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	<title>बजरंग बाण &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>बजरंग बाण &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>मंगलवार के दिन करें बजरंग बाण का पाठ, मिलेगी वीर बजरंगी की कृपा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 16 Dec 2025 05:28:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[बजरंग बाण]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="365" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/Screenshot-2025-12-15-212628-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/Screenshot-2025-12-15-212628.png 769w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/Screenshot-2025-12-15-212628-medium.png 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />बजरंग बाण का पाठ हनुमान जी को खुश करने और उनकी विशेष कृपा पाने का सबसे अचूक उपाय माना जाता है। इसे संकटमोचन हनुमान जी का अस्त्र भी कहा गया है। हनुमान जी को बल, बुद्धि और विद्या का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में मंगलवार के दिन उनकी विशेष पूजा और बजरंग बाण का &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="365" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/Screenshot-2025-12-15-212628-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/Screenshot-2025-12-15-212628.png 769w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/Screenshot-2025-12-15-212628-medium.png 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>बजरंग बाण का पाठ हनुमान जी को खुश करने और उनकी विशेष कृपा पाने का सबसे अचूक उपाय माना जाता है। इसे संकटमोचन हनुमान जी का अस्त्र भी कहा गया है। हनुमान जी को बल, बुद्धि और विद्या का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में मंगलवार के दिन उनकी विशेष पूजा और बजरंग बाण का पाठ जरूर करें। इससे जीवन के सभी कष्टों का अंत होता है। साथ ही मंगल दोष का प्रभाव कम होता है।</p>



<p><strong>॥बजरंग बाण॥<br>॥ दोहा ॥<br></strong>निश्चय प्रेम प्रतीति ते,बिनय करै सनमान।<br>तेहि के कारज सकल शुभ,सिद्ध करै हनुमान॥</p>



<p><strong>॥ चौपाई ॥<br></strong>जय हनुमन्त सन्त हितकारी। सुनि लीजै प्रभु अरज हमारी॥</p>



