<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>फर्जी सर्टिफिकेट &#8211; Live Halchal</title>
	<atom:link href="https://livehalchal.com/tag/%e0%a4%ab%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%bf%e0%a4%ab%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%9f/feed" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://livehalchal.com</link>
	<description>Latest News, Updated News, Hindi News Portal</description>
	<lastBuildDate>Wed, 17 Jan 2024 07:28:42 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg</url>
	<title>फर्जी सर्टिफिकेट &#8211; Live Halchal</title>
	<link>https://livehalchal.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>उत्तराखंड : CSR पोर्टल से बनाए जा रहे फर्जी सर्टिफिकेट</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%89%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%96%e0%a4%82%e0%a4%a1-csr-%e0%a4%aa%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%8f/537217</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 17 Jan 2024 07:28:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[फर्जी सर्टिफिकेट]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=537217</guid>

					<description><![CDATA[उत्तराखंड में सीएसआर पोर्टल के जरिये फर्जी जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाए जा रहे हैं। ये खेल लंबे समय से चल रहा है। फर्जी प्रमाणपत्र में लगाने के लिए सरकारी मोहरें तक फर्जी हैं। ऐसा मामला सामने आने पर नगर निगम एफआईआर कराने की तैयारी में है। सीएसआर पोर्टल के जरिये फर्जी जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाए &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>उत्तराखंड में सीएसआर पोर्टल के जरिये फर्जी जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाए जा रहे हैं। ये खेल लंबे समय से चल रहा है। फर्जी प्रमाणपत्र में लगाने के लिए सरकारी मोहरें तक फर्जी हैं। ऐसा मामला सामने आने पर नगर निगम एफआईआर कराने की तैयारी में है।</p>



<p>सीएसआर पोर्टल के जरिये फर्जी जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाए जा रहे हैं। ये खेल लंबे समय से चल रहा है। फर्जी प्रमाणपत्र में लगाने के लिए सरकारी मोहरें आैर अधिकारी के हस्ताक्षर तक फर्जी हैं। ऐसा मामला सामने आने पर नगर निगम एफआईआर कराने की तैयारी में है। </p>



<p><br>पहले जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र सीएससी केंद्र से बनते थे। यहां से फर्जी तरीके से प्रमाण पत्र बनाए जाने आैर मामला पकड़ में आने पर केंद्र सरकार ने सीएससी केंद्रों से इसका काम छीन लिया। फिर सीएसआर पोर्टल के जरिये जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने का काम सरकारी संस्थाओं को दे दिया गया। निगम क्षेत्र में यह काम निकायों को और ग्रामीण क्षेत्र में ब्लॉक को काम दिया गया। उधर सरकारी अस्पतालों को भी इस पोर्टल की सुविधा दी गई। इधर, फर्जी काम करने वालों ने इसका तोड़ निकाल लिया। </p>



<p>अमर उजाला को सूचना मिली कि हल्द्वानी नगर निगम क्षेत्र में नगर स्वास्थ्य अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर से जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाए जा रहे हैं। ये काम हल्द्वानी में किया जा रहा है। अमर उजाला की टीम ने पड़ताल की तो ये बात सही पाई गई। हद तो यह है कि नगर स्वास्थ्य अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर करके उसमें एम कांडपाल लिख दिया गया। तीन दिन पूर्व एक व्यक्ति ने अमर उजाला टीम को एक जन्म प्रमाण पत्र दिखाते हुए पूछा कि ये सही है या गलत। नगर स्वास्थ्य अधिकारी से जब इस बारे में पूछा तो उन्होंने अपने हस्ताक्षर को फर्जी बताया। जांच में पता चला प्रमाण पत्र फर्जी है।</p>



<p>एक जन्म और एक मृत्यु प्रमाण पत्र का मामला सामने आया है। इन प्रमाण पत्र में मेरे हस्ताक्षर नहीं हैं। निगम की मोहर भी फर्जी लगाई गई है। इस मामले में बुधवार को एफआईआर की जाएगी।<br><strong>-डॉ. मनोज कांडपाल, नगर स्वास्थ्य अधिकारी।</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>चंडीगढ़: डी फार्मेसी के फर्जी सर्टिफिकेट से दुकानें चला रहे नौ केमिस्ट गिरफ्तार</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%9a%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a5%80%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%a1%e0%a5%80-%e0%a4%ab%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ab%e0%a4%b0/530291</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 13 Dec 2023 12:18:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[चंडीगढ़]]></category>
		<category><![CDATA[डी फार्मेसी]]></category>
		<category><![CDATA[फर्जी सर्टिफिकेट]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=530291</guid>

