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	<title>प्रेडो &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>राजनीतिक अस्थिरता और अलगाववाद से जूझते स्पेन, आम चुनाव में प्रेडो को मिली जीत जानिए कैसे&#8230;</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Hema Bisht]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 29 Apr 2019 09:05:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
		<category><![CDATA[आम चुनाव]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="513" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/04/sdsds.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/04/sdsds.jpg 650w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/04/sdsds-300x249.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />कर्ज में डूबा स्&#x200d;पेन राजनीतिक अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है। वहां रविवार को चार वर्षों में तीसरी बार आम चुनाव हुए, जिसमें प्रधानमंत्री प्रेडो सांचेज को जीत मिली है। लेकिन इसके बाद भी वह बहुमत हासिल करने से चूक गए हैं। इस चुनाव में सांचेज की पार्टी को 29 फीसद मत मिले। लेकिन &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="513" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/04/sdsds.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/04/sdsds.jpg 650w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/04/sdsds-300x249.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" /><p>कर्ज में डूबा स्&#x200d;पेन राजनीतिक अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है। वहां रविवार को चार वर्षों में तीसरी बार आम चुनाव हुए, जिसमें प्रधानमंत्री प्रेडो सांचेज को जीत मिली है। लेकिन इसके बाद भी वह बहुमत हासिल करने से चूक गए हैं। इस चुनाव में सांचेज की पार्टी को 29 फीसद मत मिले। लेकिन सरकार में बने रहने के लिए लेफ्ट विंग या फिर क्षेत्रिय पार्टियों के समर्थन की दरकार होगी।  इस चुनाव में पॉपुलर पार्टी को महज 66 सीटें हासिल हो सकी हैं, पिछली बार उनकी 137 सीटें थीं। देश में पिछले 40 वर्षों से राजनीतिक अस्थिरता के साथ कैटेलोनिया की स्&#x200d;वात्&#x200d;तता वहां एक प्रमुख समस्&#x200d;या रही है। कैटेलोनिया स्&#x200d;पेन की राष्&#x200d;ट्रीय राजनीति को प्रभावित करती है या उस पर पूरा असर डालती है। यह यूरोपीय यूनियन के लिए भी एक बड़ी चुनौती है।</p>
<p><img decoding="async" class="aligncenter wp-image-225716 size-full" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/04/sdsds.jpg" alt="" width="650" height="540" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/04/sdsds.jpg 650w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/04/sdsds-300x249.jpg 300w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></p>
<p><strong>कर्ज से उबारने और स्थिर सरकार देने की चुनौती-  </strong>स्&#x200d;पेन की माली हालत काफी खराब है। वह भारी कर्ज का दबाव है। करीब 125 लाख करोड़ यूरो का कर्ज है। ऐसे में देश में लगातार हो रहे चुनाव उसकी आर्थिक हालत को और तंग कर सकते हैं। स्&#x200d;पेन में नई सरकार के समक्ष बड़ी चुनौती देश को कर्ज से उबारने के साथ देश में एक स्थिर सरकार को देना होगा।</p>
