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	<title>फलस्तीन &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>फलस्तीन &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>स्पेन-नॉर्वे-आयरलैंड ने फलस्तीन को देश के रूप में दी मान्यता</title>
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		<pubDate>Wed, 29 May 2024 10:06:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
		<category><![CDATA[फलस्तीन]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="351" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/05/Capture-204.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/05/Capture-204.png 738w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/05/Capture-204-300x170.png 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />इस्राइली सरकार ने इस फैसले की निंदा की। इस्राइल के विदेश मंत्री इजराइल कॉट्ज ने स्पेनिश प्रधानमंत्री की तुलना ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई से की। उन्होंने कहा कि स्पेनिश सरकार यहूदियों के खिलाफ नरसंहार और युद्ध अपराधों को भड़काने में शामिल हो रही है। इस्राइल और हमास के बीच जारी युद्ध के बीच यूरोपीय &#8230;]]></description>
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<p>इस्राइली सरकार ने इस फैसले की निंदा की। इस्राइल के विदेश मंत्री इजराइल कॉट्ज ने स्पेनिश प्रधानमंत्री की तुलना ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई से की। उन्होंने कहा कि स्पेनिश सरकार यहूदियों के खिलाफ नरसंहार और युद्ध अपराधों को भड़काने में शामिल हो रही है।</p>



<p>इस्राइल और हमास के बीच जारी युद्ध के बीच यूरोपीय संघ (ईयू) के कुछ सदस्य देशों ने मंगलवार को औपचारिक रूप से फलस्तीन राज्य को मान्यता दे दी है। जिन देशों ने फलस्तीन को मान्यता दी है, उनमें स्पेन, नॉर्वे, आयरलैंड शामिल है। यूरोपीय देशों की इस कार्रवाई से इस्राइल पर दबाव बढ़ सकता है।</p>



<p><strong>माल्टा-स्लोवेनिया भी समर्थन में</strong><br>स्पेन के राष्ट्रपति पेड्रो सांचेज ने इस कदम को एक ऐतिहासिक निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि इसका एक ही लक्ष्य है कि इस्राइल नागरिक और फलस्तीनी नागरिक शांति प्राप्त करें। आयरलैंड के प्रधानमंत्री साइमन हैरिस ने कहा कि इससे दुनिया में एक संदेश जाता है कि आप दो राज्य समाधान के लिए इस तरह के कदम उठा सकते हैं। यूरोपीय संघ के सदस्य माल्टा और स्लोवेनिया ने भी पुष्टि की है कि वे भी ऐसा कुछ कर सकते हैं पर तुरंत नहीं। बता दें, संयुक्त राष्ट्र में प्रतिनिधित्व करने वाले 190 से अधिक देशों में से लगभग 140 देश पहले ही फिलिस्तीनी राज्य को मान्यता दे चुके हैं।</p>



<p><strong>इस्राइल ने की फैसले की आलोचना</strong><br>इस्राइली सरकार ने इस फैसले की निंदा की। इस्राइल के विदेश मंत्री इजराइल कॉट्ज ने स्पेनिश प्रधानमंत्री की तुलना ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई से की। उन्होंने कहा कि स्पेनिश सरकार यहूदियों के खिलाफ नरसंहार और युद्ध अपराधों को भड़काने में शामिल हो रही है।</p>



<p><strong>अमेरिका ने भी दो राज्य समाधान का किया है समर्थन</strong><br>अमेरिका के बाइडन प्रशासन ने कई बार इस्राइल और फलस्तीन के बीच दो राज्य समाधान का समर्थन किया है। हालांकि, अमेरिका ने इसे अभी तक औपचारिक रूप से मान्यता नहीं दी है। अमेरिका के अलावा, किसी अन्य प्रमुख पश्चिमी शक्ति ने भी इसे मान्यता नहीं दी है।</p>



