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	<title>भारतीय नौसेना &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>भारतीय नौसेना &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>भारतीय नौसेना को मिले तीन अत्याधुनिक स्वदेशी युद्धपोत</title>
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		<pubDate>Tue, 31 Mar 2026 05:39:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[भारतीय नौसेना]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="355" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/jhhk.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/jhhk.png 713w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/jhhk-300x172.png 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />भारतीय नौसेना को सोमवार को तीन नए युद्धपोत प्राप्त हुए। इनमें एडवांस्ड गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट &#8216;दुनागिरी&#8217;, सर्वेक्षण पोत &#8216;संशोधक&#8217; और पनडुब्बी रोधी युद्धक उथले जलयान &#8216;अग्रय&#8217; शामिल हैं। इनका निर्माण गार्डन रीच शिपबिल्डिंग एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (जीआरएसई) द्वारा किया गया, जो स्वदेशी रक्षा विनिर्माण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। एडवांस्ड गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट &#8216;दुनागिरी&#8217; &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="355" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/jhhk.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/jhhk.png 713w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/jhhk-300x172.png 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>भारतीय नौसेना को सोमवार को तीन नए युद्धपोत प्राप्त हुए। इनमें एडवांस्ड गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट &#8216;दुनागिरी&#8217;, सर्वेक्षण पोत &#8216;संशोधक&#8217; और पनडुब्बी रोधी युद्धक उथले जलयान &#8216;अग्रय&#8217; शामिल हैं। इनका निर्माण गार्डन रीच शिपबिल्डिंग एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (जीआरएसई) द्वारा किया गया, जो स्वदेशी रक्षा विनिर्माण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।</p>



<p>एडवांस्ड गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट &#8216;दुनागिरी&#8217; सबसे परिष्कृत प्लेटफार्मों में से एक है। 149 मीटर लंबा और 6,670 टन वजनी यह फ्रिगेट अत्याधुनिक हथियारों और सेंसरों से सुसज्जित है, जिसमें उन्नत मिसाइल प्रणालियां और एक एकीकृत युद्ध प्रबंधन प्रणाली शामिल है।</p>



<p>एक अधिकारी ने कहा, &#8221;ब्रह्मोस एंटी-शिप और लैंड-अटैक क्रूज मिसाइलों के साथ-साथ उन्नत रक्षा प्रणालियों से लैस दुनागिरी नौसैनिक हमले और रक्षा क्षमताओं में महत्वपूर्ण छलांग है।&#8221;संशोधक नामक जहाज एक सर्वेक्षण पोत है। लगभग 3,400 टन के विस्थापन और 110 मीटर की कुल लंबाई वाले संशोधक में अत्याधुनिक उपकरण लगे हैं।</p>



<p>अग्रय अर्नाला श्रेणी के पनडुब्बी रोधी उथले जल पोतों में से चौथा है। यह आइएनएस अग्रय का नया रूप है, जो एक गश्ती पोत था और 2017 में सेवामुक्त कर दिया गया था। यह पूर्ण पैमाने पर सतह के नीचे निगरानी, खोज और हमले के अभियानों के साथ-साथ विमानों के साथ समन्वित अभियानों में सक्षम है, और हल्के टॉरपीडो और पनडुब्बी रोधी युद्धक राकेटों से लैस है।</p>
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		<title>भारतीय ईंधन टैंकरों की ढाल बनी नौसेना</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 19 Mar 2026 06:05:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[भारतीय नौसेना]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="335" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/uiyio.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/uiyio.png 702w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/uiyio-300x163.png 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />&#160;भारतीय नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ते तनाव के बीच भारतीय ईंधन और एलपीजी टैंकरों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए अरब सागर और ओमान की खाड़ी में अतिरिक्त युद्धपोत तैनात किए हैं। टीआईओ की रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने बताया कि भारतीय नौसेना ने आधे दर्जन से अधिक युद्धपोतों को, जिनमें रसद &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="335" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/uiyio.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/uiyio.png 702w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/uiyio-300x163.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>&nbsp;भारतीय नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ते तनाव के बीच भारतीय ईंधन और एलपीजी टैंकरों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए अरब सागर और ओमान की खाड़ी में अतिरिक्त युद्धपोत तैनात किए हैं।</p>



