<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>पौष पूर्णिमा &#8211; Live Halchal</title>
	<atom:link href="https://livehalchal.com/tag/%e0%a4%aa%e0%a5%8c%e0%a4%b7-%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a3%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%be/feed" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://livehalchal.com</link>
	<description>Latest News, Updated News, Hindi News Portal</description>
	<lastBuildDate>Sat, 03 Jan 2026 05:18:40 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg</url>
	<title>पौष पूर्णिमा &#8211; Live Halchal</title>
	<link>https://livehalchal.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>पौष पूर्णिमा आज, इस विधि से करें पूजा, नोट करें स्नान-दान मुहूर्त</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8c%e0%a4%b7-%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a3%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%be-%e0%a4%86%e0%a4%9c-%e0%a4%87%e0%a4%b8-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a7%e0%a4%bf-%e0%a4%b8%e0%a5%87/652518</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 03 Jan 2026 05:02:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[पौष पूर्णिमा]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=652518</guid>

					<description><![CDATA[<img width="618" height="330" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-02-210030.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-02-210030.png 747w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-02-210030-300x160.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-02-210030-310x165.png 310w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />सनातन धर्म में पौष पूर्णिमा का विशेष महत्व है। आज साल 2026 की पहली पूर्णिमा मनाई जा रही है। पौष माह की पूर्णिमा तिथि मोक्ष की कामना रखने वाले जातकों के लिए बहुत फलदायी मानी जाती है। इसी दिन से प्रयागराज के संगम तट पर प्रसिद्ध माघ स्नान की शुरुआत भी होती है। कहा जाता &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="330" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-02-210030.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-02-210030.png 747w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-02-210030-300x160.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-02-210030-310x165.png 310w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>सनातन धर्म में पौष पूर्णिमा का विशेष महत्व है। आज साल 2026 की पहली पूर्णिमा मनाई जा रही है। पौष माह की पूर्णिमा तिथि मोक्ष की कामना रखने वाले जातकों के लिए बहुत फलदायी मानी जाती है। इसी दिन से प्रयागराज के संगम तट पर प्रसिद्ध माघ स्नान की शुरुआत भी होती है। कहा जाता है कि इस दिन पूजा-पाठ और स्नान-दान करने से अक्षय फलों की प्राप्ति होती है। साथ ही जीवन में सुख-शांति आती है। आइए इस तिथि से जुड़ी प्रमुख बातों को जानते हैं, जो इस प्रकार हैं –</p>



<p><strong>पौष पूर्णिमा 2026 स्नान-दान शुभ मुहूर्त<br></strong>हिंदू पंचांग के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त का समय स्नान और दान के लिए बहुत शुभ माना गया है। पौष पूर्णिमा के दिन ब्रह्म मुहूर्त 03 जनवरी 2026 को सुबह 5 बजकर 25 मिनट से लेकर 06 बजकर 20 मिनट तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 5 मिनट से 12 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। इस दौरान आप स्नान-दान कर सकते हैं।</p>



<p><strong>पूजन विधि<br></strong>पवित्र स्नान – हो पाए तो गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान करें। अगर घर पर हैं, तो नहाने के पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर स्नान करें।<br>सूर्य देव को अर्घ्य – स्नान के बाद तांबे के लोटे में जल, अक्षत और लाल फूल डालकर सूर्य देव को अर्घ्य दें।<br>सत्यनारायण कथा – पौष पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु के सत्यनारायण रूप की कथा सुनना या पढ़ना चाहिए। इससे परिवार में सुख-शांति आती है।<br>लक्ष्मी पूजन – इस तिथि पर शाम के समय मां लक्ष्मी के सामने घी का दीपक जलाएं और उन्हें सफेद मिठाई या खीर का भोग लगाएं।<br>चंद्र दर्शन – रात में चंद्रमा को दूध और जल का अर्घ्य दें। इससे मानसिक तनाव दूर होता है और कुंडली में चंद्रमा मजबूत होता है।</p>