<p><strong>बजट वोट पाने में नाकाम रहे सांचेज, आम चुनाव कराने का फैसला-  </strong>प्रधानमंत्री सांचेज सदन में बजट वोट पाने में नाकाम रहे। इस घटना ने स्&#x200d;पेन में ए&#x200d;क बार फ&#x200d;िर राजनीतिक संकट उत्&#x200d;पन्&#x200d;न हो गए। विपक्ष ने भी सांचेज सरकार को घेरना शुरू कर दिया। सरकार पर बहुमत पर सवाल उठाए जाने लगे। सरकार ने सदन में बहुमत साबित करने के बजाए देश में आम चुनाव कराने का फैसला लिया। उनके इस फैसले से स्&#x200d;पेन की राजनीति में चला आ रहा गतिरोध समाप्&#x200d;त हो गया।  सोशलिस्&#x200d;ट पार्टी के सांचेज ने कहा कि वे संसद भंग करने और देश में चुनाव कराने का फैसला लिया है।</p>
<p><strong>रखॉय सत्&#x200d;ता से बेदखल, सांचेज को मिली पीएम की कुर्सी-  </strong>एक जून, 2018 को स्&#x200d;पेन के तत्&#x200d;तकालीन प्रधानमंत्री मारियान रखॉय सत्&#x200d;ता से बेदखल हो गए। विपक्ष ने रखॉय सरकार के खिलाफ अविश्&#x200d;वास प्रस्&#x200d;ताव पेश किया। अविश्&#x200d;वास प्रस्&#x200d;ताव में पराजित होने के बाद रखॉय को प्रधानमंत्री पद से हटना पड़ा। इसके बाद सोशलिस्&#x200d;ट पार्टी के नेता पेद्रो सांचेज के प्रधानंत्री बनने का रास्&#x200d;ता साफ हो गया। पूर्ववर्ती मारिआनो रखॉय की अल्&#x200d;पसंख्&#x200d;यक कंजर्वेटिव पॉपुलर पार्टी सरकार को अविश्&#x200d;वास प्रस्&#x200d;ताव में पराजित कर सत्&#x200d;ता में आए।</p>
<p><strong>कैटेलोनिया स्&#x200d;पेन की अर्थव्&#x200d;यवस्&#x200d;था की रीढ़-  </strong>कैटेलोनिया हर साल मैड्रिड को 12 अरब यूरो टैक्&#x200d;स के रूप में देता है। स्&#x200d;पेन का पूरा निर्यात कैटेलोनिया पर ही टिका है। करीब 25 फीसद निर्यात कैटेलोनिया से ही होता है। उसकी संपन्&#x200d;नता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सूबे में अकेले कैटेलानिया की हिस्&#x200d;सेदारी 20 फीसद से अधिक की है।</p>
<p><strong>कैटेलोनिया और स्&#x200d;पेन की राजनीति-  </strong>कैटेलोनिया स्&#x200d;पेन के सबसे संपन्&#x200d;न इलाकों में से एक है। स्&#x200d;पेन में गृह युद्ध से पहले इस इलाके को स्&#x200d;वायत्&#x200d;तता मिली थी। 1939 से 1975 के बीच जनरल फ्रांसिस्&#x200d;को फ्रैंको के नेतृत्&#x200d;व में कैटेलोनिया को जो स्&#x200d;वायत्&#x200d;तता मिली थी वह टिकाऊ नहीं रही। उसकी स्&#x200d;वायत्&#x200d;ता खत्&#x200d;म हो गई। हालांकि, फ्रैंको की मौत के बाद कैटेलोनिया में एक बार फ&#x200d;िर राष्&#x200d;ट्रवाद को हवा मिली और आखिर में उत्&#x200d;तर पूर्वी इलाकों को फ&#x200d;िर से स्&#x200d;वायत्&#x200d;तता देनी पड़ी। यह व्&#x200d;यवस्&#x200d;था 1978 के संविधान के तहत किया गया।<br />
2006 में एक अधिनियम के तहत कैटेलोनिया को और राजनीतिक रूप से मजबूत बनाया गया। इसके बाद कैटेलोनिया का वित्&#x200d;तीय दबदबा बढ़ा। लेकिन उसकी यह राजनीतिक स्&#x200d;वायत्&#x200d;तता बहुत दिनों तक कायम नहीं रही। स्&#x200d;पेन की संवैधानिक अदालत ने 2010 में उससे यह राजनीतिक स्&#x200d;वायत्&#x200d;ता वापस ले लिया। इसके बाद से वहां के स्&#x200d;थानीय प्रशासन में नाराजगी है।<br />
2014 में कैटेलन्&#x200d;स में आजादी के लिए अनाधिकारिक रूप से मतदान का आयोजन किया गया। 20 लाख मतदाताओं ने इसमें हिस्&#x200d;सा लिया। इसमें 80 फीसद लोगों ने स्&#x200d;पेन से आजाद होने के पक्ष में मतदान किया। स्&#x200d;पेन की शीर्ष अदालत ने इस जनमत संग्रह को खारिज कर दिया। कैटेलोनिया को स्&#x200d;पेन के संविधान में एक स्&#x200d;वायत्&#x200d;त इलाके का दर्जा मिला हुआ है। हालांकि कैटलन संसद से स्&#x200d;वतंत्रता की घोषणा के साथ ही स्&#x200d;पेन ने स्&#x200d;वायत्&#x200d;तता को खत्&#x200d;म कर दिया है।<br />
<strong></p>
<p></strong></p>
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