					<description><![CDATA[पंजाब में हुए डी फार्मेसी घोटाले में विजिलेंस ब्यूरो ने नौ केमिस्टों को गिरफ्तार कर लिया है। ये केमिस्ट फर्जी तरीके से हासिल किए डी फार्मेसी सर्टिफिकेट के सहारे सालों से दवाइयां बेच रहे थे। यह सर्टिफिकेट छह संस्थानों से हासिल किए गए थे। जांच में साफ हुआ कि 2005 से 2022 तक 17 सालों &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>पंजाब में हुए डी फार्मेसी घोटाले में विजिलेंस ब्यूरो ने नौ केमिस्टों को गिरफ्तार कर लिया है। ये केमिस्ट फर्जी तरीके से हासिल किए डी फार्मेसी सर्टिफिकेट के सहारे सालों से दवाइयां बेच रहे थे। यह सर्टिफिकेट छह संस्थानों से हासिल किए गए थे। जांच में साफ हुआ कि 2005 से 2022 तक 17 सालों में 143 विद्यार्थियों को मिलीभगत कर फर्जी सर्टिफिकेट जारी किए गए।</p>



<p>आरोपियों ने पंजाब स्टेट फार्मेसी काउंसिल (पीएसपीसी) में प्रवेश व दाखिला भी फर्जी तरीके से लिया गया। विजिलेंस ने सभी आरोपियों को केस में नामजद कर लिया है, साथ ही आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। अब तक इस मामले में अब तक 12 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं।&nbsp;</p>



<p>वहीं, राज्य के कई कॉलेजों के प्रबंधक, फर्जी सर्टिफिकेट हासिल करने वाले व सरकारी स्टाफ सरकार के निशाने पर हैं। विजिलेंस अधिकारियों की मानें तो ऐसा कर निजी संस्थानों ने लाखों रुपये कमाए हैं। दो से चार लाख तक डी फार्मेसी के फर्जी सर्टिफिकेट बिके हैं।</p>



<p><strong>इन कॉलेजों से फर्जी तरीके से हासिल किए गए थे सर्टिफिकेट</strong><br>विजिलेंस के मुताबिक पकड़े गए सारे आरोपियों ने मिलीभगत कर निजी फार्मेसी कॉलेजों से अपनी डी फार्मेसी के सर्टिफिकेट हासिल किए थे। जिन कॉलेजों से आरोपियों ने सर्टिफिकेट हासिल किए थे, उनमें पंजाब मल्टीपर्पज मेडिकल इंस्टीट्यूट सेहना जिला बरनाला, लॉर्ड कृष्णा कॉलेज ऑफ फार्मेसी लहरगागा जिला संगरूर, ओंकार कॉलेज ऑफ फार्मेसी तहसील सुनाम जिला संगरूर, मां सरस्वती कॉलेज ऑफ फार्मेसी अबोहर जिला फाजिल्का, जीएचजी कॉजेज ऑफ फार्मेसी रायकोट जिला लुधियाना व लाला लाजपत राय कॉलेज ऑफ फार्मेसी जिला मोगा शामिल है।</p>



<p><strong>ऐसे नियमों को ताक में रखकर दिए गए दाखिले</strong><br>राज्य के निजी डी फार्मेसी संस्थाओं में खाली पड़ी सीटों को भरने के लिए प्राइवेट संस्थानों ने पंजाब स्टेट फार्मेसी काउंसिल पीएसपीसी के दो पूर्व रजिस्ट्रारों प्रवीन कुमार भारद्वाज व डॉ. तेजबीर सिंह व अशोक कुमार लेखाकार मौजूदा सुपरिंटेंडेंट के साथ मिलकर खेल किया था। इन्होंने माइग्रेशन सर्टिफिकेट प्राप्त किए बिना रिश्वत लेकर दूसरे राज्यों के विद्यार्थियों को दाखिला दिया था। इसके अलावा कई विद्यार्थियों ने निजी तौर पर मेडिकल या नॉन मेडिकल स्ट्रीम में 12वीं की योग्यता के जरिए डी फार्मेसी में दाखिला लिया, जबकि यह योग्यता रेगुलर कॉलेजों व साइंस प्रैक्टिकल के साथ होती है।</p>



<p><strong>गिरफ्तार आरोपियों में ये शामिल</strong><br>विजिलेंस की ओर से गिरफ्तार किए गए आरोपियों में उमेश कुमार निवासी भादसों जिला पटियाला, मोहम्मद असलम निवासी मालेरकोटला शहर, अब्दुल सतार निवासी नेशनल लसोसोई जिला मालेरकोटला, मोहम्मद मनीर निवासी गांव बिंजोकी खुर्द जिला मालेरकोटला शामिल हैं। गुरदीप सिंह निवासी मंडी गोबिंदगढ़, पुनीत शर्मा निवासी बहादुरगढ़ जिला पटियाला, रविंदर कुमार निवासी गांव छप्पर जिला पटियाला, अशोक कुमार निवासी बरनाला शहर और मनिंदर सिंह निवासी राहों रोड लुधियाना शहर पकड़े गए हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>

<!--
Performance optimized by W3 Total Cache. Learn more: https://www.boldgrid.com/w3-total-cache/?utm_source=w3tc&utm_medium=footer_comment&utm_campaign=free_plugin

Page Caching using Disk: Enhanced 

Served from: livehalchal.com @ 2026-04-17 18:44:22 by W3 Total Cache
-->