भगवंत मान सरकार – Live Halchal https://livehalchal.com Latest News, Updated News, Hindi News Portal Fri, 16 Oct 2026 05:53:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.10 https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg भगवंत मान सरकार – Live Halchal https://livehalchal.com 32 32 भगवंत मान सरकार ने नशा विरोधी मुहिम के तहत 20.64 करोड़ रुपये की दवाएं ज़ब्त कीं https://livehalchal.com/%e0%a4%ad%e0%a4%97%e0%a4%b5%e0%a4%82%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%a8%e0%a4%b6%e0%a4%be-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b0/684733 Fri, 16 Oct 2026 05:53:00 +0000 https://livehalchal.com/?p=684733 भगवंत मान सरकार ने नशा विरोधी कानूनों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अपना सख्त मुहिम और तेज़ कर दिया है, जिसके तहत फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन के ड्रग विंग ने 1 अप्रैल, 2025 से 30 सितंबर, 2026 के बीच 16,788 इंस्पेक्शन किए। इस दौरान, ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 और ड्रग्स रूल्स, 1945 का …]]>

भगवंत मान सरकार ने नशा विरोधी कानूनों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अपना सख्त मुहिम और तेज़ कर दिया है, जिसके तहत फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन के ड्रग विंग ने 1 अप्रैल, 2025 से 30 सितंबर, 2026 के बीच 16,788 इंस्पेक्शन किए। इस दौरान, ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 और ड्रग्स रूल्स, 1945 का उल्लंघन करने के लिए 214 लाइसेंस्ड और अनलाइसेंस्ड फर्मों से 20.64 करोड़ रुपये की दवाएं ज़ब्त की गईं, जबकि 520 केमिस्ट के लाइसेंस सस्पेंड किए गए और 22 केमिस्ट के लाइसेंस कैंसल किए गए।

पंजाब के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के निर्देशों के तहत कानून का पालन मज़बूत करने और दवाओं के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए नियमित तौर पर निरीक्षण किए जा रहे हैं। रिव्यू किए जा रहे समय के दौरान, नियम तोड़ने वालों के खिलाफ 54 कोर्ट केस दर्ज किए गए, जबकि 35 मामलों में दोषियों को सज़ा दी गई और जुर्माना लगाया गया। अभी, राज्य भर की अलग-अलग डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में कुल 650 केस पेंडिंग हैं।

नशे की दवाओं के गलत इस्तेमाल को रोकने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, भारत सरकार ने 13 मई 2026 के नोटिफिकेशन नंबर जी.एस.ए. 377(ई) के ज़रिए ‘प्रीगैब्लिन’ को ड्रग्स रूल्स, 1945 के शेड्यूल एच1 में शामिल किया है। यह नियम 12 नवंबर, 2026 से लागू होगा।

इससे पहले, प्रीगैब्लिन को ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 या ड्रग्स रूल्स, 1945 के किसी भी शेड्यूल में शामिल नहीं किया गया था। पंजाब सरकार ने इसके गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए रेगुलेटरी दखल की मांग करते हुए कई बार भारत सरकार के सामने अलग-अलग लेटर के ज़रिए यह मुद्दा उठाया था।

पंजाब सरकार ने ई-फार्मेसी के ज़रिए ऑनलाइन दवाओं की बिक्री को कंट्रोल करने वाले नियमों की कमी के बारे में भी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के सामने चिंता जताई है। राज्य सरकार के मुताबिक, नशे के तौर पर इस्तेमाल की जा सकने वाली दवाएं आसानी से ऑनलाइन मिल जाती हैं, जिससे नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने की कोशिशों को नुकसान पहुंच रहा है।

पंजाब सरकार ने राज्य में बिक्री के लिए आठ तरह के ड्रग फॉर्मूलेशन के स्टॉक पर बैन लगा दिया है। हालांकि, ऑनलाइन दवाओं की बिक्री के लिए कोई सही रेगुलेटरी फ्रेमवर्क न होने से अभी भी कानून को असरदार तरीके से लागू करने में रुकावट आ रही है।

भगवंत मान सरकार ने दवाओं की आसमान छूती कीमतों और अलग-अलग कंपनियों की बनाई दवाओं, जिनमें उन दवाइयों की कीमतों में अंतर का मुद्दा भी उठाया है, जिनमें एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट या सॉल्ट एक जैसे होते हैं। सरकार का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के हालिया दखल और निर्देशों से पहले, केंद्र सरकार ने इस मुद्दे पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया था।

