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	<title>मनमोहन सिंह &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>मनमोहन सिंह &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>विधानसभा का विशेष सत्र शुरू, कांग्रेस ने मनमोहन सिंह के लिए मांगा भारत रत्न</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 24 Feb 2025 08:05:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[मनमोहन सिंह]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="361" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-566-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-566.jpg 701w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-566-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />विधानसभा के इस सत्र के हंगामेदार रहने के भी पूरे आसार है, क्योंकि विपक्ष ने थानों पर ग्रेनेड हमले, छोटा सत्र बुलाने और अमेरिका से डिपोर्ट किए गए युवाओं को पुनर्वास की मांग को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी कर ली है। साल के पहले सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होती है, &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="361" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-566-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-566.jpg 701w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-566-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>विधानसभा के इस सत्र के हंगामेदार रहने के भी पूरे आसार है, क्योंकि विपक्ष ने थानों पर ग्रेनेड हमले, छोटा सत्र बुलाने और अमेरिका से डिपोर्ट किए गए युवाओं को पुनर्वास की मांग को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी कर ली है। साल के पहले सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होती है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हैं। विपक्ष इसे भी मुद्दा बना सकता है।</p>



<p>पंजाब विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र शुरू होते ही दोपहर साढ़े 12 बजे तक स्थगित हो गया। अब सत्र की कार्यवाही शुरू हो गई है। सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष प्रताप बाजवा ने मांग की कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय मनमोहन सिंह को भारत रत्न दिया जाए। उन्होंने कहा कि विधानसभा में प्रस्ताव पास करके केंद्र सरकार को भेजा जाना चाहिए। इस पर स्पीकर ने कहा कि आगे इस मुद्दे को उठाने के लिए समय दिया जाएगा।</p>



<p>बाजवा ने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जो पार्टी हमेशा मांग करती थी कि तीनों सत्रों में कम से कम 40 बैठकें होनी चाहिए, लेकिन दुर्भाग्य से वे भाग रहे हैं… 75 साल में यह पहली बार है कि शीतकालीन सत्र नहीं बुलाया गया है… पंजाब में कोई भी सुरक्षित नहीं है… राज्य में सरकार नाम की कोई चीज नहीं है। राज्य सरकार ने कोई भी वादा पूरा नहीं किया है।</p>



<p>सरकार कृषि मंडीकरण नीति के ड्राफ्ट को रद्द कर सकती है। किसान जत्थेबंदियों की तरफ से बार-बार इस ड्राफ्ट को रद्द करने की मांग की जा रही है। इससे सरकार पर दबाव है।</p>



<p>कृ़षि मंडीकरण की राष्ट्रीय नीति के ड्राफ्ट को किसान विधानसभा में रद्द करने की मांग कर रहे हैं, जिसके खिलाफ 5 मार्च को किसानों ने चंडीगढ़ में पक्के मोर्चे की चेतावनी भी दी है। बैठक में कई रिपोर्ट भी पेश की जाएंगी, जिसमें पंजाब राज्य विद्युत नियामक आयोग की वार्षिक रिपोर्ट वर्ष 2023-24 शामिल है।</p>



<p>इसी तरह आयोग की वर्ष 2022-23 के लिए वार्षिक लेखा विवरण और ऑडिट रिपोर्ट, पंजाब स्टेट ट्रांसमिशन निगम लिमिटेड की वर्ष 2023-24 के लिए 14वीं वार्षिक रिपोर्ट, पंजाब स्वास्थ्य प्रणाली निगम की 2022-23 के लिए वार्षिक रिपोर्ट, पंजाब राज्य नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड की वर्ष 2017-18 के लिए 44वीं वार्षिक रिपोर्ट, पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग की वर्ष 2022-23 के लिए वार्षिक रिपोर्ट, पंजाब एक्स-सर्विसमैन निगम की वार्षिक प्रशासनिक रिपोर्ट, पंजाब राज्य बांध सुरक्षा संगठन की वर्ष 2023-24 के लिए वार्षिक रिपोर्ट शामिल हैं।</p>



