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	<title>भौम प्रदोष व्रत &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>भौम प्रदोष व्रत &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>आज है भौम प्रदोष व्रत, महादेव को प्रसन्न करने के लिए भूलकर भी न छोड़ें ये प्रभावशाली मंत्र</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 28 Apr 2026 04:48:18 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[भौम प्रदोष व्रत]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="491" height="462" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/56-47.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/56-47.jpg 491w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/56-47-300x282.jpg 300w" sizes="(max-width: 491px) 100vw, 491px" />आज 28 अप्रैल 2026, मंगलवार को वैशाख महीने का दूसरा प्रदोष व्रत है। मंगलवार को होने के कारण इसे भौम प्रदोष व्रत कहा जा रहा है। शास्त्रों में इस दिन को कर्ज से मुक्ति और जमीन-जायदाद से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए सबसे उत्तम माना गया है। अगर आप लंबे समय से किसी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="491" height="462" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/56-47.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/56-47.jpg 491w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/56-47-300x282.jpg 300w" sizes="(max-width: 491px) 100vw, 491px" />
<p>आज 28 अप्रैल 2026, मंगलवार को वैशाख महीने का दूसरा प्रदोष व्रत है। मंगलवार को होने के कारण इसे भौम प्रदोष व्रत कहा जा रहा है। शास्त्रों में इस दिन को कर्ज से मुक्ति और जमीन-जायदाद से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए सबसे उत्तम माना गया है। अगर आप लंबे समय से किसी परेशानी से जूझ रहे हैं, तो आज का दिन महादेव और माता पार्वती को प्रसन्न करने का विशेष अवसर है।</p>



<p><strong>आज किन मंत्रों का करें जप?<br></strong>आज पूजा करते समय इन सरल और प्रभावशाली मंत्रों का जाप करने से मानसिक शांति और शिव जी का आशीर्वाद मिलता है:</p>



<p>ॐ नमः शिवाय: मन की शांति के लिए।</p>



<p>ॐ ऋणमुक्तेश्वर महादेवाय नमः: अगर आप कर्ज से परेशान हैं, तो इस मंत्र का जाप आज विशेष फलदायी है।</p>



<p>महामृत्युंजय मंत्र: रोगों और बाधाओं को दूर करने के लिए।</p>



<p><strong>आज क्या करें और क्या न करें?<br></strong>क्या करें: शाम को स्नान के बाद भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा और सफेद फूल चढ़ाएं। मंगल ग्रह की शांति के लिए आज मसूर की दाल या गुड़ का दान करना भी बहुत शुभ रहेगा।</p>



<p>क्या न करें: आज के दिन गुस्सा बिलकुल न करें और न ही किसी से वाद-विवाद करें। झूठ बोलने और बड़े-बुजुर्गों का अपमान करने से बचें, क्योंकि इससे व्रत का पुण्य कम हो जाता है।</p>