<p><strong>सात अक्तूबर से जारी है युद्ध</strong><br>गौरतलब है कि सात अक्तूबर की सुबह हमास द्वारा करीब 5000 रॉकेट इस्राइली शहरों पर दागे गए थे. जिसके बाद से दोनों पक्षों में युद्ध जारी है। इस्राइल ने इस हमले को आंतकी हमला करार दिया है। इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कमस खाई है कि वह जब तक हमास को पूर्ण रूप से खत्म नहीं कर देते, तब तक वे युद्ध विराम नहीं करेंगे। गाजा स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, इस्राइली हमलों में 35,000 से अधिक फलस्तीनियों की मौत हो गई है। इनमें अधिकांश महिलाएं और बच्चे हैं। 80% आबादी विस्थापित हो गई है और सैकड़ों हजारों लोग भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं।</p>
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		<title>भारत ने फलस्तीन को UN का सदस्य बनाने का किया समर्थन</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 11 May 2024 09:57:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
		<category><![CDATA[UN का सदस्य]]></category>
		<category><![CDATA[फलस्तीन]]></category>
		<category><![CDATA[भारत]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="588" height="358" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/05/inter3-3.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/05/inter3-3.jpg 588w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/05/inter3-3-300x183.jpg 300w" sizes="(max-width: 588px) 100vw, 588px" />संयुक्त राष्ट्र आमसभा में शुक्रवार को भारत ने फलस्तीन को वैश्विक संस्था का पूर्ण सदस्य बनाए जाने के प्रस्ताव के समर्थन में मतदान किया। अरब देशों के समूह द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव में कहा गया है कि फलस्तीन संयुक्त राष्ट्र की पूर्ण सदस्यता पाने के योग्य है इसलिए उसे सदस्य बनाए जाने के लिए &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="588" height="358" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/05/inter3-3.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/05/inter3-3.jpg 588w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/05/inter3-3-300x183.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 588px) 100vw, 588px" />
<p>संयुक्त राष्ट्र आमसभा में शुक्रवार को भारत ने फलस्तीन को वैश्विक संस्था का पूर्ण सदस्य बनाए जाने के प्रस्ताव के समर्थन में मतदान किया। अरब देशों के समूह द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव में कहा गया है कि फलस्तीन संयुक्त राष्ट्र की पूर्ण सदस्यता पाने के योग्य है इसलिए उसे सदस्य बनाए जाने के लिए आमसभा एक बार फिर से संस्तुति करती है।</p>



<p>संयुक्त राष्ट्र आमसभा में शुक्रवार को भारत ने फलस्तीन को वैश्विक संस्था का पूर्ण सदस्य बनाए जाने के प्रस्ताव के समर्थन में मतदान किया। अरब देशों के समूह द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव में कहा गया है कि फलस्तीन संयुक्त राष्ट्र की पूर्ण सदस्यता पाने के योग्य है, इसलिए उसे सदस्य बनाए जाने के लिए आमसभा एक बार फिर से संस्तुति करती है। आमसभा के पारित प्रस्ताव पर सुरक्षा परिषद को अंतिम निर्णय लेना है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">143 सदस्यों ने प्रस्ताव के समर्थन में डाला वोट</h2>



<p>सुरक्षा परिषद पूर्व में फलस्तीन को संयुक्त राष्ट्र का सदस्य बनाने का प्रस्ताव अस्वीकार कर चुकी है। फलस्तीन प्राधिकार के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने प्रस्ताव पारित होने पर खुशी जताते हुए सुरक्षा परिषद से फलस्तीन को संयुक्त राष्ट्र का सदस्य बनाए जाने का अनुरोध किया है। 193 सदस्य देशों वाली संयुक्त राष्ट्र आमसभा के कुल 143 सदस्यों ने प्रस्ताव के समर्थन में वोट डाला जबकि नौ सदस्यों ने प्रस्ताव के विरोध में मतदान किया। 25 सदस्य ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया।</p>



<h2 class="wp-block-heading">तालियों की गड़गड़ाहट से गुंजा महासभा</h2>



<p>भारी बहुमत से प्रस्ताव के पारित होने पर महासभा का सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से देर तक गूंजता रहा। पारित प्रस्ताव में फलस्तीन को सदस्य बनाए जाने पर सुरक्षा परिषद से सकारात्मक रुख से पुन: विचार करने के लिए कहा गया है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">भारत ने फलस्तीन को 1988 में दी थी देश के रूप में मान्यता</h2>