<p>जन के काज विलम्ब न कीजै। आतुर दौरि महा सुख दीजै॥</p>



<p>जैसे कूदि सिन्धु वहि पारा। सुरसा बदन पैठि बिस्तारा॥</p>



<p>आगे जाय लंकिनी रोका। मारेहु लात गई सुर लोका॥</p>



<p>जाय विभीषण को सुख दीन्हा। सीता निरखि परम पद लीन्हा॥</p>



<p>बाग उजारि सिन्धु महं बोरा। अति आतुर यम कातर तोरा॥</p>



<p>अक्षय कुमार मारि संहारा। लूम लपेटि लंक को जारा॥</p>



<p>लाह समान लंक जरि गई। जय जय धुनि सुर पुर महं भई॥</p>



<p>अब विलम्ब केहि कारण स्वामी। कृपा करहुं उर अन्तर्यामी॥</p>



<p>जय जय लक्ष्मण प्राण के दाता। आतुर होइ दुःख करहुं निपाता॥</p>



<p>जय गिरिधर जय जय सुख सागर। सुर समूह समरथ भटनागर॥</p>



<p>ॐ हनु हनु हनु हनु हनुमन्त हठीले। बैरिहिं मारू बज्र की कीले॥</p>



<p>गदा बज्र लै बैरिहिं मारो। महाराज प्रभु दास उबारो॥</p>



<p>ॐकार हुंकार महाप्रभु धावो। बज्र गदा हनु विलम्ब न लावो॥</p>



<p>ॐ ह्रीं ह्रीं ह्रीं हनुमन्त कपीसा। ॐ हुं हुं हुं हनु अरि उर शीशा॥</p>



<p>सत्य होउ हरि शपथ पायके। रामदूत धरु मारु धाय के॥</p>



<p>जय जय जय हनुमन्त अगाधा। दुःख पावत जन केहि अपराधा॥</p>



<p>पूजा जप तप नेम अचारा। नहिं जानत कछु दास तुम्हारा॥</p>



<p>वन उपवन मग गिरि गृह माहीं। तुमरे बल हम डरपत नाहीं॥</p>



<p>पाय परौं कर जोरि मनावों। यह अवसर अब केहि गोहरावों॥</p>



<p>जय अंजनि कुमार बलवन्ता। शंकर सुवन धीर हनुमन्ता॥</p>



<p>बदन कराल काल कुल घालक। राम सहाय सदा प्रतिपालक॥</p>



<p>भूत प्रेत पिशाच निशाचर। अग्नि बैताल काल मारीमर॥</p>



<p>इन्हें मारु तोहि शपथ राम की। राखु नाथ मरजाद नाम की॥</p>



<p>जनकसुता हरि दास कहावो। ताकी शपथ विलम्ब न लावो॥</p>



<p>जय जय जय धुनि होत अकाशा। सुमिरत होत दुसह दुःख नाशा॥</p>



<p>चरण शरण करि जोरि मनावों। यहि अवसर अब केहि गोहरावों॥</p>



<p>उठु उठु चलु तोहिं राम दुहाई। पांय परौं कर जोरि मनाई॥</p>



<p>ॐ चं चं चं चं चपल चलन्ता। ॐ हनु हनु हनु हनु हनुमन्ता॥</p>



<p>ॐ हं हं हांक देत कपि चञ्चल। ॐ सं सं सहम पराने खल दल॥</p>



<p>अपने जन को तुरत उबारो। सुमिरत होय आनन्द हमारो॥</p>



<p>यहि बजरंग बाण जेहि मारो। ताहि कहो फिर कौन उबारो॥</p>



<p>पाठ करै बजरंग बाण की। हनुमत रक्षा करै प्राण की॥</p>



<p>यह बजरंग बाण जो जापै। तेहि ते भूत प्रेत सब कांपे॥</p>



<p>धूप देय अरु जपै हमेशा। ताके तन नहिं रहे कलेशा॥</p>



<p><strong>॥ दोहा ॥<br></strong>प्रेम प्रतीतिहिं कपि भजै,सदा धरै उर ध्यान।</p>



<p>तेहि के कारज सकल शुभ,सिद्ध करै हनुमान॥</p>



<p><strong>बजरंग बाण पाठ करने के लाभ<br></strong>बजरंग बाण का पाठ करने से जीवन की बड़ी से बड़ी परेशानियों, बाधाओं और कष्टों का नाश होता है।<br>यह पाठ करने से साधक को ऊर्जा, बल और साहस का आशीर्वाद मिलता है।<br>मंगलवार के दिन इसका पाठ करने से मंगल ग्रह के अशुभ प्रभावों से मुक्ति मिलती है।<br>बजरंग बाण का पाठ रोजाना करने से नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति मिलती है।</p>



<p><strong>अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न<br></strong>प्रश्न 1. बजरंग बाण का पाठ क्यों किया जाता है?</p>



<p>उत्तर – बजरंग बाण का पाठ मुख्य रूप से बड़े संकट, रोग-दोष, शत्रु बाधा, और ग्रह दोषों से मुक्ति पाने के लिए किया जाता है।</p>



<p>प्रश्न 2. बजरंग बाण का पाठ करने का सबसे अच्छा दिन कौन सा है?</p>



<p>उत्तर – बजरंग बाण का पाठ करने के लिए मंगलवार और शनिवार का दिन सबसे उत्तम माना जाता है।</p>



<p>प्रश्न 3. क्या बजरंग बाण का पाठ रोज कर सकते हैं?</p>



<p>उत्तर – बजरंग बाण का पाठ रोजाना विधिपूर्वक और संकल्प के साथ किया जा सकता है, खासकर तब जब आप किसी बड़े संकट से गुजर रहे हों। लेकिन सामान्य पूजा के लिए हनुमान चालीसा का पाठ रोज करना अच्छा माना जाता है।</p>
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		<title>मंगलवार के दिन जरूर करें बजरंग बाण का पाठ</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 04 Mar 2025 04:32:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[बजरंग बाण]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="406" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/03/Capture-76-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/03/Capture-76.jpg 707w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/03/Capture-76-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/03/Capture-76-310x205.jpg 310w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />आज मंगलवार का दिन है। इस दिन साधक भगवान हनुमान की पूजा करते हैं। कहा जाता है कि हनुमान जी की पूजा करने से सभी संकटों का अंत होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जो लोग मंगलवार का उपवास रखते हैं और विधिवत पूजा करते हैं उन्हें उनका पूर्ण आशीर्वाद मिलता है। इसके अलावा इस &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="406" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/03/Capture-76-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/03/Capture-76.jpg 707w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/03/Capture-76-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/03/Capture-76-310x205.jpg 310w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>आज मंगलवार का दिन है। इस दिन साधक भगवान हनुमान की पूजा करते हैं। कहा जाता है कि हनुमान जी की पूजा करने से सभी संकटों का अंत होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जो लोग मंगलवार का उपवास रखते हैं और विधिवत पूजा करते हैं उन्हें उनका पूर्ण आशीर्वाद मिलता है। इसके अलावा इस दिन बजरंग बाण (Bajrang Baan Niyam) का पाठ भी बहुत लाभकारी माना जाता है।</p>



