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	<title>फर्जीवाड़े &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>फर्जीवाड़े &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>जांच में मास्टरमाइंड अब्दुल मलिक के फर्जीवाड़े का नया खुलासा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 28 May 2024 04:45:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[फर्जीवाड़े]]></category>
		<category><![CDATA[मास्टरमाइंड अब्दुल मलिक]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="356" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/05/uk1-7.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/05/uk1-7.jpg 717w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/05/uk1-7-300x173.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />हल्द्वानी हिंसा के मास्टरमाइंड अब्दुल मलिक ने करोड़ों की जमीन हड़पने के लिए गौस रजा खां के फर्जी हस्ताक्षर कराकर कोर्ट में शपथपत्र दिया था। मरने से पहले गौस रजा खां ने पुलिस को यह बयान दिया है। हल्द्वानी हिंसा के मास्टरमाइंड अब्दुल मलिक ने करोड़ों की जमीन हड़पने के लिए गौस रजा खां के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="356" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/05/uk1-7.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/05/uk1-7.jpg 717w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/05/uk1-7-300x173.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>हल्द्वानी हिंसा के मास्टरमाइंड अब्दुल मलिक ने करोड़ों की जमीन हड़पने के लिए गौस रजा खां के फर्जी हस्ताक्षर कराकर कोर्ट में शपथपत्र दिया था। मरने से पहले गौस रजा खां ने पुलिस को यह बयान दिया है।</p>



<p>हल्द्वानी हिंसा के मास्टरमाइंड अब्दुल मलिक ने करोड़ों की जमीन हड़पने के लिए गौस रजा खां के फर्जी हस्ताक्षर कराकर कोर्ट में शपथपत्र दिया था। मरने से पहले गौस रजा खां ने पुलिस को यह बयान दिया है। कहा था कि पिछले 11 वर्ष से मैं बिस्तर पर पड़ा हुआ हूं। ऐसे में कोर्ट में मेरे हस्ताक्षर से शपथपत्र पेश करने का सवाल ही नहीं उठता। मेरे नाम से दिया गया शपथपत्र झूठा है। जांच में झूठा शपथ बनाने वाले नोटरी वकील ने भी झूठा शपथ पत्र बनाने की बात कबूली है। पुलिस अब इनके खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।</p>



<p>हल्द्वानी के बनभूलपुरा इलाके में आठ फरवरी को अतिक्रमण हटाने के दौरान हिंसा हुई थी जिसमें अब्दुल मलिक को मुख्य साजिशकर्ता बनाया है। अभी मलिक सलाखों के पीछे है। लंबे समय से इस जमीन पर मलिक का अवैध कब्जा था। बगीचे की जमीन को हथियाने के लिए मलिक कोर्ट में सालों से झूठा शपथपत्र पेश कर रहा था, इसी मामला की जांच में एक चौंकाने वाल खुलासा हुआ है जिसमें मलिक के फर्जीवाड़े की पोल खुल गई है। </p>



<p>बनभूलपुरा में मलिक के बगीचे की नजूल भूमि पर फर्जीवाड़ा कर कब्जा करने और अवैध निर्माण कराने के आरोप में 22 फरवरी को कोतवाली पुलिस ने हल्द्वानी निवासी अब्दुल मलिक, उसकी पत्नी साफिया मलिक, अख्तरी बेगम, नबी रजा खां, गौस रजा खां और बरेली निवासी अब्दुल लतीफ के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इन पर फर्जीवाड़े के साथ मृत व्यक्ति के नाम से कोर्ट में याचिका लगाने का भी आरोप था। मामले में जांच शुरू हुई तो पता चला कि आरोपी नबी रजा खां, अख्तरी बेगम और अब्दुल लतीफ की पहले ही मौत हो चुकी है। वहीं चौथे आरोपी गौस रजा खां (82) की भी पिछले महीने मौत हो गई थी। कोतवाली पुलिस मौत से पहले ही गौस रजा के बयान दर्ज कर चुकी है।</p>



<p>पुलिस सूत्रों के अनुसार गौस रजा खां ने अपने बयान में बताया था कि उसने कोई शपथ पत्र नहीं दिया। जब उसे शपथ पत्र दिखाया तो उसने इसमें अपने हस्ताक्षर होने से मना कर दिया। बताया कि वह करीब 11 साल से बिस्तर में है। पुलिस ने नोटरी करने वाले वकील से भी मामले में पूछताछ की है। नोटरी वकील ने भी कबूल किया कि गौस रजा खां उसके पास शपथ पत्र बनाने नहीं आया। उधर कोतवाल उमेश मलिक ने बताया कि जांच जारी है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।</p>