पंजाब सरकार ने जनता के हित में आगे काम करने और पब्लिक हेल्थ से जुड़े मुद्दों को हल करने और पूरे राज्य में ड्रग कानूनों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

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भगवंत मान सरकार 12 ज़िलों में 21,850 शिक्षकों को नशे के ख़िलाफ़ लड़ाई और विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए करेगी प्रशिक्षित https://livehalchal.com/%e0%a4%ad%e0%a4%97%e0%a4%b5%e0%a4%82%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0-12-%e0%a4%9c%e0%a4%bc%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a5%87/680752 Tue, 11 Aug 2026 07:18:58 +0000 https://livehalchal.com/?p=680752 नशे के दुरुपयोग के ख़िलाफ़ अपनी लड़ाई को मज़बूत करने और विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम उठाते हुए, भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने अपने प्रमुख नशा-विरोधी अभियान ‘युद्ध नशेआँ विरुद्ध’ के तहत पिछले सप्ताह 12 ज़िलों में शिक्षकों के लिए जागरूकता एवं क्षमता विकास …]]>

नशे के दुरुपयोग के ख़िलाफ़ अपनी लड़ाई को मज़बूत करने और विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम उठाते हुए, भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने अपने प्रमुख नशा-विरोधी अभियान ‘युद्ध नशेआँ विरुद्ध’ के तहत पिछले सप्ताह 12 ज़िलों में शिक्षकों के लिए जागरूकता एवं क्षमता विकास कार्यक्रम शुरू किया।

इस पहल का उद्देश्य 21,850 से अधिक शिक्षकों को विद्यार्थियों में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं और नशे के दुरुपयोग के शुरुआती संकेतों की पहचान करने तथा समय रहते हस्तक्षेप करने के लिए आवश्यक क्षमता और व्यावहारिक कौशल से लैस करना है। इस अभियान की शुरुआत सोमवार को फाज़िल्का और तरनतारन से की गई, जहाँ पिछले सप्ताह 800 से अधिक शिक्षकों ने कार्यशालाओं में भाग लिया।

यह कार्यक्रम सरकार द्वारा स्कूलों में चलाए गए जागरूकता कार्यक्रमों की सफलता के बाद शुरू किया गया है। इससे पहले इस वर्ष जनवरी में नौ ज़िलों के सीनियर सेकेंडरी और हाई स्कूलों के प्रिंसिपलों तथा हेडमास्टरों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस प्रशिक्षण में राज्य के उन सीमावर्ती ज़िलों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया था, जो नशीले पदार्थों के सेवन की समस्या के प्रति संवेदनशील हैं।

इसके अलावा, अमृतसर में एक पायलट शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें 2,800 से अधिक शिक्षकों ने भाग लिया। 75 प्रतिशत से अधिक प्रतिभागियों ने बताया कि वे स्वस्थ स्कूल वातावरण तैयार करने में योगदान देने के लिए प्रेरित हुए। इन पहलों की सफलता के आधार पर भगवंत मान सरकार ने अब प्रशिक्षण मॉड्यूल का चरणबद्ध विस्तार शुरू किया है, जिसकी शुरुआत फाज़िल्का, तरनतारन, फिरोज़पुर, गुरदासपुर, पठानकोट, श्री मुक्तसर साहिब, फ़रीदकोट, मोहाली, रोपड़, कपूरथला, लुधियाना और पटियाला से की जा रही है।

जब कोई विद्यार्थी परेशानी में होता है, तो शिक्षक अक्सर सबसे पहले इसे महसूस करते हैं, लेकिन ऐसे व्यवहार को स्वास्थ्य संबंधी समस्या समझने के बजाय अक्सर अनुशासनहीनता समझ लिया जाता है। किशोरों में बढ़ती चिंता, तनाव और नशीले पदार्थों के सेवन को देखते हुए, स्कूल-आधारित रोकथाम शुरुआती पहचान और समय पर सहायता उपलब्ध करवाने का एक व्यापक और टिकाऊ माध्यम है। शिक्षकों को जागरूक करने की यह पहल स्कूल प्रमुखों के लिए पहले चलाए गए जागरूकता कार्यक्रम पर आधारित है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों के कल्याण के लिए पूरे स्कूल को शामिल करने वाली व्यवस्था विकसित करना है।

