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	<title>फुलेरा दूज &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>फुलेरा दूज &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>फुलेरा दूज पर इस विधि से करें श्रीराधा-कृष्ण की पूजा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 19 Feb 2026 04:44:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[फुलेरा दूज]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="334" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-18-204255.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-18-204255.png 795w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-18-204255-300x162.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-18-204255-768x415.png 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />वैदिक पंचांग के अनुसार, 19 फरवरी 2026 को फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर फुलेरा दूज मनाई जा रही है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने राधा रानी और गोपियों के साथ फूलों की होली खेली थी। यह पर्व राधा-कृष्ण को समर्पित है। लेख में पूजा विधि और शुभ मुहूर्त की जानकारी दी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="334" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-18-204255.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-18-204255.png 795w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-18-204255-300x162.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-18-204255-768x415.png 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>वैदिक पंचांग के अनुसार, 19 फरवरी 2026 को फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर फुलेरा दूज मनाई जा रही है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने राधा रानी और गोपियों के साथ फूलों की होली खेली थी। यह पर्व राधा-कृष्ण को समर्पित है। लेख में पूजा विधि और शुभ मुहूर्त की जानकारी दी गई है, जिससे भक्त सुख-शांति की कामना कर सकें।</p>



<p>वैदिक पंचांग के अनुसार, हर वर्ष फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी को समर्पित फुलेरा दूज का पर्व मनाया जाता है। इस बार यह पर्व आज यानी 19 फरवरी (Phulera Dooj 2026) को मनाया जा रहा है।</p>



<p>धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने श्रीराधा और गोपियों के साथ फूलों की होली खेली थी। तभी से फुलेरा दूज के पर्व को मनाने की शुरुआत हुई। इस अवसर पर कान्हा जी और राधा रानी की पूजा का विधान है। आइए आपको बताते हैं कि फुलेरा दूज की पूजा विधि और पूजा समय के बारे में।</p>



<p><strong>फुलेरा दूज 2026 डेट और शुभ मुहूर्त (Phulera Dooj Date 2026 and Shubh Muhurat)</strong><br>वैदिक पंचांग के अनुसार, आज यानी 19 फरवरी को फुलेरा दूज का पर्व मनाया जा रहा है।<br>फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि की शुरुआत- 18 फरवरी को दोपहर 04 बजकर 57 मिनट पर<br>फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि का समापन- 19 फरवरी को दोपहर 03 बजकर 58 मिनट पर</p>



<p><strong>ब्रह्म मुहूर्त</strong>&#8211; 05 बजकर 14 मिनट से 06 बजकर 05 मिनट तक<br><strong>अमृत काल</strong> &#8211; दोपहर 1 बजे 40 मिनट से 02 बजकर 34 मिनट तक<br><strong>ब्रह्म मुहूर्त </strong>&#8211; सुबह 05 बजकर 14 मिनट से 06 बजकर 24 मिनट तक<br><strong>विजय मुहूर्त</strong> &#8211; दोपहर 02 बजकर 28 मिनट से 03 बजकर 13 मिनट तक<br><strong>गोधूलि मुहूर्त </strong>&#8211; शाम 06 बजकर 12 मिनट से 06 बजकर 37 मिनट तक</p>



<p><strong>फुलेरा दूज पूजा विधि (Phulera Dooj Puja Vidhi)<br></strong>सुबह जल्दी उठें और स्नान करके साफ कपड़े धारण करें।<br>सूर्य देव को अर्घ्य दें।<br>मंदिर की सफाई करें और चौकी पर पीला कपड़ा बिछाएं।<br>इसके बाद राधा-कृष्ण की प्रतिमा को विराजमान करें।<br>उनका श्रृंगार करें।<br>फूलमाला अर्पित करें।<br>राधा-कृष्ण के चरणों में थोड़ा सा गुलाल अर्पित करें।<br>इसके बाद उनपर फूलों की वर्षा करें।<br>देसी घी का दीपक जलाएं।<br>माखन-मिश्री, बूंदी के लड्डू का भोग लगाएं।<br>प्रभु से जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति के लिए कामना करें।<br>अन्न-धन समेत आदि चीजों का दान करें।</p>



