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	<title>पुत्रदा एकादशी &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>पुत्रदा एकादशी &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>पुत्रदा एकादशी पर ‘इंद्र’ योग समेत बन रहे कई संयोग</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 05 Aug 2025 04:51:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
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		<category><![CDATA[पुत्रदा एकादशी]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="306" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/3-19-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/3-19.jpg 829w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/3-19-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/3-19-768x381.jpg 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />वैदिक पंचांग के अनुसार आज यानी 05 अगस्त को पुत्रदा एकादशी है। एकादशी के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा एवं भक्ति करने का विधान है। साथ ही एकादशी का व्रत रखा जाता है। ऐसे में आइए एस्ट्रोलॉजर आनंद सागर पाठक से जानते हैं आज का (Aaj ka Panchang 05 August 2025) पंचांग। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="306" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/3-19-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/3-19.jpg 829w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/3-19-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/3-19-768x381.jpg 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>वैदिक पंचांग के अनुसार आज यानी 05 अगस्त को पुत्रदा एकादशी है। एकादशी के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा एवं भक्ति करने का विधान है। साथ ही एकादशी का व्रत रखा जाता है। ऐसे में आइए एस्ट्रोलॉजर आनंद सागर पाठक से जानते हैं आज का (Aaj ka Panchang 05 August 2025) पंचांग।</p>



<p>आज यानी 05 अगस्त को सावन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है। सावन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी पर हर साल पुत्रदा एकादशी मनाई जाती है। इस शुभ अवसर पर जगत के पालनहार भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की भक्ति भाव से पूजा की जा रही है। साथ ही भक्तजन पुत्रदा एकादशी का व्रत रख रहे हैं।</p>



<p>धार्मिक मत के अनुसार, पुत्रदा एकादशी व्रत करने से संतान सुख का वरदान मिलता है। साथ ही मनचाही मुराद पूरी होती है। पुत्रदा एकादशी पर कई शुभ और मंगलकारी योग बन रहे हैं। ऐसे में आइए जानते हैं आज के पंचांग (Aaj ka Panchang 05 August 2025) के बारे में।</p>



<p>तिथि: शुक्ल एकादशी<br>मास पूर्णिमांत: श्रावण<br>दिन: मंगलवार<br>संवत्: 2082<br>तिथि: एकादशी दोपहर 01:12 बजे तक<br>योग: इन्द्र सुबह 07 बजकर 25 मिनट तक<br>करण: विष्टि दोपहर 01 बजकर 12 मिनट तक<br>करण: बव देर रात 01 बजकर 45 मिनट तक (6 अगस्त)</p>



<p><strong>सूर्योदय और सूर्यास्त का समय<br></strong>सूर्योदय: सुबह 05 बजकर 45 मिनट पर<br>सूर्यास्त: शाम 07 बजकर 09 मिनट पर<br>चंद्रमा का उदय: शाम 04 बजकर 19 मिनट पर<br>चन्द्रास्त: 6 अगस्त को रात 02 बजकर 23 मिनट पर<br>सूर्य राशि: कर्क<br>चंद्र राशि: वृश्चिक<br>पक्ष: शुक्ल</p>



<p><strong>शुभ समय अवधि</strong><br>अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12 बजे से 12 मिनट 54 मिनट तक<br>अमृत काल: शाम 07 बजकर 55 मिनट से रात 09 बजकर 38 मिनट तक</p>



<p><strong>अशुभ समय अवधि<br></strong>राहुकाल: दोपहर 03 बजकर 48 मिनट से 05 बजकर 29 मिनट तक<br>गुलिक काल: दोपहर 12 बजकर 27 मिनट से 02 बजकर 07 मिनट तक<br>यमगण्ड: सुबह 09 बजकर 06 मिनट से 10 बजकर 46 मिनट तक</p>



