पौधरोपण – Live Halchal https://livehalchal.com Latest News, Updated News, Hindi News Portal Wed, 09 Jul 2025 07:52:52 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.10 https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg पौधरोपण – Live Halchal https://livehalchal.com 32 32 मध्य प्रदेश के 233 स्‍थानों की 1000 एकड़ भूमि पर किया जाएगा पौधरोपण https://livehalchal.com/%e0%a4%ae%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%95%e0%a5%87-233-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95/621862 Wed, 09 Jul 2025 07:52:46 +0000 https://livehalchal.com/?p=621862 भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जल, प्रकृति, पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पूरे देश में चलाए जा रहे एक पेड़ मां के नाम 2.0 अभियान को प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मिशन के रूप में चला रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार प्रकृति, पर्यावरण और …]]>

भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जल, प्रकृति, पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पूरे देश में चलाए जा रहे एक पेड़ मां के नाम 2.0 अभियान को प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मिशन के रूप में चला रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार प्रकृति, पर्यावरण और जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रदेश के 16 जिलों में मां नर्मदा परिक्रमा पथ के आश्रय स्‍थलों की भूमि पर पौधरोपण करेगी। इसके लिए मनरेगा परिषद ने तैयारी भी शुरू कर दी है। प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने पौधरोपण के संबंध में निर्देश भी जारी किए हैं।

233 स्‍थानों की लगभग 1000 एकड़ भूमि पर किया जाएगा पौधरोपण
मां नर्मदा परिक्रमा पथ पर स्थित आश्रय स्‍थलों के लगभग 233 स्‍थानों की लगभग 1000 एकड़ भूमि पर 43 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से लगभग 7.50 लाख पौधों का रोपण किया जाएगा। पौधरोपण का कार्य 15 जुलाई से शुरू होगा जो 15 अगस्त तक चलेगा। इसके लिए बकायदा अभियान चलाया जाएगा।

इन जिलों में मां नर्मदा आश्रय स्थलों पर होगा पौधरोपण
मां नर्मदा आश्रय स्थलों पर जिन जिलों में पौधरोपण किया जाएगा, उनमें अनूपपुर, डिंडोरी, मण्‍डला, जबलपुर, नरसिंहपुर, सिवनी, बड़वानी, अलीराजपुर, धार, नर्मदापुरम, रायसेन, सीहोर, हरदा, देवास, खंडवा एवं खरगोन शामिल हैं।

ड्रोन-सैटेलाइट इमेज से की जाएगी निगरानी
मां नर्मदा परिक्रमा पथ के आश्रय स्थलों की भूमि पर पौधरोपण का कार्य सही ढ़ग से हो रहा है या नहीं। पौधे कहा पर लगे है या नहीं। मनरेगा परिषद द्वारा इसकी ड्रोन-सैटेलाइट इमेज से बकायदा निगरानी भी की जाएगी। आश्रय स्थलों पर भूमि की उपलब्धता के अनुसार दो श्रेणियों में पौधरोपण का कार्य किया जाएगा। प्रदेश में 136 ऐसे स्थान हैं जहां पर 2 एकड़ से अधिक भूमि है। यहां पर 2.15 लाख पौधे लगाए जाएंगे। इसी तरह से 97 ऐसे स्थान हैं जहां पर 1 एकड़ से अधिक और 2 एकड़ से कम भूमि है। यहां पर 5.50 लाख पौधों का रोपण किया जाएगा।

पौधरोपण की खासियत:
पौधरोपण के आश्रय स्थलों का चयन सिपरी सॉफ्टवेयर से किया जाएगा। साथ ही यदि सिपरी सॉफ्टवेयर पौधरोपण के लिए जगह को उपयुक्‍त नहीं बताता है तो उस स्थान पर पौधरोपण नहीं किया जाएगा। इसके अलावा सॉफ्टवेयर से यह भी देखा जाएगा कि जिस जगह पर पौधरोपण किया जा रहा है उस जगह पर पानी का स्‍थायी स्रोत हो।

ऐसे स्‍थल जहां पर 2 एकड़ या अधिक भूमि उपलब्‍ध है, वहां पर सामान्य पद्धति से पौधरोपण का कार्य किया जाएगा।