<p><strong>दान का महत्व<br></strong>तिल और गुड़ – इस दिन तिल-गुड़ का दान बेहद शुभ माना जाता है।<br>गर्म कपड़े – जरूरतमंदों को कंबल या गर्म कपड़े दान करें।<br>चावल और दूध – इस तिथि पर सफेद वस्तुओं का दान करना परम फलदायी माना जाता है।</p>



<p><strong>करें यह उपाय<br></strong>अगर आप आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं, तो पूर्णिमा की रात को 11 कौड़ियों पर हल्दी लगाकर मां लक्ष्मी को अर्पित करें और अगले दिन उन्हें अपनी तिजोरी में रख लें। इससे पूरे साल धन की कमी नहीं होगी।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पौष पूर्णिमा पर लाखोंं श्रद्धालुओं ने लगाई पवित्र डुबकी</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8c%e0%a4%b7-%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a3%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%96%e0%a5%8b%e0%a4%82%e0%a4%82-%e0%a4%b6%e0%a5%8d/598968</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 14 Jan 2025 05:24:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[लखनऊ]]></category>
		<category><![CDATA[पौष पूर्णिमा]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=598968</guid>

					<description><![CDATA[<img width="510" height="288" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-385-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-385.jpg 510w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-385-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 510px) 100vw, 510px" />लखनऊ: तीर्थराज प्रयागराज और बाबा विश्वनाथ की नगरी वाराणसी समेत समूचे उत्तर प्रदेश में सोमवार को पौष पूर्णिमा के पावन अवसर पर गंगा,यमुना और गोमती समेत अन्य पवित्र नदियों और सरोवरों पर स्नान करने वालों का तांता लगा रहा। इस दौरान सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम किये गये थे। एक अनुमान के अनुसार, दोपहर तक &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="510" height="288" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-385-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-385.jpg 510w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-385-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 510px) 100vw, 510px" />
<p><strong>लखनऊ:</strong> तीर्थराज प्रयागराज और बाबा विश्वनाथ की नगरी वाराणसी समेत समूचे उत्तर प्रदेश में सोमवार को पौष पूर्णिमा के पावन अवसर पर गंगा,यमुना और गोमती समेत अन्य पवित्र नदियों और सरोवरों पर स्नान करने वालों का तांता लगा रहा। इस दौरान सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम किये गये थे। एक अनुमान के अनुसार, दोपहर तक डेढ़ करोड़ से अधिक श्रद्धालु पवित्र नदियों में आस्था की डुबकी लगा चुके थे।</p>



<p><strong>लोग गंगा स्नान के साथ कर रहे हैं दान पुण्य</strong><br>आज से ही महाकुंभ का शुभारंभ संगम नगरी प्रयागराज में हो गया जहां रिमझिम बारिश और कड़ाके की ठंड के बावजूद सुबह साढ़े नौ बजे तक 60 लाख से अधिक श्रद्धालु स्नान कर चुके थे। पौष पूर्णिमा के अवसर पर वाराणसी की गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी है। लोग गंगा स्नान के साथ दान पुण्य कर रहे हैं। महाकुंभ के मौके पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के वाराणसी आगमन के मद्देनजर बाबा विश्वनाथ के स्पर्श दर्शन पर रोक लगा दी गई है।</p>



<p><strong>गंगा में पवित्र स्नान का सिलसिला जारी</strong><br>पौष पूर्णिमा के मौके पर अमरोहा के गंगा धाम तिगरी धाम में कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं के गंगा में पवित्र स्नान का सिलसिला जारी है। भीड़ के मद्देनजर प्रशासन द्वारा विशेष इंतजाम किए गए हैं। कानपुर के बिठूर समेत अन्य घाटों पर सुबह से ही स्नानार्थियों का रेला उमड़ रहा है वहीं लखनऊ में गोमती तट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पवित्र डुबकी लगा कर दान आदि किया। बरेली, मथुरा, आगरा, अयोध्या, चित्रकूट, झांसी, कन्नौज आदि विभिन्न जिलों से भी हजारों की तादाद में स्नान आदि की सूचनाए प्राप्त हुई हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पौष पूर्णिमा पर जरूर करें इस चालीसा का पाठ</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8c%e0%a4%b7-%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a3%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%9c%e0%a4%b0%e0%a5%82%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%82/598827</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 13 Jan 2025 04:41:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[पौष पूर्णिमा]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=598827</guid>

