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	<title>बाबा महाकाल &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>बाबा महाकाल &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>हरियाली अमावस्या पर बाबा महाकाल ने धारण किया दिव्य स्वरूप</title>
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		<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 06:48:03 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="362" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/3-14.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/3-14.jpg 776w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/3-14-300x176.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/3-14-768x450.jpg 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />हरियाली अमावस्या पर उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती के दौरान हजारों श्रद्धालु उमड़े। रात 3 बजे शुरू हुई भस्म आरती में बाबा महाकाल का हरी भांग और हरे बेल पत्र की माला से विशेष श्रृंगार किया गया। भस्म अर्पण और दिव्य दर्शन के दौरान मंदिर परिसर ‘जय श्री महाकाल’ के जयकारों से गूंज &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="362" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/3-14.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/3-14.jpg 776w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/3-14-300x176.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/3-14-768x450.jpg 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>हरियाली अमावस्या पर उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती के दौरान हजारों श्रद्धालु उमड़े। रात 3 बजे शुरू हुई भस्म आरती में बाबा महाकाल का हरी भांग और हरे बेल पत्र की माला से विशेष श्रृंगार किया गया। भस्म अर्पण और दिव्य दर्शन के दौरान मंदिर परिसर ‘जय श्री महाकाल’ के जयकारों से गूंज उठा।</p>



<p>श्रावण कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि पर आज बुधवार सुबह भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल के दरबार में हजारों श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। इस दौरान भक्तों ने देर रात से ही लाइन में लगकर अपने इष्ट देव बाबा महाकाल के दर्शन किए। आज बाबा महाकाल भी भक्तों को दर्शन देने के लिए रात 3 बजे जागे। जिनका आलौकिक शृंगार कर भस्म रमाई गई। भक्तों ने इन दिव्य दर्शनों का लाभ लिया, जिससे पूरा मंदिर परिसर ‘जय श्री महाकाल’ की गूंज से गुंजायमान हो गया।</p>



<p><strong>तीन बजे शुरू हुई भस्म आरती<br></strong>श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रावण कृष्ण पक्ष की हरियाली अमावस्या तिथि पर आज रात 3 बजे भस्म आरती शुरू हुई। इस दौरान वीरभद्र जी से आज्ञा लेकर मंदिर के पट खुलते ही पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी भगवान की प्रतिमाओं का पूजन-अर्चन किया। इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर, पंचामृत और फलों के रस से किया गया। पूजन के दौरान प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम का जल अर्पित किया गया।</p>



<p>पुजारियों और पुरोहितों ने इस दौरान बाबा महाकाल का भव्य स्वरूप में श्रृंगार कर कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल को नवीन मुकुट धारण कराया। इसके बाद महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल के शिवलिंग पर भस्म अर्पित की गई और फिर झांझ-मंजीरे, ढोल-नगाड़े और शंखनाद के साथ भस्म आरती हुई।</p>



<p>आज के शृंगार की विशेषता यह थी कि आज बाबा महाकाल को हरी भांग और हरे बेल पत्र की माला से श्रृंगारित किया गया, जिसके बाद बाबा महाकाल का आलौकिक स्वरूप नजर आया। इन आलौकिक दर्शनों का लाभ हजारों श्रद्धालुओं ने लिया। इस दौरान मंदिर में ‘जय श्री महाकाल’ की गूंज गुंजायमान हो गई। मान्यता है कि भस्म अर्पित करने के बाद भगवान निराकार से साकार स्वरूप में दर्शन देते हैं।</p>



<p><strong>यह है आरती का समय<br></strong>भस्म आरती: सुबह 3 से 6 बजे तक<br>दध्योदक आरती: प्रातः 7 से 7:45 बजे तक<br>भोग आरती: प्रातः 10 से 10:45 बजे तक<br>संध्या पूजन: सायं 5 से 5:45 बजे तक<br>संध्या आरती: सायं 7 से 7:45 बजे तक<br>शयन आरती: रात्रि 10:30 से 11 बजे तक</p>



<p>महाकालेश्वर मंदिर में आरतियों के समय में हुआ यह बदलाव आश्विन मास की पूर्णिमा (शरद पूर्णिमा) तक जारी रहेगा।</p>
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		<title>श्रावण सोमवार पर बाबा महाकाल भी रखते हैं उपवास, कब लगता है भोग? </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 07:09:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मध्यप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[बाबा महाकाल]]></category>
		<category><![CDATA[श्रावण सोमवार]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="269" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/12-24.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/12-24.jpg 723w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/12-24-300x131.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />श्रावण माह की शुरुआत होते ही विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं का आना शुरू हो जाता है। मान्यता है कि जो भक्त श्रावण सोमवार का व्रत रखकर बाबा महाकाल के दर्शन-पूजन करते हैं, उनके जन्म-जन्म के पाप नष्ट हो जाते हैं और उन्हें अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। वैसे तो पूरे &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="269" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/12-24.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/12-24.jpg 723w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/12-24-300x131.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>श्रावण माह की शुरुआत होते ही विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं का आना शुरू हो जाता है। मान्यता है कि जो भक्त श्रावण सोमवार का व्रत रखकर बाबा महाकाल के दर्शन-पूजन करते हैं, उनके जन्म-जन्म के पाप नष्ट हो जाते हैं और उन्हें अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।</p>