<p>हनुमान जी की पूजा के लिए मंगलवार का दिन सबसे उत्तम माना जाता है। यह दिन भगवान हनुमान को समर्पित है। ऐसा कहा जाता है कि जो साधक वीर हनुमान की उपासना भाव के साथ करते हैं, उन्हें धन और वैभव का आशीर्वाद प्राप्त होता है। साथ ही शुभ फलों की प्राप्ति होती है। इसलिए सलाह दी जाती है कि जो लोग लगातार कई तरह की मुश्किलों में फंसे हुए उन्हें मंगलवार का व्रत रखना चाहिए।</p>



<p>इसके साथ ही वीर हनुमान को लाल रंग का चोला अर्पित करना चाहिए। फिर बजरंग बाण (Bajrang Baan Niyam) का पाठ श्रद्धा के साथ करना चाहिए। अंत में आरती करनी चाहिए। ऐसा करने से हनुमान जी प्रसन्न होते हैं।</p>



<p><strong>।।बजरंग बाण पाठ के नियम।।</strong><br>सुबह स्नान करें।<br>फिर हनुमान जी के सामने घी का दीपक जलाएं।<br>उन्हें सिंदूर, लड्डू, लाल फूल और तुलसी दल अर्पित करें।<br>एक लय में पाठ करें।<br>पाठ के दौरान पवित्रता का खास ख्याल रखें।<br>पाठ के दौरान बोलने से बचें।<br>अंत में आरती करें।<br>तामसिक चीजों से दूर रहें।</p>



<p><strong>॥बजरंग बाण॥</strong></p>



<p><strong>॥ दोहा ॥</strong><br>निश्चय प्रेम प्रतीति ते,बिनय करै सनमान।<br>तेहि के कारज सकल शुभ,सिद्ध करै हनुमान॥</p>