<p>टीआईओ की रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने बताया कि भारतीय नौसेना ने आधे दर्जन से अधिक युद्धपोतों को, जिनमें रसद जहाज भी शामिल हैं, एहतियाती तौर पर इस क्षेत्र में भेजा है।</p>



<p>ये युद्धपोत होर्मुज जलडमरूमध्य के पूर्व में ही तैनात रहेंगे और संवेदनशील जलमार्ग में प्रवेश नहीं करेंगे। उनकी मुख्य भूमिका भारतीय जहाजों को उत्तरी अरब सागर के सुरक्षित जलक्षेत्र तक पहुंचाना होगी। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब ईरान होर्मुज से अधिक ईंधन टैंकरों को निकलने की अनुमति देने पर विचार कर रहा है, लेकिन क्षेत्रीय तनाव के कारण जोखिम बरकरार है।</p>



<p>हाल के दिनों में भारत ने पहले ही दो सरकारी स्वामित्व वाले एलपीजी टैंकरों—शिवालिक और नंदा देवी—के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित किया है, जो सफलतापूर्वक जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं। नई दिल्ली तेहरान के साथ बातचीत जारी रखे हुए है ताकि अधिक जहाजों की आवाजाही सुगम हो सके।</p>



<p>फरवरी के अंत में अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हवाई हमलों के बाद से होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यावसायिक यातायात लगभग ठप हो गया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है। भारत, जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इस मार्ग पर बहुत अधिक निर्भर है, विशेष रूप से प्रभावित हुआ है। देश के एलपीजी आयात का लगभग 90% मध्य पूर्व से आता है, और कुल तेल आयात का करीब 40-50% इसी जलडमरूमध्य से गुजरता है।</p>



<p>भारतीय नौसेना की यह तैनाती &#8216;ऑपरेशन संकल्प&#8217; के तहत चल रही है, जो 2019 से खाड़ी क्षेत्र में भारतीय जहाजों की सुरक्षा के लिए सक्रिय है। सूत्रों के मुताबिक, वर्तमान में कई भारतीय जहाज—जिनमें 22 से अधिक भारत-बाउंड वेसल शामिल हैं—क्षेत्र में फंसे हुए हैं या सुरक्षित निकासी की प्रतीक्षा कर रहे हैं। नौसेना के युद्धपोत इनकी निगरानी और एस्कॉर्ट कर रहे हैं।</p>



<p>भारत ने अमेरिका के आह्वान पर होर्मुज की सुरक्षा में सीधे सहयोग देने से इनकार किया है और कहा है कि इस मुद्दे पर वाशिंगटन के साथ कोई द्विपक्षीय चर्चा नहीं हुई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया कि भारत कई हितधारकों के साथ परामर्श जारी रखेगा।</p>
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		<title>भारतीय नौसेना की बढ़ेगी ताकत, अमेरिका से जल्द खरीदेगा छह नए P-8I विमान</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 05 Feb 2026 05:14:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[भारतीय नौसेना]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="327" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-04-211146.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-04-211146.png 876w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-04-211146-300x159.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-04-211146-768x407.png 768w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-04-211146-310x165.png 310w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बीच भारतीय नौसेना छह नए P-8I विमान खरीदने के करीब है। ये विमान अंडरवॉटर लड़ाई, समुद्री निगरानी और चीन-पाकिस्तान की गतिविधियों पर नजर रखने में अहम होंगे। भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते रिश्तों और हालिया व्यापार समझौते के बीच, भारतीय नौसेना की ताकत बढ़ाने वाला बड़ा कदम सामने आया है। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="327" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-04-211146.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-04-211146.png 876w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-04-211146-300x159.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-04-211146-768x407.png 768w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-04-211146-310x165.png 310w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बीच भारतीय नौसेना छह नए P-8I विमान खरीदने के करीब है। ये विमान अंडरवॉटर लड़ाई, समुद्री निगरानी और चीन-पाकिस्तान की गतिविधियों पर नजर रखने में अहम होंगे।</p>