<p>इसी तरह पंजाब पारदर्शिता और जवाबदेही नियम, 2021 में जवाबदेही वितरण के सार्वजनिक सेवा को लेकर नियम भी सदन में रखें जाएंगे। इसके अलावा एनआईसीएसआई, एनआईसी और पेस्को से परामर्श और गैर-परामर्श सेवाओं लेने के संबंध में 4 अगस्त 2023 के आदेशों को भी सदन में रखा जाएगा।\</p>



<p><strong>सत्र के नाम पर खानापूर्ति: बाजवा</strong><br>नेता विपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि पहले तो शीतकालीन सत्र नहीं बुलाया गया और अब सरकार ने खानापूर्ति के लिए दो दिवसीय सत्र बुलाया गया। थानों पर ग्रेनेड अटैक हो रहे हैं। किसान दोनों राज्यों के बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे हैं। अमेरिका से युवाओं को डिपोर्ट किया गया। मुख्यमंत्री खुद अमृतसर गए, पर इन युवाओं के पुनर्वास के लिए कोई पैकेज की घोषणा नहीं की गई।</p>



<p>इससे पहले मंत्रिमंडल में छठे वेतन आयोग का बकाया, लीव एनकैशमेंट और पेंशन का एरियर देने के प्रस्ताव, आर्थिक रूप से कमजोर (ईडब्ल्यूएस) नागरिकों के लिए 1500 एकड़ जमीन पर उन्हें प्लॉट उपलब्ध कराने, पंजाब स्टेट लीगल सर्विस अथॉरिटी को 22 नई लोक अदालत स्थापित करने, प्रॉपर्टी मालिकों को वन टाइम सेटलमेंट स्कीम से राहत देने और अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक गलियारे (एकेआईसी) परियोजना के तहत राजपुरा में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर (आईएमसी) स्थापित करके 50 हजार नौकरियां पैदा करने का लक्ष्य तय किया था।</p>



<p><strong>पंचायती राज संस्थान की समिति की रिपोर्ट पेश होंगी</strong><br>पंजाब में चल रही प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) पर समिति की दूसरी विस्तृत रिपोर्ट।<br>पंजाब में केरल राज्य के तर्ज पर पंचायती राज प्रणाली के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए समिति की तीसरी विस्तृत रिपोर्ट।<br>सीचेवाल मॉडल के आधार पर गांवों के तालाबों की सफाई और सुल्तानपुर लोधी में पवित्र काली बेईं के पवित्रीकरण पर चौथी विस्तृत रिपोर्ट पेश की जाएगी।</p>
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		<title>कहां बनेगा मनमोहन सिंह का स्मारक? केंद्र ने परिवार को इस जगह का दिया प्रस्ताव</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 04 Feb 2025 10:24:18 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[मनमोहन सिंह]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="352" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-83-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-83.jpg 752w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-83-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के स्मारक के निर्माण के लिए जमीन चिह्नित कर सरकार ने उनके परिवार को पेशकश की है। दिसंबर में पूर्व पीएम का निधन हुआ था जिसके बाद सरकार ने स्मारक बनाने का एलान किया था। सरकार परिवार द्वारा ट्रस्ट बनाने का इंतजार कर रही है और ट्रस्ट बनने के बाद जमीन &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="352" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-83-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-83.jpg 752w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-83-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के स्मारक के निर्माण के लिए जमीन चिह्नित कर सरकार ने उनके परिवार को पेशकश की है। दिसंबर में पूर्व पीएम का निधन हुआ था जिसके बाद सरकार ने स्मारक बनाने का एलान किया था। सरकार परिवार द्वारा ट्रस्ट बनाने का इंतजार कर रही है और ट्रस्ट बनने के बाद जमीन आवंटित की जाएगी।</p>