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		<title>30 बैंकों की जांच में और भी बढ़ सकती है फर्जीवाड़े की रकम</title>
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		<dc:creator><![CDATA[publisher]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 16 Feb 2018 05:44:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slide]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[फर्जीवाड़े]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="347" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/02/फर्जीवाड़े.jpeg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/02/फर्जीवाड़े.jpeg 618w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/02/फर्जीवाड़े-300x168.jpeg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />देश में भूचाल लाने वाले पंजाब नेशनल बैंक के महाघोटाले के मास्टरमाइंड नीरव मोदी ने सरकारी व्यवस्था की खामियों का जमकर फायदा उठाया. बैंक के ही दो अधिकारियों की मिलीभगत से 150 फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LoU) जारी कराए गए जिसकी मदद से 11360 करोड़ रुपये का यह फर्जीवाड़ा किया गया. 30 अन्य बैंकों की &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="347" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/02/फर्जीवाड़े.jpeg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/02/फर्जीवाड़े.jpeg 618w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/02/फर्जीवाड़े-300x168.jpeg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" /><p><strong>देश में भूचाल लाने वाले पंजाब नेशनल बैंक के महाघोटाले के मास्टरमाइंड नीरव मोदी ने सरकारी व्यवस्था की खामियों का जमकर फायदा उठाया. बैंक के ही दो अधिकारियों की मिलीभगत से 150 फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LoU) जारी कराए गए जिसकी मदद से 11360 करोड़ रुपये का यह फर्जीवाड़ा किया गया.<img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-117651" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/02/फर्जीवाड़े.jpeg" alt="" width="618" height="347" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/02/फर्जीवाड़े.jpeg 618w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/02/फर्जीवाड़े-300x168.jpeg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" /></strong></p>
<p><span style="color: #ff6600;"><strong>30 अन्य बैंकों की जांच में पता चलेगी फर्जीवाड़े की सही रकम</strong></span></p>
<p><strong>इधर पीएनबी ने देश के 30 अन्य बैंकों को एक पत्र लिखा है, जिसमें ये कहा गया है कि वे फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LoU) के सहारे किए गए इस घोटाले की मॉडस ऑपरेंडी की पड़ताल कर रही है. जैसे-जैसे वे इसकी तह में जा रहे हैं, वैसे-वैसे कई खामियां पता चल रही हैं. पत्र में कहा गया है कि इसके बारे में सभी बैंकों को बताया जाएगा, ताकि वे भी अपने यहां ऐसे किसी भी संदिग्ध लेन-देन की जांच कर सके. ऐसे घोटाले की सही रकम का अंदाजा पीएनबी समेत 30 अन्य बैंकों की जांच के बाद ही पता चल सकेगा.</strong></p>
<p><span style="color: #ff6600;"><strong>बिना एंट्री करे जारी किए फर्जी 150 LoU</strong></span></p>
<h3 class="post-box-title"><a href="http://www.livehalchal.com/%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%95%e0%a4%b0/117637" target="_blank" rel="bookmark noopener">कावेरी विवाद को लेकर SC का फैसला- तमिलनाडु का पानी घटा, कर्नाटक खुश</a></h3>
