<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>माना जाता है देश का दिल &#8211; Live Halchal</title>
	<atom:link href="https://livehalchal.com/tag/%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b2/feed" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://livehalchal.com</link>
	<description>Latest News, Updated News, Hindi News Portal</description>
	<lastBuildDate>Sun, 22 Nov 2020 12:52:25 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.7</generator>

<image>
	<url>https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg</url>
	<title>माना जाता है देश का दिल &#8211; Live Halchal</title>
	<link>https://livehalchal.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>जानें कर्क रेखा पर स्थित करौंदी गांव क्यों माना जाता है देश का दिल, इसे लेकर दशकों पहले देखा गया बड़ा सपना</title>
		<link>https://livehalchal.com/learn-why-karaundi-village-on-the-tropic-of-cancer-is-considered-the-heart-of-the-country-a-big-dream-seen-decades-ago/396117</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Sonelal Verma]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 22 Nov 2020 12:39:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
		<category><![CDATA[मध्यप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[कटनी जिले का करौंदी गांव]]></category>
		<category><![CDATA[कर्क रेखा पर]]></category>
		<category><![CDATA[माना जाता है देश का दिल]]></category>
		<category><![CDATA[स्थित मध्य प्रदेश के]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://www.livehalchal.com/?p=396117</guid>

					<description><![CDATA[<img width="581" height="413" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/11/kark.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/11/kark.jpg 581w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/11/kark-300x213.jpg 300w" sizes="(max-width: 581px) 100vw, 581px" />जबलपुर। भौगोलिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण मध्य प्रदेश के कटनी जिले के ढीमरखेड़ा तहसील के करौंदी गांव के हाल बदहाल हैं। करीब 200 की आबादी वाले गांव को भारत का भौगोलिक केंद्र बिंदु माना जाता है। भारत के आठ राज्यों से गुजरने वाली कर्क रेखा पर यह गांव स्थित है। इस गांव को इसी खासियत की &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="581" height="413" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/11/kark.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/11/kark.jpg 581w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/11/kark-300x213.jpg 300w" sizes="(max-width: 581px) 100vw, 581px" />
<p><strong>जबलपुर।</strong> भौगोलिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण मध्य प्रदेश के कटनी जिले के ढीमरखेड़ा तहसील के करौंदी गांव के हाल बदहाल हैं। करीब 200 की आबादी वाले गांव को भारत का भौगोलिक केंद्र बिंदु माना जाता है। भारत के आठ राज्यों से गुजरने वाली कर्क रेखा पर यह गांव स्थित है। इस गांव को इसी खासियत की वजह से देश का दिल (हार्ट ऑफ कंट्री) भी कहते हैं। करौंदी को आदर्श गांव बनाने का सपना दशकों पहले देखा गया लेकिन आज भी यह साधारण सा गांव है। विकास के नाम पर सजावटी पत्थर जरूर दिखते हैं लेकिन वे भी समय के साथ उपेक्षित हैं या चोरी हो गए। इसे सात साल पहले टूरिस्ट मेगा सर्किट में भी शामिल किया गया था।</p>



<figure class="wp-block-image size-large is-resized"><img decoding="async" src="https://www.haqeeqattoday.com/wp-content/uploads/2020/11/kark.jpg" alt="" class="wp-image-150686" width="717" height="509"/></figure>



<p>इंजीनियरिंग कॉलेज जबलपुर के संस्थापक प्राचार्य एसपी चक्रवर्ती की अगुवाई में 1956 में इस स्थान की खोज की गई और इसे भौगोलिक रूप से देश के केंद्र बिंदु के रूप में मान्यता मिली। दिसंबर 1987 में तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व. चंद्रशेखर करौंदी पहुंचे और उसी साल यहां एक स्मारक बनना शुरू हुआ। 15 दिसंबर 1987 को स्मारक तैयार हुआ। स्व. चंद्रशेखर फिर यहां आए और उन्होंने यहां अंतरराष्ट्रीय कृषि नगर बनाने की घोषणा की। यहां उन्होंने आधा एकड़ में आश्रम भी बनाया लेकिन अब यह भी बदहाल है।</p>



<p class="has-medium-font-size">यहां विदेशों से भी वेदों का अध्ययन करने आते हैं बटुक-</p>



<p>अंतराष्ट्रीय आदर्श कृषि नगर बनाने की योजना उपयुक्त जमीन नहीं मिल पाने से अधूरी रह गई। इस जगह के महत्व को देखते हुए आध्यात्मिक गुर महर्षि महेश योगी ने 29 नवंबर 1995 को यहां से कुछ दूरी पर महर्षि विश्वविद्यालय की स्थापना की। यहां पर विदेशों से भी वेदों का अध्ययन करने बटुक आते हैं। महर्षि महेश योगी ने यहां पर 2222 फीट ऊंचाई की 124 मंजिला इमारत बनाने की योजना बनाई थी। 2002 में इसकी आधारशिला भी रख दी गई थी लेकिन रक्षा मंत्रालय से अनुमति न मिलने और क्षेत्र के भूकंप संवेदी होने की वजह से यह योजना भी धरी रह गई।</p>



<p class="has-medium-font-size">राशि खर्च, विकास नहीं हुआ-</p>



<p>करौंदी गांव को टूरिस्ट मेगा सर्किट में शामिल कर इसका विकास करने 17 अगस्त 2013 को तत्कालीन क्षेत्रीय विधायक व पूर्व मंत्री मोती कश्यप ने पर्यटन विकास निगम के अधिकारियों की मौजूदगी में विकास कार्यो की आधार शिला रखी थी। सात वर्ष में यहां करीब 66 लाख रपये की राशि खर्च होना बताया जा रहा है। गांव में विकास के नाम पर कहीं-कहीं सजावटी मार्बल पत्थर ही लगाए गए हैं। वर्ष 2018 में विकास के लिए कलेक्टर के फंड से 61 लाख रपये की लागत से सुंदरीकरण की योजना बनाई गई लेकिन उसका भी काम गांव में दिखाई नहीं देता। गांव के रामलाल पटेल इससे निराश हैं। वे कहते हैं कि विकास योजनाओं से पर्यटन बढ़ने की उम्मीद थी, उससे रोजगार मिलता लेकिन कुछ भी नहीं हो पाया।</p>



<p>कलेक्टर एसबी सिंह ने कहा कि करौंदी में पर्यटन, पुरातत्व विभाग के अलावा कलेक्टर फंड से भी काम हुए। ग्रामीणों को भी जागरूक किया जा रहा है कि वे राष्ट्रीय संपत्ति की सुरक्षा करें। इस स्थान को और अधिक विकसित किए जाने पर काम किया जा रहा है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
