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	<title>भारत &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>भारत &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>अमेरिका ने भारत के साथ अहम संबंधों के लिए की America First वीजा टूल की घोषणा</title>
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		<pubDate>Sun, 24 May 2026 06:06:18 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="346" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/klhpo.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/klhpo.jpg 797w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/klhpo-300x168.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/klhpo-768x430.jpg 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत के साथ रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करने के उद्देश्य से ‘अमेरिका फर्स्ट’ वीजा शेड्यूलिंग टूल लॉन्च करने की घोषणा की है। यह टूल उन व्यावसायिक पेशेवरों और यात्रियों को प्राथमिकता देगा जिनकी अमेरिका यात्रा दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को सीधे मजबूत &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="346" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/klhpo.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/klhpo.jpg 797w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/klhpo-300x168.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/klhpo-768x430.jpg 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत के साथ रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करने के उद्देश्य से ‘अमेरिका फर्स्ट’ वीजा शेड्यूलिंग टूल लॉन्च करने की घोषणा की है। यह टूल उन व्यावसायिक पेशेवरों और यात्रियों को प्राथमिकता देगा जिनकी अमेरिका यात्रा दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को सीधे मजबूत करती है।</p>



<p>रुबियो भारत की चार दिवसीय उच्चस्तरीय राजनयिक यात्रा के दौरान इस नई पहल की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अमेरिका-भारत संबंध केवल सुर्खियों में आने वाले मुद्दों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये गहरे आर्थिक और सुरक्षा सहयोग पर आधारित हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">20 अरब डॉलर से अधिक का निवेश</h2>



<p>विदेश मंत्री रुबियो ने बताया कि भारतीय कंपनियों ने संयुक्त राज्य अमेरिका में 20 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया है। दोनों देश हिंद-प्रशांत क्षेत्र में संयुक्त सैन्य अभ्यासों के माध्यम से सुरक्षा साझेदारी भी बढ़ा रहे हैं।</p>



<p>उन्होंने कहा कि भारत के साथ हमारा यह महत्वपूर्ण संबंध अमेरिकी अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों के लिए फायदेमंद है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">वीजा प्रक्रिया में तेजी और प्राथमिकता</h2>



<p>वर्तमान में धीमी कांसुलर प्रक्रिया व्यापारिक दौरे, निवेश बैठकें और साझेदारी वार्ताओं में बाधा बन रही थी। ‘अमेरिका फर्स्ट’ वीजा शेड्यूलिंग टूल इसी समस्या को दूर करने के लिए लाया गया है।</p>



<p>यह टूल प्राथमिकता के एक ही सिद्धांत पर काम करेगा, जो आवेदक अमेरिका के हितों को बढ़ावा देते हैं, उन्हें वीजा अपॉइंटमेंट में पहले मौका मिलेगा। खासतौर पर भारतीय व्यापारिक प्रतिनिधि, निवेशक, कंपनियों के अधिकारी और सौदे करने वाले पेशेवर इस नई व्यवस्था से लाभान्वित होंगे।</p>



<p>रुबियो ने जोर देकर कहा कि इस महत्वपूर्ण रिश्ते को मजबूत करने के लिए एक सुव्यवस्थित, तेज और सुरक्षित कांसुलर प्रणाली बेहद जरूरी है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">केवल आवेदकों के लिए नहीं</h2>