<p>केंद्र सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के स्मारक के निर्माण के लिए राजघाट परिसर में उनके परिवार को जमीन देने की पेशकश की है। दिसंबर में पूर्व पीएम का निधन हुआ था, जिसके बाद सरकार ने स्मारक बनाने का एलान किया था।</p>



<p><strong>यहां दी गई जगह</strong><br>सरकारी सूत्रों ने एनडीटीवी को बताया कि सरकार ने जो जगह दी है वो भूखंड पूर्व कांग्रेस नेता प्रणब मुखर्जी के स्मारक के बगल में है, जो पूर्व राष्ट्रपति थे।</p>



<p><strong>ट्रस्ट को 25 लाख रुपये देगी सरकार</strong><br>सरकार परिवार द्वारा ट्रस्ट बनाने का इंतजार कर रही है और ट्रस्ट बनने के बाद जमीन आवंटित की जाएगी। सूत्रों ने बताया कि सरकार स्मारक बनाने के लिए ट्रस्ट को 25 लाख रुपये देगी।</p>



<p><strong>आर्थिक उदारीकरण के जनक माने जाते हैं मनमोहन</strong><br>मनमोहन सिंह को देश के आर्थिक उदारीकरण का जनक कहा जाता है। देश की अर्थव्यवस्था पर उन्होंने स्थायी प्रभाव छोड़ा था। वे 1991 में वित्त मंत्री थे, जब भारत में अभूतपूर्व सुधार हुए, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को दुनिया के लिए खोला गया। मनमोहन सिंह 2004 से 2014 तक प्रधानमंत्री रहे।</p>



<p><strong>कांग्रेस ने भाजपा पर कसा था तंज</strong><br>पिछले साल 26 दिसंबर को उनके निधन के बाद, कांग्रेस ने मनमोहन सिंह के स्मारक के लिए उपयुक्त स्थान नहीं खोज पाने के लिए सरकार की आलोचना की थी। पलटवार करते हुए भाजपा ने कांग्रेस को याद दिलाया कि उसने कभी पीवी नरसिम्हा राव के लिए स्मारक नहीं बनवाया।</p>



<p>विवाद बढ़ने पर सरकार ने पिछले महीने प्रणब मुखर्जी के स्मारक के लिए भूमि आवंटित की थी।</p>



<p><strong>‘राष्ट्रीय समिति’ परिसर में एक भूखंड चिह्नित</strong><br>सरकार ने दिल्ली के राजघाट परिसर में ‘राष्ट्रीय समिति’ परिसर में एक भूखंड चिह्नित किया है। इसकी जानकारी पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने एक ऑनलाइन पोस्ट में दी थी।</p>



<p><strong>शर्मिष्ठा मुखर्जी ने एक ऑनलाइन पोस्ट में कहा,</strong><br>माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से बाबा के लिए स्मारक बनाने के उनकी सरकार के फैसले के लिए अपने दिल की गहराई से धन्यवाद और कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए कहा। यह अधिक सराहनीय है, क्योंकि हमने इसके लिए नहीं कहा था। प्रधानमंत्री के इस अप्रत्याशित दयालु रूप से बेहद प्रभावित हूं।</p>



<p><strong>शर्मिष्ठा ने कांग्रेस पर किया था हमला</strong><br>शर्मिष्ठा मुखर्जी ने मनमोहन सिंह के स्मारक की मांग को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा था और उन्हें याद दिलाया था कि उन्होंने उनके पिता के लिए शोक सभा भी नहीं बुलाई थी।</p>
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		<title>पाकिस्तान में मनमोहन सिंह का पैतृक गांव भी दुखी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 28 Dec 2024 08:28:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[मनमोहन सिंह]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="509" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/12/uito-2-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/12/uito-2.jpg 694w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/12/uito-2-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन से पाकिस्तान में उनका पैतृक गांव भी दुखी है। इस्लामाबाद से करीब 100 किलोमीटर दूर गाह गांव के लोगों ने एक सभा की और अपने गांव के उस मनमोहन के निधन पर शोक व्यक्त किया, जो बाद में भारत के प्रधानमंत्री बने थे। गाह में की कक्षा चार तक &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="509" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/12/uito-2-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/12/uito-2.jpg 694w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/12/uito-2-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन से पाकिस्तान में उनका पैतृक गांव भी दुखी है। इस्लामाबाद से करीब 100 किलोमीटर दूर गाह गांव के लोगों ने एक सभा की और अपने गांव के उस मनमोहन के निधन पर शोक व्यक्त किया, जो बाद में भारत के प्रधानमंत्री बने थे।</p>



