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	<title>भोपाल मेट्रो &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>भोपाल मेट्रो &#8211; Live Halchal</title>
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		<title> भोपाल मेट्रो को आरडीएसओ की रिपोर्ट का इंतजार&#8230;</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 27 Jul 2025 06:09:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मध्यप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[भोपाल मेट्रो]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="363" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/07/5-88-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/07/5-88.jpg 774w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/07/5-88-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/07/5-88-768x451.jpg 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />भोपाल में मेट्रो रेल सेवा की शुरुआत अब बहुत करीब है। तकनीकी परीक्षण सफल रहा है और अब RDSO की रिपोर्ट का इंतजार है। अगर सब कुछ ठीक रहा, तो अक्टूबर तक एम्स से सुभाष नगर तक मेट्रो सेवा शुरू हो सकती है। राजधानी भोपाल में मेट्रो रेल सेवा अब कमर्शियल संचालन के एक कदम &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="363" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/07/5-88-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/07/5-88.jpg 774w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/07/5-88-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/07/5-88-768x451.jpg 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>भोपाल में मेट्रो रेल सेवा की शुरुआत अब बहुत करीब है। तकनीकी परीक्षण सफल रहा है और अब RDSO की रिपोर्ट का इंतजार है। अगर सब कुछ ठीक रहा, तो अक्टूबर तक एम्स से सुभाष नगर तक मेट्रो सेवा शुरू हो सकती है।</p>



<p>राजधानी भोपाल में मेट्रो रेल सेवा अब कमर्शियल संचालन के एक कदम और करीब पहुंच गई है। 9 जुलाई से 21 जुलाई तक मेट्रो का अंतिम तकनीकी परीक्षण पूरा हो चुका है और अब निगाहें रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गनाइजेशन (RDSO) की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो 15 अगस्त तक आने की उम्मीद है।</p>



<p>इसी रिपोर्ट के आधार पर यह तय होगा कि मेट्रो का अगला परीक्षण मेट्रो रेलवे सेफ्टी कमिश्नर (CMRS) के निरीक्षण के लिए हरी झंडी मिलेगी या नहीं। सीएमआरएस के निरीक्षण के बाद भोपाल में एम्स से सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन के बीच अक्टूबर तक मेट्रो का कमर्शियल संचालन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।</p>



<p><strong>90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हुआ परीक्षण<br></strong>RDSO की टीम ने मेट्रो को विभिन्न तकनीकी मानकों पर जांचा, जिनमें 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से स्पीड ट्रायल, मोड़ वाले ट्रैक पर संतुलन परीक्षण, आपातकालीन ब्रेकिंग दूरी (EBD), और गाड़ी की स्थिरता व गुणवत्ता जैसे बिंदु शामिल थे। हर कोच में लगभग 300 यात्रियों के वजन के बराबर बोरे रखकर वास्तविक भार की स्थिति के साथ परीक्षण किया गया।</p>



<p><strong>तीन डिब्बों वाली ट्रेन में 900 यात्रियों की क्षमता<br></strong>भोपाल मेट्रो की प्रत्येक ट्रेन में तीन कोच होंगे और यह लगभग 900 यात्रियों (50 बैठने व 250 खड़े होने की क्षमता प्रति कोच) को ले जाने में सक्षम होगी। परीक्षण के दौरान मेट्रो को सुभाष नगर डिपो से एम्स तक के एलिवेटेड रूट पर चलाया गया।</p>



<p><strong>अक्टूबर में हो सकती है शुरुआत<br></strong>अगर RDSO की रिपोर्ट मानकों पर खरी उतरती है तो मेट्रो को CMRS निरीक्षण के लिए अनुमति मिल जाएगी। इसके बाद मेट्रो का कमर्शियल संचालन का रास्ता साफ होगा। अधिकारियों ने अक्टूबर तक मेट्रो सेवा की शुरुआत का लक्ष्य रखा है। पहले चरण में मेट्रो सेवा सुबाष नगर से एम्स के बीच आठ एलिवेटेड स्टेशनों पर संचालित होगी।</p>
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		<title>भोपाल मेट्रो की रफ्तार फिसड्डी: 7 साल में 7 KM का भी ट्रैक तैयार नहीं</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 03 Jun 2025 09:57:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मध्यप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[भोपाल मेट्रो]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="349" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/06/Capture-98-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/06/Capture-98.jpg 723w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/06/Capture-98-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />भोपाल मेट्रो परियोजना, जिसे राजधानी के यातायात को स्मार्ट और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से सात साल पहले शुरू किया गया था, आज भी ट्रैक पर नहीं उतर सकी है। वर्ष 2018 में केंद्र से डीपीआर को स्वीकृति और 2019 में निर्माण कार्य शुरू होने के बावजूद अब तक केवल 7.5 किमी रूट भी तैयार &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="349" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/06/Capture-98-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/06/Capture-98.jpg 723w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/06/Capture-98-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>भोपाल मेट्रो परियोजना, जिसे राजधानी के यातायात को स्मार्ट और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से सात साल पहले शुरू किया गया था, आज भी ट्रैक पर नहीं उतर सकी है। वर्ष 2018 में केंद्र से डीपीआर को स्वीकृति और 2019 में निर्माण कार्य शुरू होने के बावजूद अब तक केवल 7.5 किमी रूट भी तैयार नहीं हो पाया है।</p>