<p>रुबियो ने स्पष्ट किया कि यह नई सुविधा केवल वीजा आवेदकों तक सीमित नहीं है। उन्होंने अमेरिकी दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों में काम करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य स्टाफ को भी संबोधित करते हुए कहा कि यह टूल पूरी कांसुलर मशीनरी की कार्यकुशलता बढ़ाएगा, जिससे अमेरिकी करदाताओं के पैसे की बचत होगी।</p>
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		<title>समुद्र के रास्ते भारत लौटने का खुलेगा नया रास्ता</title>
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		<dc:creator><![CDATA[admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 11 May 2026 05:28:38 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[भारत]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="353" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/ijm.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/ijm.jpg 773w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/ijm-300x171.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/ijm-768x438.jpg 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />मध्य पूर्व में जारी संकट के बीच भारतीय नागरिकों को वहां से सुरक्षित बाहर निकालने का एक नया रास्ता तैयार किया जा रहा है। इसको लेकर भारत और UAE एक ऐसे समझौते पर काम कर रहे हैं, जिससे फुजैरा बंदरगाह के रास्ते लाखों भारतीय कामगारों को निकालने में मदद मिलेगी। यह समझौता दोनों देशों के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="353" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/ijm.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/ijm.jpg 773w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/ijm-300x171.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/ijm-768x438.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>मध्य पूर्व में जारी संकट के बीच भारतीय नागरिकों को वहां से सुरक्षित बाहर निकालने का एक नया रास्ता तैयार किया जा रहा है। इसको लेकर भारत और UAE एक ऐसे समझौते पर काम कर रहे हैं, जिससे फुजैरा बंदरगाह के रास्ते लाखों भारतीय कामगारों को निकालने में मदद मिलेगी। यह समझौता दोनों देशों के बीच पहले से ही मजबूत द्विपक्षीय संबंधों में एक और अहम कड़ी साबित होगा।</p>



<p>जानकारी के अनुसार, पीएम मोदी 15 मई को यूरोप के लिए रवाना होंगे। इस यात्रा के दौरान वे फुजैरा में रुकेंगे और फिर नीदरलैंड्स जाएंगे। यात्रा के पहले चरण में वह फुजैरा पोर्ट पर यूएई के साथ इस समझौते पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच यह दोनों देशों के लिए ऐसा पहला समझौता होगा।</p>



<h2 class="wp-block-heading">होर्मुज के पश्चिम में स्थित है फुजैरा पोर्ट</h2>



<p>इसकी वजह यह है कि फुजैरा &#8216;होर्मुज जलडमरूमध्य'(Strait of Hormuz) के पश्चिम में स्थित है, जो इस युद्ध के दौरान एक मुख्य &#8216;चोक- प्वाइंट&#8217; (अवरोधक बिंदु) के रूप में उभरा है। सरकारी अनुमानों के अनुसार, यदि हवाई यातायात में किसी तरह की बाधा आती है, तो UAE में काम करने वाले लाखों भारतीयों को जहाजों के जरिए सुरक्षित निकाला जा सकता है।</p>



<p>पश्चिम एशिया में लगभग एक करोड़ भारतीय कामगार रहते हैं, जिनमें से लगभग 43 लाख कामगार अकेले UAE में मौजूद हैं। मौजूदा संघर्ष के दौरान, फुजैरा जिसे प्रस्तावित भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे का संभावित शुरुआती बिंदु माना जा रहा था। अब UAE तक सामान पहुंचाने के लिए एक वैकल्पिक मार्ग के रूप में भी काम कर रहा है। इसकी वजह यह है कि दुबई बंदरगाह तक पहुंचने का रास्ता बंद हो गया है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">एशियाई प्रीमियम शुल्क को लेकर मिलेगा भारत को लाभ</h2>



<p>इसके साथ ही सामान की ढुलाई के लिए &#8216;खोर फक्कन&#8217; नामक एक अन्य बंदरगाह का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। यहां से सामान को सड़क मार्ग के जरिए आगे भेजा जाता है। ईरान ने ठीक इसी वजह से फुजैरा को अपना निशाना बनाया है। पीएम की यह यात्रा UAE के प्रति भारत के समर्थन का संकेत है, क्योंकि UAE पर लगातार ईरान की ओर से हमले हो रहे हैं।</p>



<p>इसके अलावा यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब UAE ने ओपेक नामक शक्तिशाली तेल-कार्टेल से खुद को अलग कर लिया है। माना जा रहा है कि सऊदी अरब के साथ कुछ मतभेदों के चलते UAE ने यह कदम उठाया है।</p>