<p><strong>आज का नक्षत्र</strong><br>आज चंद्रदेव ज्येष्ठा नक्षत्र में रहेंगे…<br>ज्येष्ठा नक्षत्र: प्रातः 11 बजकर 23 मिनट तक<br>सामान्य विशेषताएं: बुद्धिमान, व्यावहारिक, दार्शनिक, चतुर, सीमित मित्रता वाला, आक्रामक और महत्वाकांक्षी<br>नक्षत्र स्वामी: बुध<br>राशि स्वामी: मंगल<br>देवता: इंद्र (देवताओं के राजा)<br>प्रतीक: बालियां, छत्र या ताबीज</p>



<p><strong>आज का व्रत और त्योहार (श्रावण पुत्रदा एकादशी)<br></strong>श्रावण शुक्ल पक्ष की एकादशी को पुत्रदा एकादशी कहा जाता है। यह व्रत विशेष रूप से संतान प्राप्ति और संतान की सुख-समृद्धि के लिए किया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु के “नारायण रूप” की पूजा की जाती है और माता लक्ष्मी का भी आवाहन किया जाता है। जो भक्त श्रद्धा से इस व्रत को करते हैं, उनके जीवन से संतानों से जुड़ी हर बाधा दूर होती है। यह एकादशी पुण्यदायिनी और कल्याणकारी मानी गई है। इस वर्ष पुत्रदा एकादशी 5 अगस्त को मनाई जाएगी।</p>



<p><strong>एकादशी की अवधि-</strong><br>एकादशी तिथि प्रारंभ: 4 अगस्त 2025 (सोमवार) को प्रातः 11:41 बजे<br>एकादशी तिथि समाप्त: 5 अगस्त 2025 (मंगलवार) को दोपहर 01:12 बजे</p>



<p><strong>व्रत की पूजा विधि-</strong><br>प्रातःकाल स्नान करके स्वच्छ पीले वस्त्र धारण करें।<br>भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें।<br>पूजन सामग्री- पीला वस्त्र, पीला चंदन, तुलसी दल, फल, पंचामृत, दीपक, धूप, पंचमेवा आदि।<br>श्रीहरि विष्णु को पीले पुष्प, पीले फल और तुलसी दल अर्पित करें।<br>‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र या विष्णु सहस्रनाम का जप करें।<br>श्रद्धा से पुत्रदा एकादशी व्रत कथा का श्रवण या पाठ करें।<br>संध्या समय दीप जलाकर भगवान का भजन-कीर्तन करें।<br>रात में जागरण करें। यह व्रत को पूर्णता और विशेष पुण्य प्रदान करता है।</p>
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		<title>पुत्रदा एकादशी पर करें इन चीजों का दान</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 15 Aug 2024 09:15:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[पुत्रदा एकादशी]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="258" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Capture-666-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Capture-666.png 694w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Capture-666-medium.png 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />सनातन धर्म में एकादशी पर्व (Putrada Ekadashi 2024) का अति विशेष महत्व है। यह पर्व दोनों पक्षों में मनाया जाता है। इस शुभ अवसर पर भगवान विष्णु संग मां लक्ष्मी की भक्ति भाव से पूजा की जाती है। इस व्रत की महिमा का गुणगान शास्त्रों में निहित है। पुत्रदा एकादशी व्रत करने से सुख सौभाग्य &#8230;]]></description>
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<p>सनातन धर्म में एकादशी पर्व (Putrada Ekadashi 2024) का अति विशेष महत्व है। यह पर्व दोनों पक्षों में मनाया जाता है। इस शुभ अवसर पर भगवान विष्णु संग मां लक्ष्मी की भक्ति भाव से पूजा की जाती है। इस व्रत की महिमा का गुणगान शास्त्रों में निहित है। पुत्रदा एकादशी व्रत करने से सुख सौभाग्य और वंश में वृद्धि होती है।</p>



<p>हर वर्ष सावन माह में पुत्रदा एकादशी मनाई जाती है। यह पर्व सावन माह के शुक्ल पक्ष में मनाया जाता है। इस शुभ तिथि पर जगत नारायण भगवान विष्णु संग धन की देवी मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। साथ ही उनके निमित्त एकादशी का व्रत रखा जाता है। भविष्य पुराण में वर्णित है कि पुत्रदा एकादशी व्रत करने से निसंतान दंपतियों के घर किलकारी गूंजती है। साथ ही सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है। अगर आप भी धन संबंधी परेशानी से निजात पाना चाहते हैं, तो पुत्रदा एकादशी पर इन चीजों का दान अवश्य करें।</p>