<p><strong>मां पार्वती के 108 नाम<br></strong>ॐ पार्वतीयै नमः<br>ॐ महा देव्यै नमः<br>ॐ जगन्मात्रे नमः<br>ॐ सरस्वत्यै नमः<br>ॐ चण्डिकायै नमः<br>ॐ लोक जनन्यायै नमः<br>ॐ सर्वदेवादि देवतायै नमः<br>ॐ शिवदुत्यै नमः<br>ॐ विशालाक्ष्यै नमः<br>ॐ चामुण्डायै नमः<br>ॐ विष्णु सोदर्यै नमः<br>ॐ चित्कलायै नमः<br>ॐ चिन्मयाकरायै नमः<br>ॐ महिषासुर मर्दन्यायै नमः<br>ॐ कात्यायन्यै नमः<br>ॐ काला रूपायै नमः<br>ॐ गौरीयै नमः<br>ॐ परमायै नमः<br>ॐ ईशायै नमः<br>ॐ नागेन्द्र तनयै नमः<br>ॐ रौद्र्यै नमः<br>ॐ कालरात्र्यै नमः<br>ॐ तपस्विन्यै नमः<br>ॐ गिरिजायै नमः<br>ॐ मेनकथमजयै नमः<br>ॐ भवन्यै नमः<br>ॐ जनस्थानायै नमः<br>ॐ वीर पथ्न्यायै नमः<br>ॐ विरुपाक्ष्यै नमः<br>ॐ वीराराधिथयै नमः<br>ॐ हेमा भासयै नमः<br>ॐ सृष्टि रूपायै नमः<br>ॐ सृष्टि संहार करिण्यै नमः<br>ॐ मातृकायै नमः<br>ॐ महागौर्यै नमः<br>ॐ रामायै नमः<br>ॐ रामायै नमः<br>ॐ शुचि स्मितयै नमः<br>ॐ ब्रह्म स्वरूपिण्यै नमः<br>ॐ राज्य लक्ष्म्यै नमः<br>ॐ शिव प्रियायै नमः<br>ॐ नारायण्यै नमः<br>ॐ महा शक्तियै नमः<br>ॐ नवोदयै नमः<br>ॐ भाग्य दायिन्यै नमः<br>ॐ अन्नपूर्णायै नमः<br>ॐ सदानंदायै नमः<br>ॐ यौवनायै नमः<br>ॐ मोहिन्यै नमः<br>ॐ सथ्यै नमः<br>ॐ ब्रह्मचारिण्यै नमः<br>ॐ शर्वाण्यै नमः<br>ॐ देव मात्रे नमः<br>ॐ त्रिलोचन्यै नमः<br>ॐ ब्रह्मण्यै नमः<br>ॐ वैष्णव्यै नमः<br>ॐ अज्ञान शुद्ध्यै नमः<br>ॐ ज्ञान गमयै नमः<br>ॐ नित्यायै नमः<br>ॐ नित्य स्वरूपिण्यै नमः<br>ॐ कमलयै नमः<br>ॐ कमलाकारायै नमः<br>ॐ रक्तवर्णयै नमः<br>ॐ कलानिधाय नमः<br>ॐ मधु प्रियायै नमः<br>ॐ कल्याण्यै नमः<br>ॐ करुणायै नमः<br>ॐ हरवः समायुक्त मुनि मोक्ष परायणै नमः<br>ॐ धराधारा भवायै नमः<br>ॐ मुक्तायै नमः<br>ॐ वर मंत्रायै नमः<br>ॐ शम्भव्यै नमः<br>ॐ प्रणवथ्मिकायै नमः<br>ॐ श्री महागौर्यै नमः<br>ॐ रामजानयै नमः<br>ॐ यौवनाकारायै नमः<br>ॐ परमेष प्रियायै नमः<br>ॐ परायै नमः<br>ॐ पुष्पिन्यै नमः<br>ॐ पुष्प कारायै नमः<br>ॐ पुरुषार्थ प्रदायिन्यै नमः<br>ॐ महा रूपायै नमः<br>ॐ महा रौद्र्यै नमः<br>ॐ कामाक्ष्यै नमः<br>ॐ वामदेव्यै नमः<br>ॐ वरदायै नमः<br>ॐ वर यंत्रायै नमः<br>ॐ काराप्रदायै नमः<br>ॐ कल्याण्यै नमः<br>ॐ वाग्भव्यै नमः<br>ॐ देव्यै नमः<br>ॐ क्लीं कारिण्यै नमः<br>ॐ संविधेय नमः<br>ॐ ईश्वर्यै नमः<br>ॐ ह्रींकारं बीजायै नमः<br>ॐ भय नाशिन्यै नमः<br>ॐ वाग्देव्यै नमः<br>ॐ वचनायै नमः<br>ॐ वाराह्यै नमः<br>ॐ विश्व तोशिन्यै नमः<br>ॐ वर्धनेयै नमः<br>ॐ विशालाक्ष्यै नमः<br>ॐ कुल संपत् प्रदायिन्यै नमः<br>ॐ अरथ धुकच्छेद्र दक्षायै नमः<br>ॐ अम्बायै नमः<br>ॐ निखिला योगिन्यै नमः<br>ॐ सदापुरा स्थायिन्यै नमः<br>ॐ तरोर्मुला तलंगथयै नमः</p>
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		<title>8 या 9 जुलाई? कब है भौम प्रदोष व्रत?</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 06 Jul 2025 05:20:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[भौम प्रदोष व्रत]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="329" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/07/3-3-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/07/3-3.jpg 798w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/07/3-3-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/07/3-3-768x409.jpg 768w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/07/3-3-310x165.jpg 310w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />वैदिक पंचांग के अनुसार हर माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat 2025) किया जाता है। इस दिन महादेव की पूजा-अर्चना संध्याकाल में करने का विधान है। साथ ही गरीब लोगों या मंदिर में विशेष चीजों का दान किया जाता है। इससे साधक को शुभ फल की प्राप्ति &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="329" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/07/3-3-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/07/3-3.jpg 798w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/07/3-3-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/07/3-3-768x409.jpg 768w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/07/3-3-310x165.jpg 310w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>वैदिक पंचांग के अनुसार हर माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat 2025) किया जाता है। इस दिन महादेव की पूजा-अर्चना संध्याकाल में करने का विधान है। साथ ही गरीब लोगों या मंदिर में विशेष चीजों का दान किया जाता है। इससे साधक को शुभ फल की प्राप्ति होती है।</p>



