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	<title>भारतीय मूल &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>भारतीय मूल &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>भारतीय मूल के व्यक्ति की US नागरिकता 15 साल बाद रद</title>
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		<pubDate>Tue, 01 Sep 2026 11:05:25 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="352" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/09/2121.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/09/2121.png 791w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/09/2121-300x171.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/09/2121-768x437.png 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />भारतीय मूल के एक व्यक्ति की अमेरिकी नागरिकता रद कर दी गई है। इस व्यक्ति को रेप के मामले में दोषी पाया गया है। टैक्सी ड्राइवर गुरमीत सिंह (55) पर आरोप है कि उसने 2011 में न्यूयॉर्क में चाकू की नोक पर एक महिला यात्री का अपहरण किया और उसके साथ रेप किया। अमेरिकी न्याय &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="352" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/09/2121.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/09/2121.png 791w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/09/2121-300x171.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/09/2121-768x437.png 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>भारतीय मूल के एक व्यक्ति की अमेरिकी नागरिकता रद कर दी गई है। इस व्यक्ति को रेप के मामले में दोषी पाया गया है। टैक्सी ड्राइवर गुरमीत सिंह (55) पर आरोप है कि उसने 2011 में न्यूयॉर्क में चाकू की नोक पर एक महिला यात्री का अपहरण किया और उसके साथ रेप किया।</p>



<p>अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, 2014 में हिंसक हमले का दोषी पाए जाने के बाद उसे 20 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। अमेरिकी एजेंसी ने एक बयान में कहा कि गुरमीत ने अमेरिकी नागरिकता के लिए आवेदन करते समय अपने आपराधिक अतीत को छिपाया था। उसे हमले के कुछ महीनों बाद नागरिकता मिली थी।</p>



<h2 class="wp-block-heading">&#8216;नागरिकता लेते वक्त छिपाया आपराधिक बैकग्राउंड&#8217;</h2>



<p>अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने कहा कि भारत के रहने वाले और रेप के दोषी गुरमीत अब अमेरिकी नागरिक नही है। ब्लैंच ने कहा, &#8220;भारत के दोषी बलात्कारी गुरमीत सिंह अब अमेरिकी नागरिक नहीं रहे। उन्होंने नागरिकता पाने की प्रक्रिया के दौरान बलात्कार और अपहरण की बात छिपाई थी और अब एक फेडरल कोर्ट ने उनकी नागरिकता रद कर दी है।&#8221;</p>



<p>उन्होंने आगे कहा, &#8220;विभाग ने इस मामले को अंजाम तक पहुंचाया है और हम डीनेचुरलाइजेशन (नागरिकता रद करने) के मामलों पर तेजी से काम करना जारी रखेंगे। धोखाधड़ी से हासिल की गई नागरिकता अपराधियों को सजा से नहीं बचा पाएगी।&#8221;</p>



<h2 class="wp-block-heading">गुरमीत सिंह के खिलाफ क्या है केस?</h2>



<p>मूल रूप से भारत के रहने वाला गुरमीत सिंह फरवरी 1992 में ज्यादा से ज्यादा छह महीने की अवधि के लिए विजिटर के तौर पर अमेरिका पहुंचा था। न्याय विभाग के अनुसार, इसके बाद वह बिना इजाजत के कई सालों तक अमेरिका में रहा, जब तक कि जून 2000 में परिवार-आधारित आप्रवासी वीजा याचिका के जरिए उसे स्थायी निवासी बनने की मंजूरी नहीं मिल गई।</p>



<p>मई 2011 में अमेरिकी नागरिक बनने के लिए आवेदन करने से कुछ हफ्ते पहले टैक्सी ड्राइवर रहे सिंह एक महिला यात्री को ले जा रहा था और ये महिला घर जाते समय रास्ते में सो गई थी।</p>