<p><strong>गाह में की कक्षा चार तक की पढ़ाई<br></strong>अल्ताफ हुसैन नामक एक ग्रामीण ने कहा, &#8216;पूरा गांव शोक में है। हमें लगता है कि आज हमारे परिवार में से किसी की मृत्यु हुई है।&#8217;हुसैन गाह के उसी स्कूल में शिक्षक हैं, जहां मनमोहन सिंह ने कक्षा चौथी तक की पढ़ाई की थी। मनमोहन के पिता गुरमुख सिंह कपड़ा व्यापारी थे, जबकि उनकी मां अमृत कौर गृहिणी थीं। उनके दोस्त उन्हें &#8216;मोहना&#8217; बुलाते थे।</p>



<p><strong>पहले झेलम जिले में आता था गाह गांव<br></strong>मनमोहन का जब इस गांव में जन्म हुआ था, तब यह झेलम जिले में आता था, लेकिन बाद में इसे चकवाल में शामिल कर दिया गया। 1986 में चकवाल को जिला बना दिया गया था। मनमोहन के सहपाठी रहे राजा मोहम्मद अली के भतीजे राजा आशिक अली ने 2008 में उनसे मिलने के लिए दिल्ली आए थे।</p>



<p>उन्होंने कहा, &#8216;ये सभी ग्रामीण बेहद दुखी हैं। वे भारत में उनके अंतिम संस्कार में शामिल होना चाहते हैं, लेकिन यह संभव नहीं है। इसलिए वे यहां शोक व्यक्त करने के लिए आए हैं।&#8217;</p>



<p><strong>1937 में स्कूल में लिया था दाखिला<br></strong>मनमोहन सिंह की प्रारंभिक शिक्षा गाह के स्कूल में हुई थी। स्कूल के रजिस्टर में उनका प्रवेश क्रमांक 187 है और उन्होंने 17 अप्रैल, 1937 को दाखिला लिया था। उनकी जन्मतिथि चार फरवरी, 1932 और उनकी जाति कोहली दर्ज है। ग्रामीण स्कूल के जीर्णोद्धार का श्रेय मनमोहन सिंह को देते हैं।</p>
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		<title>अमेरिका से रूस तक, मनमोहन सिंह के निधन पर दुनियाभर में शोक</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 28 Dec 2024 08:00:41 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[मनमोहन सिंह]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="584" height="374" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/12/juyui-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/12/juyui.jpg 584w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/12/juyui-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 584px) 100vw, 584px" />पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर सिर्फ भारत ही नहीं, पूरी दुनिया में शोक की लहर है। मनमोहन सिंह के निधन पर रूस, फ्रांस, मालदीव समेत कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने दुख प्रकट किया है। वहीं दुनियाभर के मीडिया संस्थानों ने भी शोक जताया है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने भी उन्हें श्रद्धांजलि &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="584" height="374" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/12/juyui-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/12/juyui.jpg 584w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/12/juyui-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 584px) 100vw, 584px" />
<p>पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर सिर्फ भारत ही नहीं, पूरी दुनिया में शोक की लहर है। मनमोहन सिंह के निधन पर रूस, फ्रांस, मालदीव समेत कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने दुख प्रकट किया है। वहीं दुनियाभर के मीडिया संस्थानों ने भी शोक जताया है।</p>