<p>पिछले कुछ सालों में भारत और UAE के बीच प्रगाढ़ होते संबंधों को देखते हुए, विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्थिति से भारत को काफी फायदा पहुंच सकता है। यह फायदा विशेष रूप से इसलिए भी अहम है, क्योंकि सऊदी अरब जैसे देश अपने द्वारा बेचे जाने वाले कच्चे तेल पर एशियाई देशों से एशियाई प्रीमियम (अतिरिक्त शुल्क) भी वसूलते हैं।</p>
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		<title>विदेशों से आखिर क्यों भारी मात्रा में सोना वापस ला रहा भारत?</title>
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		<dc:creator><![CDATA[admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 08 May 2026 06:04:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="346" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/uitiuytui.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/uitiuytui.jpg 801w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/uitiuytui-300x168.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/uitiuytui-768x430.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />आपके दादा-दादी या माता-पिता ने अक्सर आपसे कहा होगा कि किसी भी वित्तीय संकट से निपटने के लिए सोना खरीदें, लेकिन क्या आप जानते हैं? दुनिया भर के केंद्रीय बैंक भी बिल्कुल यही कर रहे हैं। भारत सबसे अधिक स्वर्ण भंडार वाले शीर्ष 10 देशों में शामिल है और इसका भंडार लगातार बढ़ रहा है। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="346" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/uitiuytui.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/uitiuytui.jpg 801w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/uitiuytui-300x168.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/uitiuytui-768x430.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>आपके दादा-दादी या माता-पिता ने अक्सर आपसे कहा होगा कि किसी भी वित्तीय संकट से निपटने के लिए सोना खरीदें, लेकिन क्या आप जानते हैं? दुनिया भर के केंद्रीय बैंक भी बिल्कुल यही कर रहे हैं।</p>



<p>भारत सबसे अधिक स्वर्ण भंडार वाले शीर्ष 10 देशों में शामिल है और इसका भंडार लगातार बढ़ रहा है। इतना ही नहीं, भारतीय रिजर्व बैंक देश के सोने के भंडार का अधिकांश हिस्सा घरेलू स्तर पर रखने का विकल्प चुन रहा है और विदेशों से कई टन सोना वापस ला रहा है।</p>



<p>अक्टूबर 2025 से मार्च 2026 के बीच, आरबीआई ने 104.2 मीट्रिक टन सोना घर वापस लाया है। आरबीआई ने पहले ही 2023 से 2025 के बीच लगभग 280 टन सोना वापस मंगाया था, जिसमें 2025 के मध्य में लाया गया 64 टन और ब्रिटेन से वापस लाया गया लगभग 100 टन सोना शामिल था।</p>



<p>महामारी, रूस-यूक्रेन युद्ध और डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ (शुल्क) से कई आर्थिक झटके झेलने वाली दुनिया में, अर्थव्यवस्थाएं अपने बाहरी बफर (सुरक्षा कवच) के बारे में अधिक सतर्क हो गई हैं। विदेशी मुद्रा भंडार एक महत्वपूर्ण सहारा है जो किसी अर्थव्यवस्था की अपने ऋण चुकाने की क्षमता को परिभाषित करता है।</p>



<p>सोना हमेशा विदेशी मुद्रा भंडार का हिस्सा रहा है, लेकिन इसका महत्व बहुत तेजी से बदल रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, केंद्रीय बैंक अपने आधिकारिक विदेशी मुद्रा भंडार के हिस्से के रूप में सोना रखते हैं, जिससे वे दुनिया में कीमती धातु के सबसे बड़े खरीदारों और धारकों में से एक बन जाते हैं।</p>



<p>उनके निर्णय सोने की कीमतों को आकार देने, बाजार की धारणा को प्रभावित करने और वैश्विक मौद्रिक प्रणाली की दीर्घकालिक गतिशीलता पर प्रभाव डालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। केंद्रीय बैंकों द्वारा सोना रखने का मुख्य कारण लंबे समय तक मूल्य को सुरक्षित रखने के लिए अपने भंडार में विविधता लाना है। कागजी मुद्रा (फिएट मनी) के विपरीत, सोने का मूल्य किसी एक देश के आर्थिक प्रदर्शन से बंधा नहीं होता है।<br><br><strong>आरबीआई सोना घर क्यों ला रहा है?</strong></p>