<p>भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते रिश्तों और हालिया व्यापार समझौते के बीच, भारतीय नौसेना की ताकत बढ़ाने वाला बड़ा कदम सामने आया है। भारत लगभग 3 अरब डॉलर की डील के करीब है, जिसमें छह P-8I विमान खरीदे जाएंगे। ये विमान न केवल अंडरवॉटर लड़ाई में मदद करेंगे, बल्कि समुद्री निगरानी और रणनीतिक सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वैसे तो भारतीय नौसेना के पास पहले से ही 12 P-8I विमान हैं, जो अरकोनम और गोवा से तैनात हैं। ये विमान पूर्व और पश्चिमी समुद्री किनारों की निगरानी करते हैं।</p>



<p>बता दें कि नए छह P-8I विमान खरीदने का प्रस्ताव अब रक्षा मंत्रालय के पास मंजूरी के लिए जाएगा। इसके बाद इसे कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी की मंजूरी भी चाहिए। पिछले कुछ समय से नए विमानों की खरीद पर मूल्य और डीलिंग की वजह से बातचीत रुक गई थी, लेकिन अब यह कदम आगे बढ़ रहा है।</p>



<p><strong>अब समझिए क्या है P-8I का महत्व?</strong><br>P-8I विमान भारतीय नौसेना की निगरानी की रीढ़ हैं। इनसे नौसेना चीन और पाकिस्तान की गतिविधियों पर नजर रख सकती है। ये विमान समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा को मजबूत करने में बहुत मददगार होंगे।</p>



<p><strong>MQ-9 ड्रोन: नई तकनीक से निगरानी</strong><br>इतना ही नहीं भारतीय नौसेना की अनमैन्ड (बिना पायलट वाले) निगरानी क्षमता भी बढ़ रही है। इसके लिए 15 MQ-9 समुद्री प्रहरी ड्रोन खरीदने की योजना बनाई जा रही है। ये ड्रोन ऊंचाई पर लंबे समय तक उड़ान भर सकते हैं और 2029 से नौसेना को मिलने लगेंगे।</p>



<p><strong>भारतीय नौसेना की निगरानी और सुरक्षा क्षमता होगी मजबूत</strong><br>इसके अलावा, भारतीय रक्षा बलों में 87 मीडियम ऑल्टिट्यूड लॉन्ग-एंड्यूरेंस (MALE) ड्रोन भी शामिल किए जाएंगे, जिनमें से एक बड़ी संख्या भारतीय नौसेना में तैनात होगी। गौरतलब है कि इस पूरी योजना का मकसद भारतीय नौसेना की निगरानी और सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करना है। P-8I और MQ-9 जैसे विमान और ड्रोन समुद्री इलाके में भारत की ताकत बढ़ाएंगे और किसी भी खतरे की जल्दी पहचान में मदद करेंगे।</p>
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		<title>इंद्र की तलवार से प्रेरणा, ब्रह्मोस मिसाइल से लैस&#8230; समंदर में आज उतरेगा दुश्मन का काल &#8216;तमाल&#8217;</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 01 Jul 2025 07:16:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[भारतीय नौसेना]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="340" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/07/hgjk-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/07/hgjk.jpg 671w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/07/hgjk-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />आज भारतीय नौसेना के लिए एक ऐतिहासिक दिन है, क्योंकि रूस के कालिनिनग्राद में एक शक्तिशाली स्टील्थ गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट INS तमाल (INS Tamala) को भव्य समारोह में कमीशन किया जा रहा है। इस कमीशनिंग समारोह में पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वीएडीएम संजय जे. सिंह मुख्य अतिथि होंगे। भारत और रूस के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="340" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/07/hgjk-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/07/hgjk.jpg 671w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/07/hgjk-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>आज भारतीय नौसेना के लिए एक ऐतिहासिक दिन है, क्योंकि रूस के कालिनिनग्राद में एक शक्तिशाली स्टील्थ गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट INS तमाल (INS Tamala) को भव्य समारोह में कमीशन किया जा रहा है। इस कमीशनिंग समारोह में पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वीएडीएम संजय जे. सिंह मुख्य अतिथि होंगे। भारत और रूस के कई बड़े रक्षा अधिकारी भी इस मौके पर मौजूद रहेंगे।</p>



<p>इस युद्धपोत का नाम &#8216;तमाल&#8217; है। तमाल पौराणिक कथाओं में देवराज इंद्र की तलवार का प्रतीक है। यह जहाज न सिर्फ भारत-रूस की दोस्ती का प्रतीक है, बल्कि समुद्री सरहदों की रक्षा में नया कीर्तिमान स्थापित करेगा।</p>