<p><strong>॥ चौपाई ॥</strong><br>जय हनुमन्त सन्त हितकारी। सुनि लीजै प्रभु अरज हमारी॥<br>जन के काज विलम्ब न कीजै। आतुर दौरि महा सुख दीजै॥<br>जैसे कूदि सिन्धु वहि पारा। सुरसा बदन पैठि बिस्तारा॥<br>आगे जाय लंकिनी रोका। मारेहु लात गई सुर लोका॥<br>जाय विभीषण को सुख दीन्हा। सीता निरखि परम पद लीन्हा॥<br>बाग उजारि सिन्धु महं बोरा। अति आतुर यम कातर तोरा॥<br>अक्षय कुमार मारि संहारा। लूम लपेटि लंक को जारा॥<br>लाह समान लंक जरि गई। जय जय धुनि सुर पुर महं भई॥<br>अब विलम्ब केहि कारण स्वामी। कृपा करहुं उर अन्तर्यामी॥<br>जय जय लक्ष्मण प्राण के दाता। आतुर होइ दु:ख करहुं निपाता॥<br>जय गिरिधर जय जय सुख सागर। सुर समूह समरथ भटनागर॥<br>ॐ हनु हनु हनु हनु हनुमन्त हठीले। बैरिहिं मारू बज्र की कीले॥<br>गदा बज्र लै बैरिहिं मारो। महाराज प्रभु दास उबारो॥<br>ॐकार हुंकार महाप्रभु धावो। बज्र गदा हनु विलम्ब न लावो॥<br>ॐ ह्रीं ह्रीं ह्रीं हनुमन्त कपीसा। ॐ हुं हुं हुं हनु अरि उर शीशा॥<br>सत्य होउ हरि शपथ पायके। रामदूत धरु मारु धाय के॥<br>जय जय जय हनुमन्त अगाधा। दु:ख पावत जन केहि अपराधा॥<br>पूजा जप तप नेम अचारा। नहिं जानत कछु दास तुम्हारा॥<br>वन उपवन मग गिरि गृह माहीं। तुमरे बल हम डरपत नाहीं॥<br>पाय परौं कर जोरि मनावों। यह अवसर अब केहि गोहरावों॥<br>जय अंजनि कुमार बलवन्ता। शंकर सुवन धीर हनुमन्ता॥<br>बदन कराल काल कुल घालक। राम सहाय सदा प्रतिपालक॥<br>भूत प्रेत पिशाच निशाचर। अग्नि बैताल काल मारीमर॥<br>इन्हें मारु तोहि शपथ राम की। राखु नाथ मरजाद नाम की॥<br>जनकसुता हरि दास कहावो। ताकी शपथ विलम्ब न लावो॥<br>जय जय जय धुनि होत अकाशा। सुमिरत होत दुसह दु:ख नाशा॥<br>चरण शरण करि जोरि मनावों। यहि अवसर अब केहि गोहरावों॥<br>उठु उठु चलु तोहिं राम दुहाई।पांय परौं कर जोरि मनाई॥<br>ॐ चं चं चं चं चपल चलन्ता।ॐ हनु हनु हनु हनु हनुमन्ता॥<br>ॐ हं हं हांक देत कपि चञ्चल। ॐ सं सं सहम पराने खल दल॥<br>अपने जन को तुरत उबारो। सुमिरत होय आनन्द हमारो॥<br>यहि बजरंग बाण जेहि मारो। ताहि कहो फिर कौन उबारो॥<br>पाठ करै बजरंग बाण की। हनुमत रक्षा करै प्राण की॥<br>यह बजरंग बाण जो जापै। तेहि ते भूत प्रेत सब कांपे॥<br>धूप देय अरु जपै हमेशा। ताके तन नहिं रहे कलेशा॥</p>



<p><strong>॥ दोहा ॥</strong><br>प्रेम प्रतीतिहिं कपि भजै,सदा धरै उर ध्यान।<br>तेहि के कारज सकल शुभ,सिद्ध करै हनुमान॥</p>
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		<title>बजरंग बाण के पाठ से मिलते हैं ये आध्यात्मिक लाभ</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 11 Feb 2025 04:54:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[बजरंग बाण]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="540" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-249-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-249.jpg 626w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-249-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />सनातन धर्म में मंगवलार के दिन भगवान श्रीराम के परम भक्त हनुमान जी की पूजा करना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि सच्चे मन से हनुमान जी की उपासना करने से जीवन में आ रहे दुख और संकट दूर होते है और जातक का जीवन सफल होता है। इस दिन पूजा के दौरान &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="540" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-249-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-249.jpg 626w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-249-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>सनातन धर्म में मंगवलार के दिन भगवान श्रीराम के परम भक्त हनुमान जी की पूजा करना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि सच्चे मन से हनुमान जी की उपासना करने से जीवन में आ रहे दुख और संकट दूर होते है और जातक का जीवन सफल होता है। इस दिन पूजा के दौरान विधिपूर्वक बजरंग बाण (Bajrang Baan) का पाठ जरूर करना चाहिए।</p>



<p>सनातन धर्म में मंगलवार का दिन हनुमान जी की कृपा पाने के लिए बेहद खास माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि हनुमान जी की उपासना करने से शनि की बाधा दूर होती है। ऐसे में मंगलवार के दिन बजरंग बाण का पाठ कर हनुमान जी को प्रसन्न किया जा सकता है। इसके पाठ से कई तरह के लाभ मिलते हैं।</p>



<p><strong>मिलते हैं ये आध्यात्मिक लाभ</strong><br>बजरंग बाण का पाठ करने से सभी रोग दूर होते हैं।<br>सभी काम में सफलता मिलती है।<br>भय से छुटकारा मिलता है।<br>हनुमान जी प्रसन्न प्रसन्न होते हैं।<br>जीवन में सफलता प्राप्त होती है।<br>मानसिक शांति मिलती है।</p>



