्या पर भगवान शंकर का गंगाजल से अभिषेक करना चाहिए।</p>
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