<p><strong>भगवान श्रीकृष्ण के मंत्र</strong></p>



<ol class="wp-block-list">
<li>ॐ कृष्णाय नमः</li>



<li>हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे ।</li>
</ol>



<p>हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे ।।</p>



<ol start="3" class="wp-block-list">
<li>ॐ श्री कृष्णः शरणं ममः</li>



<li>ॐ देव्किनन्दनाय विधमहे वासुदेवाय धीमहि तन्नो कृष्ण:प्रचोदयात</li>



<li>ॐ नमो भगवते तस्मै कृष्णाया कुण्ठमेधसे।</li>
</ol>



<p>सर्वव्याधि विनाशाय प्रभो माममृतं कृधि।।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>फुलेरा दूज पर न करें ये गलतियां, वरना दुखों से भर जाएगा जीवन</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 19 Feb 2026 04:37:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[फुलेरा दूज]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="323" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-18-203618.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-18-203618.png 808w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-18-203618-300x157.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-18-203618-768x401.png 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />फुलेरा दूज (Phulera Dooj 2026) फाल्गुन महीने के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण हिंदू पर्व है, जो भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी के प्रेम और होली के आगमन का प्रतीक है। इसे अबूझ मुहूर्त माना जाता है, जिसमें कोई भी शुभ काम बिना पंचांग देखे किया जा सकता है। &#8230;]]></description>
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<p>फुलेरा दूज (Phulera Dooj 2026) फाल्गुन महीने के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण हिंदू पर्व है, जो भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी के प्रेम और होली के आगमन का प्रतीक है। इसे अबूझ मुहूर्त माना जाता है, जिसमें कोई भी शुभ काम बिना पंचांग देखे किया जा सकता है।</p>



<p>हिंदू धर्म में फुलेरा दूज का विशेष महत्व है, खासकर मथुरा-वृंदावन में। फाल्गुन महीने के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाने वाला यह पर्व भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी के प्रेम और होली के आगमन का प्रतीक है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन से ही ब्रज में होली की शुरुआत मानी जाती है और देवता फूलों की होली खेलते हैं।</p>



<p>इस साल फुलेरा दूज का पावन पर्व (Phulera Dooj 2026) आज यानी 19 फरवरी को मनाया जा रहा है। अगर आप भगवान कृष्ण की कृपा पाना चाहते हैं, तो कुछ विशेष नियमों का पालन जरूर करें, जो इस प्रकार हैं &#8211;</p>



<p><strong>फुलेरा दूज का महत्व (Phulera Dooj 2026 Significance)<br></strong>ज्योतिष शास्त्र में फुलेरा दूज को अबूझ मुहूर्त माना गया है। इसका मतलब है कि इस दिन कोई भी शुभ काम जैसे कि विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश आदि करने के लिए पंचांग देखने की जरूरत नहीं होती है। यह दिन सभी तरह के दोषों से मुक्त है। कहते हैं कि जिन लोगों के वैवाहिक जीवन में परेशानियां आ रही हैं, उन्हें इस दिन राधा रानी और कान्हा जी की विशेष पूजा करनी चाहिए।</p>



<p><strong>फुलेरा दूज पर क्या करें? (Phulera Dooj 2026 Dos)<br></strong>इस दिन भगवान श्रीकृष्ण और राधा जी का विधि-विधान से पूजन करें। इस त्योहार का नाम &#8216;फुलेरा&#8217; है, इसलिए पूजा नें रंग-बिरंगे फूल जरूर शाम करें।<br>फुलेरा दूज के दिन भगवान कृष्ण को अबीर और गुलाल चढ़ाना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इससे जीवन में प्यार के रंग भरते हैं।<br>भगवान कृष्ण को माखन और मिश्री बहुत प्रिय है। इसलिए पूजा के दौरान उन्हें माखन-मिश्री का भोग जरूर लगाएं। इसके अलावा आप उन्हें दूध से बनी मिठाइयां भी चढ़ा सकते हैं।<br>अगर आप इस दिन कोई मांगलिक काम करना चाहते हैं, तो यह दिन बेहद शुभ है।<br>इस दिन पूजा के समय पीले रंग के कपड़े पहनने चाहिए, क्योंकि पीला रंग भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण को बहुत प्रिय है।</p>