<p><strong>राशि अनुसार दान</strong></p>



<p>मेष राशि के जातक पुत्रदा एकादशी पर गेहूं का दान करें। इससे कुंडली में मंगल मजबूत होगा।<br>वृषभ राशि के जातक पुत्रदा एकादशी पर चावल का दान करें। इससे सुख और सौभाग्य में वृद्धि होगी।<br>मिथुन राशि के जातक पुत्रदा एकादशी पर साबूत मूंग दाल का दान करें। इससे व्यापार में तरक्की होगी।<br>कर्क राशि के जातक एकादशी तिथि पर दूध का दान करें। इस उपाय को करने से चंद्रमा मजबूत होगा।<br>सिंह राशि के जातक एकादशी पर शहद और गुड़ का दान करें। इससे करियर को नया आयाम मिलेगा।<br>कन्या राशि के जातक गन्ने के रस राहगीरों के मध्य वितरित करें। इससे धन संबंधी परेशानी दूर होगी।<br>तुला राशि के जातक चीनी और नमक का दान करें। इस उपाय को करने से शुक्र मजबूत होगा।<br>वृश्चिक राशि के जातक एकादशी पर लाल रंग के वस्त्र का दान करें। ऐसा करने से मंगल दोष दूर होगा।<br>धनु राशि के जातक चने की दाल का दान करें। इस उपाय को करने से कुंडली में गुरु मजबूत होगा।<br>मकर राशि के जातक काले तिल और साबुत उड़द का दान करें। इससे शनि दोष का प्रभाव कम होगा।<br>कुंभ राशि के जातक चमड़े के जूते-चप्पल और कंबल का दान करें। इस उपाय से शनि मजबूत होगा।<br>मीन राशि के जातक एकादशी पर पीले रंग के वस्त्र का दान करें। इस उपाय से धन की समस्या दूर होगी।</p>
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		<item>
		<title>पुत्रदा एकादशी से संतान सुख की होगी प्राप्ति</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 11 Aug 2024 10:40:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[पुत्रदा एकादशी]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="302" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Screenshot-2024-08-11-124952-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Screenshot-2024-08-11-124952.png 682w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Screenshot-2024-08-11-124952-medium.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />हर महीने के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि के दिन भगवान विष्णु को समर्पित एकादशी व्रत करने का विधान है। सावन माह के शुक्ल पक्ष में पुत्रदा एकदशी व्रत किया जाता है। धार्मिक मत है कि एकादशी पर श्रीहरि और मां लक्ष्मी की उपासना और व्रत करने से सुख एवं समृद्धि का आशीर्वाद &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="302" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Screenshot-2024-08-11-124952-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Screenshot-2024-08-11-124952.png 682w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Screenshot-2024-08-11-124952-medium.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>हर महीने के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि के दिन भगवान विष्णु को समर्पित एकादशी व्रत करने का विधान है। सावन माह के शुक्ल पक्ष में पुत्रदा एकदशी व्रत किया जाता है। धार्मिक मत है कि एकादशी पर श्रीहरि और मां लक्ष्मी की उपासना और व्रत करने से सुख एवं समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। इसके अलावा संतान सुख की प्राप्ति हो सकती है। व्रत के दौरान खानपान के नियम का पालन जरूर करना चाहिए। मान्यता है कि नियम का पालन न करने से साधक पुण्य की प्राप्ति से वंचित रहता है। आइए जानते हैं पुत्रदा एकदशी व्रत में क्या खाएं और क्या नहीं ?</p>



<h2 class="wp-block-heading">पुत्रदा एकादशी व्रत में क्या खाएं (Putrada Ekadashi Vrat Me Kya Khayen)</h2>



