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	<title>महामृत्युंजय शिव रथयात्रा &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>महेश्वर में महामृत्युंजय शिव रथयात्रा में दिखा सुंदर नजारा, महाआरती से शिवमय हुआ नगर</title>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="334" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-11-215323.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-11-215323.png 885w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-11-215323-300x162.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-11-215323-768x416.png 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />शिवभक्ति की परंपरा को संजोए माहिष्मती नगरी महेश्वर में रविवार को भगवान महामृत्युंजय शिव की भव्य रथयात्रा श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ निकाली गई। हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता, पुष्पवर्षा, ढोल-नगाड़ों और नर्मदा तट पर हुई महाआरती ने पूरे नगर को शिवमय कर दिया। चलिए तस्वीरों में देखते हैं कैसा मंजर था इस दौरान? तपोभूमि &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="334" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-11-215323.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-11-215323.png 885w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-11-215323-300x162.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-11-215323-768x416.png 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>शिवभक्ति की परंपरा को संजोए माहिष्मती नगरी महेश्वर में रविवार को भगवान महामृत्युंजय शिव की भव्य रथयात्रा श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ निकाली गई। हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता, पुष्पवर्षा, ढोल-नगाड़ों और नर्मदा तट पर हुई महाआरती ने पूरे नगर को शिवमय कर दिया। चलिए तस्वीरों में देखते हैं कैसा मंजर था इस दौरान?</p>



<p>तपोभूमि के नाम से विख्यात और शिवभक्ति की अमिट परंपरा को संजोए माहिष्मती नगरी महेश्वर में रविवार को भगवान महामृत्युंजय शिव की भव्य रथयात्रा श्रद्धा, भक्ति, उमंग और उत्साह के साथ संपन्न हुई। स्मरणीय मातुश्री अहिल्या देवी होल्कर की कर्मस्थली रही इस पावन नगरी में निकली रथयात्रा ने पूरे नगर को शिवमय कर दिया।</p>



<p>भोले बाबा के जयघोष, ढोल-नगाड़ों की गूंज और भजनों की मधुर स्वर-लहरियों के बीच हजारों श्रद्धालु भाव-विभोर होकर भगवान महामृत्युंजय के रथ को अपने हाथों से खींचते हुए आगे बढ़ते रहे। यह दृश्य नगरवासियों के लिए आस्था और आनंद का अविस्मरणीय अनुभव बन गया।</p>



<p><strong>जन-जन की सहभागिता से सजी रथयात्रा</strong></p>



<p>महालक्ष्मी नगर स्थित स्वाध्याय भवन से प्रारंभ हुई महामृत्युंजय रथयात्रा जैसे-जैसे नगर भ्रमण पर आगे बढ़ी, वैसे-वैसे श्रद्धालुओं का कारवां बढ़ता चला गया। सुगंधित पुष्पों से सुसज्जित रथ में विराजमान भगवान महामृत्युंजय की एक झलक पाने के लिए सड़कों के दोनों ओर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने जय-जयकार और पुष्पवर्षा के माध्यम से शिव के प्रति अपनी अटूट आस्था प्रकट की।</p>



<p><strong>परंपरा और भव्यता की मिसाल</strong></p>



<p>बैंड-बाजों, ढोल-ताशों और धर्मध्वजाओं के साथ निकली यह रथयात्रा सनातन संस्कृति की गौरवशाली परंपरा की जीवंत मिसाल बनी। ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के उद्देश्य से आयोजित महामृत्युंजय शिव रथयात्रा का यह 18वां वर्ष रहा।</p>



<p>स्वर्गीय डॉ. मनस्वी जी एवं उनके सहयोगियों के सतत प्रयासों से यह आयोजन वर्षों में विशाल स्वरूप ले चुका है। घर-घर निमंत्रण देकर नगर, ग्रामीण अंचलों और अन्य प्रांतों से श्रद्धालुओं को जोड़ते हुए यात्रा को भव्य रूप दिया गया। इंदौर, भोपाल, धार, खरगोन, मंडलेश्वर, धामनोद और बड़वाह सहित दूर-दराज़ क्षेत्रों से आए हजारों भक्तों ने रथ खींचकर पुण्य लाभ अर्जित किया।</p>



<p><strong>पुष्पवर्षा से आच्छादित हुआ नगर मार्ग</strong></p>



<p>दोपहर लगभग तीन बजे निकली रथयात्रा का नगरभर में भव्य स्वागत किया गया। विभिन्न स्थानों पर मंच सजाकर सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर भगवान महामृत्युंजय का अभिनंदन किया। महालक्ष्मी नगर से लेकर नर्मदा तट तक स्वागत का सिलसिला चलता रहा। श्रद्धालुओं की पुष्पवर्षा से संपूर्ण मार्ग फूलों से आच्छादित हो गया, जिससे नगर का वातावरण अलौकिक प्रतीत हुआ।</p>



<p><strong>नर्मदा तट पर भव्य महाआरती</strong></p>



<p>नगर भ्रमण के पश्चात गोधूलि बेला में महामृत्युंजय रथयात्रा पुण्यसलिला मां नर्मदा के पावन तट स्थित नाव घाट पहुंची। यहां विशेष रूप से सुसज्जित घाट पर 5100 दीप-बातियों और घंटे-घड़ियालों के साथ भव्य महाआरती संपन्न हुई। हजारों श्रद्धालुओं ने हाथों में काकड़ बाती लेकर भगवान शिव और मां नर्मदा की आरती उतारी।</p>



<p>दीपों की जगमगाहट, मंत्रोच्चार और जयघोष के बीच नर्मदा तट पर भक्त और भगवान का यह अनुपम दृश्य अद्भुत आध्यात्मिक छटा बिखेरता रहा। महाआरती के उपरांत श्रद्धालुओं ने महाप्रसादी ग्रहण की।</p>



<p><strong>जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों की सहभागिता</strong></p>



<p>रथयात्रा में महेश्वर विधायक राजकुमार मेव ने स्वयं रथ खींचकर सहभागिता निभाई। भाजपा मंडल अध्यक्ष विक्रम पटेल सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी यात्रा में शामिल हुए। व्यापारिक संस्थानों और समाजसेवियों ने बाहर से आए श्रद्धालुओं की सेवा के लिए निःशुल्क खाद्य सामग्री के स्टॉल लगाए।</p>



<p><strong>महेश्वरवासियों के लिए विशेष महत्व रखती यह यात्रा</strong></p>



<p>हर वर्ष मकर संक्रांति से पूर्व रविवार को आयोजित होने वाली यह महामृत्युंजय शिव रथयात्रा उज्जैन की महाकाल सवारी की तरह महेश्वरवासियों के लिए विशेष महत्व रखती है। वर्षों से बढ़ती श्रद्धालुओं की सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना का भी सशक्त प्रतीक बन चुका है।</p>
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