<p>सबसे उल्लेखनीय बात यह है कि केंद्रीय बैंक ने न केवल सोने की अपनी होल्डिंग बढ़ाई है, बल्कि वह भौतिक सोने को विदेशी केंद्रों से वापस लाकर घरेलू स्तर पर स्टोर करना भी चुन रहा है। मार्च 2023 में, भारत का लगभग 38% स्वर्ण भंडार घरेलू स्तर पर रखा गया था। मार्च 2026 तक यह बढ़कर लगभग 77% हो गया है।</p>



<p>घरेलू स्तर पर सोना रखने के कई फायदे हैं। लागत से लेकर सुरक्षा तक। विशेषज्ञों का कहना है कि सोने को घर वापस लाने से किसी देश की बाहरी मनमानी के प्रति संवेदनशीलता कम हो जाती है। इसके अलावा भारत विदेशों में सोना रखने से जुड़ी लागतों की भी बचत करेगा।</p>
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		<title>रूस से अब और तेल खरीद पाएगा भारत</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 18 Apr 2026 07:32:33 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[भारत]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="344" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/j.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/j.jpg 715w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/j-300x167.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />&#160;ट्रंप प्रशासन ने शुक्रवार को एक छूट को फिर से लागू किया, जिससे देशों को समुद्र में रूसी तेल और पेट्रोलियम उत्पाद खरीदने की अनुमति मिल गई। यह छूट लगभग एक महीने के लिए है। इससे दो दिन पहले ही प्रशासन ने छूट देने से इनकार कर दिया था। ट्रेजरी विभाग ने शुक्रवार देर रात &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="344" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/j.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/j.jpg 715w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/j-300x167.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>&nbsp;ट्रंप प्रशासन ने शुक्रवार को एक छूट को फिर से लागू किया, जिससे देशों को समुद्र में रूसी तेल और पेट्रोलियम उत्पाद खरीदने की अनुमति मिल गई। यह छूट लगभग एक महीने के लिए है। इससे दो दिन पहले ही प्रशासन ने छूट देने से इनकार कर दिया था।</p>



<p>ट्रेजरी विभाग ने शुक्रवार देर रात अपनी वेबसाइट पर यह लाइसेंस जारी किया। इसके तहत, देशों को शुक्रवार तक जहाजों पर लादे गए रूसी तेल को 16 मई तक खरीदने की अनुमति मिल गई है।&nbsp;हालांकि, भारत ने स्पष्ट कर दिया था कि वह इस फैसले से प्रभावित नहीं होगा और रूस से कच्चा तेल और एलपीजी खरीदना जारी रखेगा।</p>



<h2 class="wp-block-heading">ईरान, क्यूबा और उत्तर कोरिया से लेन-देन शामिल नहीं</h2>



<p>यह लाइसेंस वैश्विक ऊर्जा कीमतों को नियंत्रित करने के प्रशासन के प्रयासों का एक हिस्सा है। ये कीमतें ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल युद्ध के दौरान काफी बढ़ गई थीं। इस लाइसेंस में ईरान, क्यूबा और उत्तर कोरिया से जुड़े लेन-देन शामिल नहीं हैं।</p>



<p>इससे पहले बुधवार को ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा कि वॉशिंगटन रूसी तेल के लिए मिली छूट और ईरानी तेल के लिए मिली एक और छूट को आगे नहीं बढ़ाएगा, जिनकी समय सीमा रविवार को खत्म होने वाली है।</p>



<p>बेसेंट ने पिछले महीने कहा था कि ईरानी छूट की वजह से लगभग 140 मिलियन बैरल तेल वैश्विक बाजारों तक पहुंच पाया और युद्ध के दौरान ऊर्जा आपूर्ति पर पड़े दबाव को कम करने में मदद मिली।</p>



