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	<title>भारतीय अर्थव्यवस्था &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>भारतीय अर्थव्यवस्था &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>₹2726168610000 का घाटा, भारतीय अर्थव्यवस्था पर दिखा ईरान युद्ध का असर</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 15 May 2026 11:24:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
		<category><![CDATA[भारतीय अर्थव्यवस्था]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="353" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/67iugkj.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/67iugkj.jpg 792w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/67iugkj-300x172.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/67iugkj-768x439.jpg 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />पश्चिम एशिया (West Asia Crisis) में जारी सैन्य संघर्ष और उससे उपजे ऊर्जा संकट का असर भारत की अर्थव्यवस्था (Indian Economy) पर देखने को मिल रहा है। दरअसल, भारत का व्यापार घाटा (Indias Trade Deficit) अप्रैल में बढ़कर 28.38 अरब डॉलर (2 लाख 72 हजार करोड़ से ज्यादा) हो गया, जबकि मार्च में यह 20.67 &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="353" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/67iugkj.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/67iugkj.jpg 792w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/67iugkj-300x172.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/67iugkj-768x439.jpg 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>पश्चिम एशिया (West Asia Crisis) में जारी सैन्य संघर्ष और उससे उपजे ऊर्जा संकट का असर भारत की अर्थव्यवस्था (Indian Economy) पर देखने को मिल रहा है। दरअसल, भारत का व्यापार घाटा (Indias Trade Deficit) अप्रैल में बढ़कर 28.38 अरब डॉलर (2 लाख 72 हजार करोड़ से ज्यादा) हो गया, जबकि मार्च में यह 20.67 अरब डॉलर था। आयात और निर्यात दोनों में वृद्धि के कारण यह वृद्धि हुई।</p>



<p>आयात 71.94 अरब डॉलर रहा, जो पिछले महीने के 59.59 अरब डॉलर से अधिक है। वहीं, अप्रैल में माल निर्यात 43.56 अरब डॉलर रहा, जबकि पिछले महीने यह 38.92 अरब डॉलर था। हालांकि, वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, अप्रैल में माल निर्यात में वार्षिक आधार पर 13 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई, जो पिछले 10 वर्षों में सबसे अधिक मासिक वृद्धि में से एक है।</p>



<p><strong>आयात-निर्यात के आंकड़े<br></strong>अप्रैल में माल निर्यात 43.56 अरब डॉलर रहा, जबकि पिछले महीने यह 38.92 अरब डॉलर था। वहीं, आयात 71.94 अरब डॉलर रहा, जो पिछले महीने के 59.59 अरब डॉलर से अधिक है।</p>



<p>हालांकि, वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, अप्रैल में सालाना आधार पर माल निर्यात में 13 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई, जो पिछले 10 वर्षों में सबसे अधिक मासिक वृद्धि में से एक है।</p>



<p>वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स, पेट्रोलियम और पोल्ट्री निर्यात के प्रमुख चालक रहे हैं, जबकि पश्चिम एशिया को होने वाले निर्यात में अप्रैल में पिछले वर्ष की तुलना में 28 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। अग्रवाल ने आगे कहा कि पश्चिम एशिया से आयात में भी उल्लेखनीय कमी आई है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में अप्रैल में 30 प्रतिशत कम हो गया है।</p>



<p><strong>क्या होता है व्यापार घाटा?<br></strong>व्यापार घाटा तब होता है जब कोई देश विदेशों से जो सामान खरीदता है (आयात/Imports), उसकी कीमत विदेशों में बेचे गए सामान (निर्यात/Exports) से ज्यादा होती है।</p>
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		<title>Crisil: मध्य-पूर्व संघर्ष का भारतीय अर्थव्यवस्था पर फिलहाल असर नहीं</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 08 Nov 2023 05:22:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
		<category><![CDATA[भारतीय अर्थव्यवस्था]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="391" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/11/bussiness-3-2.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/11/bussiness-3-2.jpg 802w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/11/bussiness-3-2-300x190.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/11/bussiness-3-2-768x486.jpg 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />हमास और इस्राइल के बीच जारी जंग को एक महीना हो गया है। इस लड़ाई के बाद दुनिया दो गुटों में बंटी नजर आ रही है। इस दुनिया के कारण न केवल लोगों की मौतें हो रही हैं वहीं, इसके कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी नकारात्मक प्रभाव दिख रहा है। विश्व बैंक भी इसे लेकर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="391" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/11/bussiness-3-2.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/11/bussiness-3-2.jpg 802w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/11/bussiness-3-2-300x190.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/11/bussiness-3-2-768x486.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>हमास और इस्राइल के बीच जारी जंग को एक महीना हो गया है। इस लड़ाई के बाद दुनिया दो गुटों में बंटी नजर आ रही है। इस दुनिया के कारण न केवल लोगों की मौतें हो रही हैं वहीं, इसके कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी नकारात्मक प्रभाव दिख रहा है। विश्व बैंक भी इसे लेकर चेतावनी जारी कर चुकी है। इस बीच, भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है।  क्रिसिल रेटिंग्स ने कहा है कि इस जंग का असर अभी तक भारत की अर्थवयवस्था पर नगण्य प्रभाव पड़ा है। इसका साफ संकेत है कि भारतीय कंपनियां फिलहाल निशाने पर नहीं हैं।</p>