<p>भारत विश्व में पहला ऐसा देश है जिसने अरब देशों के अतिरिक्त फलस्तीन मुक्ति संगठन को मान्यता दी थी। यह संगठन 1974 तक फलस्तीनियों का आधिकारिक प्रतिनिधि संगठन था। भारत ने 1988 में फलस्तीन को देश के रूप में मान्यता दी थी और 1996 में नई दिल्ली में फलस्तीन का प्रतिनिधि कार्यालय खोला गया था।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>संयुक्त राष्&#x200d;ट्र में फलस्तीन की पूर्ण सदस्यता पर आगबबूला हुआ इजरायल</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 11 May 2024 06:55:18 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[आगबबूला]]></category>
		<category><![CDATA[पूर्ण सदस्यता]]></category>
		<category><![CDATA[फलस्तीन]]></category>
		<category><![CDATA[संयुक्त राष्‍ट्र]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="569" height="389" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/05/inter-1-5.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/05/inter-1-5.jpg 569w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/05/inter-1-5-300x205.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/05/inter-1-5-110x75.jpg 110w" sizes="auto, (max-width: 569px) 100vw, 569px" />संयुक्त राष्ट्र महासभा में फलस्तीन की पूर्ण सदस्यता का समर्थन करने वाले प्रस्ताव को पारित करने से ठीक पहले इजरायली राजदूत गिलाद एर्दान ने आक्रोश दिखाते हुए संयुक्त राष्ट्र चार्टर को खारिज कर दिया। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने शुक्रवार को सुरक्षा परिषद से संयुक्त राष्ट्र पर्यवेक्षक का दर्जा प्राप्&#x200d;त फलस्तीन को पूर्ण सदस्य बनाने के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="569" height="389" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/05/inter-1-5.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/05/inter-1-5.jpg 569w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/05/inter-1-5-300x205.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/05/inter-1-5-110x75.jpg 110w" sizes="auto, (max-width: 569px) 100vw, 569px" />
<p>संयुक्त राष्ट्र महासभा में फलस्तीन की पूर्ण सदस्यता का समर्थन करने वाले प्रस्ताव को पारित करने से ठीक पहले इजरायली राजदूत गिलाद एर्दान ने आक्रोश दिखाते हुए संयुक्त राष्ट्र चार्टर को खारिज कर दिया। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने शुक्रवार को सुरक्षा परिषद से संयुक्त राष्ट्र पर्यवेक्षक का दर्जा प्राप्&#x200d;त फलस्तीन को पूर्ण सदस्य बनाने के प्रस्&#x200d;ताव पर वोटिंग हुई।</p>



<p><strong> </strong>संयुक्त राष्ट्र महासभा में फलस्तीन की पूर्ण सदस्यता का समर्थन करने वाले प्रस्ताव को पारित करने से ठीक पहले इजरायली राजदूत गिलाद एर्दान ने आक्रोश दिखाते हुए संयुक्त राष्ट्र चार्टर को खारिज कर दिया।</p>



<p>संयुक्त राष्ट्र महासभा ने शुक्रवार को सुरक्षा परिषद से संयुक्त राष्ट्र पर्यवेक्षक का दर्जा प्राप्&#x200d;त फलस्तीन को पूर्ण सदस्य बनाने के प्रस्&#x200d;ताव पर वोटिंग हुई। प्रस्ताव को भारत सहित पक्ष में 143 वोटों के भारी बहुमत से पारित किया गया, जबकि 25 देश अनुपस्थित रहे और संयुक्त राज्य अमेरिका और इजरायल सहित नौ देशों ने इसके खिलाफ मतदान किया।</p>



<p>यह प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र चार्टर का स्पष्ट उल्लंघन: इजरायल<br>इजरायली दूत एर्दान ने इस प्रस्ताव को संयुक्त राष्ट्र चार्टर का स्पष्ट उल्लंघन बताया और कहा कि इसने पिछले महीने सुरक्षा परिषद में अमेरिकी वीटो को पलट दिया। एर्दान ने कहा कि वह संयुक्त राष्ट्र चार्टर की धज्जियां उड़ाते हुए महासभा के सदस्यों के लिए आईना दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा,</p>



<p>यह दिन बदनामी में जाएगा। मैं चाहता हूं कि पूरी दुनिया इस क्षण, इस अनैतिक कृत्य को याद रखे…आज मैं आपके लिए एक दर्पण दिखाना चाहता हूं, ताकि आप देख सकें कि आप वास्तव में संयुक्त राष्ट्र चार्टर को क्या नुकसान पहुंचा रहे हैं। यह विनाशकारी वोट है। आप अपने हाथों से संयुक्त राष्ट्र चार्टर की धज्जियां उड़ा रहे हैं।</p>