<p>वैसे तो पूरे श्रावण माह में बाबा महाकाल के दर्शन का विशेष महत्व माना जाता है, लेकिन श्रावण सोमवार को इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है। देशभर से करोड़ों श्रद्धालु इस दिन व्रत रखकर भगवान शिव की आराधना करते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, श्रावण माह के प्रत्येक सोमवार को स्वयं बाबा महाकाल भी उपवास रखते हैं। इसी दिन भगवान प्रजा का हाल जानने के लिए नगर भ्रमण पर निकलते हैं। नगर भ्रमण से लौटने के बाद ही उन्हें भोग अर्पित किया जाता है।</p>



<p><strong>जानिए बाबा महाकाल की पांच आरतियां और भोग की परंपरा<br></strong>प्रतिदिन सुबह सबसे पहले बाबा महाकाल की भस्म आरती वंश परंपरा से जुड़े पुजारी संपन्न कराते हैं। इसके बाद सुबह 7 बजे आरती होती है, जिसमें चावल, दही और शक्कर का भोग लगाया जाता है। सामान्य दिनों में पूजा और श्रृंगार के बाद नियमित भोग अर्पित किया जाता है, लेकिन श्रावण सोमवार को भगवान को केवल फलाहार का भोग लगाया जाता है।सुबह 10 बजे पंचामृत पूजन होता है, जिसके बाद दाल, चावल, रोटी, सब्जी, भजिए और लड्डू का भोग अर्पित किया जाता है। इसे भोग आरती कहा जाता है।</p>



<p>शाम 5 बजे भगवान का स्नान होने के बाद जलाभिषेक बंद कर दिया जाता है। इसके बाद विशेष श्रृंगार कर बाबा महाकाल राजा स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। शाम 7 बजे संध्या आरती होती है, जिसमें दूध का भोग लगाया जाता है। रात 10:20 बजे शयन आरती के दौरान मेवे का प्रसाद अर्पित किया जाता है। इसके बाद मंदिर के पट बंद कर दिए जाते हैं।</p>



<p><strong>महाकाल के दर्शन से होता है पापों का नाश<br></strong>मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा के अनुसार, श्रावण माह में भगवान शिव के दर्शन और पूजा-अर्चना से सभी पापों का नाश होता है। इस माह में जो भक्त भगवान शिव को जल, दुग्ध और बेलपत्र अर्पित करते हैं, उनके तीन जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं और उन्हें अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।</p>



<p>उन्होंने बताया कि एक से लेकर एक लाख तक बिल्व पत्र अर्पित करने का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है और इससे अनेक यज्ञों के समान पुण्य फल प्राप्त होता है। उनके अनुसार, श्रावण माह में किए जाने वाले अधिकांश व्रत माता सती और माता पार्वती ने भगवान शिव को प्रसन्न करने तथा उन्हें पति रूप में प्राप्त करने के लिए किए थे।</p>
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		<title>उज्जैन: मस्तक पर त्रिपुंड लगाकर रमाई भस्म, आकर्षक स्वरूप में नजर आए बाबा महाकाल</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 06 May 2025 06:39:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मध्यप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[बाबा महाकाल]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="353" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/05/Capture-111-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/05/Capture-111.jpg 725w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/05/Capture-111-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />आरती से पूर्व बाबा महाकाल का पंचामृत से पूजन और अभिषेक किया गया। इसके बाद विशेष शृंगार कर भगवान को चांदी का मुकुट और मोगरे की माला पहनाई गई। इस अवसर पर बाबा महाकाल को मस्तक पर चंद्रमा और त्रिपुंड से सजाया गया। श्री महाकालेश्वर मंदिर में आज वैशाख शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि मंगलवार &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="353" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/05/Capture-111-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/05/Capture-111.jpg 725w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/05/Capture-111-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>आरती से पूर्व बाबा महाकाल का पंचामृत से पूजन और अभिषेक किया गया। इसके बाद विशेष शृंगार कर भगवान को चांदी का मुकुट और मोगरे की माला पहनाई गई। इस अवसर पर बाबा महाकाल को मस्तक पर चंद्रमा और त्रिपुंड से सजाया गया।</p>