					<description><![CDATA[<img width="618" height="434" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-341-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-341.jpg 755w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-341-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />पौष पूर्णिमा का दिन बहुत शुभ और कल्याणकारी माना जाता है। इस दिन देवी लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा होती है। माना जाता है कि इस दिन (Paush Purnima 2025) गंगा स्नान पूजा-पाठ और दान-पुण्य करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है। वहीं इस मौके पर पितृ चालीसा का पाठ करना भी बहुत &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="434" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-341-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-341.jpg 755w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-341-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>पौष पूर्णिमा का दिन बहुत शुभ और कल्याणकारी माना जाता है। इस दिन देवी लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा होती है। माना जाता है कि इस दिन (Paush Purnima 2025) गंगा स्नान पूजा-पाठ और दान-पुण्य करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है। वहीं इस मौके पर पितृ चालीसा का पाठ करना भी बहुत ही अच्छा माना जाता है तो आइए यहां पढ़ते हैं।</p>



<p>हिंदू धर्म में पौष पूर्णिमा का दिन बहुत विशेष माना जाता है। इस दिन लोग धार्मिक कार्यों पर जोर देते हैं और सत्यनारायण व्रत रखते हैं। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन गंगा स्नान करने और पितरों की पूजा करने से उन्हें मोक्ष मिलता है। इसके साथ ही सभी पाप धुल जाते हैं। बता दें, पौष पूर्णिमा सर्दियों के अंत और माघ महीने की शुरुआत का भी प्रतीक है। पंचांग के अनुसार, इस साल पौष पूर्णिमा 13 जनवरी, 2025 दिन सोमवार (Paush Purnima 2025) यानी आज के दिन मनाई जा रही है। ऐसे में इस दिन सुबह उठकर अपने पितरों का तर्पण किसी जानकार पुरोहित की मौजूदगी में कराएं।</p>



<p>फिर उनकी चालीसा व वैदिक मंत्रों का जाप करें। गरीबों में गर्म कपड़े, काले तिल, भोजन आदि चीजें बांटे। इससे आपकी कुंडली से पितृ दोष का बुरा प्रभाव कम हो जाएगा।</p>



<p><strong>&#8221;पितृ चालीसा&#8221; (Pitru Chalisa)</strong></p>



<p><strong>।।दोहा।।</strong><br>हे पितरेश्वर आपको दे दो आशीर्वाद,<br>चरण शीश नवा दियो रख दो सिर पर हाथ।<br>सबसे पहले गणपत पाछे घर का देव मनावा जी।<br>हे पितरेश्वर दया राखियो,करियो मन की चाया जी।।</p>