<p>जब पैसेंजर की नींद खुली तो उसने पाया कि सिंह उसके ऊपर था और उसने चाकू उसकी गर्दन पर लगा रखा था। उसने उसे धमकाया, उसके हाथ-पैर बांध दिए और मुंह में कपड़ा ठूंस दिया, उसकी आंखों पर पट्टी बांध दी, उसके कपड़े उतार दिए और उसका रेप किया। अमेरिकी एजेंसी ने बताया कि इसके बाद पीड़िता कैब से भाग निकली और सुबह-सुबह मदद के लिए सड़क पर मौजूद किसी व्यक्ति के पास भागी।</p>



<p>खबरों के मुताबिक, गुरमीत ने अपनी नागरिकता पाने की प्रक्रिया के दौरान इन कामों को छिपाया, जिसके चलते अक्टूबर 2011 में उन्हें अमेरिकी नागरिकता मिल गई। नागरिकता मिलने के बाद न्यूयॉर्क में सिंह को रेप (फर्स्ट डिग्री) और यौन मंशा से किए गए अपराध के तौर पर अपहरण (सेकंड डिग्री) का दोषी ठहराया गया और 20 साल की जेल की सजा सुनाई गई।</p>
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		<title>2023 में भारतीय मूल के व्यक्ति ने की थी व्हाइट हाउस पर हमले की कोशिश</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 17 Jan 2025 08:24:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
		<category><![CDATA[भारतीय मूल]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="282" height="322" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/oiupo-2-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/oiupo-2.jpg 282w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/oiupo-2-medium.jpg 263w" sizes="(max-width: 282px) 100vw, 282px" />भारतीय नागरिक साईं वर्षीथ कंडुला, 20, को गुरुवार को 22 मई, 2023 को किराए के ट्रक से व्हाइट हाउस पर हमला करने के प्रयास के लिए आठ साल की सजा सुनाई गई। न्याय विभाग ने कहा कि इस हमले का उद्देश्य लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई अमेरिकी सरकार को उखाड़ फेंकना था ताकि उसकी जगह &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="282" height="322" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/oiupo-2-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/oiupo-2.jpg 282w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/oiupo-2-medium.jpg 263w" sizes="auto, (max-width: 282px) 100vw, 282px" />
<p>भारतीय नागरिक साईं वर्षीथ कंडुला, 20, को गुरुवार को 22 मई, 2023 को किराए के ट्रक से व्हाइट हाउस पर हमला करने के प्रयास के लिए आठ साल की सजा सुनाई गई।</p>



<p>न्याय विभाग ने कहा कि इस हमले का उद्देश्य लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई अमेरिकी सरकार को उखाड़ फेंकना था ताकि उसकी जगह नाजी विचारधारा से प्रेरित तानाशाही स्थापित की जा सके।</p>



<p>कंडुला ने 13 मई, 2024 को जानबूझकर अमेरिकी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या लूटने के आरोप में दोषी होने की दलील दी थी। भारत के चंदनगर में जन्मे, वह ग्रीन कार्ड के साथ अमेरिका के एक वैध स्थायी निवासी थे। जेल की सजा के अलावा, जिला न्यायालय के न्यायाधीश डैबनी एल फ्रेडरिक ने कंडुला को तीन साल की निगरानी रिहाई (supervised release) का आदेश दिया।</p>



<p>अदालती दस्तावेजों के अनुसार, भारतीय नागरिक ने 22 मई, 2023 की दोपहर को सेंट लुईस, मिसौरी से वाशिंगटन डी.सी. के लिए एक वाणिज्यिक उड़ान भरी, जो एकतरफा एयरलाइन टिकट पर दूसरे हवाई अड्डे से जुड़ा था और लगभग 5:20 बजे डलेस अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचा, जहां उसने शाम 6:30 बजे एक ट्रक किराए पर लिया था।वह भोजन और गैस के लिए रुका और फिर वाशिंगटन, डी.सी. चला गया, जहाँ वह रात 9:35 बजे एच स्ट्रीट, नॉर्थवेस्ट और 16वीं स्ट्रीट, नॉर्थवेस्ट के चौराहे पर व्हाइट हाउस और राष्ट्रपति पार्क की सुरक्षा करने वाले अवरोधों से टकरा गया।</p>



