महादेव-शनि देव – Live Halchal https://livehalchal.com Latest News, Updated News, Hindi News Portal Sat, 14 Feb 2026 05:23:32 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.10 https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg महादेव-शनि देव – Live Halchal https://livehalchal.com 32 32 आज महादेव-शनि देव को खुश करने का महायोग, पढ़ें शुभ मुहूर्त https://livehalchal.com/%e0%a4%86%e0%a4%9c-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b5-%e0%a4%b6%e0%a4%a8%e0%a4%bf-%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b5-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%96%e0%a5%81%e0%a4%b6-%e0%a4%95%e0%a4%b0/660703 Sat, 14 Feb 2026 05:23:31 +0000 https://livehalchal.com/?p=660703 शनि प्रदोष व्रत 2026 पर दुर्लभ संयोग बन रहा है। पढ़ें पूजा का सटीक शुभ मुहूर्त, विधि और शनि की साढ़ेसाती व ढैय्या से मुक्ति के अचूक उपाय। आइए जानते हैं इस दिन शिवलिंग पर काले तिल चढ़ाने और पीपल के नीचे दीपदान करने से कैसे चमकती है किस्मत? हिंदू पंचांग के अनुसार, जब त्रयोदशी …]]>

शनि प्रदोष व्रत 2026 पर दुर्लभ संयोग बन रहा है। पढ़ें पूजा का सटीक शुभ मुहूर्त, विधि और शनि की साढ़ेसाती व ढैय्या से मुक्ति के अचूक उपाय। आइए जानते हैं इस दिन शिवलिंग पर काले तिल चढ़ाने और पीपल के नीचे दीपदान करने से कैसे चमकती है किस्मत?

हिंदू पंचांग के अनुसार, जब त्रयोदशी तिथि शनिवार के दिन पड़ती है, तो उसे शनि प्रदोष (Shani Pradosh Vrat 2026) व्रत कहा जाता है। साल 2026 के फरवरी महीने का पहला शनि प्रदोष व्रत 14 फरवरी यानी आज है। यह दिन भगवान शिव (Lord Shiva) और शनि देव दोनों की कृपा पाने के लिए विशेष माना जाता है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन व्रत रखने और शिव उपासना करने से कुंडली में व्याप्त शनि के अशुभ प्रभाव जैसे साढ़ेसाती (Shani Sadhesati) और ढैय्या के कष्टों में बड़ी राहत मिलती है।

शुभ मुहूर्त और तिथि (Shubh Muhurat)
साल 2026 में फाल्गुन मास (Falgun Maas) के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 14 फरवरी को है। दृक पंचांग के अनुसार, प्रदोष व्रत की पूजा हमेशा सूर्यास्त के बाद यानी ‘प्रदोष काल’ में की जाती है। इस दिन पूजा का शुभ समय शाम 6:10 बजे से शुरू होकर रात 8:44 बजे तक रहेगा। इस ढाई घंटे की अवधि में की गई पूजा का फल अनंत गुना बढ़ जाता है।

क्यों है यह व्रत इतना खास? (Pradosh Vrat Importance)
पौराणिक कथाओं के अनुसार, शनि देव (Shani Dev) भगवान शिव के परम शिष्य हैं। जब कोई व्यक्ति शनि प्रदोष के दिन महादेव की आराधना करता है, तो शनि देव उस पर अपनी टेढ़ी नजर नहीं डालते। शिव पुराण में उल्लेख है कि जो लोग शनि दोष के कारण आर्थिक तंगी, शारीरिक कष्ट या मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं, उनके लिए यह दिन ‘संजीवनी’ की तरह काम करता है।

पूजा की सरल विधि (Puja Vidhi)
शुद्धि: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े (संभव हो तो सफेद या नीले) पहनें।
शिवलिंग अभिषेक: प्रदोष काल में किसी शिव मंदिर जाएं। शिवलिंग पर गंगाजल, दूध और विशेष रूप से काले तिल चढ़ाएं। काले तिल शनि देव को प्रिय हैं और शिव पर इन्हें चढ़ाने से शनि दोष शांत होता है।
दीपदान: पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। यह उपाय साढ़ेसाती के प्रभाव को कम करने के लिए अचूक माना गया है।
मंत्र जाप: पूजा के दौरान ‘ॐ नमः शिवाय’ और ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ मंत्रों का जाप करें।

इन बातों का रखें ध्यान
प्रदोष व्रत के दिन तामसिक भोजन (प्याज, लहसुन, मांस-मदिरा) से पूरी तरह परहेज करना चाहिए।
मन में शुद्ध विचार रखें और किसी का अपमान न करें।
गरीबों और जरूरतमंदों को काला छाता, कंबल या काली उड़द की दाल का दान करना शनि देव को प्रसन्न करने का सबसे सरल मार्ग है।

इन मंत्रों का करें जाप

प्रदोष व्रत पर भगवान शिव की कृपा पाने के लिए संध्याकाल (सूर्यास्त के समय) में “ॐ नमः शिवाय”, महामृत्युंजय मंत्र (ॐ त्र्यम्बकं यजामहे…) और शिव गायत्री मंत्र का जाप सबसे उत्तम माना जाता है।

]]>