ममता बनर्जी – Live Halchal https://livehalchal.com Latest News, Updated News, Hindi News Portal Thu, 26 Feb 2026 08:26:55 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.10 https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg ममता बनर्जी – Live Halchal https://livehalchal.com 32 32 ममता बनर्जी को बंगाल में मतदाता सूची से 1.20 करोड़ नाम कटने की आशंका https://livehalchal.com/%e0%a4%ae%e0%a4%ae%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%ac%e0%a4%a8%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%ac%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ae/663003 Thu, 26 Feb 2026 08:26:46 +0000 https://livehalchal.com/?p=663003 ममता ने कहा कि मैं एक भी वैध मतदाता का नाम हटाए जाने के खिलाफ आवाज उठाती रहूंगी। चुनाव आयोग के खिलाफ मैंने खुद सुप्रीम कोर्ट में लड़ाई की।’ आरोप लगाया कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद चुनाव आयोग ने वाट्सएप पर नियमित रूप से नए निर्देश जारी करने की अपनी चाल नहीं रोकी …]]>

ममता ने कहा कि मैं एक भी वैध मतदाता का नाम हटाए जाने के खिलाफ आवाज उठाती रहूंगी। चुनाव आयोग के खिलाफ मैंने खुद सुप्रीम कोर्ट में लड़ाई की।’ आरोप लगाया कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद चुनाव आयोग ने वाट्सएप पर नियमित रूप से नए निर्देश जारी करने की अपनी चाल नहीं रोकी है।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बंगाल में एसआइआर के जरिए 1.20 करोड़ लोगों के नाम मतदाता सूची से कटने की आशंका जताई है। अंतिम मतदाता सूची 28 फरवरी को जारी होनी है।

ममता ने चुनाव आयोग पर एक राजनीतिक दल के इशारे पर तार्किक विसंगतियों के बहाने वैध मतदाताओं के नाम हटाने का आरोप लगाया।

अपने निर्वाचन क्षेत्र कोलकाता के भवानीपुर में जैन मनस्तंभ और संत कुटिया गुरुद्वारा गेट सहित कई परियोजनाओं के उद्घाटन व शिलान्यास के बाद ममता ने कहा-‘एसआइआर के कारण बहुतों ने मताधिकार खो दिया है। पहले चरण के बाद 58 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए थे। तार्किक विसंगतियों के नाम पर 14 फरवरी तक कम से कम 20 लाख और वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। करीब एक करोड़ 20 लाख नाम हटाए जा सकते हैं।’

उन्होंने आगे कहा-‘मैं एक भी वैध मतदाता का नाम हटाए जाने के खिलाफ आवाज उठाती रहूंगी। चुनाव आयोग के खिलाफ मैंने खुद सुप्रीम कोर्ट में लड़ाई की।’ आरोप लगाया कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद चुनाव आयोग ने वाट्सएप पर नियमित रूप से नए निर्देश जारी करने की अपनी चाल नहीं रोकी है।

सीएम ममता ने कहा-‘बंगाल में हम सभी भाषाओं, धर्मों, रीति-रिवाजों, संस्कृति और खान-पान का सम्मान करते हैं। मुझे बिहार की रोटी, चपाती, लिट्टी, गुजरात का ढोकला व अन्य व्यंजन पसंद हैं।

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‘ममता बनर्जी को गिरफ्तार करो…’, मेसी के इवेंट में हुए बवाल पर असम CM हिमंता बिस्वा सरमा का बड़ा बयान https://livehalchal.com/%e0%a4%ae%e0%a4%ae%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%ac%e0%a4%a8%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%97%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a4%ab%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%95/648718 Sun, 14 Dec 2025 06:04:24 +0000 https://livehalchal.com/?p=648718 असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मेसी के इवेंट में हुई अफरा-तफरी के लिए ममता बनर्जी की गिरफ्तारी की मांग की है, उन्होंने बंगाल सरकार पर भीड़ को नियंत्रित करने में विफलता का आरोप लगाया। सरमा ने बंगाल में वीआईपी संस्कृति पर सवाल उठाते हुए कहा कि गृह मंत्री के रूप में ममता बनर्जी …]]>