<p><strong>प्रवर्तन निदेशालय के मुताबिक पंजाब नेशनल बैंक के डिप्टी मैनेजर रहे गोकुलनाथ शेट्टी ने नीरव मोदी की कंपनियों को फर्जी तरीके से लेटर ऑफ अंडरटेकिंग दिया. गोकुलनाथ शेट्टी ने अपने दूसरे साथी अफसर मनोज खरात के साथ मिलकर ये फर्जीवाड़ा किया. इन शातिरों ने पकड़ में आने से बचने के लिए बैंक के दस्तावेजों में नीरव की कोई एंट्री ही नहीं की गई.</strong></p>
<p><span style="color: #ff6600;"><strong>इन चार बैंकों की विदेश ब्रांच से निकाले पैसे</strong></span></p>
<p><strong>नीरव मोदी ने इन्हीं फर्जी दस्तावेजों (LoU) का भरपूर फायदा उठाते हुए हांगकांग में इलाहाबाद बैंक की ब्रांच से 2000 से 2200 करोड़, यूनियन बैंक से 2000 से 2300 करोड़, एक्सिस बैंक से लगभग 2000 करोड़ और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से 960 करोड़ रुपये लिए.</strong></p>
<p><strong>क्या होता है LoU</strong></p>
<p><strong>लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LoU) एक तरह से बैंक गारंटी होती है. यह आयात के लिए ओवरसीज भुगतान करने के लिए जारी किया जाता है. LoU जारी करने वाला बैंक गारंटर बन जाता है और वह अपने क्लाइंट के लोन पर प्रिंसिपल अमाउंट और उस पर लगने वाले ब्याज को बिना शर्त भुगतान करना स्वीकार करता है.</strong></p>
<div id="inarticle_wrapper_div"><strong> </strong></div>
<p><strong>SWIFT का भी उठाया फायदा</strong></p>
<p><strong>इतनी भारी-भरकम राशि के लेन-देन के लिए पीएनबी के कर्मचारियों ने &#8216;SWIFT&#8217; का भी दुरुपयोग किया. रोजाना की बैंकिंग ट्रांजैक्शंस को प्रॉसेस करने वाले कोर बैंकिंग सिस्टम (CBS) को ये कर्मचारी चकमा दे गए. इसके जरिये उन्होंने LoUs पर दी जाने वाली गारंटी को जरूरी मंजूरी के बिना ही पास कर लिया और इसी के आधार पर भारतीय बैंकों की विदेश में स्थिजत ब्रांचेस ने कर्ज दिया.</strong></p>
<p><strong>SWIFT क्या है?</strong></p>
<p><strong>जब भी किसी बैंक की तरफ से LoU जारी किया जाता है. इसके बाद क्रेडिट ट्रांसफर की जानकारी विदेश में स्थियत बैंक को दी जाती है. यह जानकारी SWIFT (Society for Worldwide Interbank Financial Telecommunication) व्यवस्था के जरिये दी जाती है. यह एक अहम जानकारी होती है, जिसके जरिये बैंक अपनी सहमति और गारंटी देता है. दरअसल, &#8216;स्विफ्ट&#8217; से जुड़े मैसेज पीएनबी के पिनैकल सॉफ्टवेयर सिस्टम में तत्काल ट्रैक नहीं होते हैं क्योंकि ये बैंक के CBS में एंट्री किए बिना जारी किए जाते हैं. इसी का फायदा पीएनबी के दो कर्मचारियों ने उठाया और करोड़ों का लेन-देन किया. इस महाघोटाले को करीब 150 LoU के जरिए अंजाम दिया गया.</strong></p>
<p><strong>नीरव और उसके करीबी एक-एक कर हुए फरार</strong></p>
<p><strong>नीरव मोदी एक जनवरी को ही देश छोड़कर स्विट्जरलैंड चला गया है. नीरव का भाई निशाल बेल्जियम का नागरिक है. वह भी एक जनवरी को भारत छोड़ गया. हालांकि वे दोनों साथ गए थे या अलग अलग इसकी जांच अभी की जानी है. नीरव की पत्नी और अमेरिकी नागरिक एमी छह जनवरी को यहां से निकली. उसके चाचा तथा गीतांजलि जूलरी के प्रवर्तक मेहुल चौकसी चार जनवरी को देश छोड़कर चले गए. अब तक नीरव के मुंबई व सूरत समेत कई शहरों में 20 स्थानों पर तलाशी ली गई है.</strong></p>
<p><strong>29 जनवरी को ही PNB ने की थी शिकायत</strong></p>
<p><strong>पीएनबी ने 280 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के बारे में 29 जनवरी को सीबीआई को शिकायत की थी. सीबीआई ने नीरव, उसकी पत्नी, भाई व पार्टनर चौकसी के खिलाफ 31 जनवरी को ही मामला दर्ज किया था. बैंक ने पहली शिकायत के पखवाड़े भर में ही सीबीआई से संपर्क कर कहा कि यह मामला 11,400 करोड़ रुपये से अधिक के लेन-देन का है. अब इस सवाल की भी पड़ताल की जा रही है कि पीएनबी ने सीबीआई को शिकायत में सारी जानकारी न देकर यह किस्तों में देने का फैसला क्यों किया?</strong></p>
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