2 एकड़ से कम एवं 1 एकड से अधिक भूमि उपलब्‍ध है वहां मियावाकी पद्धति से पौधरोपण किया जाएगा।

जहां पौधरोपण किया जाना है, वहां पौधों की सुरक्षा के लिए तार फेंसिंग की जाएगी।

14 जुलाई तक पूरा कर लिया जाएगा गड्ढे की खुदाई, तार की फेंसिंग का कार्य
मां नर्मदा परिक्रमा पथ के आश्रय स्‍थलों की भूमि पर पौधरोपण का कार्य शुरू होने से पहले गड्‌ढे की खुदाई, तार की फेंसिंग, सिपरी सॉफ्टवेयर द्वारा प्रस्तावित भूमि का स्थल निरीक्षण, भौतिक सत्यापन, तकनीकी व प्रशासकीय स्वीकृति जैसे कार्य पूरे कर लिए जाएंगे। इसके बाद 15 जुलाई से पौधरोपण का कार्य शुरू होगा।

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 सड़क हादसे रोकने के लिए पहाड़ किनारे होगा पौधरोपण, पहली कक्षा से पढ़ाई जाएगी सड़क सुरक्षा https://livehalchal.com/%e0%a4%b8%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%95%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%8f-%e0%a4%aa%e0%a4%b9/602850 Thu, 13 Feb 2025 06:14:04 +0000 https://livehalchal.com/?p=602850 प्रदेश में सड़क हादसे रोकने के लिए पर्वतीय मार्गों पर सड़क किनारे पाैधराेपण किया जाएगा। नई सड़क सुरक्षा नीति में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया है। स्कूलों में बच्चों को कक्षा एक से सड़क सुरक्षा पढ़ाई जाएगी। कॉलेज से लेकर आमजन तक जागरूकता के कार्यक्रमों पर भी जोर दिया गया है। किस विभाग को …]]>

प्रदेश में सड़क हादसे रोकने के लिए पर्वतीय मार्गों पर सड़क किनारे पाैधराेपण किया जाएगा। नई सड़क सुरक्षा नीति में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया है। स्कूलों में बच्चों को कक्षा एक से सड़क सुरक्षा पढ़ाई जाएगी। कॉलेज से लेकर आमजन तक जागरूकता के कार्यक्रमों पर भी जोर दिया गया है।

किस विभाग को क्या जिम्मेदारी
शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा विभाग : प्रारंभिक कक्षाओं से ही सड़क सुरक्षा की शिक्षा, पाठ्यक्रम अपडेशन, शिक्षक, अभिभावकों, स्कूल बस, स्कूल वैन संचालकों, शिक्षा विभाग के अफसरों को जागरूक करना। एनएसएस, स्काउट गाइड व एनसीसी कैडेट्स को सड़क सुरक्षा के लिए प्रशिक्षित करना। उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा विभाग सभी छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों को सड़क सुरक्षा जागृति कार्यक्रमों से जोड़ना।

लोनिवि, एनएचएआई, बीआरओ, सिंचाई विभाग: ग्रामीण व शहरी सड़कों का डिजाइन सुरक्षा, निर्माण के समय पैदल यात्रियों, अक्षम व्यक्तियों, दिव्यांगों व बच्चों के सुरक्षित चालन का ध्यान रखना। देश-विदेश में नगर नियोजकों, वास्तुविदों, यातायात इंजीनियरिंग के श्रेष्ठ मॉडल को देखकर राज्य की स्थिति के हिसाब से उपयोग करना। पर्वतीय मार्गों पर क्रैश बैरियर, ब्लैक स्पॉट व दुर्घटना संभावित क्षेत्रों का त्वरित सुधार, सड़कों पर खोदाई, गड्ढे करने, सड़क किनारे भवन निर्माण सामग्री के भंडारण को लेकर लोनिवि को गाइडलाइन तैयार करनी होगी।