इस संबंध में पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “हर वह बच्चा जो नशे के अंधकार में चला जाता है, वह ऐसा बच्चा है, जिस तक हम पहले पहुँच सकते थे। हमारे शिक्षक हमारे बच्चों के साथ अधिकांश लोगों की तुलना में अधिक समय बिताते हैं; वे उन ख़ामोशियों, अनुपस्थितियों और उन बदलावों को देखते हैं, जिन्हें कोई और नहीं देख पाता। प्रशिक्षण मॉड्यूल इस तरह तैयार किया गया है कि शिक्षकों को किशोरों से जुड़े मुद्दों, उनके मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक कल्याण की बेहतर समझ हो सके। शिक्षकों को नशे के दुरुपयोग से जुड़े ज़ोख़िमों के बारे में भी जागरूक किया जाएगा। यह प्रशिक्षण उन्हें आवश्यकता पड़ने पर विद्यार्थियों को सहायता प्रदान करने में सक्षम बनाएगा। वे तनाव और नशे की संवेदनशीलता के शुरुआती संकेतों को पहचानना, सज़ा देने के बजाय संवेदनशीलता के साथ प्रतिक्रिया देना और संघर्ष कर रहे विद्यार्थियों को बहुत देर होने से पहले सहायता से जोड़ना सीखेंगे। पंजाब में किसी भी बच्चे को अपनी परेशानी चुपचाप सहने के लिए मजबूर न होना पड़े और न ही उसे सामाजिक कलंक का सामना करना पड़े और ‘युद्ध नशेआँ विरुद्ध’ अभियान के तहत हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि हर ऐसे बच्चे को उचित देखभाल और सहयोग मिले।”

यह एक व्यापक अंतर-विभागीय पहल है, जिसके कार्यान्वयन को राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), सामाजिक सुरक्षा एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ मिलकर सुनिश्चित कर रही है। नशीले पदार्थों के सेवन के ख़िलाफ़ व्यापक अभियान का नेतृत्व कर रही राज्य की डेटा इंटेलिजेंस एंड टेक्निकल सपोर्ट यूनिट (DITSU) कार्यक्रम के क्रियान्वयन में सहयोग देने के साथ-साथ प्रशिक्षण सामग्री तैयार करेगी और पूरे अभियान के दौरान गुणवत्ता सुनिश्चित करेगी। ज़िला स्तर पर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, ताकि सभी सीनियर सेकेंडरी और हाई स्कूलों के शिक्षक इन सत्रों में भाग ले सकें और उनका लाभ उठा सकें। इन सत्रों का आयोजन नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA) और नेशनल एक्शन प्लान फॉर ड्रग डिमांड रिडक्शन (NAPDDR) के सहयोग से किया जा रहा है।

एक दिवसीय जागरूकता-सह-क्षमता-वर्धन सत्र अगस्त 2026 से चरणबद्ध तरीके से 12 ज़िलों में 500 से अधिक बैचों में आयोजित किए जाएँगे। इन सत्रों में विशेषज्ञ प्रशिक्षक नशे के सेवन की समस्या को मानसिक और सामाजिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण देंगे। यह सुनिश्चित करने के लिए कि प्रशिक्षण से मिली सीख कक्षा में भी लागू हो, प्रत्येक शिक्षक अपने विद्यार्थियों और नशे के बीच प्रहरी के रूप में भूमिका निभाने की शपथ लेगा और प्रशिक्षण के बाद के सप्ताहों में विद्यार्थियों के साथ विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित करेगा। प्रतिभागियों की प्रतिक्रिया और एक संरचित निगरानी प्रणाली के माध्यम से कार्यक्रम की पहुँच और प्रभावशीलता पर नज़र रखी जाएगी।

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भगवंत मान सरकार की शिक्षा क्रांति के चलते पंजाब के युवा कॉलेज के पहले वर्ष से ही बन रहे हैं संस्थापक और सीईओ https://livehalchal.com/%e0%a4%ad%e0%a4%97%e0%a4%b5%e0%a4%82%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be/679005 Wed, 22 Jul 2026 07:26:52 +0000 https://livehalchal.com/?p=679005 मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की ‘शिक्षा क्रांति’ के अंतर्गत राज्यभर के उच्च एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानों में शुरू किए गए ‘बिजनेस क्लास’ कार्यक्रम के अत्यंत उत्साहजनक और सार्थक परिणाम सामने आए हैं। बी.कॉम., बीबीए, बी.टेक., बी.वोकेशनल तथा आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक के विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य विषय के रूप में शुरू …]]>