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मेसी के इवेंट में हुई अफरा-तफरी के लिए ममता बनर्जी की गिरफ्तारी की मांग की है, उन्होंने बंगाल सरकार पर भीड़ को नियंत्रित करने में विफलता का आरोप लगाया। सरमा ने बंगाल में वीआईपी संस्कृति पर सवाल उठाते हुए कहा कि गृह मंत्री के रूप में ममता बनर्जी जिम्मेदार हैं।

पश्चिम बंगाल के कोलकाता में मशहूर फुटबॉलर लियोनेल मेसी की एक झलक पाने को बेताब फैंस ने उनके जाते ही टेबल-कुर्सी तोड़ना शुरू कर दिया। महंगी टिकट खरीदने के बावजूद उन्हें मेसी को देखने तक का मौका नहीं मिला और इसकी वजह थी कथित VIP कल्चर। इसे लेकर सियासी पारा भी चढ़ने लगा है। इसे लेकर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने ममता सरकार पर निशाना साधा है।

हिमंता बिस्वा सरमा ने ममता बनर्जी की गिरफ्तारी की मांग की है। उनका कहना है कि ममता सरकार भीड़ को नियंत्रण करने में नाकामयाब साबित हुई है। अधिकारियों से घिरे होने के कारण भारी संख्या में जुटे लोग उन्हें देख तक नहीं सके।

असम CM ने क्या कहा?

हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, “जुबीन गर्ग की मौत के बाद गुवाहाटी की सड़कों पर 3 दिन तक 10 करोड़ से भी ज्यादा लोग मौजूद थे, लेकिन कोई गड़बड़ नहीं हुई। सबकुछ शांति से खत्म हुआ। लगभग 50 हजार लोग अंतिम संस्कार में गए थे, लेकिन कोई हादसा नहीं हुआ। मुंबई में महिला विश्व कप फाइनल के दौरान भी सबकुछ शांति से संपन्न हुआ, लेकिन बंगाल एक ऐसा राज्य है, जहां कुछ भी कहा नहीं जा सकता है। वहां VIP कल्चर काफी ज्यादा है।”

हिमंता बिस्वा सरमा के अनुसार,

पश्चिम बंगाल की गृह मंत्री, जो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ही हैं और कोलकाता पुलिस के कमिश्नर को गिरफ्तार कर लेना चाहिए। कोलकाता में जो कुछ भी हुआ, उसकी पूरी जिम्मेदारी गृह मंत्री और पुलिस कमिश्नर की है।

हिमंता बिस्वा सरमा ने आगे कहा, “मेसी पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा हैं। ममता बनर्जी को खुद का निरीक्षण करने की जरूरत है। बंगाल में हर दिन लोगों पर अत्याचार होता है। यह चिंता का विषय है।”

क्या है पूरा मामला?

बता दें कि विश्व कप विजेता फुटबॉलर लियोनेल मेसी को देखने के लिए कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम में भारी भीड़ जुटी थी। सभी दर्शक हजारों रुपये का टिकट खीदकर स्टेडियम में पहुंचे थे। मगर, 20 मिनट की विजिट के दौरान मेसी को अधिकारियों और नेताओं ने घेर रखा था, जिसके कारण लोगों को मेसी की एक झलक तक देखने को नहीं मिली।

इवेंट ऑर्गेनाइजर गिरफ्तार

मेसी के जाते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने प्लास्टिक की बोतलों और कुर्सियों को पिच पर फेंकना शुरू कर दिया। भीड़ पर काबू पाने के लिए पुलिस ने बल का सहारा लिया। पश्चिम बंगाल के गवर्नर सीवी आनंद बोस ने बाद में बताया कि इवेंट के आयोजनकर्ता को गिरफ्तार कर लिया गया है।