स्वास्थ्य विभाग: चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों को दुर्घटनाओं के उपचार के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित करना, गोल्डन आवर का महत्व समझाना, एयर एंबुलेंस सेवा तंत्र को शामिल करते हुए आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करना, नेशनल हाईवे व स्टेट हाईवे के साथ लगने वाले अस्पताल व ट्रामा केंद्रों को संपन्न करना, प्राथमिक चिकित्सा की जानकारी परिवहन व पुलिस के सहयोग से फर्स्ट रिस्पांडर तक पहुंचाना, केंद्र की योजना के तहत दुर्घटना के घायलों को निशुल्क कैशलेस उपचार देना।

परिवहन विभाग : प्रवर्तन मजबूत करना। नेशनल, स्टेट हाईवे पर पेट्रोलिंग बढ़ाना, वाहन चालन कौशल में सुधार को लाइसेंसिंग प्रणाली को सशक्त व एआई का इस्तेमाल करना। भारी वाहन चालकों के लिए विशेष प्रशिक्षण, हल्के वाहन चालकों के लिए रिफ्रेशर कोर्स शुरू करना। डीएल के लिए प्राथमिक चिकित्सा की योग्यता अनिवार्य होगी। समान श्रेणी के अपराध करने वालों पर कठोर कार्रवाई व काउंसिलिंग करना। वाहनों की फिटनेस जांच करना। प्रवर्तन को विस्तार देते हुए इलेक्ट्रॉनिक इंफोर्समेंट डिवाइस का प्रयोग करना। एकीकृत नगरीय परिवहन प्रणाली विकसित करना। इंटेलीजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम को प्रोत्साहित करना। दुर्घटना प्रभावितों को राहत राशि वितरित करना।

आपदा प्रबंधन विभाग: दुर्घटना की तत्काल सूचना पुलिस व चिकित्सा विभाग को देना। राहत व बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ या एसडीआरएफ को सक्रिय करना।

पुलिस : यातायात नियंत्रण के लिए आधुनिक तकनीकी का प्रयोग करते हुए कठोर कार्रवाई व फेसलैस चालान करना। दुर्घटनाओं के कारण व विश्लेषण के लिए एकीकृत सड़क दुर्घटना डाटाबेस को मजबूत करना। प्रशिक्षण देना। ट्रैफिक स्वयंसेवक, जूनियर ट्रैफिक फोर्स, ट्रैफिक वार्डन व एनसीसी कैडेट्स को प्रशिक्षित करना। विभिन्न अकादमिक व अनुसंधान संस्थाओं में यातायात सुरक्षा पर सम्मेलन आयोजित करना। सामुदायिक भागीदारी विकसित करने के लिए सड़क सुरक्षा आउटरीच कार्यक्रम चलाना। जागरूकता कार्यक्रम करना।

आवास, शहरी विकास एवं स्थानीय निकाय : सड़क किनारे का अतिक्रमण हटाना। ऐसे होर्डिंग व वस्तुएं हटाना जो वाहन संचालन के समय चालक की एकाग्रता को भंग करते हों। पैदल यात्रियों के सुगम संचरण के लिए फुटपाथ का अतिक्रमण हटाना। नगरीय क्षेत्रों में पार्किंग बनाना। आवारा पशुओं से दुर्घटना रोकने के लिए पशुशालाएं बनाना। उचित स्थानों पर सड़क संकेत चिन्ह्, रोड मार्किंग, स्ट्रीट लाइट लगाना।

वन विभाग : वन्य जीवनों व सड़क यातायात प्रवाह के संघर्ष को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाना। वन्यजीव बाहुल्य क्षेत्रों में वाहनों की गति पर नियंत्रण के उपाय करना। वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए सूचना संकेतक लगाना। पर्वतीय मार्गों पर दुर्घटनाएं रोकने के लिए सड़क किनारे वृक्षारोपण करना।

अन्य विभागों की जिम्मेदारी : आबकारी विभाग शराब पीकर वाहन संचालन को हतोत्साहित करेगा। जिला प्रशासन हिट एंड रन मामले के तहत प्रभावितों को समयबद्ध आर्थिक सहायता देने के साथ ही जिला सड़क सुरक्षा समितियों के माध्यम से सड़क सुरक्षा उपाय करेगा। ऊर्जा विभाग सड़क किनारे स्थित बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मर को इस प्रकार व्यवस्थित करेगा ताकि दुर्घटना न हो। पर्यटन विभाग पर्यटकों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करेगा। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग रात्रि में आवश्यक वस्तुओं के वाहनों के परिवहन को लेकर पुलिस व जिला प्रशासन से समन्वय बनाएगा।