<p>अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी। व्हाइट हाउस की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि भारत और अमेरिका के बीच आज जैसा रिश्ता है, वह मनमोहन सिंह के विजन के बिना संभव नहीं था। बाइडेन ने मनमोहन सिंह को सच्चा देशभक्त और समर्पित लोकसेवक बताया है।</p>



<p><strong>विदेशी मीडिया ने क्या लिखा?<br></strong>ब्रिटिश अखबार फाइनेंशियल टाइम्स ने डॉ. मनमोहन के बारे में लिखा- उनका पहला कार्यकाल कर्ज माफी, मनरेगा और आरटीआई के लिए जाना जाता है। 2008 में मनमोहन सिंह ने परमाणु डील के लिए सरकार को दांव पर लगा दिया था।</p>



<p>अमेरिकी अखबार ब्लूमबर्ग ने लिखा- उनकी कहानी लोगों में आत्मविश्वास भर देती हैष उन्होंने साबित किया कि शिक्षा, कड़ी मेहनत से हमारी जिंदगी हमारे माता-पिता की जिंदगी से बेहतर हो सकती है।</p>



<p>एक और अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा- वे सिख समुदाय से आते थे। पहली बार कोई सिख भारत का प्रधानमंत्री बना था। वह उस समय पहली बार पीएम बने थे, जब भारत की धर्मनिरपेक्षता खतरे में थी। मनमोहन सिंह ने यह साबित किया था कि किसी को डरने की जरूरत नहीं है।</p>



<p><strong>मलेशिया के पीएम ने सुनाया किस्सा<br></strong>डॉ. मनमोहन सिंह के मलेशियाई पीएम अनवर इब्राहिम से काफी घनिष्ठ रिश्ते थे। इब्राहिम 1999 से 2004 तक जेल में बंद थे। उस वक्त मनमोहन सिंह राज्यसभा में विपक्ष के नेता थे। उनके निधन पर अनवर इब्राहिम ने भी दुख जताया है।</p>



<p>उन्होंने कहा, &#8216;जब मैं जेल में बंद था, तो मनमोहन सिंह ने बड़ी दया दिखाई थी। मेरे बच्चों, खास तौर पर मेरे बेटे इहसाल के लिए उन्होंने छात्रवृत्ति की पेशकश की थीष हालांकि मैंने इंकार कर दिया था, क्योंकि इससे मलेशियाई सरकार नाराद हो सकती थी।&#8217;</p>



<p><em>पुतिन ने भी जताया शोक<br></em>मनमोहन सिंह के निधन पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने भी शोक जताया। उन्होंने कहा, &#8216;मनमोहन सिंह एक महान राजनेता थे। पीएम और दूसरे पदों पर रहते हुए वह भारत के आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए वैश्विक मंचों पर काफी मुखर रहे हैं।&#8217;<br>भारत ने एक महान व्यक्ति और फ्रांस ने अपना सच्चा मित्र खो दिया है। मनमोहन सिंह ने अपना जीवन भारत के लिए समर्पित कर दिया था। हमारी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं।<br>फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों</p>



<p><strong>अमेरिका ने भी दी प्रतिक्रिया<br></strong>अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने भी मनमोहन सिंह के निधन पर दुख जताया है। उन्होंने कहा- &#8216;डॉ. मनमोहन सिंह अमेरिका-भारत साझेदारी के सबसे बड़े सर्मथकों में से एक थे। वह भारत-अमेरिका संबंधों के शिल्पकार रहे।&#8217;<br>मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने कहा, &#8216;मनमोहन सिंह एक दयालु पिता की तरह थे। वह मालदीव के अच्छे मित्र थे।&#8217; वहीं अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने कहा कि भारत ने सबसे शानदार पुत्रों में से एक खो दिया है।</p>
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		<title>मनमोहन सिंह के निधन पर RSS ने दी श्रद्धांजलि</title>
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		<pubDate>Sat, 28 Dec 2024 07:45:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[मनमोहन सिंह]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="371" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/12/ioupo-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/12/ioupo.jpg 629w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/12/ioupo-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। संघ प्रमुख मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने शुक्रवार को मनमोहन सिंह के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि भारत के लिए उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। मनमोहन सिंह के निधन से पूरा &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="371" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/12/ioupo-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/12/ioupo.jpg 629w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/12/ioupo-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। संघ प्रमुख मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने शुक्रवार को मनमोहन सिंह के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि भारत के लिए उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।</p>