<p>भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट सात साल में भी ट्रैक पर नहीं आ पाया है। भोपाल मेट्रो की डीपीआर स्वीकृत होने के सात साल बाद भी 7 किलोमीटर रूट तैयार नहीं हो सका, जबकि नागपुर में मात्र 33 महीनों में 6 किलोमीटर मेट्रो का संचालन शुरू हो गया था। यह स्थिति तब है जबकि मध्य प्रदेश रेल मेट्रो कॉरपोरेशन के 12 एमडी बदल चुके हैं। अधिकारियों के उदासीन और लचर रवैए के कारण अब तक भोपाल मेट्रो का संचालन शुरू ही नहीं हो पाया है। एम्स से सुभाष नगर तक के 7.5 किमी मेट्रो रूट निर्माण का काम वर्ष 2018 में डीपीआर स्वीकृति के बाद 2019 में शुरू हो गया था।</p>



<p>इसके बाद से राजधानी भोपाल में मेट्रो प्रोजेक्ट का काम धीमी चाल से रहा है। सात साल में अब तक करीब सात किमी का ट्रैक भी तैयार नहीं हो पाया है। इसकी रफ्तार का अंदाजा इससे लगा सकते है कि भोपाल और नागपुर मेट्रो को एक साथ 2011 में मंजूरी मिली थी। नागपुर में काम शुरू होने के 33 माह में करीब 6 किमी के रूट पर मेट्रो का संचालन शुरू हो गया था, लेकिन भोपाल में सात साल बाद भी अभी सात किमी का ट्रैक ही तैयार नहीं हुआ है। इसका कारण प्रशासनिक उदासीनता और जमीनी अधिकारियों के बीच समन्वय की कमी है।</p>



<p>हालांकि, मेट्रो रेल कॉरपोरेशन से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि भोपाल में मेट्रो के काम में कोरोना, नेतृत्व में बदलाव, भूमि विवाद समेत कई तरीके की बाधाएं सामने आई, जिसके कारण काम की तरफ्तार धीमी हुई। अब अगस्त-सितंबर तक भोपाल में भी मेट्रो का कमर्शियल रन शुरू करने का लक्ष्य तय किया गया है।</p>



<p>वहीं, इस मामले में मेट्रो रेल कॉपरेशन का पक्ष जानने के लिए डायरेक्ट सिस्टम सोभित टंडन और प्रभारी एमडी संकेत भोंडवे से संपर्क किया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।</p>



<p><strong>तीन स्टेशनों को जोड़ने से कमर्शियल रन टला<br></strong>प्रारंभ में, रानी कमलापति से सुभाष नगर तक के 6.2 किमी प्राथमिकता गलियारे में छह स्टेशनों की योजना थी। इसके लिए अक्टूबर 2023 में ट्रायल रन भी शुरू कर दिया गया था। इसके बाद में, इसमें तीन और स्टेशनों एम्स, डीआरएम चौराहा और अलकापुरी को जोड़ ट्रेक को 7.5 किमी किया गया। जहां रेलवे ट्रेक पर ब्रिज रखने में काफी लंबा समय लगा, जिससे निर्माण कार्य में देरी हुई।</p>



<p><strong>नेतृत्व में बार-बार बदलाव<br></strong>मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (एमपीएमआरसीएल) के प्रबंधन में बार-बार बदलाव से परियोजना की निरंतरता प्रभावित हुई है। इससे निर्णय लेने में देरी और कार्यान्वयन में बाधाएं उत्पन्न हुई हैं। जुलाई 2015 में सबसे पहले गुलशन बामरा को कॉर्पाेरशन का एमडी बनाया गया। दो माह बाद ही उनको हटाकर विवेक अग्रवाल को जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके बाद प्रमोद अग्रवाल, संजय दुबे, नितेश कुमार व्यास, मनीष सिंह, छवि भारद्वाज, निकुंज कुमार श्रीवास्तव, मनीष सिंह, नीरज मंडलोई, सीबी चक्रवर्ती एम को बनाया गया। अभी एस कृष्ण चैतन्य अब तक कॉरपोरेशन के एमडी है।</p>



<p><strong>यह भी बना लेटलतीफी का कारण<br></strong>कुछ क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण से संबंधित विवाद और कानूनी चुनौतियों के कारण निर्माण कार्य में बाधाएं आई हैं। पुष्ठा मिल की भूमि पर स्वामित्व विवाद ने परियोजना की प्रगति को धीमा कर दिया है। वहीं, परियोजना की धीमी रफ्तार का कारण वित्तीय साधनों की कमी भी एक कारण बनी बनी। जिससे निर्माण कार्य की गति प्रभावित हुई है।</p>