<p><strong>फुलेरा दूज पर क्या न करें? (Phulera Dooj 2026 Donts)<br></strong>फुलेरा दूज के दिन भूलकर भी तामसिक भोजन का सेवन न करें। इस दिन सात्विक भोजन ही करना चाहिए।<br>अगर आप व्रत रख रहे हैं या विशेष अनुष्ठान कर रहे हैं, तो खाने में प्याज और लहसुन का प्रयोग न करें।<br>यह पर्व प्रेम और समर्पण का प्रतीक है। इसलिए घर में लड़ाई-झगड़े या किसी पर गुस्सा करने से बचें। घर नें शांति बनाए रखें।<br>घर के बुजुर्गों और असहाय लोगों का अपमान न करें। ऐसा करने से पूजा का फल नहीं मिलता है।<br>यह त्योहार प्रकृति और फूलों से जुड़ा है, इसलिए इस दिन पेड़-पौधों को नुकसान न पहुंचाएं।</p>



<p><strong>पूजन मंत्र<br></strong>ॐ ऐं ह्रीं श्रीं नमो भगवते राधाप्रियाय राधा-रमणाय,<br>गोपीजनवल्लभाय ममाभीष्टं पूरय पूरय हुं फट् स्वाहा।।<br>हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे, हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे।।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>फाल्गुन में कब और क्यों मनाया जाता है फुलेरा दूज का त्योहार</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 16 Feb 2026 05:11:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[फुलेरा दूज]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="331" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-15-211010.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-15-211010.png 805w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-15-211010-300x161.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-15-211010-768x411.png 768w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-15-211010-310x165.png 310w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि, 19 फरवरी 2026 को फुलेरा दूज मनाई जाएगी। यह पर्व भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी को समर्पित है। इस दिन शुभ कार्य बिना मुहूर्त देखे किए जा सकते हैं। पौराणिक कथा के अनुसार, राधा रानी के उदास होने पर श्रीकृष्ण ने उन पर फूल बरसाए थे, जिससे &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="331" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-15-211010.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-15-211010.png 805w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-15-211010-300x161.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-15-211010-768x411.png 768w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-15-211010-310x165.png 310w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि, 19 फरवरी 2026 को फुलेरा दूज मनाई जाएगी। यह पर्व भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी को समर्पित है। इस दिन शुभ कार्य बिना मुहूर्त देखे किए जा सकते हैं। पौराणिक कथा के अनुसार, राधा रानी के उदास होने पर श्रीकृष्ण ने उन पर फूल बरसाए थे, जिससे उनके चेहरे पर मुस्कान आई और तभी से यह पर्व फूलों की होली के रूप में मनाया जाता है।</p>



<p>वैदिक पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर फुलेरा दूज (Phulera Dooj 2026) का त्योहार मनाया जाता है। यह पर्व भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी को समर्पित है। इस खास अवसर पर मंदिरों में फूलों की होली खेली जाती है। इस दिन शुभ काम को करने के लिए पंचांग या शुभ मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर क्यों मनाया जाता है फुलेरा दूज का पर्व। अगर नहीं पता, तो आइए जानते हैं कि इसकी वजह के बारे में।</p>



<p><strong>फुलेरा दूज 2026 डेट और शुभ मुहूर्त (Phulera Dooj 2026 Date and Shubh Muhurat)</strong><br>वैदिक पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह में 19 फरवरी (Kab Hai Phulera Dooj 2026) को फुलेरा दूज मनाई जाएगी।<br>फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि की शुरुआत- 18 फरवरी को दोपहर 04 बजकर 57 मिनट पर<br>फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि का समापन- 19 फरवरी को दोपहर 03 बजकर 58 मिनट पर</p>