<p><strong>मनमोहन सिंह के निधन से पूरा देश बेहद दुखी<br></strong>उन्होंने एक संयुक्त बयान में कहा, &#8216;पूर्व प्रधानमंत्री और देश के वरिष्ठ नेता डा. मनमोहन सिंह के निधन से पूरा देश बेहद दुखी है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उनके परिवार एवं प्रियजनों और अनगिनत प्रशंसकों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता है। प्रसिद्ध अर्थशास्त्री डा. सिंह के भारत के लिए योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। हम ईश्वर से दिवंगत आत्मा को सद्गति प्रदान करने की प्रार्थना करते हैं।&#8217;</p>



<p>बयान में कहा गया कि मनमोहन सिंह साधारण पृष्ठभूमि से आते थे, इसके बावजूद उन्होंने देश के सर्वोच्च पद को सुशोभित किया। आरएसएस के सह सरकार्यवाह आलोक कुमार ने मनमोहन सिंह के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित की।</p>



<p><strong>विदेश में खाते में जमा थी विदेश में हुई कमाई<br></strong>मनमोहन सिंह 1991 में जब नरसिंह राव सरकार में वित्त मंत्री थे उस समय विदेश में उनका एक खाता था, जिसमें विदेश में काम करने से हुई उनकी कमाई जमा थी। इसी दौरान जुलाई 1991 में भारतीय मुद्रा का अवमूल्यन किया गया। अवमूल्यन का मतलब था कि अमेरिकी डॉलर या किसी अन्य विदेशी मुद्रा और विदेशी संपत्ति को भारतीय रुपये में परिवर्तित करने पर अधिक मूल्य मिलने वाला था। सरकार के फैसले के बाद रुपये के संदर्भ में विदेशी खाते में उनकी रकम का मूल्य बढ़ गया।</p>



<p><strong>प्रधानमंत्री के राष्ट्रीय राहत कोष में जमा करने के लिए कहा अपना पैसा<br></strong>उन्होंने लाभ का खुद इस्तेमाल करने के बजाय प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष में चेक जमा करा दिया। घटना को याद करते हुए तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिंह राव के निजी सचिव रहे रामू दामोदरन ने कहा, अवमूल्यन के फैसले के कुछ समय बाद मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री कार्यालय पहुंचे थे। शायद वह प्रधानमंत्री के साथ बैठक के लिए आए थे और बाहर जाते समय उन्होंने मुझे लिफाफा दिया और इसे प्रधानमंत्री के राष्ट्रीय राहत कोष में जमा करने के लिए कहा।</p>



<p><strong>भारत के पास बेहद कम विदेशी मुद्रा भंडार बचा था<br></strong>लिफाफे में एक बड़ी रकम का चेक था। मुझे उल्लेखित राशि याद नहीं है। उस समय की सरकार जिसमें मनमोहन वित्त मंत्री थे ने वित्तीय संकट को टालने के लिए एक जुलाई 1991 को रुपये का नौ प्रतिशत अवमूल्यन किया और तीन जुलाई 1991 को अतिरिक्त 11 प्रतिशत का अवमूल्यन किया। उस समय भारत के पास बेहद कम विदेशी मुद्रा भंडार बचा था। निर्यात कम हो गया था।</p>
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