<p><strong>॥श्री बजरंग बाण पाठ॥</strong></p>



<p><strong>॥ दोहा ॥</strong><br>निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करैं सनमान ।</p>



<p>तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान॥</p>



<p><strong>॥ चौपाई ॥</strong></p>



<p>जय हनुमंत संत हितकारी । सुन लीजै प्रभु अरज हमारी ॥<br>जन के काज बिलंब न कीजै । आतुर दौरि महा सुख दीजै ॥<br>जैसे कूदि सिंधु महिपारा । सुरसा बदन पैठि बिस्तारा ॥<br>आगे जाय लंकिनी रोका । मारेहु लात गई सुरलोका ॥<br>जाय बिभीषन को सुख दीन्हा । सीता निरखि परमपद लीन्हा ॥<br>बाग उजारि सिंधु महँ बोरा । अति आतुर जमकातर तोरा ॥<br>अक्षय कुमार मारि संहारा । लूम लपेटि लंक को जारा ॥<br>लाह समान लंक जरि गई । जय जय धुनि सुरपुर नभ भई ॥<br>अब बिलंब केहि कारन स्वामी । कृपा करहु उर अन्तर्यामी ॥<br>जय जय लखन प्राण के दाता । आतुर ह्वै दुःख करहु निपाता ॥<br>जै गिरिधर जै जै सुख सागर । सुर-समूह-समरथ भटनागर ॥<br>ॐ हनु हनु हनु हनुमंत हठीले । बैरिहि मारु बज्र की कीले ॥<br>गदा बज्र लै बैरिहिं मारो। महाराज प्रभु दास उबारो॥<br>ॐ कार हुंकार महाप्रभु धावो । बज्र गदा हनु विलम्ब न लावो ।<br>ॐ ह्नीं ह्नीं ह्नीं हनुमंत कपीशा । ॐ हुं हुं हुं हनु अरि उर शीशा ॥<br>सत्य होहु हरि शपथ पायके । राम दूत धरु मारु जाय के ॥<br>जय जय जय हनुमंत अगाधा । दुःख पावत जन केहि अपराधा ॥<br>पूजा जप तप नेम अचारा । नहिं जानत हौं दास तुम्हारा ॥<br>वन उपवन मग गिरि गृह माहीं । तुम्हरे बल हम डरपत नाहीं ॥<br>पांय परौं कर जोरि मनावौं । येहि अवसर अब केहि गोहरावौं ॥<br>जय अंजनि कुमार बलवंता । शंकर सुवन वीर हनुमंता ॥<br>बदन कराल काल कुल घालक । राम सहाय सदा प्रतिपालक ॥<br>भूत, प्रेत, पिशाच निशाचर । अग्नि बेताल काल मारी मर ॥<br>इन्हें मारु, तोहि शपथ राम की । राखउ नाथ मरजाद नाम की ॥<br>जनकसुता हरि दास कहावो । ताकी शपथ बिलंब न लावो ॥<br>जै जै जै धुनि होत अकासा । सुमिरत होय दुसह दुःख नाशा ॥<br>चरण शरण कर जोरि मनावौं । यहि अवसर अब केहि गोहरावौं ॥<br>उठु, उठु, चलु, तोहि राम दुहाई । पाँय परौं, कर जोरि मनाई ॥<br>ॐ चं चं चं चं चपल चलंता । ॐ हनु हनु हनु हनु हनुमंता ॥<br>ॐ हं हं हाँक देत कपि चंचल । ॐ सं सं सहमि पराने खल दल ॥<br>अपने जन को तुरत उबारो । सुमिरत होय आनंद हमरो ॥<br>यह बजरंग बाण जेहि मारै । ताहि कहो फिरि कौन उबारै ॥<br>पाठ करै बजरंग बाण की । हनुमत रक्षा करै प्रान की ॥<br>यह बजरंग बाण जो जापै । ताते भूत-प्रेत सब कापैं ॥<br>धूप देय जो जपै हमेशा । ताके तन नहिं रहै कलेशा ॥</p>