हादसे में सहायता राशि की परिभाषा बदली
2016 की नियमावली में मृत्यु व स्थायी विकलांगता पर 50,000 रुपये, गंभीर चोट पर 20,000 रुपये, अन्य मामूली चोट पर 5000 रुपये राहत राशि का प्रावधान किया गया था। राहत राशि में इस दौरान बदलाव तो हो गया लेकिन घायलों की परिभाषा 2016 की नीति के हिसाब से ही थी। अब नई सड़क सुरक्षा नीति में इसे नए सिरे से परिभाषित किया गया है। अब दुर्घटना में यात्री या अन्य व्यक्ति की मृत्यु होने पर 2,00,000 रुपये, गंभीर घायल होने की स्थिति में दोनों अंगों की पूर्ण हानि या दोनों नेत्रों की दृष्टि की पूर्ण हानि होने पर 1,00,000 रुपये, दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने जैसे टखने से ऊपर एक पैर की हानि, एक नेत्र की हानि, दोनों कानों को सुनने की हानि, दाहिनी कलाई या एक भुजा की हानि, घायल व्यक्तियों के 20 या अधिक दिन तक चिकित्सालय में इलाज के लिए भर्ती होने पर 40,000 रुपये और सामान्य रूप से घायल होने की स्थिति में 10,000 रुपये की राहत राशि दी जाएगी।

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20 जुलाई को पौधरोपण का नया रिकॉर्ड बनाएगा यूपी… https://livehalchal.com/20-9/569535 Wed, 10 Jul 2024 04:33:10 +0000 https://livehalchal.com/?p=569535 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत उत्तर प्रदेश को इस वर्ष 36.46 करोड़ से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य मिला है और सभी विभाग आपसी समन्वय से इस लक्ष्य को हर हाल में आगामी 20 जुलाई को पूरा करें। राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने …]]>

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत उत्तर प्रदेश को इस वर्ष 36.46 करोड़ से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य मिला है और सभी विभाग आपसी समन्वय से इस लक्ष्य को हर हाल में आगामी 20 जुलाई को पूरा करें। राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पर ‘पेड़ लगाओ-पेड़ बचाओ जन अभियान-2024’ की समीक्षा की।

सीएम योगी ने दिए निर्देश
समीक्षा के दौरान सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व व मार्गदर्शन में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया तथा इस अभियान के तहत उत्तर प्रदेश को इस वर्ष 36.46 करोड़ से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य मिला है। मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि आपसी समन्वय से इस लक्ष्य को हर हाल में आगामी 20 जुलाई को पूरा करें। उन्होंने कहा कि प्रदेशव्यापी पौधरोपण अभियान के लिए विभागवार व जनपदवार लक्ष्य निर्धारित करते हुए कार्य किया जाए।

‘पौधरोपण अभियान अब जन आंदोलन का स्वरूप ले चुका है’
मुख्यमंत्री योगी ने कहा, “ उत्तर प्रदेश में पौधरोपण अभियान अब जन आंदोलन का स्वरूप ले चुका है। विगत छह वर्ष में यहां 168 करोड़ से अधिक पौधे रोपित किए जा चुके हैं।” कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सारस की ग्रीष्मकालीन गणना-2024 की घोषणा भी की। उन्होंने बताया कि इस बार गणना में 19918 सारस पाए गए हैं जबकि साल 2023 में यह संख्या 19522 और 2022 में 19188 थी।

उत्तर प्रदेश के उन्नाव में आज सुबह एक भीषण सड़क हादसा हो गया है। यहां पर एक स्लीपर बस और टैंकर के बीच जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में दो महिलाओं और एक बच्चे सहित 18 लोगों की मौत हो गई। जबकि लगभग 20 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। हादसे की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।

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