<h2 class="wp-block-heading">रूस ने क्या कहा था?</h2>



<p>रूसी राष्ट्रपति के दूत किरिल दिमित्रीव ने कहा था कि पहली छूट से 10 करोड़ बैरल रूसी कच्चा तेल उपलब्ध हो जाएगा, जो लगभग एक दिन के वैश्विक उत्पादन के बराबर है। हालांकि प्रतिबंधों में मिली इस राहत से दुनिया भर में तेल की आपूर्ति में अस्थायी बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन इससे पेट्रोलियम की कीमतों में उछाल को रोका नहीं जा सका है।</p>
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		<title>भारत ने वेनेजुएला में अपने नागरिकों के लिए जारी की एडवाइजरी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 04 Jan 2026 07:15:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="343" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/luoiupo.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/luoiupo.png 794w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/luoiupo-300x167.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/luoiupo-768x427.png 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />भारत ने शनिवार रात अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि वह वेनेजुएला की यात्रा करने से बचें। यह एडवाइजरी अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के कारण उत्पन्न स्थिति के मद्देनजर जारी की गई है। विदेश मंत्रालय ने वेनेजुएला में मौजूद सभी भारतीयों से अत्यधिक सतर्कता बरतने और &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="343" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/luoiupo.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/luoiupo.png 794w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/luoiupo-300x167.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/luoiupo-768x427.png 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>भारत ने शनिवार रात अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि वह वेनेजुएला की यात्रा करने से बचें। यह एडवाइजरी अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के कारण उत्पन्न स्थिति के मद्देनजर जारी की गई है।</p>



<p>विदेश मंत्रालय ने वेनेजुएला में मौजूद सभी भारतीयों से अत्यधिक सतर्कता बरतने और अपनी गतिविधियों को सीमित करने का अनुरोध किया है।</p>



<p>विदेश मंत्रालय ने कहा वेनेजुएला में हालिया घटनाक्रम के मद्देनजर भारतीय नागरिकों को वेनेजुएला की सभी गैर-आवश्यक यात्रा से बचने की सख्त सलाह दी जाती है। जो सभी भारतीय वेनेजुएला में किसी भी कारण से हैं, उन्हें अत्यधिक सतर्कता बरतने, अपनी गतिविधियों को सीमित करने और काराकास में भारतीय दूतावास के संपर्क में रहने की सलाह दी जाती है।</p>



<p>मंत्रालय ने भारतीयों से दूतावास से संपर्क करने का अनुरोध किया है। वेनेजुएला में लगभग 50 गैर-निवासी भारतीय और 30 भारतीय मूल के व्यक्ति हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो कभी बस ड्राइवर थे</h2>



<p>23&nbsp;नवंबर 1962 को जन्मे वेनेजुएला के अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो श्रम संघ के नेता के बेटे हैं और कभी बस ड्राइवर के तौर पर अपना जीवन यापन करते थे। 1992 में तत्कालीन सैन्य अधिकारी ह्यूगो शावेज के नेतृत्व में उन्होंने राजनीति में पदार्पण किया और शावेज के करीबी बन गए। 1998 में शावेज के नेतृत्व में उन्होंने चुनाव भी लड़ा।</p>



<p>शावेद के शासनकाल में मादुरो नेशनल असेंबली के अध्यक्ष और विदेश मंत्री भी बने। विदेश मंत्री रहने के दौरान मादुरो ने वेनेजुएला के तेल कारोबार को पूरी दुनिया में फैलाया। शावेज ने अपने निधन से पहले मादुरो को अपना उत्तराधिकारी चुना और 2013 में शावेज के निधन के बाद मादुरो ने चुनाव जीता और वेनेजुएला के राष्ट्रपति बने।</p>



<h2 class="wp-block-heading">वेनेजुएला में महंगाई चरम पर</h2>



<p>मादुरो के शासनकाल में देश भारी आर्थिक संकट में घिर गया और महंगाई चरम पर पहुंच गई। मादुरो के शासनकाल को चुनावों में धांधली, खाद्य संकट और अधिकारों के हनन के लिए जाना जाता है।उन्होंने 2014 और 2017 में सरकार के खिलाफ आंदोलनों को बेरहमी से कुचला। जनवरी 2025 में हुए राष्ट्रीय चुनाव में वह तीसरी बार देश के राष्ट्रपति चुने गए।</p>
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