<p>यदि आप पुत्रदा एकादशी व्रत कर रहे हैं, तो व्रत के दौरान शकरकंद, कुट्टू के आटे रोटी, दूध, दही और फल का सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा&nbsp;भगवान विष्णु&nbsp;को पंचामृत का भोग लगाकर सेवन किया जा सकता है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">पुत्रदा एकादशी व्रत में क्या न खाएं (Putrada Ekadashi Vrat Me Kya Na Khayen)</h2>



<p>पुत्रदा एकादशी व्रत में चावल का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके अलावा अन्न और नमक का सेवन भी वर्जित है। धार्मिक मान्यता है कि एकादशी के दिन चावल खाने से इंसान योनि से च्युत होकर उसको अगला जन्म रेंगने वाले जीव की योनि में मिलता है। साथ ही जातक को लहसुन, प्याज, मसूर की दाल और मांस नहीं खाना चाहिए।</p>



<h2 class="wp-block-heading">पुत्रदा एकादशी 2024 डेट और शुभ मुहूर्त (Putrada Ekadashi 2024 Date Shubh Muhurat)</h2>



<p>सावन माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 15 अगस्त को सुबह 10 बजकर 26 मिनट पर प्रारंभ हो रही है। वहीं, यह तिथि 16 अगस्त को सुबह 09 बजकर 39 मिनट तक रहने वाली है। ऐसे में सावन माह में&nbsp;पुत्रदा एकादशी&nbsp;का व्रत शुक्रवार, 16 अगस्त 2024 को किया जाएगा। एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि में किया जाता है। 17 अगस्त को पुत्रदा एकादशी व्रत का पारण करने का समय सुबह 05 बजकर 51 मिनट से लेकर 08 बजकर 05 मिनट के बीच में कर सकते हैं। व्रत का पारण करने के बाद श्रद्धा अनुसार विशेष चीजों का दान करना चाहिए।</p>
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		<item>
		<title>पुत्रदा एकादशी पर ऐसे करें भगवान विष्णु को प्रसन्न</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 10 Aug 2024 11:48:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[पुत्रदा एकादशी]]></category>
		<category><![CDATA[भगवान विष्णु]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="304" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Capture-462-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Capture-462.png 700w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Capture-462-medium.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />पंचांग के अनुसार इस वर्ष पुत्रदा एकादशी व्रत 16 अगस्त ( Putrada Ekadashi 2024 Date) को है। धार्मिक मत है कि पुत्रदा एकादशी के दिन श्रीहरि की उपासना करने से साधक की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। अगर आप भी भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करना चाहते हैं तो इस दिन पूजा के दौरान सच्चे &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="304" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Capture-462-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Capture-462.png 700w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Capture-462-medium.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>पंचांग के अनुसार इस वर्ष पुत्रदा एकादशी व्रत 16 अगस्त ( Putrada Ekadashi 2024 Date) को है। धार्मिक मत है कि पुत्रदा एकादशी के दिन श्रीहरि की उपासना करने से साधक की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। अगर आप भी भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करना चाहते हैं तो इस दिन पूजा के दौरान सच्चे मन से विष्णु चालीसा (Vishnu Chalisa Lyrics) का पाठ करें।</p>



<p>सनातन धर्म में एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित है। हर साल सावन माह के शुक्ल पक्ष में पुत्रदा एकादशी का व्रत किया जाता है। इस दिन जगत के पालनहार भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने का विधान है। साथ ही जीवन को खुशहाल बनाए रखने के लिए व्रत किया जाता है। मान्यता है कि एकादशी पूजा के दौरान विष्णु चालीसा का पाठ करने से साधक की सभी मुरादें पूरी होती हैं। साथ ही श्रीहरि और मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। आइए पढ़ते हैं विष्णु चालीसा।</p>



<p><strong>इस मुहूर्त में करें पूजा (Putrada Ekadashi 2024 Puja Time)</strong><br>सावन माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 15 अगस्त की सुबह 10 बजकर 26 मिनट पर हो रहा है। वहीं इस तिथि का समापन 16 अगस्त सुबह 09 बजकर 39 मिनट पर होगा। ऐसे में सावन माह में पुत्रदा एकादशी का व्रत शुक्रवार, 16 अगस्त 2024 को किया जाएगा।</p>