<p>हमास को बताया आध&#x200d;ुनिक नाज़ी<br>उन्होंने हमास का जिक्र करते हुए यह भी आरोप लगाया कि यह प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र को &#8216;आधुनिक नाज़ियों&#8217; के लिए खोलता है। इजरायली दूत ने गाजा में हमास के प्रमुख सिनवार की एक तस्&#x200d;वीर दिखाते हुए कहा,</p>



<p>आज, आप भविष्य के आतंकी राज्य हमास को भी विशेषाधिकार देने और लिखने वाले हैं। आपने संयुक्त राष्ट्र को आधुनिक नाज़ियों, हमारे समय के हिटलर के लिए खोल दिया है…। मैं आपके सामने आज के मतदान का भावी परिणाम बताता हूं… जल्द ही राष्ट्रपति बनने वाले याह्या सिनवार हमास राज्य के तानाशाह राष्ट्रपति, संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रायोजित और वह आपकी महासभा के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं।</p>



<p>एर्दान ने बाद में एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा,</p>



<p>अपने भाषण के अंत में मैंने &#8216;यूएन चार्टर&#8217; के टुकड़े-टुकड़े कर दिए यह बताने के लिए कि असेंबली संयुक्त राष्ट्र में फलस्तीनी आतंकवाद के प्रवेश के समर्थन में क्या कर रही है।</p>



<p>सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात द्वारा प्रस्तुत प्रस्&#x200d;ताव एक गैर-सदस्य पर्यवेक्षक राज्य के रूप में फलस्तीनी प्राधिकरण को उसकी वर्तमान क्षमता में नए विशेषाधिकार प्रदान करता है और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद &#8211; जिसे फलस्तीनी सदस्यता पर शासन करना चाहिए, उसका आह्वान करता है और मामले पर अनुकूल ढंग से पुनर्विचार करने का आह्वान किया।</p>



<p>इजरायल के विदेश मंत्री ने भी की निंदा<br>सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, इजराइल के विदेश मंत्री इजरायल काट्ज़ ने भी प्रस्ताव के पारित होने की निंदा की और इसे एक बेतुका निर्णय बताया जो संयुक्त राष्ट्र के संरचनात्मक पूर्वाग्रह को उजागर करता है और 7 अक्टूबर को हमास के कार्यों को पुरस्कृत करता है। उन्होंने कहा,</p>



<p>संयुक्त राष्ट्र हमारे पीड़ित क्षेत्र को संदेश भेज रहा है: हिंसा का फल मिलता है। संयुक्त राष्ट्र में फलस्तीनियों की स्थिति को उन्नत करने का निर्णय हमास के आतंकवादियों के लिए एक पुरस्कार है, क्योंकि उन्होंने प्रलय के बाद से यहूदियों का सबसे बड़ा नरसंहार किया था।</p>



<p>अमेरिका वीटो का इस्&#x200d;तेमाल दोहराएगा<br>इस बीच फलस्तीनी दूत रियाद मंसूर ने कहा कि फलस्तीनी अधिकारी अब सुरक्षा परिषद से पूर्ण समिति का स्वागत करेंगे। हालांकि, अमेरिका ने पहले ही चेतावनी दे दी है कि वह सुरक्षा परिषद में इस तरह की संभावना को अप्रैल में किए गए प्रयास की तरह दोबारा वीटो कर देगा।</p>



<p>इसी साल अप्रैल में संयुक्त राज्य अमेरिका ने फिलीस्तीन को राज्य के प्रमुख के संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव को रोकने के लिए अपनी वीटो शक्ति का उपयोग किया था।</p>



<p>वोट 12-1 में, एक अमेरिकी वीटो और दो अनुपस्थित होने के कारण, यूएनएससी ने एक मसौदा प्रस्ताव नहीं अपनाया, जिसमें संयुक्त राष्ट्र महासभा को व्यापक संयुक्त राष्ट्र सदस्यता के साथ एक वोट आयोजित करने की सिफारिश की जाती, ताकि फलस्तीनी को पूर्ण संयुक्त राष्ट्र सदस्य राज्य के रूप में शामिल होने की अनुमति मिल सके। प्रस्ताव के मसौदे को पारित करने के लिए यूएनएससी के पास होना चाहिए।</p>