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TMC में बदलाव के लिए भतीजे संग रणनीति बना रही थीं ममता बनर्जी https://livehalchal.com/tmc-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ac%e0%a4%a6%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b5-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%8f-%e0%a4%ad%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%9c%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97/626071 Tue, 05 Aug 2025 09:33:11 +0000 https://livehalchal.com/?p=626071 पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। दिल्ली में पार्टी की छवि को निखारने और इंडिया गठबंधन में मजबूत पैठ बनाने के लिए ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी ने नई रणनीति बनाई। एनडीटीवी के मुताबिक, इस स्ट्रेटेजी के …]]>

पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। दिल्ली में पार्टी की छवि को निखारने और इंडिया गठबंधन में मजबूत पैठ बनाने के लिए ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी ने नई रणनीति बनाई।

एनडीटीवी के मुताबिक, इस स्ट्रेटेजी के तहत दिल्ली में एक नई और मजबूत टीम तैयार करना है, जो अभिषेक बनर्जी के साथ मिलकर काम करे। लेकिन ममता बनर्जी की अपने सांसदों के साथ 12 मिनट की ऑनलाइन बैठक के बाद इस रणनीति ने दम तोड़ दिया।

दरअसल ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ने पार्टी के मुख्य सचेतक कल्याण बनर्जी और संसदीय दल के नेता सुदीप बनर्जी को उनके पदों से हटाने की योजना बनाई थी।

मगर बैठक में सिर्फ कल्याण बनर्जी का मामला उठाने का इरादा था। लेकिन जैसे ही ममता बनर्जी ने कल्याण बनर्जी की भूमिका पर सवाल उठाए और काकोली दस्तीदार को नई जिम्मेदारी देने की बात कही, कल्याण बनर्जी भड़क गए। उन्होंने तुरंत इस्तीफा दे दिया और सार्वजनिक रूप से तीखी टिप्पणियां कीं।

अभिषेक बनर्जी घोषित किए गए संसदीय दल का नेता
कल्याण बनर्जी के इस कदम ने टीएमसी की सारी योजनाओं पर पानी फेर दिया। उनके इस्तीफे के बाद पार्टी ने सुदीप बनर्जी को भी लोकसभा में संसदीय दल के नेता के पद से हटा दिया। इसके बाद अभिषेक बनर्जी को संसदीय दल का नेता घोषित किया गया।

सूत्रों का कहना है कि ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी इस पूरे घटनाक्रम से नाखुश हैं। फिर भी, अभिषेक बनर्जी ने कल्याण बनर्जी को मनाने की कोशिश की और कहा कि वह जल्द ही दिल्ली में उनसे मुलाकात करेंगे।

अभिषेक बनर्जी को ममता बनर्जी का राजनीतिक वारिस माना जाता है। अब दिल्ली में पार्टी का नेतृत्व करेंगे और इंडिया गठबंधन के साथ तालमेल बनाएंगे। दूसरी ओर, ममता बनर्जी बंगाल में पार्टी का मुख्यमंत्री चेहरा बनी रहेंगी।

एनडीटीवी ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि एक समय ममता और अभिषेक के बीच मतभेद की खबरें थीं, लेकिन अब दोनों एक ही पृष्ठ पर हैं। हाल ही में उनकी मुलाकात भी इस बात का सबूत है।

कल्याण बनर्जी ने क्या कहा?
कल्याण बनर्जी ने मीडिया से बात करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा, “मुझे सांसदों के बीच तालमेल की कमी का दोषी ठहराया जा रहा है। ‘दीदी’ ने वर्चुअल बैठक में कहा कि सांसदों में समन्वय की कमी है और इसका ठीकरा मेरे सिर पर फोड़ा गया। इसलिए मैंने मुख्य सचेतक के पद से इस्तीफा दे दिया।”

उन्होंने आगे कहा, “जिन्हें ममता बनर्जी ने सांसद बनाया, वे लोग लोकसभा में आते ही नहीं। दक्षिण कोलकाता, बैरकपुर, बांकुड़ा, उत्तर कोलकाता…कोई संसद में नहीं दिखता। मैं इसमें क्या कर सकता हूं? मेरा क्या कसूर है? हर चीज का इल्जाम मुझ पर क्यों?”