<p><strong>ब्रह्म मुहूर्त</strong>&#8211; 05 बजकर 14 मिनट से 06 बजकर 05 मिनट तक<br><strong>अमृत काल </strong>&#8211; दोपहर 1 बजे 40 मिनट से 02 बजकर 34 मिनट तक<br><strong>ब्रह्म मुहूर्त</strong> &#8211; सुबह 05 बजकर 14 मिनट से 06 बजकर 24 मिनट तक<br><strong>विजय मुहूर्त </strong>&#8211; दोपहर 02 बजकर 28 मिनट से 03 बजकर 13 मिनट तक<br><strong>गोधूलि मुहूर्त</strong> &#8211; शाम 06 बजकर 12 मिनट से 06 बजकर 37 मिनट तक</p>



<p>फुलेरा दूज के पर्व को पूरे ब्रज में उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन बेहद खास रौनक देखने को मिलती है। पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार भगवान श्रीकृष्ण कार्यों में व्यस्त होने की वजह से लंबे समय तक राधा रानी से मिलने नहीं जा सके, जिससे राधा रानी बहुत दुखी हो गईं। उनके दुख की वजह से मथुरा और वृंदावन के वन सूखने लगे। जब भगवान श्रीकृष्ण को इस बात का पता चला, तो श्रीराधा रानी से मिलने बरसाने पहुंचे।</p>



<p>तब श्रीराधा रानी जी को उदास देख प्रभु ने फूल तोड़कर उनपर फेंक दिया, जिससे श्रीराधा रानी के चेहरे पर मुस्कान आ गई। इसके बाद कृष्ण और गोपियों ने फूल बरसाने शुरू कर दिए। तभी से इस दिन फुलेरा दूज का पर्व मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी पर फूल बरसाए जाते हैं।</p>
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		<title>फाल्गुन में कब है फुलेरा दूज? अभी नोट करें तिथि और शुभ मुहूर्त</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 24 Jan 2026 07:22:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[फुलेरा दूज]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="348" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-23-231959.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-23-231959.png 763w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-23-231959-300x169.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />पौराणिक कथा के अनुसार, फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर भगवान श्रीकृष्ण ने राधा रानी और गोपियों के संग फूलों की होली खेली थी। इसलिए इस दिन फुलेरा दूज का पर्व उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस अवसर पर ब्रज के मंदिरों में खास रौनक देखने को मिलती है और मंदिरो &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="348" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-23-231959.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-23-231959.png 763w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-23-231959-300x169.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>पौराणिक कथा के अनुसार, फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर भगवान श्रीकृष्ण ने राधा रानी और गोपियों के संग फूलों की होली खेली थी। इसलिए इस दिन फुलेरा दूज का पर्व उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस अवसर पर ब्रज के मंदिरों में खास रौनक देखने को मिलती है और मंदिरो को फूलों से सुंदर तरीके से सजाया जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि फुलेरा दूज की तिथि और शुभ मुहूर्त के बारे में।</p>



<p><strong>फुलेरा दूज 2026 डेट और शुभ मुहूर्त<br></strong>वैदिक पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि की शुरुआत 18 फरवरी को दोपहर 04 बजकर 57 मिनट पर होगी। वहीं, तिथि का समापन 19 फरवरी को दोपहर 03 बजकर 58 मिनट पर होगी। ऐसे में 19 फरवरी को फुलेरा दूज मनाई जाएगी।</p>



<p>सूर्योदय – सुबह 06 बजकर 56 मिनट पर<br>सूर्यास्त – शाम 06 बजकर 14 मिनट पर<br>चन्द्रोदय- सुबह 07 बजकर 54 मिनट पर<br>चन्द्रास्त- रात 08 बजकर 11 मिनट पर</p>