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की ‘शिक्षा क्रांति’ के अंतर्गत राज्यभर के उच्च एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानों में शुरू किए गए ‘बिजनेस क्लास’ कार्यक्रम के अत्यंत उत्साहजनक और सार्थक परिणाम सामने आए हैं। बी.कॉम., बीबीए, बी.टेक., बी.वोकेशनल तथा आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक के विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य विषय के रूप में शुरू किए गए इस कार्यक्रम के पहले वर्ष में लगभग 95,000 विद्यार्थियों को शामिल किया गया। इनमें से 25,693 विद्यार्थियों ने अपने स्वयं के व्यवसाय शुरू किए, जबकि 20,241 छात्र उद्यमों ने पहले ही वर्ष में लगभग 90 करोड़ रुपये का कारोबार किया।

इस उपलब्धि पर उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “पंजाब का बिजनेस क्लास कार्यक्रम शिक्षा के उद्देश्य को नई परिभाषा दे रहा है। हमारा लक्ष्य केवल डिग्रियां देना नहीं, बल्कि नवाचार करने वाले, उद्यमी और रोजगार सृजित करने वाले युवाओं की नई पीढ़ी तैयार करना है। लगभग 95,000 विद्यार्थियों ने अपने व्यावसायिक विचारों पर काम किया, जिनमें से 25,000 से अधिक ने अपने स्टार्टअप शुरू किए। पहले ही वर्ष में इन उद्यमों ने सामूहिक रूप से लगभग 90 करोड़ रुपये की कमाई की। इससे स्पष्ट है कि यदि युवाओं को सही अवसर मिलें तो वे सफल व्यवसाय खड़े कर सकते हैं, रोजगार पैदा कर सकते हैं और राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।”

उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब की शिक्षा क्रांति हमारे युवाओं को केवल नौकरी पाने के लिए नहीं, बल्कि दूसरों के लिए रोजगार और अवसर सृजित करने के लिए तैयार कर रही है।”

इस कार्यक्रम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पंजाब के युवा केवल नौकरी पाने की सोच तक सीमित न रहें, बल्कि स्वयं रोजगार सृजित करें और आर्थिक विकास में भागीदार बनें। शैक्षणिक सत्र 2025-26 में राज्य की 20 विश्वविद्यालयों, 494 कॉलेजों, 320 आईटीआई और 91 पॉलिटेक्निक सहित कुल 925 उच्च एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानों में बी.कॉम., बीबीए, बी.टेक. तथा बी.वोकेशनल के विद्यार्थियों के लिए अकादमिक सत्र 2025-26 के दौरान दो-क्रेडिट का अनिवार्य पाठ्यक्रम शुरू किया गया।

पारंपरिक शिक्षा, जो केवल पाठ्यपुस्तकों और परीक्षाओं तक सीमित रहती है, उससे अलग यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को व्यावसायिक अवसरों की पहचान, ग्राहक अनुसंधान, बाजार सत्यापन, व्यवसाय स्थापित करना, डिजिटल उपस्थिति, मूल्य निर्धारण रणनीति, ग्राहक प्राप्ति, वित्तीय योजना, संचार कौशल तथा समस्या समाधान जैसे व्यावहारिक उद्यमिता कौशल सिखाता है। परिणामस्वरूप लगभग 57,000 विद्यार्थी (करीब 60 प्रतिशत प्रतिभागी) पढ़ाई के दौरान ही वास्तविक व्यावसायिक गतिविधियों में शामिल हुए।

इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को ई-कॉमर्स, बेकरी एवं फूड सर्विस, डिजिटल कंटेंट निर्माण, कोडिंग एवं प्रोफेशनल सेवाएं, ग्राफिक डिजाइनिंग, फिटनेस एवं वेलनेस, रिटेल, ब्यूटी एवं पर्सनल केयर, कृषि आधारित उद्यम, हस्तशिल्प तथा अन्य स्थानीय सेवा व्यवसायों में अपना उद्यम शुरू करने के लिए प्रेरित किया गया। इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे पंजाब में देखने को मिल रहा है।

गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर के कंप्यूटर इंजीनियरिंग के छात्र सौरव ने अपने माचा पेय ब्रांड ‘मॉक, इन माचा’ के माध्यम से कॉलेज कार्यक्रमों में उत्पाद बेचकर लगभग 90,000 रुपये कमाए।इस उद्मम ने अपने विलक्षण फ्लेवरों और ताज़गी के कारण के कारण ख्याति हासिल की।