<p>125 मीटर लंबा और 3,900 टन वजनी यह फ्रिगेट पश्चिमी नौसेना कमान के अधीन अरब सागर और पश्चिमी हिंद महासागर में तैनात होगा। यह क्षेत्र कराची के नजदीकी जलक्षेत्र से लेकर भारत के पश्चिमी तट तक फैला है। तमाल में 26 फीसदी से ज्यादा स्वदेशी सिस्टम हैं, जिनमें ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल शामिल है। यह जमीन और समुद्र दोनों पर निशाना साध सकती है।</p>



<p><strong>शक्तिशाली हथियारों से लैस तमाल<br></strong>तमाल में &#8216;श्टिल&#8217; वर्टिकल लॉन्च एयर डिफेंस सिस्टम है, जिसमें वर्टिकल लॉन्च शॉर्ट-रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल (VLSRAAM) और मीडियम-रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल (MRSAM) शामिल हैं। ये सिस्टम क्रूज मिसाइलों, हेलिकॉप्टरों, बैलिस्टिक खतरों और समुद्री और तटीय ठिकानों को निशाना बना सकते हैं।</p>



<p>इसके अलावा, &#8216;ए-190-01&#8217; 100 मिलीमीटर नेवल तोप और एके-630 30 मिलीमीटर क्लोज-इन वेपन सिस्टम (CIWS) इसे ड्रोन्स और एंटी-शिप मिसाइलों से बचाने में सक्षम हैं। CIWS प्रति मिनट 5,000 राउंड तक फायर कर सकता है।</p>



<p>यह युद्धपोत हवा में निगरानी करने वाले और बहु-उद्देश्यीय हेलिकॉप्टरों जैसे कामोव-28 (पनडुब्बी रोधी युद्ध) और कामोव-31 (हवाई निगरानी) को संचालित करने में सक्षम है।</p>



<p>नौसेना के सूत्रों के मुताबिक, तमाल में नेटवर्क-केंद्रित युद्ध की सुविधाएं और उन्नत इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली हैं, जो इसे हर स्थिति में प्रभावी बनाती हैं।</p>



<p><strong>तेज रफ्तार, लंबी मारक क्षमता के साथ-साथ और क्या है?<br></strong>तमाल की रफ्तार 30 नॉट्स से ज्यादा है और यह 450 किलोमीटर तक की दूरी पर लक्ष्य भेदने वाली लंबी दूरी की क्रूज मिसाइलों से लैस है। इसका अगली पीढ़ी का इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल/इन्फ्रारेड (EO/IR) सिस्टम दिन-रात लक्ष्य को ट्रैक करने में मदद करता है। पनडुब्बी रोधी युद्ध के लिए इसमें हेवीवेट टॉरपीडो और RBU-6000 रॉकेट लॉन्चर हैं। इसके साथ ही, DRDO और BEL की ओर विकसित स्वदेशी HUMSA NG MK-II हल माउंटेड सोनार सिस्टम इसे और घातक बनाता है।</p>



<p>तमाल में 33 से ज्यादा स्वदेशी सिस्टम हैं, जिनमें ब्रह्मोस एयरोस्पेस, BEL, केलट्रॉन, टाटा की नोवा इंटीग्रेटेड सिस्टम्स और जॉनसन कंट्रोल्स इंडिया जैसे बड़े भारतीय ब्रांड शामिल हैं।</p>



<p>यह जहाज निगरानी, फायर-कंट्रोल रडार और कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम से लैस है। यह इसे हर तरह के ऑपरेशन में बेहतर बनाता है।</p>



<p><strong>भारत और रूस की दोस्ती का प्रतीक बन गया तमाल<br></strong>तमाल को रूस के यांतर शिपयार्ड में बनाया गया है और यह भारतीय नौसेना का आखिरी विदेशी निर्मित युद्धपोत है। 2016 में भारत और रूस के बीच 21,000 करोड़ रुपये का समझौता हुआ था, जिसमें चार स्टील्थ फ्रिगेट्स के निर्माण की बात थी।</p>



<p>तमाल और तुशिल को रूस में 8,000 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया, जबकि बाकी दो जहाज (त्रिपुट क्लास) गोवा शिपयार्ड में 13,000 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे हैं।</p>