<p>ब्रह्म मुहूर्त- 05 बजकर 14 मिनट से 06 बजकर 05 मिनट तक<br>अमृत काल – दोपहर 1 बजे 40 मिनट से 02 बजकर 34 मिनट तक<br>ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 05 बजकर 14 मिनट से 06 बजकर 24 मिनट तक<br>विजय मुहूर्त – दोपहर 02 बजकर 28 मिनट से 03 बजकर 13 मिनट तक<br>गोधूलि मुहूर्त – शाम 06 बजकर 12 मिनट से 06 बजकर 37 मिनट तक</p>



<p><strong>विवाह में आ रही बाधा दूर<br></strong>धार्मिक मान्यता के अनुसार, फुलेरा दूज के दिन भगवान श्रीकृष्ण ने राधा रानी की पूजा-अर्चना करने से जातक के विवाह में आ रही बाधा दूर होती है और पति-पत्नी के रिश्ते में मधुरता आती है। साथ ही प्रभु की कृपा से प्राप्त होती है। इस दिन दान करने का भी विशेष महत्व है। ऐसा माना जाता है कि दान करने से धन लाभ के योग बनते हैं और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।</p>



<p><strong>जरूर करें ये काम<br></strong>फुलेरा दूज के दिन के दिन पूजा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी को नए और सुंदर वस्त्र पहनाएं।<br>फूलों का हार पहनाएं।<br>भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी के संग फूलों की होली खेलें।<br>माखन, मिश्री, फल और मिठाई समेत आदि चीजों का भोग लगाएं।<br>मंदिर या गरीब लोगों में दान करें।</p>
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		<title>फुलेरा दूज पर जरूर करें मां तुलसी की पूजा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 01 Mar 2025 05:07:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[फुलेरा दूज]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="375" height="384" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/03/Capture-1-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/03/Capture-1.jpg 375w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/03/Capture-1-medium.jpg 293w" sizes="auto, (max-width: 375px) 100vw, 375px" />हर साल फाल्गुन माह में फुलेरा दूज (Phulera Dooj 2025 Date) का पर्व भक्ति भाव के साथ मनाया जाता है। यह भगवान कृष्ण और राधा रानी को समर्पित है। कहा जाता है कि इस मौके पर व्रत रखने और विधिवत पूजा-पाठ करने से जीवन में खुशहाली आती है। वहीं इस तिथि पर तुलसी माता की &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="375" height="384" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/03/Capture-1-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/03/Capture-1.jpg 375w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/03/Capture-1-medium.jpg 293w" sizes="auto, (max-width: 375px) 100vw, 375px" />
<p>हर साल फाल्गुन माह में फुलेरा दूज (Phulera Dooj 2025 Date) का पर्व भक्ति भाव के साथ मनाया जाता है। यह भगवान कृष्ण और राधा रानी को समर्पित है। कहा जाता है कि इस मौके पर व्रत रखने और विधिवत पूजा-पाठ करने से जीवन में खुशहाली आती है। वहीं इस तिथि पर तुलसी माता की पूजा भी जरूर करनी चाहिए।</p>



<p>फुलेरा दूज का पर्व बेहद ही पावन माना जाता है। यह भगवान कृष्ण और राधा रानी की पूजा के लिए समर्पित है। फाल्गुन महीने में मनाया जाने वाला यह दिन होली उत्सव की शुरुआत का प्रतीक है। इस दिन लोग किशोरी जी और भगवान कृष्ण के लिए उपवास करते हैं, और उनकी विधिपूर्वक आराधना करते हैं। कहा जाता है कि जो लोग इस मौके पर उन्हें पंचामृत और पीले फूल, गुलाल अर्पित करते हैं। उनका जीवन खुशियों से भरा रहता है।</p>



<p>वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल फुलेरा दूज 1 मार्च, 2025 यानी आज मनाई जा रही है। वहीं, इस दिन (Phulera Dooj 2025) ”तुलसी चालीसा” का पाठ बहुत ही मंगलकारी माना गया है, तो आइए यहां पर पढ़ते हैं।</p>