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ममता बनर्जी के आरोपों पर हिमंत बिस्व सरमा का पलटवार https://livehalchal.com/%e0%a4%ae%e0%a4%ae%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%ac%e0%a4%a8%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%86%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%aa%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%b9/623600 Sat, 19 Jul 2025 11:21:51 +0000 https://livehalchal.com/?p=623600 असम में राज्य सरकार सुरक्षा और संस्कृति की रक्षा के नाम पर कार्रवाई कर रही है, वहीं बंगाल में इसे राजनीतिक भेदभाव के तौर पर देखा जा रहा है। घुसपैठ समेत तमाम मुद्दों को लेकर दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बीच जुबानी जंग भी शुरू हो गई है असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा और …]]>

असम में राज्य सरकार सुरक्षा और संस्कृति की रक्षा के नाम पर कार्रवाई कर रही है, वहीं बंगाल में इसे राजनीतिक भेदभाव के तौर पर देखा जा रहा है। घुसपैठ समेत तमाम मुद्दों को लेकर दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बीच जुबानी जंग भी शुरू हो गई है

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। यह विवाद असम में कथित घुसपैठ, भाषायी पहचान और एनआरसी जैसे मुद्दों को लेकर है। शनिवार को सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए हिमंत बिस्व सरमा ने ममता बनर्जी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘हम अपने ही लोगों से नहीं लड़ रहे हैं। हमारी लड़ाई सीमा पार से हो रही घुसपैठ के खिलाफ है, जो असम की जनसंख्या संतुलन को बिगाड़ रही है। कई जिलों में हिंदू अब अपने ही घर में अल्पसंख्यक बनते जा रहे हैं।’

‘सुप्रीम कोर्ट ने भी इसे बाहरी आक्रमण माना है’
उन्होंने यह भी कहा कि, ‘यह कोई राजनीतिक बयान नहीं, हकीकत है। सुप्रीम कोर्ट ने भी इसे बाहरी आक्रमण माना है। लेकिन जब हम अपनी संस्कृति और पहचान की रक्षा करने की कोशिश करते हैं, तो कुछ लोग इसे राजनीति बना देते हैं।’ सीएम सरमा ने कहा कि असम में सभी भाषाएं और समुदाय साथ रहते हैं, लेकिन सीमाओं और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा जरूरी है।

सीएम ममता बनर्जी का वार
इससे पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘बांग्ला भारत की दूसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है और असम में भी इसका बड़ा स्थान है। लेकिन भाजपा असम में बंगाली भाषियों को निशाना बना रही है। यह पूरी तरह से असंवैधानिक और विभाजनकारी है।’ उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार असम में बांग्लाभाषियों को डराने-धमकाने की कोशिश कर रही है, उनकी भाषा और पहचान को खत्म कर रही है। सीएम ममता ने कहा कि वह हर उस नागरिक के साथ हैं जो अपनी भाषा, संस्कृति और लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए लड़ रहा है।

कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?
यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब तृणमूल कांग्रेस की की ट्रेड यूनियन आईएनटीटीयूसी ने सिलीगुड़ी में एनआरसी के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में बंगाली बोलने वाले लोगों को परेशान किया जा रहा है, और उन्हें माइग्रेंट बताकर हटाया जा रहा है। इस मामले में ममता बनर्जी ने संकेत दिया है कि वो इस मुद्दे पर बंगाल विधानसभा में बहस कर सकती हैं और असम सरकार के खिलाफ सख्त रवैया अपनाएंगी। वहीं असम सरकार ने साफ कर दिया है कि वह अपने “संविधानिक अधिकार” के तहत घुसपैठ के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगी।