<p><strong>।।विष्णु चालीसा का पाठ।।</strong></p>



<p><strong>&#8221;दोहा&#8221;</strong></p>



<p>विष्णु सुनिए विनय सेवक की चितलाय ।</p>



<p>कीरत कुछ वर्णन करूं दीजै ज्ञान बताय ॥</p>



<p>नमो विष्णु भगवान खरारी, कष्ट नशावन अखिल बिहारी ।</p>



<p>प्रबल जगत में शक्ति तुम्हारी, त्रिभुवन फैल रही उजियारी ॥</p>



<p>सुन्दर रूप मनोहर सूरत, सरल स्वभाव मोहनी मूरत ।</p>



<p>तन पर पीताम्बर अति सोहत, बैजन्ती माला मन मोहत ॥</p>



<p>शंख चक्र कर गदा विराजे, देखत दैत्य असुर दल भाजे ।</p>



<p>सत्य धर्म मद लोभ न गाजे, काम क्रोध मद लोभ न छाजे ॥</p>



<p>सन्तभक्त सज्जन मनरंजन, दनुज असुर दुष्टन दल गंजन ।</p>



<p>सुख उपजाय कष्ट सब भंजन, दोष मिटाय करत जन सज्जन ॥</p>



<p>पाप काट भव सिन्धु उतारण, कष्ट नाशकर भक्त उबारण ।</p>



<p>करत अनेक रूप प्रभु धारण, केवल आप भक्ति के कारण ॥</p>



<p>धरणि धेनु बन तुमहिं पुकारा, तब तुम रूप राम का धारा ।</p>



<p>भार उतार असुर दल मारा, रावण आदिक को संहारा ॥</p>



<p>आप वाराह रूप बनाया, हिरण्याक्ष को मार गिराया ।</p>



<p>धर मत्स्य तन सिन्धु बनाया, चौदह रतनन को निकलाया ॥</p>



<p>अमिलख असुरन द्वन्द मचाया, रूप मोहनी आप दिखाया ।</p>



<p>देवन को अमृत पान कराया, असुरन को छवि से बहलाया ॥</p>



<p>कूर्म रूप धर सिन्धु मझाया, मन्द्राचल गिरि तुरत उठाया ।</p>



<p>शंकर का तुम फन्द छुड़ाया, भस्मासुर को रूप दिखाया ॥</p>



<p>वेदन को जब असुर डुबाया, कर प्रबन्ध उन्हें ढुढवाया ।</p>



<p>मोहित बनकर खलहि नचाया, उसही कर से भस्म कराया ॥</p>



<p>असुर जलन्धर अति बलदाई, शंकर से उन कीन्ह लड़ाई ।</p>



<p>हार पार शिव सकल बनाई, कीन सती से छल खल जाई ॥</p>



<p>सुमिरन कीन तुम्हें शिवरानी, बतलाई सब विपत कहानी ।</p>



<p>तब तुम बने मुनीश्वर ज्ञानी, वृन्दा की सब सुरति भुलानी ॥</p>



<p>देखत तीन दनुज शैतानी, वृन्दा आय तुम्हें लपटानी ।</p>



<p>हो स्पर्श धर्म क्षति मानी, हना असुर उर शिव शैतानी ॥</p>



<p>तुमने ध्रुव प्रहलाद उबारे, हिरणाकुश आदिक खल मारे ।</p>



<p>गणिका और अजामिल तारे, बहुत भक्त भव सिन्धु उतारे ॥</p>



<p>हरहु सकल संताप हमारे, कृपा करहु हरि सिरजन हारे ।</p>



<p>देखहुं मैं निज दरश तुम्हारे, दीन बन्धु भक्तन हितकारे ॥</p>



<p>चाहता आपका सेवक दर्शन, करहु दया अपनी मधुसूदन ।</p>



<p>जानूं नहीं योग्य जब पूजन, होय यज्ञ स्तुति अनुमोदन ॥</p>



<p>शीलदया सन्तोष सुलक्षण, विदित नहीं व्रतबोध विलक्षण ।</p>



<p>करहुं आपका किस विधि पूजन, कुमति विलोक होत दुख भीषण ॥</p>



<p>करहुं प्रणाम कौन विधिसुमिरण, कौन भांति मैं करहु समर्पण ।</p>



<p>सुर मुनि करत सदा सेवकाई, हर्षित रहत परम गति पाई ॥</p>



<p>दीन दुखिन पर सदा सहाई, निज जन जान लेव अपनाई ।</p>



<p>पाप दोष संताप नशाओ, भव बन्धन से मुक्त कराओ ॥</p>



<p>सुत सम्पति दे सुख उपजाओ, निज चरनन का दास बनाओ ।</p>



<p>निगम सदा ये विनय सुनावै, पढ़ै सुनै सो जन सुख पावै ॥</p>



<p>॥ इति श्री विष्णु चालीसा</p>