<p><strong>।।दोहा तुलसी चालीसा।। (Tulsi Chalisa)</strong></p>



<p>श्री तुलसी महारानी, करूं विनय सिरनाय।<br>जो मम हो संकट विकट, दीजै मात नशाय।।<br>नमो नमो तुलसी महारानी, महिमा अमित न जाय बखानी।<br>दियो विष्णु तुमको सनमाना, जग में छायो सुयश महाना।।<br>विष्णुप्रिया जय जयतिभवानि, तिहूँ लोक की हो सुखखानी।<br>भगवत पूजा कर जो कोई, बिना तुम्हारे सफल न होई।।<br>जिन घर तव नहिं होय निवासा, उस पर करहिं विष्णु नहिं बासा।<br>करे सदा जो तव नित सुमिरन, तेहिके काज होय सब पूरन।।<br>कातिक मास महात्म तुम्हारा, ताको जानत सब संसारा।<br>तव पूजन जो करैं कुंवारी, पावै सुन्दर वर सुकुमारी।।<br>कर जो पूजन नितप्रति नारी, सुख सम्पत्ति से होय सुखारी।<br>वृद्धा नारी करै जो पूजन, मिले भक्ति होवै पुलकित मन।।<br>श्रद्धा से पूजै जो कोई, भवनिधि से तर जावै सोई।<br>कथा भागवत यज्ञ करावै, तुम बिन नहीं सफलता पावै।।<br>छायो तब प्रताप जगभारी, ध्यावत तुमहिं सकल चितधारी।<br>तुम्हीं मात यंत्रन तंत्रन, सकल काज सिधि होवै क्षण में।।<br>औषधि रूप आप हो माता, सब जग में तव यश विख्याता,<br>देव रिषी मुनि औ तपधारी, करत सदा तव जय जयकारी।।<br>वेद पुरानन तव यश गाया, महिमा अगम पार नहिं पाया।<br>नमो नमो जै जै सुखकारनि, नमो नमो जै दुखनिवारनि।।<br>नमो नमो सुखसम्पति देनी, नमो नमो अघ काटन छेनी।<br>नमो नमो भक्तन दुःख हरनी, नमो नमो दुष्टन मद छेनी।।<br>नमो नमो भव पार उतारनि, नमो नमो परलोक सुधारनि।<br>नमो नमो निज भक्त उबारनि, नमो नमो जनकाज संवारनि।।<br>नमो नमो जय कुमति नशावनि, नमो नमो सुख उपजावनि।<br>जयति जयति जय तुलसीमाई, ध्याऊँ तुमको शीश नवाई।।<br>निजजन जानि मोहि अपनाओ, बिगड़े कारज आप बनाओ।<br>करूँ विनय मैं मात तुम्हारी, पूरण आशा करहु हमारी।।<br>शरण चरण कर जोरि मनाऊं, निशदिन तेरे ही गुण गाऊं।<br>क्रहु मात यह अब मोपर दाया, निर्मल होय सकल ममकाया।।<br>मंगू मात यह बर दीजै, सकल मनोरथ पूर्ण कीजै।<br>जनूं नहिं कुछ नेम अचारा, छमहु मात अपराध हमारा।।<br>बरह मास करै जो पूजा, ता सम जग में और न दूजा।<br>प्रथमहि गंगाजल मंगवावे, फिर सुन्दर स्नान करावे।।<br>चन्दन अक्षत पुष्प् चढ़ावे, धूप दीप नैवेद्य लगावे।<br>करे आचमन गंगा जल से, ध्यान करे हृदय निर्मल से।।<br>पाठ करे फिर चालीसा की, अस्तुति करे मात तुलसा की।<br>यह विधि पूजा करे हमेशा, ताके तन नहिं रहै क्लेशा।।<br>करै मास कार्तिक का साधन, सोवे नित पवित्र सिध हुई जाहीं।<br>है यह कथा महा सुखदाई, पढ़े सुने सो भव तर जाई।।<br>तुलसी मैया तुम कल्याणी, तुम्हरी महिमा सब जग जानी।<br>भाव ना तुझे माँ नित नित ध्यावे, गा गाकर मां तुझे रिझावे।।<br>यह श्रीतुलसी चालीसा पाठ करे जो कोय।<br>गोविन्द सो फल पावही जो मन इच्छा होय।।</p>
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