महाराजा रणजीत सिंह पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी, बठिंडा के शरणवीर सिंह ने ‘स्किलएक्सस’ नामक डिजिटल करियर गाइडेंस प्लेटफॉर्म विकसित किया, जिसके 2.5 लाख से अधिक उपयोगकर्ता हो चुके हैं। यह उदाहरण दर्शाता है कि विद्यार्थी इस कार्यक्रम के माध्यम से बड़े स्तर पर तकनीक आधारित उद्यम स्थापित कर रहे हैं।

संत बाबा भाग सिंह विश्वविद्यालय, जालंधर के पंकज ने इंस्टाग्राम और यूट्यूब के माध्यम से ‘जारिया ज्वेलरी’ नाम से ऑनलाइन आर्टिफिशियल ज्वेलरी व्यवसाय शुरू किया और लगभग 150 ग्राहकों को सेवाएं देकर 30,000 रुपये की आय अर्जित की।

सरकारी आईटीआई, पटियाला के कमलजीत सिंह ने ‘केएमएल मशरूम’ की स्थापना की, जो स्थानीय बाजारों और रेस्तरां को बटन मशरूम की आपूर्ति करता है। उन्होंने लगभग 1.5 लाख रुपये कमाए और अपने ब्रांड की पैकेजिंग भी विकसित की।

सरकारी आईटीआई (महिला), मोहाली की गगनप्रीत कौर रंगी ने ‘नेल स्टूडियो बाय गगन’ नाम से घर आधारित नेल आर्ट व्यवसाय शुरू किया, जो इंस्टाग्राम और स्थानीय सैलून के सहयोग से संचालित हो रहा है। इससे उन्होंने लगभग 55,000 रुपये की कमाई की।

सरकारी आईटीआई, मोहाली के रमनदीप सिंह ने ‘क्वालिटी इलेक्ट्रॉनिक स्टोर’ नाम से ऑनलाइन इलेक्ट्रॉनिक्स व्यवसाय शुरू किया। उन्होंने अपनी वेबसाइट बनाई और सोशल मीडिया के माध्यम से बिक्री का विस्तार किया।

ये उदाहरण स्पष्ट करते हैं कि ‘बिजनेस क्लास’ कार्यक्रम राज्यभर के युवाओं के लिए उद्यमिता के नए अवसर पैदा कर रहा है।

पहले ही वर्ष में मिली अभूतपूर्व सफलता और उत्साहजनक परिणामों को देखते हुए राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने सर्वसम्मति से शैक्षणिक सत्र 2026-27 से सभी स्नातक (अंडरग्रेजुएट) डिग्री कार्यक्रमों में ‘बिजनेस क्लास’ का विस्तार करने की सिफारिश की है। पहले यह कार्यक्रम केवल बी.कॉम., बीबीए, बी.टेक. और बी.वोकेशनल तक सीमित था, लेकिन अब इसे बी.ए., बी.एससी. तथा अन्य सभी स्नातक पाठ्यक्रमों में भी लागू किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को नियमित शिक्षा के साथ व्यावहारिक उद्यमिता कौशल प्राप्त हो सके।

‘बिजनेस क्लास’ कार्यक्रम की सफलता मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में चल रही पंजाब की शिक्षा क्रांति की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उच्च शिक्षा में उद्यमिता को शामिल कर सरकार विद्यार्थियों को ऐसे व्यावहारिक कौशल प्रदान कर रही है, जिनकी बदौलत वे पढ़ाई के साथ-साथ अपना व्यवसाय शुरू कर सकें और भविष्य में रोजगार देने वाले उद्यमी बन सकें।

महाराजा रणजीत सिंह पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी, बठिंडा के बी.टेक. (कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग) के छात्र शरणवीर सिंह ने कहा, “पंजाब सरकार द्वारा उद्यमिता को दी गई प्राथमिकता ने मेरे जैसे विद्यार्थियों में आत्मविश्वास पैदा किया है। ‘स्किलएक्सस’ उसी सोच को एक डिजिटल करियर गाइडेंस इकोसिस्टम में बदलने का मेरा प्रयास है, जो विद्यार्थियों को सही करियर चुनने में मदद करता है।”

सरकारी आईटीआई (महिला), मोहाली की गगनप्रीत कौर रंगी ने कहा, *“‘बिजनेस क्लास’ कार्यक्रम से पहले मुझे लगता था कि नौकरी ही एकमात्र विकल्प है। इस कार्यक्रम ने मेरी सोच बदल दी और मुझे अपने विचारों पर विश्वास करना सिखाया। आज मैं केवल नौकरी तलाशने के बजाय अपना व्यवसाय स्थापित करने और दूसरों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए प्रेरित हूं।”

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