<p>कंडुला फुटपाथ पर चला गया, जिससे पैदल यात्री घटनास्थल से भाग गए। अवरोधों से टकराने के बाद, ट्रक पीछे की ओर बढ़ा, फिर आगे की ओर झुका और दूसरी बार धातु के अवरोधों से टकराया। दूसरे प्रभाव ने ट्रक को निष्क्रिय कर दिया, जिसके इंजन डिब्बे से धुआं निकलने लगा और तरल पदार्थ लीक होने लगे।</p>



<p>इसके बाद कंडुला वाहन से बाहर निकलकर ट्रक के पीछे चला गया। उसने बैग से एक झंडा निकाला, जो बीच में नाजी स्वास्तिक के साथ तीन गुणा पांच फुट का लाल और सफेद बैनर था और उसे लहराया।</p>



<p>न्याय विभाग ने बताया कि अमेरिकी पार्क पुलिस और अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के अधिकारियों ने कंडुला को घटनास्थल पर ही गिरफ्तार कर लिया और उसे हिरासत में ले लिया।</p>



<p>याचिका समझौते के अनुसार, जिस समय कंडुला ने व्हाइट हाउस की परिधि में ट्रक घुसाया, वह राजनीतिक सत्ता हथियाने के लिए व्हाइट हाउस में प्रवेश करने का प्रयास कर रहा था।</p>



<p>इसमें आगे कहा गया, कंडुला का इरादा लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को नाजी जर्मनी की विचारधारा से प्रेरित तानाशाही से बदलना और खुद को संयुक्त राज्य अमेरिका का प्रभारी बनाना था। कंडुला ने जांचकर्ताओं के सामने स्वीकार किया कि अगर अपने उद्देश्य को पूरा करने के लिए आवश्यक होता तो वह अमेरिकी राष्ट्रपति और अन्य लोगों की हत्या की व्यवस्था कर सकता था। उसके कार्यों का उद्देश्य डराने-धमकाने या जबरदस्ती करके सरकार के आचरण को प्रभावित करना था।</p>



<p>न्याय विभाग के अनुसार, उनके कार्यों से राष्ट्रीय उद्यान सेवा को 4,322 अमेरिकी डॉलर का नुकसान हुआ। इस राशि में धातु के बोलार्ड अवरोधों की मरम्मत करके उनकी मूल स्थिति में लाना और संरचनात्मक मजबूती सुनिश्चित करना, तेल और रसायन निकालना, रिसाव की सफाई करना और दुर्घटनाग्रस्त यू-हॉल से तरल पदार्थों का निपटान करना शामिल था।</p>



<p>संघीय अभियोजकों ने कहा, कंडुला ने कई हफ़्तों तक हमले की योजना बनाई। ट्रक किराए पर लेने और व्हाइट हाउस के मैदान में उसे दुर्घटनाग्रस्त करने से पहले, उसने वाहनों या सशस्त्र सुरक्षा गार्डों तक पहुँच प्राप्त करने के कई प्रयास किए।</p>



<p>उदाहरण के लिए, 22 अप्रैल, 2023 को, कंडुला ने वर्जीनिया में स्थित एक सुरक्षा कंपनी से 25 सशस्त्र गार्ड और एक बख्तरबंद काफिले का अनुरोध किया।</p>



<p>4 मई, 2023 को, कंडुला ने एक बड़े वाणिज्यिक ट्रैक्टर-ट्रेलर ट्रक, एक डंप ट्रक या किसी अन्य बड़े ट्रक को किराए पर लेने के प्रयास में कई अन्य कंपनियों से संपर्क करने का प्रयास किया।</p>



<p>कंडुला सुरक्षा गार्ड या ट्रैक्टर-ट्रेलर ट्रक या डंप ट्रक के लिए मुकदमा चलाने में असफल रहा।</p>



