<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>भगवान बुद्ध ने कहा था यदि प्रेम से देखेंगे तो हर वस्तु में प्रेम दिखेगा &#8211; Live Halchal</title>
	<atom:link href="https://livehalchal.com/tag/%e0%a4%ad%e0%a4%97%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%ac%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%b9%e0%a4%be-%e0%a4%a5%e0%a4%be-%e0%a4%af%e0%a4%a6%e0%a4%bf-%e0%a4%aa/feed" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://livehalchal.com</link>
	<description>Latest News, Updated News, Hindi News Portal</description>
	<lastBuildDate>Sat, 20 Jun 2020 12:47:00 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg</url>
	<title>भगवान बुद्ध ने कहा था यदि प्रेम से देखेंगे तो हर वस्तु में प्रेम दिखेगा &#8211; Live Halchal</title>
	<link>https://livehalchal.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>भगवान बुद्ध ने कहा था यदि प्रेम से देखेंगे तो हर वस्तु में प्रेम दिखेगा, पढ़े पूरी कथा</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%ad%e0%a4%97%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%ac%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%b9%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%af%e0%a4%a6%e0%a4%bf-%e0%a4%aa/343582</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Babita Kashyap]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 20 Jun 2020 07:31:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[पढ़े पूरी कथा]]></category>
		<category><![CDATA[भगवान बुद्ध ने कहा था यदि प्रेम से देखेंगे तो हर वस्तु में प्रेम दिखेगा]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://www.livehalchal.com/?p=343582</guid>

					<description><![CDATA[<img width="277" height="182" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/06/jhjk-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" />हम सभी इस बात से वाकिफ हैं कि संसार में अलग-अलग लोगों पर एक ही वस्तु का अलग-अलग प्रकार से प्रभाव पड़ता है. जी दरअसल दुनिया में कई लोग एक ही समारोह में जाते हैं, पर उनमें से किसी को वही आयोजन बहुत पसंद आता है, तो अन्य को उसमें बुराई नजर आती है. ऐसे &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="277" height="182" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/06/jhjk-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" /><p>हम सभी इस बात से वाकिफ हैं कि संसार में अलग-अलग लोगों पर एक ही वस्तु का अलग-अलग प्रकार से प्रभाव पड़ता है. जी दरअसल दुनिया में कई लोग एक ही समारोह में जाते हैं, पर उनमें से किसी को वही आयोजन बहुत पसंद आता है, तो अन्य को उसमें बुराई नजर आती है. ऐसे में एक ही प्रकार की भोजन की थाली को कोई बहुत स्वादिष्ट कहता है, तो किसी को वही बेस्वाद मालूम पड़ती है यानी एक ही वस्तु को लेकर भिन्न लोगों के मतों में भी विभिन्नता होती है. कई बार ऐसा होता है व्यक्ति की अपनी भावना के कारण. आज हम आपको इस संदर्भ में एक सुंदर कहानी बताने जा रहे हैं जो आपको प्रेरणादायी लगेगी.<img decoding="async" class=" wp-image-343584 aligncenter" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/06/jhjk-1.jpg" alt="" width="384" height="252" /></p>
<p><strong>भगवान बुद्ध &#8211; </strong>एक बार भगवान बुद्ध किसी स्थान पर अपने श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे. अपने अनुयायियों में ज्ञान का प्रकाश बांटने के बाद अपनी बात समाप्त करते हुए तथागत ने कहा- जागो! समय निकला जा रहा है. इसके बाद उन्होंने अपना आसन छोड़ दिया और लोगों की भीड़ भी धीरे-धीरे अपने मार्ग पर जाने लगी. प्रवचन समाप्त कर बुद्ध अपने प्रिय शिष्य आनंद के साथ एक स्थान पर जाकर बैठ गए. थोड़ी ही देर में एक वेश्या उनके पास आई और उन्हें प्रणाम करके बोली- प्रभु! मैं आपके प्रवचनों के आनंद में डूब गई थी और मुझे समय का ज्ञान ही ना रहा था. जैसे ही आपने कहा कि जागो, समय निकला जा रहा है, मुझे तुरंत याद आया कि आज तो मुझे एक समारोह में नृत्य करने जाना था.</p>
<p>अब मैं तुरंत ही उस स्थान के लिए निकलती हूं. थोड़ी देर बाद एक अन्य व्यक्ति उनके पास आया और चरणवंदन कर बोला- हे प्रभु! मैं एक डाकू हूं. मैं आपके प्रवचनों में समय का भान भूल गया. मुझे एक जगह डाका डालने जाना था और मेरे साथी मेरी राह देखते होंगे, पर मैं सब कुछ भूल गया. जैसे ही आपने कहा कि जागो, समय निकला जा रहा है, मुझे तुरंत अपना काम याद आ गया. अब मैं डाका डालने जाता हूं. इसके बाद एक वृद्ध व्यक्ति तथागत के पास आया और चरणों में बैठकर बोला- हे भगवन्! मैं एक व्यापारी हूं. मैंने अपना पूरा जीवन केवल और केवल धन कमाने, बढ़ाने और संचय करने में बिताया है. आज जैसे ही आपने कहा कि जागो, समय निकला जा रहा है, तो मुझे ज्ञान हुआ कि मैंने पूरा जीवन व्यर्थ के कामों में व्यय कर दिया. अब मैं निर्वाण प्राप्ति की राह पर जाता हूं. सबके जाने के बाद बुद्ध मुस्कुराकर बोले- आनंद! देखा तुमने, मैंने केवल एक वाक्य कहा कि जागो, समय निकला जा रहा है. उस एक वाक्य का कितने ही लोगों ने कितने ही प्रकार से अर्थ निकाला. यही जीवन का, व्यक्ति के मन का सच है. वास्तव में प्रवचन सुनने तो बहुत से लोग जाते हैं, पर उनमें बताई गई बातों को कौन, किस अर्थ में लेता है, यह उसकी अपने मन की भावना पर निर्भर करता है.</p>
<p>यदि कोई वास्तव में निर्वाण प्राप्त करना चाहता है, तो उसे अपने मन को साफ करना पड़ेगा. जिसका मन साफ होगा, वही गुरु की बताई बातों को ज्यों का त्यों ग्रहण कर पाएगा. जो स्वयं कोरा होगा, वही ज्ञान के रंग में रंग पाएगा. मन बहलाने या समय बिताने के लिए तो कोई भी प्रवचन सुन सकता है, उसका सार वही ग्रहण कर सकेगा, जो सच्चे मन से उसमें मन रमाएगा. यही जीवन का सत्य है दोस्तों. वस्तु वही है, उसके प्रति भाव व्यक्ति की अपनी भावना के अनुरूप ही पैदा होंगे. यदि आप प्रेम से देखेंगे, तो हर वस्तु में प्रेम दिखेगा. अगर मन में कपट होगा, तो हर व्यक्ति आपको कपटी मालूम होगा. सब अपने भीतर की भावना का खेल है.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