<p><strong>॥ दोहा ॥</strong><br>प्रेम प्रतीतिहि कपि भजै, सदा धरै उर ध्यान।<br>तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान ॥</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>हनुमान जी की पूजा में करें बजरंग बाण का पाठ, जीवन के सभी दुख होंगे दूर</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%b9%e0%a4%a8%e0%a5%81%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%9c%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%82/599864</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 21 Jan 2025 04:31:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[बजरंग बाण]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="316" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-523-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-523.jpg 757w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-523-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />सनातन धर्म में सप्ताह के सभी दिन किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित है। ठीक इसी प्रकार मंगलवार (Mangalwar Ke Upay) का दिन राम जी के भक्त हनुमान जी को प्रिय है। इस दिन लोग विधिपूर्वक हनुमान जी की पूजा-अर्चना करते हैं। साथ ही हनुमान जी को विशेष चीजों का भोग लगाते हैं। मान्यता है &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="316" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-523-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-523.jpg 757w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-523-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>सनातन धर्म में सप्ताह के सभी दिन किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित है। ठीक इसी प्रकार मंगलवार (Mangalwar Ke Upay) का दिन राम जी के भक्त हनुमान जी को प्रिय है। इस दिन लोग विधिपूर्वक हनुमान जी की पूजा-अर्चना करते हैं। साथ ही हनुमान जी को विशेष चीजों का भोग लगाते हैं। मान्यता है कि इससे जीवन के सभी दुख और संकट दूर होते हैं।</p>



<p>कुंडली में मंगल ग्रह कमजोर होने से जीवन में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में ज्योतिष मंगलवार के दिन हनुमान जी की उपासना करने की सलाह देते हैं। इस दिन व्रत करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। साथ ही बजरंग बाण (Bajrang baan) का पाठ करने से हर काम में सफलता मिलती है और मानसिक शांति मिलती है। इसके अलावा हनुमान जी प्रसन्न होते हैं।</p>



<p><strong>बजरंग बाण</strong></p>



<p><strong>॥ दोहा ॥</strong></p>



<p>निश्चय प्रेम प्रतीति ते,बिनय करै सनमान।<br>तेहि के कारज सकल शुभ,सिद्ध करै हनुमान॥</p>



<p><strong>॥ चौपाई ॥</strong><br>जय हनुमन्त सन्त हितकारी। सुनि लीजै प्रभु अरज हमारी॥<br>जन के काज विलम्ब न कीजै। आतुर दौरि महा सुख दीजै॥<br>जैसे कूदि सिन्धु वहि पारा। सुरसा बदन पैठि बिस्तारा॥<br>आगे जाय लंकिनी रोका। मारेहु लात गई सुर लोका॥<br>जाय विभीषण को सुख दीन्हा। सीता निरखि परम पद लीन्हा॥<br>बाग उजारि सिन्धु महं बोरा। अति आतुर यम कातर तोरा॥<br>अक्षय कुमार मारि संहारा। लूम लपेटि लंक को जारा॥<br>लाह समान लंक जरि गई। जय जय धुनि सुर पुर महं भई॥<br>अब विलम्ब केहि कारण स्वामी। कृपा करहुं उर अन्तर्यामी॥<br>जय जय लक्ष्मण प्राण के दाता। आतुर होइ दु:ख करहुं निपाता॥<br>जय गिरिधर जय जय सुख सागर। सुर समूह समरथ भटनागर॥<br>ॐ हनु हनु हनु हनु हनुमन्त हठीले। बैरिहिं मारू बज्र की कीले॥<br>गदा बज्र लै बैरिहिं मारो। महाराज प्रभु दास उबारो॥<br>ॐकार हुंकार महाप्रभु धावो। बज्र गदा हनु विलम्ब न लावो॥<br>ॐ ह्रीं ह्रीं ह्रीं हनुमन्त कपीसा। ॐ हुं हुं हुं हनु अरि उर शीशा॥<br>सत्य होउ हरि शपथ पायके। रामदूत धरु मारु धाय के॥<br>जय जय जय हनुमन्त अगाधा। दु:ख पावत जन केहि अपराधा॥<br>पूजा जप तप नेम अचारा। नहिं जानत कछु दास तुम्हारा॥<br>वन उपवन मग गिरि गृह माहीं। तुमरे बल हम डरपत नाहीं॥<br>पाय परौं कर जोरि मनावों। यह अवसर अब केहि गोहरावों॥<br>जय अंजनि कुमार बलवन्ता। शंकर सुवन धीर हनुमन्ता॥<br>बदन कराल काल कुल घालक। राम सहाय सदा प्रतिपालक॥<br>भूत प्रेत पिशाच निशाचर। अग्नि बैताल काल मारीमर॥<br>इन्हें मारु तोहि शपथ राम की। राखु नाथ मरजाद नाम की॥<br>जनकसुता हरि दास कहावो। ताकी शपथ विलम्ब न लावो॥<br>जय जय जय धुनि होत अकाशा। सुमिरत होत दुसह दु:ख नाशा॥<br>चरण शरण करि जोरि मनावों। यहि अवसर अब केहि गोहरावों॥<br>उठु उठु चलु तोहिं राम दुहाई।पांय परौं कर जोरि मनाई॥<br>ॐ चं चं चं चं चपल चलन्ता।ॐ हनु हनु हनु हनु हनुमन्ता॥<br>ॐ हं हं हांक देत कपि चञ्चल। ॐ सं सं सहम पराने खल दल॥<br>अपने जन को तुरत उबारो। सुमिरत होय आनन्द हमारो॥<br>यहि बजरंग बाण जेहि मारो। ताहि कहो फिर कौन उबारो॥<br>पाठ करै बजरंग बाण की। हनुमत रक्षा करै प्राण की॥<br>यह बजरंग बाण जो जापै। तेहि ते भूत प्रेत सब कांपे॥<br>धूप देय अरु जपै हमेशा। ताके तन नहिं रहे कलेशा॥</p>



