माराडोना – Live Halchal https://livehalchal.com Latest News, Updated News, Hindi News Portal Thu, 01 Nov 2018 07:23:54 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.10 https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg माराडोना – Live Halchal https://livehalchal.com 32 32 अर्जेंटीना में लगी दिग्गज फुटबॉल खिलाड़ी माराडोना की 9 फीट ऊंची कांसे की प्रतिमा https://livehalchal.com/%e0%a4%85%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9c%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%9f%e0%a5%80%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b2%e0%a4%97%e0%a5%80-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%97/185843 Thu, 01 Nov 2018 07:23:54 +0000 http://www.livehalchal.com/?p=185843 अर्जेंटीना ने बुधवार को महान फुटबॉलर डिएगो माराडोना के 58वें जन्मदिन का जश्न मनाते हुए उनकी पहली कांसे की प्रतिमा का अनावरण किया. इस प्रतिमा में इंग्लैंड के खिलाफ उनके गोल को दर्शाया गया है, जो 20वीं शताब्दी का सर्वश्रेष्ठ गोल चुना गया था. माराडोना का जन्मदिन 30 अक्टूबर को था, लेकिन बारिश के कारण …]]>

अर्जेंटीना ने बुधवार को महान फुटबॉलर डिएगो माराडोना के 58वें जन्मदिन का जश्न मनाते हुए उनकी पहली कांसे की प्रतिमा का अनावरण किया. इस प्रतिमा में इंग्लैंड के खिलाफ उनके गोल को दर्शाया गया है, जो 20वीं शताब्दी का सर्वश्रेष्ठ गोल चुना गया था.

माराडोना का जन्मदिन 30 अक्टूबर को था, लेकिन बारिश के कारण अनावरण को एक दिन के लिए टाल दिया गया. यह प्रतिमा ब्यूनस आयर्स में अर्जेंटिनोस जूनियर्स क्लब स्टेडियम के समीप है, जहां माराडोना ने 1976 में पदार्पण किया था.

इसके एक दशक बाद माराडोना की कप्तानी में अर्जेंटीना ने 1986 का विश्व कप जीता और इस दौरान उन्होंने खेल के इतिहास के दो यादगार गोल भी किए. माराडोना की यह प्रतिमा नौ फीट की है. हालांकि कोचिंग व्यस्तता के कारण माराडोना इस कार्यक्रम में हिस्सा नहीं ले पाए.

1986 वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल को आज भी फुटबॉल फैंस भूले नहीं होंगे. उस मैच में माराडोना ने सबकी नजरें बचाकर मुक्के से गोल कर दिया था. मैच के बाद माराडोना ने मीडिया के सामने अपने उस गोल को ‘हैंड ऑफ द गॉड’ कहा था. इस गोल की बदौलत अर्जेंटीना वह मैच जीत गया. इसके बाद उसने उस वर्ल्ड कप को भी अपने नाम करने में कामयाबी पाई.

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माराडोना ने बोली ये बड़ी बात ‘वीआरए’ रहा होता तो मेरा ‘हैंड ऑफ गॉड गोल’ माना नहीं जाता… https://livehalchal.com/%e0%a4%b5%e0%a5%80%e0%a4%86%e0%a4%b0%e0%a4%8f-%e0%a4%b0%e0%a4%b9%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%a4%e0%a5%8b-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a5%88%e0%a4%82/66653 Thu, 27 Jul 2017 07:15:40 +0000 http://www.livehalchal.com/?p=66653 NEW DELHI: अर्जेटीना के दिग्गज फुटबाल खिलाड़ी डिएगो माराडोना ने वीडियो असिस्टेंट रेफरी सिस्टम (वीआरए) की वकालत की है।साथ ही यह भी माना है कि अगर यह तकनीक रही होती तो उनके द्वारा 1986 के विश्व कप में इंग्लैंड के खिलाफ किए गए मशहूर गोल को गोल नहीं माना जाता। विश्व फुटबाल की नियामक संस्था …]]>

NEW DELHI: अर्जेटीना के दिग्गज फुटबाल खिलाड़ी डिएगो माराडोना ने वीडियो असिस्टेंट रेफरी सिस्टम (वीआरए) की वकालत की है।साथ ही यह भी माना है कि अगर यह तकनीक रही होती तो उनके द्वारा 1986 के विश्व कप में इंग्लैंड के खिलाफ किए गए मशहूर गोल को गोल नहीं माना जाता। विश्व फुटबाल की नियामक संस्था फीफा की वेबसाइट ने मंगलवार को माराडोना के हवाले से लिखा है, “फुटबाल पीछे नहीं रह सकता।माराडोना ने बोली ये बड़ी बात 'वीआरए' रहा होता तो मेरा 'हैंड ऑफ गॉड गोल' माना नहीं जाता... इस बात को ध्यान में रखते हुए कि तकनीक आगे जा रही है और हर खेल इसको अपना रहा है, ऐसे में हम कैसे इस फुटबाल में नहीं लाने के बारे में सोच सकते हैं?” माराडोना ने कहा, “लोगों को गुस्सा आता है जब जो फैसला नहीं दिया जाना था, दिया जाता है और जब आपका गोल गलत तरीके से नामंजूर हो जाता है। तकनीक पारदर्शिता लाती है और उन टीमों को सकारात्मकता प्रदान करती है जो आक्रामक खेलते हुए जोखिम लेना चाहती हैं।”

 

समाचार एजेंसी एफे के मुताबिक, फीफा ने अपने कई टूर्नामेंट में वीएआर तकनीक का उपयोग किया है, जिसमें हाल ही में हुआ कंफेडेरेशन कप शामिल है। माराडोना ने साफ मान लिया कि 1986 विश्व कप में इंग्लैंड के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में उनका ‘हैंड ऑफ गॉड’ गोल गिना ही नहीं जाता, अगर यह तकनीक उस समय लागू रही होती।

लेकिन, 1990 विश्व कप में हुए एक मैच में भी चीजें बदल जातीं। माराडोना ने कहा, “मेरा मानना है कि अगर यह तकनीक होती तो वह गोल नहीं होता। मैं आपको एक और बात बताता हूं, 1990 मैंने सोवियत संघ के खिलाफ गेंद को लाइन के पार करने के लिए अपने हाथ का उपयोग किया था।”

उन्होंने कहा, “हम भाग्यशाली थे क्योंकि रेफरी ने इसे देखा नहीं था। तब आप तकनीक का इस्तेमाल नहीं कर सकते थे, लेकिन आज कहानी अलग होगी।”

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