<p>संयुक्त राष्ट्र दस्तावेज़ के अनुसार, एक मसौदा प्रस्ताव पारित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पक्ष में कम से कम नौ सदस्य होने चाहिए और इसके स्थायी सदस्यों में से कोई भी-चीन, फ्रांस, रूस, ब्रिटेन और अमेरिका-अपनी वीटो शक्ति का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>अमेरिका के विश्वविद्यालयों में हिंसक हुआ फलस्तीन समर्थकों का प्रदर्शन</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 26 Apr 2024 08:04:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
		<category><![CDATA[अमेरिका]]></category>
		<category><![CDATA[फलस्तीन]]></category>
		<category><![CDATA[विश्वविद्यालयों]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="355" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/04/inter-2-15.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/04/inter-2-15.jpg 687w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/04/inter-2-15-300x172.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />इजरायल-हमास युद्ध के खिलाफ अमेरिका के विश्वविद्यालयों में विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया है। कई विश्वविद्यालयों में प्रदर्शनों को खत्म करने के लिए पुलिस को बुलाना पड़ा। प्रदर्शनकारियों और पुलिस में झड़पे हुई हैं। कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है। लॉस एंजिल्स पुलिस ने कहा कि दक्षिणी कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में विरोध प्रदर्शन के दौरान &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="355" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/04/inter-2-15.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/04/inter-2-15.jpg 687w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/04/inter-2-15-300x172.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>इजरायल-हमास युद्ध के खिलाफ अमेरिका के विश्वविद्यालयों में विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया है। कई विश्वविद्यालयों में प्रदर्शनों को खत्म करने के लिए पुलिस को बुलाना पड़ा। प्रदर्शनकारियों और पुलिस में झड़पे हुई हैं। कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है। लॉस एंजिल्स पुलिस ने कहा कि दक्षिणी कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों के साथ झड़प के बाद पुलिस ने बुधवार रात 93 लोगों को गिरफ्तार किया।</p>



<p>इजरायल-हमास युद्ध के खिलाफ अमेरिका के विश्वविद्यालयों में विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया है। कई विश्वविद्यालयों में प्रदर्शनों को खत्म करने के लिए पुलिस को बुलाना पड़ा। प्रदर्शनकारियों और पुलिस में झड़पे हुई हैं। कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है। लॉस एंजिल्स पुलिस ने कहा कि दक्षिणी कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों के साथ झड़प के बाद पुलिस ने बुधवार रात 93 लोगों को गिरफ्तार किया। रॉयटर्स के अनुसार, दक्षिणी कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय ने अपने परिसर को बंद करने की घोषणा की है।</p>



<p>बुधवार को ऑस्टिन में टेक्सास विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने दर्जनों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था। बोस्टन के इमर्सन कॉलेज में 108 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। झड़प में चार पुलिस अधिकारी घायल हुए हैं। कैलिफोर्निया स्टेट पॉलिटेक्निक यूनिवर्सिटी, हम्बोल्ट में प्रदर्शनकारियों को एक इमारत के अंदर रोक दिया गया है। कुछ यहूदी छात्रों का कहना है कि विरोध प्रदर्शन यहूदी विरोधी भावना में बदल गया है।</p>



<p>हालांकि, कोलंबिया विश्वविद्यालय में बुधवार को तनाव कम होता दिखाई दिया, जब विश्वविद्यालय ने छात्रों के लिए इजरायल के विरोध में बनाए गए शिविर को हटाने की समयसीमा मंगलवार को 48 घंटे के लिए बढ़ा दिया। रोड आइलैंड में ब्राउन यूनिवर्सिटी, मिशिगन यूनिवर्सिटी, कैम्ब्रिज में मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी और हम्बोल्ट में सहित अन्य परिसरों में विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने गाजा में नागरिकों पर इजरायली हमलों पर लगाम लगाने के लिए अमेरिकी सरकार पर दबाव बनाने की मांग की है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">प्रतिनिधि सभा के स्पीकर से धक्का-मुक्की</h2>