<p>मीडिया विज्ञप्ति में कहा गया है कि कंडुला ने अमेरिकी सरकार के खिलाफ अपने अपराध को अंजाम देने के लिए इन सुरक्षा गार्डों की सेवाओं और बड़े वाहनों के इस्तेमाल की व्यवस्था करने का प्रयास किया था।</p>
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		<title>भारतीय मूल के ट्रक डाइवर को निर्वासित करने का आदेश</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 25 May 2024 06:54:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[भारतीय मूल]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="367" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/05/inter5-5.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/05/inter5-5.jpg 654w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/05/inter5-5-300x178.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />कनाडा के कैलगरी में भारतीय मूल के एक ट्रक डाइवर ने बस में टक्कर मार दी थी। जिसके बाद उसे भारत निर्वासित करने का आदेश दिया गया। आरोपी के निर्वासन का मामला आव्रजन और शरणार्थी बोर्ड के पास है। उन्होंने सुनवाई के दौरान सिद्धू को निर्वासित करने का आदेश दिया है। बताया गया है निर्वासन &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="367" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/05/inter5-5.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/05/inter5-5.jpg 654w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/05/inter5-5-300x178.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>कनाडा के कैलगरी में भारतीय मूल के एक ट्रक डाइवर ने बस में टक्कर मार दी थी। जिसके बाद उसे भारत निर्वासित करने का आदेश दिया गया। आरोपी के निर्वासन का मामला आव्रजन और शरणार्थी बोर्ड के पास है। उन्होंने सुनवाई के दौरान सिद्धू को निर्वासित करने का आदेश दिया है। बताया गया है निर्वासन प्रक्रिया में महीनों या साल लग सकते हैं।</p>



<p>कनाडा के कैलगरी में भारतीय मूल के एक ट्रक डाइवर ने बस में टक्कर मार दी थी। जिसके बाद उसे भारत निर्वासित करने का आदेश दिया गया। ट्रक डाइवर का नाम जसकीरत सिंह सिद्धू बताया जा रहा है।</p>



<p>रिपोर्ट्स के मुताबिक, ड्राइवर ने ट्रैफिक सिग्नल को तोड़ते हुए रास्ते में आ रही हम्बोल्ट ब्रोंकोस जूनियर हॉकी टीम की बस को टक्कर मार दी। बताया गया है इस भीषण टक्कर से बस में बैठे 16 सदस्यों की मौत हो गई, जबकि 13 घायल हो गए हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">ट्रक ड्राइवर को सुनाई गई 8 साल की सजा</h2>



<p>बता दें कि, ये मामला साल 2018 का है। 2018 में खतरनाक ड्राइविंग के लिए ट्रक ड्राइवर को 8 साल की सजा सुनाई गई थी, जिसके बाद उसे पैरोल भी दी गई। इसके बाद कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी ने उनके निर्वासन की सिफारिश की थी।</p>



<p>फिलहाल सिद्धू के निर्वासन का मामला&nbsp;आव्रजन और शरणार्थी बोर्ड के पास है। उन्होंने सुनवाई के दौरान सिद्धू को निर्वासित करने का आदेश दिया है।&nbsp;जिसके बाद सिद्धू के वकील माइकल ग्रीन ने कहा, सिद्धू भारत से हैं और उन्हें कनाडा में स्थायी निवासी का दर्जा प्राप्त है। सिद्धू के वकील ने अपनी बात को आगे रखते हुए कहा कि अभी भी कई अन्य कानूनी प्रक्रियाएं बाकी हैं और निर्वासन प्रक्रिया में महीनों या साल लग सकते हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">आरोपी के वकील ने की फैसले को रद्द करने की मांग</h2>



<p>सिद्धू के वकील का कहना है, यह पहले से तय था कि सिद्धू को निर्वासित करना है, बस सिद्धू के कोई गंभीर अपराध करने का इंतजार किया जा रहा था। माइकल ग्रीन ने एजेंसी से इस फैसले को रद्द करने और ठीक से जांच पड़ताल करने का आदेश देने का अनुरोध किया था।</p>



<p>बता दें कि इससे पहले ग्रीन ने कोर्ट के सामने दिसंबर के महीने में दलील दी थी। उन्होंने कहा था, इस वक्त हम ऐसी स्थिति में आ गए हैं, जहां स्थायी निवासियों के पास अपने व्यक्तिगत फैसले लेने का कोई अधिकार नहीं है। इसके बाद सिद्धू के वकील ने कहा था, सुनवाई खत्म होने के बाद सिद्धू को तुरंत हिरासत में नहीं लिया जाए।</p>