<p>सनातन धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है। इस दिन शिव परिवार की पूजा-अर्चना करना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, प्रदोष व्रत के दिन विधिपूर्वक भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा करने से साधक को सभी तरह की समस्याओं से छुटकारा मिलता है। साथ ही महादेव की कृपा रुके हुए काम पूरे होते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि आषाढ़ माह के आखिरी प्रदोष व्रत (Bhaum Pradosh Vrat 2025) की डेट और शुभ मुहूर्त के बारे में।</p>



<p><strong>प्रदोष व्रत 2025 डेट और शुभ मुहूर्त (Pradosh Vrat 2025 Date and Shubh Muhurat)<br></strong>वैदिक पंचांग के अनुसार, आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 07 जुलाई को देर रात 11 बजकर 10 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, इस तिथि का समापन 09 जुलाई को त्रयोदशी तिथि देर रात 12 बजकर 38 मिनट पर होगा। ऐसे में 08 जुलाई को प्रदोष व्रत मनाया जाएगा। इस दिन शिव जी की पूजा करने का शुभ मुहूर्त शाम 07 बजकर 23 मिनट से लेकर 09 बजकर 24 मिनट तक है। इस दौरान किसी भी समय पूजा-अर्चना कर सकते हैं। मंगलवार के दिन पड़ने के की वजह से यह भौम प्रदोष व्रत कहलाएगा।</p>



<p><strong>पंचांग</strong><br>सूर्योदय &#8211; सुबह 05 बजकर 37 मिनट पर</p>



<p>सूर्यास्त &#8211; शाम 07 बजकर 18 मिनट पर</p>



<p>ब्रह्म मुहूर्त &#8211; सुबह 04 बजकर 14 मिनट से 04 बजकर 56 मिनट तक</p>



<p>विजय मुहूर्त &#8211; दोपहर 02 बजकर 44 मिनट से 03 बजकर 39 मिनट तक</p>



<p>गोधूलि मुहूर्त &#8211; शाम 07 बजकर 17 मिनट से 07 बजकर 37 मिनट तक</p>



<p>निशिता मुहूर्त &#8211; रात 12 बजकर 07 मिनट से 12 बजकर 48 मिनट तक</p>



<p><strong>इन बातों का रखें ध्यान</strong></p>



<p>प्रदोष व्रत के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर महादेव की पूजा-अर्चना करें।<br>सूर्य देव को अर्घ्य देना चाहिए।<br>व्रत के दिन सात्विक चीजों का भोजन करें।<br>शिवलिंग का विशेष चीजों के द्वारा अभिषेक करें।<br>अन्न और धन समेत आदि चीजों का दान करें।<br>पूजा के दौरान शिव मंत्रों और शिव चालीसा का पाठ करें।</p>



<p><strong>शिव मंत्र (Shiv Mantra)</strong><br>सौराष्ट्रे सोमनाथं च श्रीशैले मल्लिकार्जुनम्।</p>