<p>रॉयटर्स के अनुसार कोलंबिया विश्वविद्यालय के छात्रों ने बुधवार को अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष माइक जॉनसन के साथ उस समय धक्का-मुक्की और हूटिंग की जब वह फलस्तीन समर्थक प्रदर्शन के कारण भयभीत यहूदी छात्रों का समर्थन करने मैनहट्टन परिसर में गए थे। छात्रों के मुताबिक, जॉनसन ने कैंपस में लगभग 40 यहूदी छात्रों से मुलाकात की।</p>
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		<title>युद्ध के बीच फलस्तीन को मिला नया प्रधानमंत्री</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 15 Mar 2024 07:24:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[प्रधानमंत्री]]></category>
		<category><![CDATA[फलस्तीन]]></category>
		<category><![CDATA[युद्ध]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="348" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/inter-1-9-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/inter-1-9.jpg 865w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/inter-1-9-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/inter-1-9-768x432.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" /> फलस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने मोहम्मद मुस्तफा को देश का अगला पीएम नियुक्त किया है। कुछ दिनों पहले मोहम्&#x200d;मद शतयेह ने वेस्&#x200d;ट बैंक में बढती हिंसा और गजा में युद्ध के कारण प्रधानमंत्री पद से इस्&#x200d;तीफे दिया था। मुस्तफा का जन्म 1954 में वेस्ट बैंक शहर तुलकेरेम में हुआ था। उन्होंने जॉर्ज वाशिंगटन विश्वविद्यालय &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="348" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/inter-1-9-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/inter-1-9.jpg 865w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/inter-1-9-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/inter-1-9-768x432.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p> फलस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने मोहम्मद मुस्तफा को देश का अगला पीएम नियुक्त किया है। कुछ दिनों पहले मोहम्&#x200d;मद शतयेह ने वेस्&#x200d;ट बैंक में बढती हिंसा और गजा में युद्ध के कारण प्रधानमंत्री पद से इस्&#x200d;तीफे दिया था। मुस्तफा का जन्म 1954 में वेस्ट बैंक शहर तुलकेरेम में हुआ था। उन्होंने जॉर्ज वाशिंगटन विश्वविद्यालय से व्यवसाय प्रशासन और अर्थशास्त्र में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की थी।</p>



<p>मोहम्मद मुस्तफा को फलस्तीन का अगला प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया है। अर्थशास्त्री मोम्मद मुस्तफा (Mohammad Mustafa) इजरायल के कब्जे वाले वेस्ट बैंक में फलस्तीन सरकार का नेतृत्व करेंगे।</p>



<p>फलस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने उन्हें पीएम पद के लिए नियुक्त किया है। कुछ दिनों पहले मोहम्&#x200d;मद शतयेह ने वेस्&#x200d;ट बैंक में बढती हिंसा और गजा में युद्ध के कारण प्रधानमंत्री पद से इस्&#x200d;तीफे दिया था।</p>



<p>फलस्तीन की जनता चुनाव चाहती है: राजनीतिक विश्लेषक<br>फलस्तीन में नए पीएम बनाए जाने पर वहां के राजनीतिक विश्लेषक हानी अल-मसरी ने कहा,&#8221;जरूरी नहीं कि फलस्तीन को लेकर अमेरिका या कोई अन्य देश जो बदलाव चाहते हैं, वही बदलाव लोग भी चाहते हों। लोग राजनीति में वास्तविक बदलाव चाहते हैं न कि सिर्फ चेहरा बदला जाए। लोग वास्तव में चुनाव चाहते हैं।&#8221;</p>



<p>उन्होंने कहा कि मोम्मद मुस्तफा एक सम्मानित और शिक्षित व्यक्ति हैं। हालांकि, फलस्तीन की चुनौतियों से निपटने में उन्हें काफी मेहनत करनी होगी।</p>



<p><strong>कौन हैं मोम्मद मुस्तफा?<br></strong>मुस्तफा का जन्म 1954 में वेस्ट बैंक शहर तुलकेरेम में हुआ था। उन्होंने जॉर्ज वाशिंगटन विश्वविद्यालय से व्यवसाय प्रशासन और अर्थशास्त्र में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की थी। उन्होंने विश्व बैंक में वरिष्ठ पदों पर कार्य किया है और पहले उप प्रधानमंत्री और अर्थव्यवस्था मंत्री के रूप में कार्य किया है। वह वर्तमान में फिलिस्तीन निवेश कोष के अध्यक्ष हैं।</p>
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