<p><strong>।।चौपाई।।</strong><br>पितरेश्वर करो मार्ग उजागर,<br>चरण रज की मुक्ति सागर ।<br>परम उपकार पित्तरेश्वर कीन्हा,<br>मनुष्य योणि में जन्म दीन्हा ।<br>मातृ-पितृ देव मन जो भावे,<br>सोई अमित जीवन फल पावे ।<br>जै-जै-जै पितर जी साईं,<br>पितृ ऋण बिन मुक्ति नाहिं ।<br>चारों ओर प्रताप तुम्हारा,<br>संकट में तेरा ही सहारा ।<br>नारायण आधार सृष्टि का,<br>पित्तरजी अंश उसी दृष्टि का ।<br>प्रथम पूजन प्रभु आज्ञा सुनाते,<br>भाग्य द्वार आप ही खुलवाते ।<br>झुंझुनू में दरबार है साजे,<br>सब देवों संग आप विराजे ।<br>प्रसन्न होय मनवांछित फल दीन्हा,<br>कुपित होय बुद्धि हर लीन्हा ।<br>पित्तर महिमा सबसे न्यारी,<br>जिसका गुणगावे नर नारी ।<br>तीन मण्ड में आप बिराजे,<br>बसु रुद्र आदित्य में साजे ।<br>नाथ सकल संपदा तुम्हारी,<br>मैं सेवक समेत सुत नारी ।<br>छप्पन भोग नहीं हैं भाते,<br>शुद्ध जल से ही तृप्त हो जाते ।<br>तुम्हारे भजन परम हितकारी,<br>छोटे बड़े सभी अधिकारी ।<br>भानु उदय संग आप पुजावै,<br>पांच अँजुलि जल रिझावे ।<br>ध्वज पताका मण्ड पे है साजे,<br>अखण्ड ज्योति में आप विराजे ।<br>सदियों पुरानी ज्योति तुम्हारी,<br>धन्य हुई जन्म भूमि हमारी ।<br>शहीद हमारे यहाँ पुजाते,<br>मातृ भक्ति संदेश सुनाते ।<br>जगत पित्तरो सिद्धान्त हमारा,<br>धर्म जाति का नहीं है नारा ।<br>हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई<br>सब पूजे पित्तर भाई ।<br>हिन्दू वंश वृक्ष है हमारा,<br>जान से ज्यादा हमको प्यारा ।<br>गंगा ये मरुप्रदेश की,<br>पितृ तर्पण अनिवार्य परिवेश की ।<br>बन्धु छोड़ ना इनके चरणाँ,<br>इन्हीं की कृपा से मिले प्रभु शरणा ।<br>चौदस को जागरण करवाते,<br>अमावस को हम धोक लगाते ।<br>जात जडूला सभी मनाते,<br>नान्दीमुख श्राद्ध सभी करवाते ।<br>धन्य जन्म भूमि का वो फूल है,<br>जिसे पितृ मण्डल की मिली धूल है ।<br>श्री पित्तर जी भक्त हितकारी,<br>सुन लीजे प्रभु अरज हमारी ।<br>निशिदिन ध्यान धरे जो कोई,<br>ता सम भक्त और नहीं कोई ।<br>तुम अनाथ के नाथ सहाई,<br>दीनन के हो तुम सदा सहाई ।<br>चारिक वेद प्रभु के साखी,<br>तुम भक्तन की लज्जा राखी ।<br>नाम तुम्हारो लेत जो कोई,<br>ता सम धन्य और नहीं कोई ।<br>जो तुम्हारे नित पाँव पलोटत,<br>नवों सिद्धि चरणा में लोटत ।<br>सिद्धि तुम्हारी सब मंगलकारी,<br>जो तुम पे जावे बलिहारी ।<br>जो तुम्हारे चरणा चित्त लावे,<br>ताकी मुक्ति अवसी हो जावे ।<br>सत्य भजन तुम्हारो जो गावे,<br>सो निश्चय चारों फल पावे ।<br>तुमहिं देव कुलदेव हमारे,<br>तुम्हीं गुरुदेव प्राण से प्यारे ।<br>सत्य आस मन में जो होई,<br>मनवांछित फल पावें सोई ।<br>तुम्हरी महिमा बुद्धि बड़ाई,<br>शेष सहस्त्र मुख सके न गाई ।<br>मैं अतिदीन मलीन दुखारी,<br>करहुं कौन विधि विनय तुम्हारी ।<br>अब पितर जी दया दीन पर कीजै,<br>अपनी भक्ति शक्ति कछु दीजै ।</p>



<p><strong>।।दोहा।।</strong><br>पित्तरों को स्थान दो, तीरथ और स्वयं ग्राम ।<br>श्रद्धा सुमन चढ़ें वहां, पूरण हो सब काम ।<br>झुंझनू धाम विराजे हैं, पित्तर हमारे महान ।<br>दर्शन से जीवन सफल हो, पूजे सकल जहान।।<br>जीवन सफल जो चाहिए, चले झुंझनू धाम ।<br>पितृ चरण की धूल ले, हो जीवन सफल महान।।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>आज है पौष पूर्णिमा, इस विधि से करें पूजा</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%86%e0%a4%9c-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%aa%e0%a5%8c%e0%a4%b7-%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a3%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%b8-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a7%e0%a4%bf/598821</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 13 Jan 2025 04:33:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[पौष पूर्णिमा]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=598821</guid>