<p><strong>॥ दोहा ॥</strong><br>प्रेम प्रतीतिहिं कपि भजै,सदा धरै उर ध्यान।<br>तेहि के कारज सकल शुभ,सिद्ध करै हनुमान॥</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>दूसरे बड़े मंगल पर करें बजरंग बाण का पाठ</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 03 Jun 2024 10:56:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[बजरंग बाण]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="347" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/06/Capture-102.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/06/Capture-102.png 769w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/06/Capture-102-300x169.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />ज्येष्ठ मास के सभी मंगलवार को बड़ा मंगल कहा जाता है। इसकी शुरुआत 28 मई को हो चुकी है। ऐसी मान्यता है कि यह दिन बजरंगबली को अति प्रिय है। ऐसे में इस खास दिन पर वीर हनुमान की आराधना जरूर करें। इसके साथ ही बजरंग बाण का पाठ करें जो लोग ऐसा करते हैं &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="347" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/06/Capture-102.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/06/Capture-102.png 769w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/06/Capture-102-300x169.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>ज्येष्ठ मास के सभी मंगलवार को बड़ा मंगल कहा जाता है। इसकी शुरुआत 28 मई को हो चुकी है। ऐसी मान्यता है कि यह दिन बजरंगबली को अति प्रिय है। ऐसे में इस खास दिन पर वीर हनुमान की आराधना जरूर करें। इसके साथ ही बजरंग बाण का पाठ करें जो लोग ऐसा करते हैं उनके जीवन की सभी मुश्किलें दूर होती हैं।</p>



<p>ज्येष्ठ महीने में आने वाले मंगलवार को बड़ा मंगल के नाम से जाना जाता है। यह दिन भगवान हनुमान की पूजा के लिए समर्पित है। ऐसा कहा जाता है कि जो जातक इस दौरान भगवान हनुमान के वृद्ध स्वरूप की पूजा करते हैं उन्हें शुभ फलों की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही जीवन कल्याण की ओर अग्रसर होता है।</p>



<p>ऐसे में अगर आप तमाम बड़ी मुश्किलों से घिर हुए हैं और पवन पुत्र की कृपा पाना चाहते हैं, तो आपको बड़े मंगल पर बजरंग बाण का पाठ जरूर करना चाहिए, जो बेहद चमत्कारी है।</p>



<p><strong>।। बजरंग बाण (Bajrang Baan Ka Path In Hindi)।।</strong><br><strong>&#8221; दोहा &#8220;</strong></p>



<p>&#8220;निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करैं सनमान।&#8221;</p>