<p>रेटिंग एजेंसी ने मंगलवार को एक रिपोर्ट में ये दावा किया है। क्रिसिल रेटिंग्स ने कहा कि उर्वरक और हीरे जैसे कुछ क्षेत्रों में प्रबंधनीय प्रभाव देखने को मिल सकता है। वहीं, अधिकांश क्षेत्रों में इस जंग का प्रभाव नगण्य होगा। हालांकि इसके काऱण सोने और कच्चे तेल की कीमतों पर असर दिखा है।&nbsp;</p>



<p>क्रिसिल की रिपोर्ट में कहा गया है कच्चे तेल को लेकर भारत की आयात पर अत्यधिक निर्भरता को देखते हुए इस पर विशेष रूप से नजर बनी रहेगी। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों का कई अन्य क्षेत्रों पर व्यापक प्रभाव पड़ता है। जो कच्चे तेल पर निर्भर रहते हैं।&nbsp;</p>



<p>इसमें कहा गया है कि अन्य देशों से आपूर्ति करने की भारत की क्षमता के कारण ये जोखिम को कम करती है। हालांकि, क्रिसिल की रिपोर्ट में आगाह किया गया है कि संघर्ष का असर आसपास के तेल उत्पादक और निर्यातक क्षेत्रों पर पड़ने से आपूर्ति संबंधी बाधाएं आ सकती हैं और कच्चे तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं। कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी से भारत में विमानन, ऑटोमोटिव, पेंट, टायर, सीमेंट, रसायन, सिंथेटिक कपड़ा और लचीली पैकेजिंग जैसे जुड़े क्षेत्रों पर असर पड़ेगा। इसके अलावा, उच्च मुद्रास्फीति के कारण भारत में कंपनियों पर ब्याज दरें तब तक हावी रहेंगी जब तक कि संघर्ष कम नहीं हो जाता। हालांकि भारत पर समग्र प्रभाव अभी कम है।&nbsp;</p>



<p>बता दें कि इस्राइल के साथ भारत का व्यापार अपेक्षाकृत कम है। व्यापारिक निर्यात में मुख्य रूप से परिष्कृत हाइड्रोकार्बन सहित पॉलिश किए गए हीरे और पेट्रोलियम उत्पाद शामिल हैंष वहीं, आयात में बड़े पैमाने पर औद्योगिक उपकरण, उर्वरक, कच्चे हीरे और कीमती पत्थर शामिल हैं। इसके अलावा, इस्राइल म्यूरेट ऑफ़ पोटाश (MoP) का एक प्रमुख वैश्विक उत्पादक है। साथ ही यह उन शीर्ष तीन देशों में से एक है जिनसे भारत पोटाश का आयात करता है।&nbsp;</p>
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		<title>भारतीय अर्थव्यवस्था में हो रही है रिकवरी, संकेतों में मिली जानकारी</title>
		<link>https://livehalchal.com/there-is-recovery-in-indian-economy-information-found-in-the-signals/393054</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Sonelal Verma]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 12 Nov 2020 07:58:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
		<category><![CDATA[प्रेस कॉन्फ्रेंस को]]></category>
		<category><![CDATA[भारतीय अर्थव्यवस्था]]></category>
		<category><![CDATA[मजबूत रिकवरी]]></category>
		<category><![CDATA[संकेतक दर्शा]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="516" height="448" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/11/nie.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/11/nie.jpg 516w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/11/nie-300x260.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 516px) 100vw, 516px" />नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रही हैं। वित्त इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में अर्थव्यवस्था की मौजूदा हालत के बारे में देश को बता रही हैं। उम्मीद की जा रही है कि इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री धनतेरस के मौके पर कोई बड़ी घोषणा कर सकती है। वित्त &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="516" height="448" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/11/nie.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/11/nie.jpg 516w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/11/nie-300x260.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 516px) 100vw, 516px" />
<p><strong>नई दिल्ली। </strong>वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रही हैं। वित्त इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में अर्थव्यवस्था की मौजूदा हालत के बारे में देश को बता रही हैं। उम्मीद की जा रही है कि इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री धनतेरस के मौके पर कोई बड़ी घोषणा कर सकती है।</p>