<p>श्री महाकालेश्वर मंदिर में आज वैशाख शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि मंगलवार की सुबह 4 बजे हुई भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का पंचामृत पूजन-अभिषेक कर आकर्षक स्वरूप में शृंगार किया गया। शृंगार के बाद बाबा महाकाल को भस्म रमाई गई। इस दौरान भक्तों ने इन दिव्य दर्शनों का लाभ लिया और जय श्री महाकाल के उद्घोष से वातावरण गूंज उठा।</p>



<p>विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि वैशाख शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि मंगलवार पर आज श्री महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल का विशेष शृंगार किया गया। इस दौरान भस्म आरती के लिए सुबह चार बजे मंदिर के पट खुलते ही पंडे पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी भगवान की प्रतिमाओं का पूजन कर भगवान महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर फलों के रस से बने पंचामृत को अर्पित कर किया। इसके बाद प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम का जल अर्पित किया गया।</p>



<p>कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल को चांदी का मुकुट और मोगरे की माला धारण करवाई गई। आज के शृंगार की विशेष बात यह रही कि आज बाबा महाकाल को मस्तक पर चंद्रमा और त्रिपुंड से सजाया गया। शृंगार के बाद बाबा महाकाल के ज्योतिर्लिंग को महानिर्वाणी अखाड़े के द्वारा भस्म रमाई गई और फिर कपूर आरती कर भोग भी लगाया गया। भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जिन्होंने बाबा महाकाल के इस दिव्य स्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और बाबा महाकाल की भक्ति में लीन होकर जय श्री महाकाल का उद्घोष करने लगे।</p>



<p><strong>अधिकारियों द्वारा श्री महाकालेश्वर मंदिर के बाहरी एवं आंतरिक क्षेत्र का किया गया निरीक्षण<br></strong>श्री महाकालेश्वर मंदिर में व्यवस्था के संबंध में श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर रोशन कुमार सिंह व प्रशासक प्रथम कौशिक द्वारा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ श्री महाकालेश्वर मंदिर के बाहरी एवं आंतरिक क्षेत्र का निरीक्षण देर रात निरीक्षण किया गया तथा सम्बंधितो को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किये। साथ ही कन्ट्रोल रूम से मंदिर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>विदेशी करेंसी के नोटों से सजे बाबा महाकाल, भस्म आरती में दिए दिव्य दर्शन</title>
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		<pubDate>Mon, 28 Apr 2025 07:17:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मध्यप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[बाबा महाकाल]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="345" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/04/Capture-547-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/04/Capture-547.jpg 725w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/04/Capture-547-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आज वैशाख शुक्ल पक्ष की प्रथमा तिथि सोमवार पर बाबा महाकाल का विदेशी करेंसी से विशेष शृंगार किया गया। इस दौरान भस्म आरती के लिए सुबह चार बजे मंदिर के पट खुलते ही पंडे पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी भगवान की प्रतिमाओं का पूजन कर भगवान महाकाल का &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="345" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/04/Capture-547-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/04/Capture-547.jpg 725w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/04/Capture-547-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आज वैशाख शुक्ल पक्ष की प्रथमा तिथि सोमवार पर बाबा महाकाल का विदेशी करेंसी से विशेष शृंगार किया गया। इस दौरान भस्म आरती के लिए सुबह चार बजे मंदिर के पट खुलते ही पंडे पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी भगवान की प्रतिमाओं का पूजन कर भगवान महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत को अर्पित कर किया।</p>



<p>इसके बाद प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम का जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल को चांदी का मुकुट और रुद्राक्ष की माला धारण करवाई गई। वैशाख के शृंगार की विशेष बात यह रही कि आज बाबा महाकाल को विदेशी करेंसी के नोट से सजाया गया। शृंगार के बाद बाबा महाकाल के ज्योतिर्लिंग को महानिर्वाणी अखाड़े के द्वारा भस्म रमाई गई और फिर कपूर आरती कर भोग भी लगाया गया। भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जिन्होंने बाबा महाकाल के इस दिव्य स्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और बाबा महाकाल की भक्ति में लीन होकर जय श्री महाकाल का उद्घोष करने लगे।</p>