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		<title>पुत्रदा एकादशी पर इन उपाय से सभी परेशानियों का होगा अंत</title>
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		<pubDate>Wed, 07 Aug 2024 08:53:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
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<p>एकादशी व्रत हर माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को किया जाता है। सावन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पुत्रदा एकादशी के नाम से जाता है। पचांग के अनुसार पुत्रदा एकादशी व्रत 16 अगस्त (Putrada Ekadashi 2024) को किया जाएगा। मान्यता है कि इस दिन ज्योतिष शास्त्र के उपाय करने से साधक को भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती हैं।</p>



<p>सनातन धर्म में एकादशी तिथि को अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन जगत के पालनहार भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। प्रत्येक साल सावन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के अगले दिन पुत्रदा एकादशी का व्रत रखा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि एकादशी तिथि पर जगत के पालनहार भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना और व्रत करने से साधक के सभी पापों का नाश होता है। ज्योतिष शास्त्र में एकादशी के कई विशेष उपाय बताए गए हैं, जिनको करने से साधक के जीवन की सभी परेशानियों का अंत होता है और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। आइए जानते हैं पुत्रदा एकादशी के दिन किए जाने वाले उपाय के बारे में।</p>



<p><strong>पुत्रदा एकादशी के उपाय (Putrada Ekadashi Ke Upay)</strong><br>अगर आप धन की प्राप्ति चाहते हैं, तो पुत्रदा एकादशी के दिन सुबह स्नान करें। इसके बाद सच्चे मन से भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी पूजा-अर्चना करें। अब लाल कपड़े में 5 कौड़ियां बांधकर भगवान विष्णु को अर्पित करें। इसे कुछ समय के बाद पैसे वाली जगह या तिजोरी में रख दें। मान्यता है कि ऐसा करने से जातक को कभी भी पैसों की कमी का सामना नहीं करना पड़ता है और धन लाभ के योग बनते हैं।</p>



<p>यदि आप पुत्रदा एकादशी पर भगवान विष्णु को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो स्नान-ध्यान के बाद विधिपूर्वक भगवान विष्णु की पूजा करें। इस दौरान कच्चे दूध में तुलसी और केसर मिलाकर भगवान विष्णु का अभिषेक करें। इस टोटके को करने से श्रीहरि प्रसन्न होते हैं और सभी बिगड़े काम बन जाते हैं। इसके अलावा आर्थिक तंगी में भी सुधार होता है।<br>पुत्रदा एकादशी के दिन पति और पत्नी को तुलसी के पौधे की पूजा-अर्चना करनी चाहिए। साथ ही पौधे पर कलावा बांधे। इस दौरान वैवाहिक जीवन में सुख-शांति की कामना करें। माना जाता है कि इससे वैवाहिक जीवन में खुशियों का आगमन होता है। इसके अलावा तुलसी माता को सोलह श्रृंगार की चीजें अर्पित करनी चाहिए। ऐसा करने से दांपत्य जीवन में लाभ देखने को मिल सकता है।</p>
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