<p>वित्त मंत्री ने कहा, &#8216;मैं कुछ नए उपायों की घोषणा करने जा रही हूं। आप इन्हें प्रोत्साहन पैकेज कह सकते हैं। इकॉनमी तेजी से पटरी पर लौट रही है। कोरोना के सक्रिय मामले घटे हैं।&#8217;</p>



<figure class="wp-block-image size-large is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://www.haqeeqattoday.com/wp-content/uploads/2020/11/nie.jpg" alt="" class="wp-image-149268" width="744" height="646"/></figure>



<p>वित्त मंत्री ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, &#8216;अर्थव्यवस्था में मजबूत रिकवरी देखने को मिल रही है। कोरोना के संक्रमित मामले 10 लाख से अधिक के आंकड़े से गिरकर 4.89 लाख पर आ गए हैं। मृत्यु दर भी मात्र 1.47 फीसद रह गई है।&#8217;</p>



<p>वित्त मंत्री ने कहा, &#8216;रेटिंग एजेंसी मूडीज ने कैलेंडर वर्ष 2020 के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ के अपने अनुमान को बढ़ा दिया है। साथ ही रेटिंग एजेंसी ने कैलेंडर वर्ष 2021 के लिए भी देश की जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को बढ़ा दिया है। मूडीज ने साल 2020 के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ के अपने अनुमान को बढ़ाकर -8.9 फीसद कर दिया है। यह पहले -9.6 फीसद था।&#8217;</p>



<p>वित्त मंत्री ने कहा, &#8216;इसके अलावा मूडीज ने आने वाले वर्ष 2021 के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ के लिए अपने अनुमान को 8.1 फीसद से बढ़ाकर 8.6 फीसद कर दिया है। यह अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा संकेत है।&#8217;</p>



<p>गौरतलब है कि बुधवार को मंत्रिमंडल ने करीब दो लाख करोड़ रुपये के उत्पादन आधारित प्रोत्साहन राशि (PLI) की घोषणा की थी। यह घोषणा 10 सेक्टर्स में मैन्युफैक्चरर्स के लिए पांच साल के लिए हुई है। इन सेक्टर्स में ऑटोमोबाइल और ऑटो पुर्जे, दूरसंचार, दवा, विशेष रसायन, पूंजीगत सामान, प्रौद्योगिकी उत्पाद, सफेद वस्तुएं, घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, नेटवर्किंग उत्पाद, टेक्सटाइल्स, एसी व एलईडी और उन्नत बैटरी सेल शामिल हैं।</p>



<p>यहां बता दें कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था में 23.9 फीसद का जबरदस्त संकुचन देखने को मिला था। वहीं, कई सर्वेक्षणों में चालू वित्त वर्ष में देश की अर्थव्यवस्था में 10 फीसद से ज्यादा के संकुचन का अनुमान जताया गया है। इसी के चलते नए प्रोत्साहन पैकेज की मांग हो रही है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>नोटबंदी पर PM मोदी के बोल- काला धन कम हुआ, भारतीय अर्थव्यवस्था को &#8216;बर्बाद&#8217; कर दिया: कांग्रेस</title>
		<link>https://livehalchal.com/pm-modi-speaks-on-demonetisation-black-money-has-reduced-ruined-indian-economy-congress/391916</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Sonelal Verma]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 09 Nov 2020 06:53:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[धन कम हुआ]]></category>
		<category><![CDATA[नोटबंदी पर]]></category>
		<category><![CDATA[भारतीय अर्थव्यवस्था]]></category>
		<category><![CDATA[लोगों के हित]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="451" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/11/co-3.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/11/co-3.jpg 819w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/11/co-3-300x219.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/11/co-3-768x561.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि 2016 में की गई नोटबंदी लोगों के हित में नहीं थी और इसने अर्थव्यवस्था पर विपरीत असर डाला है. इस आरोप का केंद्र सरकार ने बार-बार खंडन किया है नई दिल्ली: देश में हजार रुपये का नोट बंद हुए चार साल पूरे हो गए. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="451" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/11/co-3.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/11/co-3.jpg 819w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/11/co-3-300x219.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/11/co-3-768x561.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<ul class="wp-block-list"><li><em>कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि 2016 में की गई नोटबंदी लोगों के हित में नहीं थी और इसने अर्थव्यवस्था पर विपरीत असर डाला है. इस आरोप का केंद्र सरकार ने बार-बार खंडन किया है</em></li></ul>



<p><strong>नई दिल्ली:</strong> देश में हजार रुपये का नोट बंद हुए चार साल पूरे हो गए. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि नोटबंदी से काले धन को कम करने में मदद मिली है, टैक्स में वृद्धि हुई है और पारदर्शिता बढ़ी है. वहीं नोटबंदी के मुद्दे पर बीजेपी और कांग्रेस ने एक-दूसरे पर जमकर निशाना भी साधा.</p>