					<description><![CDATA[<img width="618" height="325" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-339-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-339.jpg 714w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-339-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />हिंदू धर्म में पौष पूर्णिमा का विशेष महत्व है। इस दिन लोग सत्यनारायण व्रत रखते और विभिन्न प्रकार के पूजन नियमों का पालन करते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस दिन गंगा स्नान करने से सभी पापों का नाश हो जाता है। इस साल पौष पूर्णिमा (Paush Purnima 2025) 13 जनवरी यानी आज मनाई &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="325" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-339-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-339.jpg 714w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-339-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>हिंदू धर्म में पौष पूर्णिमा का विशेष महत्व है। इस दिन लोग सत्यनारायण व्रत रखते और विभिन्न प्रकार के पूजन नियमों का पालन करते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस दिन गंगा स्नान करने से सभी पापों का नाश हो जाता है। इस साल पौष पूर्णिमा (Paush Purnima 2025) 13 जनवरी यानी आज मनाई जा रही है तो आइए इस दिन से जुड़ी प्रमुख बातों को जानते हैं।</p>



<p>पौष पूर्णिमा का हिंदुओं में बड़ा धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। यह तिथि श्री हरि विष्णु, माता लक्ष्मी और चंद्र देव की पूजा के लिए समर्पित है। कुछ भक्त पूर्णिमा के दिन सत्यनारायण व्रत भी रखते हैं। पौष पूर्णिमा को शाकंभरी पूर्णिमा के रूप में भी मनाया जाता है और भक्त इस शुभ दिन (Paush Purnima 2025) पर देवी शाकंभरी की पूजा करते हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल पौष पूर्णिमा आज यानी 13 जनवरी को मनाई जा रही है। इस मौके पर पूजा-पाठ करने के कुछ विशेष नियम हैं, जिनका पालन सभी को करना चाहिए, तो आइए यहां पर पूजन विधि जानते हैं।</p>



<p><strong>पौष पूर्णिमा पूजन विधि (Paush Purnima 2025 Puja Vidhi)<br></strong>सुबह जल्दी उठकर पवित्र स्नान करें।<br>इस तिथि पर गंगा नदी में स्नान करना शुभ माना जाता है, जिसके लिए कुछ लोग हरिद्वार, ऋषिकेष और प्रयागराज के तट पर भी जाते हैं।<br>इस दिन भगवान सूर्य को अर्घ्य दें और उनके वैदिक मंत्रों का जाप करें।<br>भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के सामने देसी घी का दीपक जलाएं, फिर उन्हें फल, फूल, खीर और अन्य चीजें अर्पित कर विधिवत पूजा करें।<br>ब्राह्मणों को भोजन कराएं और उन्हें क्षमता अनुसार, दान दें।<br>इस दिन किसी जरूरतमंद की मदद जरूर करें।<br>इस मौके पर धर्म-कर्म से जुड़े कार्य करें।<br>इस मौके पर तामसिक चीजों से परहेज करें।</p>



<p><strong>पौष पूर्णिमा शुभ मुहूर्त (Paush Purnima 2025 Shubh Muhurat)<br></strong>हिंदू पंचांग के अनुसार, विजय मुहूर्त दोपहर 02 बजकर 15 मिनट से 02 बजकर 57 मिनट तक रहेगा। फिर अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 09 मिनट से 12 बजकर 51 मिनट तक रहेगा। गोधूलि मुहूर्त शाम 05 बजकर 42 मिनट से 06 बजकर 09 मिनट तक रहेगा। वहीं, रवि योग और पुनर्वसु योग का शुभ संयोग भी आज बन रहा है। इस दौरान आप स्नान-दान से लेकर किसी भी तरह का शुभ काम कर सकते हैं।</p>