<p>उज्जयिन्यां महाकालं ओम्कारम् अमलेश्वरम्॥</p>



<p>परल्यां वैद्यनाथं च डाकिन्यां भीमशङ्करम्।</p>



<p>सेतुबन्धे तु रामेशं नागेशं दारुकावने॥</p>



<p>वाराणस्यां तु विश्वेशं त्र्यम्बकं गौतमीतटे।</p>



<p>हिमालये तु केदारं घुश्मेशं च शिवालये॥</p>



<p>एतानि ज्योतिर्लिङ्गानि सायं प्रातः पठेन्नरः।।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>भौम प्रदोष व्रत, पढ़ें पौराणिक एवं प्रामाणिक व्रत कथा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Alpana Vaish]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 26 Jan 2021 04:00:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[पढ़ें पौराणिक एवं प्रामाणिक व्रत कथा]]></category>
		<category><![CDATA[भौम प्रदोष व्रत]]></category>
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					<description><![CDATA[मंगलवार के दिन आने वाले प्रदोष व्रत को मंगल प्रदोष या भौम प्रदोष कहते हैं। इस दिन हनुमान जी एवं शिव जी की आराधना का विशेष महत्व है। इस व्रत की कथा इस प्रकार है- एक नगर में एक वृद्धा रहती थी। उसका एक ही पुत्र था। वृद्धा की हनुमानजी पर गहरी आस्था थी। वह प्रत्येक मंगलवार को &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>मंगलवार के दिन आने वाले प्रदोष व्रत को मंगल प्रदोष या भौम प्रदोष कहते हैं। इस दिन हनुमान जी एवं शिव जी की आराधना का विशेष महत्व है।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="740" height="500" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2021/01/O9POP.jpg" alt="" class="wp-image-414839" /></figure>



<p>इस व्रत की कथा इस प्रकार है-  एक नगर में एक वृद्धा रहती थी। उसका एक ही पुत्र था। वृद्धा की हनुमानजी पर गहरी आस्था थी। वह प्रत्येक मंगलवार को नियमपूर्वक व्रत रखकर हनुमानजी की आराधना करती थी। एक बार हनुमानजी ने उसकी श्रद्धा की परीक्षा लेने की सोची। हनुमानजी साधु का वेश धारण कर वृद्धा के घर गए और पुकारने लगे- है कोई हनुमान भक्त, जो हमारी इच्छा पूर्ण करे? पुकार सुन वृद्धा बाहर आई और बोली- आज्ञा महाराज। हनुमान (वेशधारी साधु)<br>बोले- मैं भूखा हूं, भोजन करूंगा, तू थोड़ी जमीन लीप दे। वृद्धा दुविधा में पड़ गई।</p>



<p> अंतत: हाथ जोड़कर बोली- महाराज। लीपने और मिट्टी खोदने के अतिरिक्त आप कोई दूसरी आज्ञा दें, मैं अवश्य पूर्ण करूंगी। साधु ने तीन बार प्रतिज्ञा कराने के बाद कहा- तू अपने बेटे को बुला। मैं उसकी पीठ पर आग जलाकर भोजन बनाऊंगा। यह सुनकर वृद्धा घबरा गई, परंतु वह प्रतिज्ञाबद्ध थी। उसने अपने पुत्र को बुलाकर साधु के सुपुर्द कर दिया।</p>



<p> वेशधारी साधु हनुमानजी ने वृद्धा के हाथों से ही उसके पुत्र को पेट के बल लिटवाया और उसकी पीठ पर आग जलवाई। आग जलाकर दु:खी मन से वृद्धा अपने घर में चली गई। इधर भोजन बनाकर साधु ने वृद्धा को बुलाकर कहा- तुम अपने पुत्र को पुकारो ताकि वह भी आकर भोग लगा ले। इस पर वृद्धा बोली- उसका नाम लेकर मुझे और कष्ट न पहुंचाओ।</p>



<p> लेकिन जब साधु महाराज नहीं माने तो वृद्धा ने अपने पुत्र को आवाज लगाई। अपने पुत्र को जीवित देख वृद्धा को बहुत आश्चर्य हुआ और वह साधु के चरणों में गिर पड़ी। हनुमानजी अपने वास्तविक रूप में प्रकट हुए और वृद्धा को भक्ति का आशीर्वाद दिया। </p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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