<p>कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने नोटबंदी को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि चार साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस कदम का मकसद अपने कुछ &#8216;उद्योगपति मित्रों&#8217; की मदद करना था और इसने भारतीय अर्थव्यवस्था को &#8216;बर्बाद&#8217; कर दिया. इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बीजेपी ने कहा कि नोटबंदी कांग्रेस नीत यूपीए सरकार के दौरान व्याप्त भ्रष्टाचार और कालेधन की समस्या पर एक &#8216;हमला&#8217; था.</p>



<figure class="wp-block-image size-large is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://www.haqeeqattoday.com/wp-content/uploads/2020/11/co-6.jpg" alt="" class="wp-image-148660" width="957" height="697"/></figure>



<p>गांधी और कांग्रेस आरोप लगाते रहे हैं कि 2016 में की गई नोटबंदी लोगों के हित में नहीं थी और इसने अर्थव्यवस्था पर विपरीत असर डाला है. इस आरोप का केंद्र सरकार ने बार-बार खंडन किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर, 2016 को टेलीविजन पर देश के नाम अपने संबोधन में उसी दिन आधी रात से 500 रुपये और 1000 रुपये के नोटों को बंद करने की घोषणा की थी, जो उस समय चलन में थे.</p>



<p class="has-medium-font-size">प्रधानमंत्री ने नोटबंदी के गिनाए फायदे-</p>



<p>नोटबंदी के चार साल पूरे होने के मौके पर पीएम मोदी ने अपने इस सरकार के फैसले के फायदों को गिनाया. उन्होंने ट्वीट में लिखा, &#8220;नोटबंदी ने कालेधन को कम करने में, कर अनुपालन बढ़ाने में और पारदर्शिता बढ़ी है. ये परिणाम देश की प्रगति के लिए बहुत लाभकारी रहे हैं.&#8221;</p>



<p>प्रधानमंत्री ने अपने ट्वीट के साथ एक ग्राफिक भी सेयर किया है, जिसमें दिखाया गया है कि किस तरह से नोटबंदी से कर जमा होने में वृद्धि हुई, कर और जीडीपी अनुपात बढ़ा, भारत अपेक्षाकृत कम नकदी आधारित अर्थव्यवस्था बना और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूती मिली.</p>



<p class="has-medium-font-size">राहुल गांधी ने बांग्लादेश से की भारतीय अर्थव्यवस्था की तुलना-</p>



<p>वहीं नोटबंदी के विरोध में कांग्रेस के ऑनलाइन अभियान &#8216;स्पीक अप अगेंस्ट डिमो डिजास्टर&#8217; के तहत जारी एक वीडियो में गांधी ने कहा कि सवाल यह है कि बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था कैसे भारत की अर्थव्यवस्था से &#8216;आगे बढ़&#8217; गई. क्योंकि एक समय था जब भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे अच्छे प्रदर्शन वाली अर्थव्यवस्थाओं में से एक थी.</p>



<p>कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, &#8220;चार साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय अर्थव्यवस्था पर एक हमला शुरू किया था. उन्होंने किसानों, मजदूरों और छोटे दुकानदारों को नुकसान पहुंचाया था. मनमोहन सिंह जी ने कहा था कि अर्थव्यवस्था को दो प्रतिशत का नुकसान होगा, और यह हमने देखा था.&#8221; गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा था कि यह काले धन के खिलाफ लड़ाई है, लेकिन ऐसा नहीं है.</p>



<p class="has-medium-font-size">&#8220;अर्थव्यवस्था की सफाई हुई&#8221;</p>



<p>वहीं बीजेपी ने कहा कि नोटबंदी देश के लिए अच्छी थी और इससे अर्थव्यवस्था की सफाई हुई. बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव चंद्रशेखरन ने पार्टी मुख्यालय में कहा, &#8220;नोटबंदी व्यवस्थागत आर्थिक भ्रष्टाचार और काले धन की अर्थव्यवस्था के लिए एक झटका थी. तब से संगठित अर्थव्यवस्था मजबूत हुई और समाज के सभी वर्गों के लिए अप्रत्याशित आर्थिक लाभ लाई.&#8221;</p>



<p>चंद्रशेखरन ने कहा, &#8220;अगर कोई है जिसे लूट और अर्थव्यवस्था के कुप्रबंधन के बारे में बात नहीं करनी चाहिए तो वो कांग्रेस के लोग हैं. कांग्रेस नीत यूपीए सरकार के बर्बाद 10 साल में देश की अर्थव्यवस्था में काला धन और भ्रष्टाचार अनियंत्रित था.</p>
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