<p><a href="https://www.khojle.com/?utm_source=jagranhindi&amp;utm_medium=referral&amp;utm_campaign=midarticle" target="_blank" rel="noreferrer noopener"></a></p>
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		<item>
		<title>भारतीय मूल के इस टेक CEO के हो रहे चर्चे</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 22 May 2024 08:01:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[टेक्नोलॉजी]]></category>
		<category><![CDATA[भारतीय मूल]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="493" height="397" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/05/techno3-13.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/05/techno3-13.jpg 493w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/05/techno3-13-300x242.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 493px) 100vw, 493px" />पालो ऑल्टो नेटवर्क्स के सीईओ निकेश अरोड़ा (Nikesh Arora) दुनिया में सबसे ज्यादा सैलरी लेने वाले सीईओ की लिस्ट में दूसरे नंबर पर हैं। भारतीय मूल के निकेश ने वॉल स्ट्रीट जर्नल 2023 लिस्ट 2023 (Wall Street Journals 2023 list) में यूएस में सबसे ज्यादा पेड सीईओ की लिस्ट में अपनी जगह बनाई है। इस &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="493" height="397" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/05/techno3-13.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/05/techno3-13.jpg 493w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/05/techno3-13-300x242.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 493px) 100vw, 493px" />
<p>पालो ऑल्टो नेटवर्क्स के सीईओ निकेश अरोड़ा (Nikesh Arora) दुनिया में सबसे ज्यादा सैलरी लेने वाले सीईओ की लिस्ट में दूसरे नंबर पर हैं। भारतीय मूल के निकेश ने वॉल स्ट्रीट जर्नल 2023 लिस्ट 2023 (Wall Street Journals 2023 list) में यूएस में सबसे ज्यादा पेड सीईओ की लिस्ट में अपनी जगह बनाई है। इस रिपोर्ट में भारतीय मूल के कई सीईओ को खास जगह मिली है।</p>



<p><strong> </strong>पालो ऑल्टो नेटवर्क्स (Palo Alto Networks) के सीईओ निकेश अरोड़ा (Nikesh Arora) दुनिया में सबसे ज्यादा सैलरी लेने वाले सीईओ की लिस्ट में दूसरे नंबर पर हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">वॉल स्ट्रीट जर्नल 2023 लिस्ट 2023 में छाए&nbsp;निकेश अरोरा</h2>



<p>भारतीय मूल के निकेश ने वॉल स्ट्रीट जर्नल 2023 लिस्ट 2023 (Wall Street Journal&#8217;s 2023 list) में यूएस में सबसे ज्यादा पेड सीईओ की लिस्ट में अपनी खास जगह बनाई है।</p>



<p>निकेश का कुल मुआवजा (compensation)151.43 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया। यह खास कर स्टॉक ऑप्शन की वजह से रहा।</p>



<h2 class="wp-block-heading">शांतनु नारायण ने भी बनाई लिस्ट में अपनी जगह</h2>



<p>दरअसल, इस रिपोर्ट में भारतीय मूल के सीईओ को खास जगह मिली है। टॉप 500 में से 17 पॉजिशन पर भारतीय मूल रहे।</p>



<p>अडॉब Adobe सीईओ शांतनु नारायण (Shantanu Narayen) को इस लिस्ट में 11 नंबर पर जगह मिली है। भारत में जन्मे शांतनु 44.93 मिलियन डॉलर के साथ इस पॉजिशन पर रहे।</p>



<h2 class="wp-block-heading">मस्क, पिचाई की कैसी रही स्थिति</h2>



<p>दिलचस्प बात यह है कि टेस्ला के सीईओ एलन मस्क और अल्फाबेट के सुंदर पिचाई जैसे तकनीकी दिग्गजों ने 2023 में गैर-पारंपरिक मुआवजा संरचनाओं (non-traditional compensation structures) का विकल्प चुना।</p>