<p>भोपाल मेट्रो का प्रथम चरण- दो लाइन और 28 स्टेशन, परियोजना की लागत- 6941 करोड़ रुपये<br>ऑरेंज लाइन- करोंद चौराहा से एम्स भोपाल तक। 14.99 किमी में 16 स्टेशन।<br>ब्लू लाइन- भदभदा चौराह से रत्नागिरी तिराहा तक। 12.91 किमी 13 स्टेशन।</p>



<p><strong>कब क्या हुआ &#8211;<br></strong>अक्टूबर 2018- डीपीआर को केंद्र की मंजूरी।<br>नवंबर 2018- टेंडरिंग प्रक्रिया शुरू।<br>दिसंबर 2018- मृदा परीक्षण शुरू।<br>जनवरी 2019- सुभाष नगर से एम्स के बीच एलिवेटेड वायडक्ट का निर्माण कार्य शुरू।<br>अगस्त 2019- मेट्रो का संचालन 2023 तक करने की घेाषणा।<br>सितंबर 2019- कमलनाथ ने मेट्रो प्रोजेक्ट का नाम बदलकर भोज मेट्रो किया।<br>अगस्त 2021- आठ स्टेशनों के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू।<br>मार्च 2022- मेट्रो डिपो के निर्माण का ठेका अलॉट किया।<br>मई 2023- ऑरेंज लाइन पर रेलवे ओवरब्रिज निर्माण की मंजूरी मिली।<br>अक्टूबर 2023- सुभाष नगर से रानी कमलापति स्टेशन के बीच ट्रायल रन किया।<br>दिसंबर 2023: प्राथमिकता वाले गलियारे पर ट्रैक बिछाने का काम पूरा</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>भोपाल मेट्रो का कमर्शियल रन अक्टूबर से, इंदौर के बाद अब राजधानी में मेट्रो सफर का इंतजार</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Jun 2025 11:29:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मध्यप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[भोपाल मेट्रो]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="342" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/06/Screenshot-2025-06-01-132215-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/06/Screenshot-2025-06-01-132215.png 738w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/06/Screenshot-2025-06-01-132215-medium.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में मेट्रो प्रोजेक्ट ने अहम मुकाम हासिल कर लिया है। मेट्रो का 6.22 किलोमीटर लंबा प्रायोरिटी कॉरिडोर, जो एम्स से सुभाषनगर तक है, अब टेस्टिंग के अंतिम चरण में पहुंच चुका है। सभी जरूरी दस्तावेज रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गेनाइजेशन (RDSO) को सौंपे जा चुके हैं। आरडीएसओ की जांच के बाद &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="342" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/06/Screenshot-2025-06-01-132215-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/06/Screenshot-2025-06-01-132215.png 738w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/06/Screenshot-2025-06-01-132215-medium.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में मेट्रो प्रोजेक्ट ने अहम मुकाम हासिल कर लिया है। मेट्रो का 6.22 किलोमीटर लंबा प्रायोरिटी कॉरिडोर, जो एम्स से सुभाषनगर तक है, अब टेस्टिंग के अंतिम चरण में पहुंच चुका है। सभी जरूरी दस्तावेज रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गेनाइजेशन (RDSO) को सौंपे जा चुके हैं। आरडीएसओ की जांच के बाद कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की टीम मुआयना करेगी। यदि सब कुछ मानकों पर खरा उतरा तो भोपाल में अक्टूबर-नवंबर तक मेट्रो का कमर्शियल रन शुरू हो सकता है।</p>



<p><strong>इंदौर से मिली शुरुआत, अब बारी भोपाल की</strong><br>31 मई को इंदौर मेट्रो की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअली की और अब उम्मीद जताई जा रही है कि भोपाल के यात्री भी जल्द ही मेट्रो का अनुभव ले सकेंगे। हालांकि, भोपाल में कुछ स्टेशन जैसे एम्स, डीआरएम तिराहा और अलकापुरी पर अभी काम बाकी है, जिसे आगामी महीनों में पूरा किया जाएगा। 3 अक्टूबर 2023 को तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मेट्रो का पहला ट्रायल रन सुभाषनगर से रानी कमलापति स्टेशन तक किया था। तब से लेकर अब तक लगातार ट्रायल रन और तकनीकी टेस्टिंग जारी है।</p>



<p><strong>सुरक्षा मानकों की सख्त जांच</strong><br>मेट्रो रेल की सुरक्षा के लिए दो चरणों में निरीक्षण होगा। RDSO के बाद CMRS की टीम ट्रैक, स्टेशन, ट्रेनिंग सिस्टम और सुरक्षा से जुड़े हर छोटे-बड़े पहलू की जांच करेगी। यदि सब कुछ संतोषजनक पाया गया तो फिर मेट्रो संचालन के लिए हरी झंडी मिल जाएगी।</p>



<p><strong>एयरपोर्ट जैसा अनुभव देंगे स्टेशन</strong><br>भोपाल मेट्रो के स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। यात्रियों को मेट्रो स्टेशन पर एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं मिलेंगी, जिनमें फूड प्लाजा, दुकानें और अन्य सेवाएं शामिल होंगी। इन योजनाओं को विशेषज्ञों की मदद से तैयार किया जा रहा है।</p>
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