<p>&#8220;तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान॥&#8221;</p>



<p><strong>&#8220;चौपाई&#8221;</strong></p>



<p>जय हनुमन्त सन्त हितकारी। सुन लीजै प्रभु अरज हमारी।।</p>



<p>जन के काज विलम्ब न कीजै। आतुर दौरि महासुख दीजै।।</p>



<p>जैसे कूदि सिन्धु महि पारा। सुरसा बदन पैठि विस्तारा।।</p>



<p>आगे जाई लंकिनी रोका। मारेहु लात गई सुर लोका।।</p>



<p>जाय विभीषण को सुख दीन्हा। सीता निरखि परमपद लीन्हा।।</p>



<p>बाग़ उजारि सिन्धु महँ बोरा। अति आतुर जमकातर तोरा।।</p>



<p>अक्षयकुमार को मारि संहारा। लूम लपेट लंक को जारा।।</p>



<p>लाह समान लंक जरि गई। जय जय धुनि सुरपुर में भई।।</p>



<p>अब विलम्ब केहि कारण स्वामी। कृपा करहु उर अन्तर्यामी।।</p>



<p>जय जय लक्ष्मण प्राण के दाता। आतुर होय दुख हरहु निपाता।।</p>



<p>जै गिरिधर जै जै सुखसागर। सुर समूह समरथ भटनागर।।</p>



<p>ॐ हनु हनु हनुमंत हठीले। बैरिहिं मारु बज्र की कीले।।</p>



<p>गदा बज्र लै बैरिहिं मारो। महाराज प्रभु दास उबारो।।</p>



<p>ऊँकार हुंकार प्रभु धावो। बज्र गदा हनु विलम्ब न लावो।।</p>



<p>ॐ ह्रीं ह्रीं ह्रीं हनुमंत कपीसा। ऊँ हुं हुं हुं हनु अरि उर शीशा।।</p>



<p>सत्य होहु हरि शपथ पाय के। रामदूत धरु मारु जाय के।।</p>



<p>जय जय जय हनुमन्त अगाधा। दुःख पावत जन केहि अपराधा।।</p>



<p>पूजा जप तप नेम अचारा। नहिं जानत हौं दास तुम्हारा।।</p>



<p>वन उपवन, मग गिरिगृह माहीं। तुम्हरे बल हम डरपत नाहीं।।</p>



<p>पांय परों कर ज़ोरि मनावौं। यहि अवसर अब केहि गोहरावौं।।</p>



<p>जय अंजनिकुमार बलवन्ता। शंकरसुवन वीर हनुमन्ता।।</p>



<p>बदन कराल काल कुल घालक। राम सहाय सदा प्रतिपालक।।</p>



<p>भूत प्रेत पिशाच निशाचर। अग्नि बेताल काल मारी मर।।</p>



<p>इन्हें मारु तोहिं शपथ राम की। राखु नाथ मरजाद नाम की।।</p>



<p>जनकसुता हरिदास कहावौ। ताकी शपथ विलम्ब न लावो।।</p>



<p>जय जय जय धुनि होत अकाशा। सुमिरत होत दुसह दुःख नाशा।।</p>



<p>चरण शरण कर ज़ोरि मनावौ। यहि अवसर अब केहि गोहरावौं।।</p>



<p>उठु उठु चलु तोहि राम दुहाई। पांय परों कर ज़ोरि मनाई।।</p>



<p>ॐ चं चं चं चं चपत चलंता। ऊँ हनु हनु हनु हनु हनुमन्ता।।</p>



<p>ऊँ हँ हँ हांक देत कपि चंचल। ऊँ सं सं सहमि पराने खल दल।।</p>



<p>अपने जन को तुरत उबारो। सुमिरत होय आनन्द हमारो।।</p>



<p>यह बजरंग बाण जेहि मारै। ताहि कहो फिर कौन उबारै।।</p>



<p>पाठ करै बजरंग बाण की। हनुमत रक्षा करै प्राण की।।</p>



<p>यह बजरंग बाण जो जापै। ताते भूत प्रेत सब काँपै।।</p>



<p>धूप देय अरु जपै हमेशा। ताके तन नहिं रहै कलेशा।।</p>



<p><strong>&#8220;दोहा&#8221;</strong></p>



<p>&#8221; प्रेम प्रतीतहि कपि भजै, सदा धरैं उर ध्यान। &#8220;</p>



<p>&#8221; तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्घ करैं हनुमान।। &#8220;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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