<p>मस्क को कोई मुआवजा नहीं मिला, जबकि पिचाई ने 8.80 मिलियन डॉलर कमाए। मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग $24.40 मिलियन के साथ लिस्ट में कहीं बीच में रहे।</p>



<h2 class="wp-block-heading">गूगल में भी काम कर चुके हैं निकेश</h2>



<p>निकेश अरोड़ा (Nikesh Arora) की बात करें तो वे  दिल्ली के एयर फोर्स पब्लिक स्कूल के छात्र रह चुके हैं। वे गूगल में मुख्य व्यवसाय अधिकारी (Google&#8217;s chief business officer) के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान प्रमुखता से उभरे।</p>



<p>2014 में Google छोड़ने के बाद, उन्होंने रिकॉर्ड तोड़ मुआवजे पैकेज के साथ जापान में सॉफ्टबैंक का नेतृत्व करके सुर्खियां बटोरीं। 2018 से, वह एक साइबर सुरक्षा फर्म पालो ऑल्टो नेटवर्क्स को चला रहे हैं।</p>
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		<title>कनाडा : भारतीय मूल के घर में आग लगने से एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 16 Mar 2024 06:41:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[कनाडा]]></category>
		<category><![CDATA[घर]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="450" height="343" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/inter-1-10-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/inter-1-10.jpg 450w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/inter-1-10-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 450px) 100vw, 450px" />कनाडा के ओंटारियो प्रांत में एक घर में आग लगने से एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। मृतकों में भारतीय मूल के जोड़े और उनकी किशोर बेटी शामिल है। परिवार की पहचान 51 वर्षीय राजीव वारिकू उनकी पत्नी47 वर्षीय शिल्पा कोठा और उनकी 16 वर्षीय बेटी महक वारिकू के रूप में &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="450" height="343" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/inter-1-10-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/inter-1-10.jpg 450w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/inter-1-10-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 450px) 100vw, 450px" />
<p>कनाडा के ओंटारियो प्रांत में एक घर में आग लगने से एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। मृतकों में भारतीय मूल के जोड़े और उनकी किशोर बेटी शामिल है। परिवार की पहचान 51 वर्षीय राजीव वारिकू उनकी पत्नी47 वर्षीय शिल्पा कोठा और उनकी 16 वर्षीय बेटी महक वारिकू के रूप में की गई। पुलिस अभी तक आग लगने के कारण का पता नहीं लगा पाई है।</p>



<p>कनाडा के ओंटारियो प्रांत में एक घर में आग लगने से एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। मृतकों में भारतीय मूल के जोड़े और उनकी किशोर बेटी शामिल है। घटना 7 मार्च को हुई थी, लेकिन इसकी सूचना शुक्रवार को दी गई। अवशेषों की पहचान भारतीय परिवार के तीनों सदस्य के रूप में की गई है।</p>



<p>परिवार ब्रैम्पटन के बिग स्काई वे और वैन किर्क ड्राइव इलाके में रहता था। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, जांचकर्ताओं ने कहा कि वे मारे गए लोगों की संख्या का पता नहीं लगा सकते हैं। इस घटना की जानकारी परिवार के एक पड़ोसी द्वारा दी गई जिसके बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। हालांकि, जैसे ही आग बुझी, उन्हें वह मिला जो मानव अवशेष माना जा रहा था।</p>



<p>परिवार की पहचान 51 वर्षीय राजीव वारिकू, उनकी पत्नी, 47 वर्षीय शिल्पा कोठा और उनकी 16 वर्षीय बेटी महक वारिकू के रूप में की गई। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि पुलिस अभी तक आग लगने के कारण का पता नहीं लगा पाई है और इसे &#8216;संदिग्ध&#8217; मानकर चल रही है।</p>



<p>एक प्रेस विज्ञप्ति में, पुलिस ने कहा कि वे परिवार के तीन सदस्यों की मौत की जांच जारी रख रहे हैं और जानकारी रखने वाले किसी भी व्यक्ति से आगे आने का आग्रह किया है।</p>
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