<p><strong>राज्यपाल मिजोरम वीके सिंह ने किए महाकाल दर्शन<br></strong>पूर्व आर्मी चीफ एवं केंद्रीय राज्य रक्षा मंत्री एवं वर्तमान में राज्यपाल मिजोरम वीके सिंह ने अपने उज्जैन प्रवास के दौरान श्री महाकालेश्वर भगवान के दर्शन-पूजन किये। पूजन आशीष पुजारी द्वारा सम्पन्न करवाया गया। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से उप प्रशासक एसएन सोनी द्वारा सिंह का स्वागत व सत्कार किया गया।</p>
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		<title>उज्जैन: भस्म आरती में त्रिनेत्र और चंद्रमा से सजे बाबा महाकाल</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 07 Apr 2025 06:50:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मध्यप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[बाबा महाकाल]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="348" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/04/Capture-166-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/04/Capture-166.jpg 730w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/04/Capture-166-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />भस्म आरती में भगवान महाकाल का पंचामृत से अभिषेक किया गया और भव्य शृंगार किया गया, जिसमें त्रिनेत्र, मुंडमाला, चांदी का मुकुट, रुद्राक्ष और नोटों की माला शामिल रही। भस्म आरती के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में सोमवार शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर सोमवार तड़के भस्म &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="348" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/04/Capture-166-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/04/Capture-166.jpg 730w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/04/Capture-166-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>भस्म आरती में भगवान महाकाल का पंचामृत से अभिषेक किया गया और भव्य शृंगार किया गया, जिसमें त्रिनेत्र, मुंडमाला, चांदी का मुकुट, रुद्राक्ष और नोटों की माला शामिल रही। भस्म आरती के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।</p>



<p>विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में सोमवार शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर सोमवार तड़के भस्म आरती के दौरान चार बजे मंदिर के पट खुलते ही पंडे पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी भगवान की प्रतिमाओं का पूजन कर भगवान महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर फलों के रस से बने पंचामृत अर्पित किया। इसके बाद प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम का जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल को चांदी का मुकुट और रुद्राक्ष और नोट की माला धारण करवाई गई।</p>



<p>आज के शृंगार की विशेष बात यह रही कि आज भस्मआरती में सोमवार के संयोग पर बाबा महाकाल का त्रिनेत्र और मुंडमाला से शृंगार किया गया और भोग लगाया गया। बाबा के मस्तक पर चंद्रमा से शृंगारित करते हुए फूलों की माला भी धारण करवाई गई। शृंगार के बाद बाबा महाकाल के ज्योतिर्लिंग को महानिर्वाणी अखाड़े के द्वारा भस्म रमाई गई और फिर कपूर आरती की गई और भोग भी लगाया गया। भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जिन्होंने बाबा महाकाल के इस दिव्य स्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और बाबा महाकाल की भक्ति में लीन होकर जय श्री महाकाल का उद्घोष करने लगे।</p>



<p><strong>श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति को ई-कार्ट का आया दान<br></strong>श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति को केनरा बैंक की ओर से दो ई-कार्ट और श्री महाकाल महालोक में दर्शनार्थियों को छाया 18 केनोपी टेंट भेट की गई। केनरा बैंक की एमडी सत्यनारायण राजू और चैयरमैन विजय रंगन और बैंक की टीम ने श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचकर श्री महाकालेश्वर मंदिर में आने वाले दर्शनार्थियों की सुविधा हेतु 2 नग ई-कार्ट और 20 कनोपी टेंट भेंट किए गए। मंदिर प्रबंध समिति की ओर सुरक्षा प्रभारी अनुराग चौबे द्वारा बैंक प्रबंधन का धन्यवाद ज्ञापित कर सम्मान किया गया।</p>



<p>श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा भगवान श्री महाकालेश्वर के दर्शन और श्री महाकाल महालोक के भ्रमण हेतु पधारने वाले वरिष्ठ नागरिक/दिव्यांगजनों के लिए नीलकण्ठ पथ, त्रिवेणी संग्रहालय, नंदी द्वार से श्री महाकालेश्वर में प्रवेश हेतु निर्धारित द्वार तक आवागमन करने के लिए प्रतिक्षालय स्थापित कराए जाकर, प्रतिक्षालय से सतत् ई-कार्ट चलायी जाती है। ज्ञात हो कि श्री महाकालेश्वर मंदिर की सभी व्यवस्थायें दान के माध्यम से ही संचालित होती हैं। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा संचालित नि:शुल्क अन्नक्षेत्र, गौशाला आदि में भी अपनी श्रद्धानुसार अन्न दान भी करते हैं। समय–समय पर मंदिर के अधिकारी/ पुजारी/पुरोहितों/मंदिर प्रबंध समिति सदस्यों व कर्मचारियों के माध्यम से भी भक्तों को मंदिर में दान करने हेतु प्रेरित किया जाता है।</p>



<p><strong>एक लाख एक हजार नगद दान किए<br></strong>श्री महाकालेश्वर मंदिर में झारखंड से पधारे भक्त ने पुरोहित रूपम शर्मा और नवनीत शर्मा की प्रेरणा से श्री महाकालेश्वर भगवान को रुपये एक लाख एक हजार नकद भेंट किए। दानदाता द्वारा गुप्त दान किया गया है और उनकी पहचान नहीं बताने का निवेदन किया है। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से दानदाता को विधिवत रसीद प्रदान कर मंदिर के विरेन्द्र शर्मा और अभिषेक शर्मा द्वारा सम्मान किया गया।</p>
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