<p><strong>पौष पूर्णिमा मंत्र (Paush Purnima 2025 Shubh Muhurat)<br></strong>ॐ घृणिः सूर्याय नमः।।<br>ऊँ सों सोमाय नमः।।<br>ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।।<br>ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नम:।।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पौष पूर्णिमा के दिन इन जगहों पर जलाएं दीपक</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8c%e0%a4%b7-%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a3%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%a8-%e0%a4%87%e0%a4%a8-%e0%a4%9c%e0%a4%97%e0%a4%b9/598557</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 11 Jan 2025 05:23:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[पौष पूर्णिमा]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=598557</guid>

					<description><![CDATA[<img width="537" height="329" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-256-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-256.jpg 537w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-256-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 537px) 100vw, 537px" />पौष पूर्णिमा 13 जनवरी (Paush Purnima 2025 Date) को मनाई जाएगी। हर साल पौष माह के शुक्ल पक्ष के अंत में पौष पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है। इस दिन गंगा स्नान और विशेष चीजों का दान करने का अधिक महत्व है। धार्मिक मान्यता है कि पूर्णिमा तिथि पर विष्णु जी और मां लक्ष्मी की &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="537" height="329" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-256-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-256.jpg 537w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-256-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 537px) 100vw, 537px" />
<p>पौष पूर्णिमा 13 जनवरी (Paush Purnima 2025 Date) को मनाई जाएगी। हर साल पौष माह के शुक्ल पक्ष के अंत में पौष पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है। इस दिन गंगा स्नान और विशेष चीजों का दान करने का अधिक महत्व है। धार्मिक मान्यता है कि पूर्णिमा तिथि पर विष्णु जी और मां लक्ष्मी की उपासना करने से धन लाभ के योग बनते हैं।</p>



<p>पौष माह की पूर्णिमा को पौष पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन जगत के पालनहार भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने से आर्थिक तंगी से छुटकारा मिलता है। साथ ही जीवन में खुशियों का आगमन होता है।</p>



<p>पूर्णिमा के दिन दीपक जलाना शुभ माना जाता है। ऐसा करने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। साथ ही सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। ऐसे आइए जानते हैं पौष पूर्णिमा (Paush Purnima 2025 Upay) के दिन किन जगहों पर दीपक जलाने से किस्मत चमक सकती है।</p>



<p><strong>नकारात्मक ऊर्जा होगी दूर</strong><br>पौष पूर्णिमा के दिन पूजा-अर्चना के दौरान मंदिर में देसी घी का दीपक जलाएं और जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति के लिए कामना करें। ऐसा माना जाता है कि इससे घर में से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और परिवार के सदस्यों पर मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। साथ ही मन को शांति प्राप्त होती है।</p>



<p><strong>धन लाभ के बनेंगे योग</strong><br>सनातन धर्म में तुलसी के पौधे को बेहद शुभ माना जाता है। इस पौधे में मां लक्ष्मी का वास माना गया है। पौष पूर्णिमा के दिन तुलसी के पास दीपक जलाकर मां तुलसी को फल और मिठाई का भोग लगाएं। इससे कभी भी धन की कमी नहीं होगी और रुके हुए काम जल्द पूरे होते हैं।</p>



<p><strong>परेशानियां होंगी दूर<br></strong>इसके अलावा पौष पूर्णिमा के दिन घर के मेन गेट पर देसी घी का दीपक जलाएं। इससे घर में नकारात्मक का ऊर्जा का आगमन नहीं होगा और सभी तरह की परेशानियां जल्द खत्म होंगी।</p>



<p><strong>पापों का होगा नाश</strong><br>पौष पूर्णिमा के दिन शुभ मुहूर्त में पवित्र नदी में स्नान करें। इसके बाद दीपदान करें। माना जाता है कि दीपदान करने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है और सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।</p>



<p><strong>इन चीजों का करें दान</strong><br>सनातन धर्म में किसी शुभ तिथि पर दान करने का विशेष महत्व है। ऐसे में आप पौष पूर्णिमा के दिन श्रद्धा अनुसार अन्न, धन और वस्त्र का दान करें। मान्यता है कि इन चीजों का दान करने से पैसों से तिजोरी भरी रहती है। साथ ही बिजनेस में लाभ प्राप्त होता है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