<p>इन चारों के कमीशन होने के बाद, भारतीय नौसेना के पास चार अलग-अलग लेकिन एक-दूसरे से मिलते-जुलते क्लास के दस फ्रिगेट्स होंगे।<br>तमाल के 250 से ज्यादा क्रू मेंबर्स ने सेंट पीटर्सबर्ग और कालिनिनग्राद में कठिन प्रशिक्षण लिया है, जिसमें ठंडे मौसम में ट्रायल, समुद्री युद्ध सिमुलेशन और लाइव हथियार फायरिंग शामिल थी। तीन महीने के समुद्री परीक्षणों में इसके हथियारों, सेंसरों और सिस्टम्स को पूरी तरह परखा गया।</p>



<p><strong>जाम्बवंत हैं तमाल का शुभंकर<br></strong>तमाल का नाम देवराज इंद्र की युद्ध तलवार से प्रेरित है। इसका शुभंकर (mascot) भारतीय पौराणिक कथाओं के भालू राजा &#8216;जाम्बवंत&#8217; और रूसी यूरेशियन भूरे भालू से लिया गया है। चालक दल खुद को &#8216;द ग्रेट बियर्स&#8217; कहकर गर्व महसूस करता है।</p>
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		<title>Pak से तनाव के बीच अरब सागर में भारतीय नौसेना ने दिखाया दम</title>
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		<pubDate>Sun, 04 May 2025 09:10:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[भारतीय नौसेना]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="558" height="308" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/05/hjgu-large.gif" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/05/hjgu.gif 558w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/05/hjgu-medium.gif 300w" sizes="auto, (max-width: 558px) 100vw, 558px" />भारतीय नौसेना ने अरब सागर में अभ्यास शुरू कर दिया है और इसके चलते समुद्री अधिकारियों ने वाणिज्यिक जहाजों के लिए नेविगेशनल अलर्ट जारी किया है। इस चेतावनी में कहा गया है कि व्यापारी जहाजों को अरब सागर के कुछ खास इलाकों से दूर रहना होगा, ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। नौसेना प्रमुख &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="558" height="308" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/05/hjgu-large.gif" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/05/hjgu.gif 558w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/05/hjgu-medium.gif 300w" sizes="auto, (max-width: 558px) 100vw, 558px" />
<p>भारतीय नौसेना ने अरब सागर में अभ्यास शुरू कर दिया है और इसके चलते समुद्री अधिकारियों ने वाणिज्यिक जहाजों के लिए नेविगेशनल अलर्ट जारी किया है।</p>



<p>इस चेतावनी में कहा गया है कि व्यापारी जहाजों को अरब सागर के कुछ खास इलाकों से दूर रहना होगा, ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।</p>



<p><strong>नौसेना प्रमुख और पीएम मोदी की हुई मुलाकात<br></strong>इस कदम को हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले और उससे जुड़े भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के संदर्भ में देखा जा रहा है।</p>



<p>सूत्रों के मुताबिक, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। ऐसा माना जा रहा है कि इस बैठक में उन्होंने समुद्री सुरक्षा की मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी दी। हालांकि इस बैठक को लेकर कोई आधिकारिक बयान अब तक सामने नहीं आया है।</p>



<p><strong>नौसेना का अलर्ट, जहाजों को दूर रहने की सलाह<br></strong>भारतीय नौसेना के अधीन काम करने वाला नेशनल हाइड्रोग्राफिक ऑफिस (National Hydrographic Office) ने यह नेविगेशनल अलर्ट जारी की है।</p>



<p>इसमें साफ कहा गया है कि वाणिज्यिक जहाजों को अरब सागर के कुछ खास क्षेत्रों में जाने से बचना चाहिए। यह एहतियात इसलिए जरूरी है क्योंकि उस क्षेत्र में नौसेना की गतिविधियां तेज हैं और किसी भी अप्रत्याशित घटना से बचना जरूरी है।</p>



<p><strong>‘आतंकियों को सजा तय’<br></strong>भारत ने साफ कर दिया है कि वह इस हमले को अंजाम देने वालों को कानून के कटघरे में लाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पहले ही कह चुके हैं कि आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई भारत की राष्ट्रीय प्रतिबद्धता है। ऐसे में समुद्र के रास्ते किसी भी खतरे को रोकने के लिए नौसेना पूरी तरह से सक्रिय हो गई है।</p>
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