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गुजरात: इनाम के लालच में कर बैठे रेल की पटरियों से छेड़छाड़, पुलिस ने खोली पोल https://livehalchal.com/%e0%a4%97%e0%a5%81%e0%a4%9c%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a4-%e0%a4%87%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%9a-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%b0/581987 Tue, 24 Sep 2024 06:31:36 +0000 https://livehalchal.com/?p=581987 बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के धुरविरोधी अधीर रंजन चौधरी के प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष पद से हटने के बाद सत्तारूढ़ टीएमसी अब नए प्रदेशाध्यक्ष शुभंकर सरकार के नेतृत्व में राज्य में कांग्रेस के साथ अपने संबंधों को मजबूत होने की उम्मीद कर रही है। टीएमसी के वरिष्ठ सांसद सौगत राय ने कहा कि टीएमसी …]]>

बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के धुरविरोधी अधीर रंजन चौधरी के प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष पद से हटने के बाद सत्तारूढ़ टीएमसी अब नए प्रदेशाध्यक्ष शुभंकर सरकार के नेतृत्व में राज्य में कांग्रेस के साथ अपने संबंधों को मजबूत होने की उम्मीद कर रही है। टीएमसी के वरिष्ठ सांसद सौगत राय ने कहा कि टीएमसी और कांग्रेस अधीर रंजन चौधरी की वजह से दोनों दल करीब नहीं आ पाए।

गुजरात के सूरत जिले में रेल हादसे को टालने का श्रेय लेने के लिए पटरी से छेड़छाड़ करने का मामला सामने आया है। इस संबंध में पुलिस ने तीन ट्रैकमैन को गिरफ्तार किया है। ये तीनों सरकार और रेलवे से इनाम की लालच में यह कारस्तानी कर बैठे। यह मामला कौसंबा-किम रेलवे स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक का है।

सूरत जिला पुलिस ने तीन ट्रैकमैन सुभाष पोद्दार, मनीष मिस्त्री और शुभम जायसवाल से पूछताछ की तो पूरे मामले का पता चला। पुलिस अधीक्षक होतेश जायसर ने बताया कि पोद्दार व अन्य ने कोसांबा और किम स्टेशन के बीच निरीक्षण के दौरान शनिवार सुबह 5:30 बजे रेलवे प्रशासन को सतर्क किया था कि शरारती तत्वों ने ट्रेन को पटरी से उतारने के लिए पटरियों के एक सेट से इलास्टिक क्लिप और दो फिशप्लेट तथा एक किलोमीटर लंबे रेलवे ट्रैक के पेडलाक को हटाकर पटरी पर रख दिया था।

आरोपितों ने स्वयं वीडियो बनाकर अलर्ट किया
आरोपितों ने स्वयं ऐसा कर उसका वीडियो बनाया, ताकि तारीफ और इनाम पा सकें। आरोपितों ने स्वयं वीडियो बनाकर अलर्ट की मैन सुभाष कुमार को सूचित किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की तो पता चला कि आरोपितों की ओर से वीडियो भेजे जाने से ठीक पहले इस ट्रैक से ट्रेन गुजरी थी। ट्रेन के गुजरने व वीडियो भेजे जाने के बीच का समय काफी कम था।

पुलिस ने आशंका के आधार पर इन तीनों से पूछताछ की। आरोपितों से कड़ाई से पूछताछ की गई तो उन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।पुलिस अधीक्षक ने बताया कि छेड़छाड़ का पता चलने और ट्रेन के गुजरने के बीच का अंतराल बहुत कम था। इतने कम समय में इतना सब कुछ कर पाना संभव नहीं था।

जांच में खुली पोल
तीनों के मोबाइल फोन की जांच की गई और छेड़छाड़ की गई पटरियों के वीडियो प्राप्त किए गए। मिस्त्री ने रात 2:56 बजे से लेकर सुबह 4:57 बजे तक अलग-अलग अंतराल पर ली गई तस्वीरें भी हटा दीं थी। इसी आधार पर पुलिस का शक पुख्ता हो गया।

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