पुंछ सेक्टर – Live Halchal https://livehalchal.com Latest News, Updated News, Hindi News Portal Sat, 25 Mar 2017 06:41:48 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.10 https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg पुंछ सेक्टर – Live Halchal https://livehalchal.com 32 32 पाक से लौटे भारतीय जवान ने सुनाई बर्बरता की दास्तां, ‘रोज मौत की दुआ मांगता था’ https://livehalchal.com/%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%95-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a5%8c%e0%a4%9f%e0%a5%87-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%9c%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%a8%e0%a5%87/44983 Sat, 25 Mar 2017 06:41:48 +0000 http://www.livehalchal.com/?p=44983 एजेंसी, मुंबई। पाकिस्तान में चार महीनों तक बंधक बने रहने के बाद स्वदेश लौटे भारतीय सैनिक ने पाकिस्तानी सेना की बर्बरता की कहानी बयां की। उन्होंने बताया कि हिरासत में उसे इतना प्रताड़ित किया गया था कि वह रोज मौत की दुआ मांगता था। धुले जिला स्थित अपने गांव बोरविहीर लौटने के बाद चव्हाण ने …]]>
एजेंसी, मुंबई। पाकिस्तान में चार महीनों तक बंधक बने रहने के बाद स्वदेश लौटे भारतीय सैनिक ने पाकिस्तानी सेना की बर्बरता की कहानी बयां की। उन्होंने बताया कि हिरासत में उसे इतना प्रताड़ित किया गया था कि वह रोज मौत की दुआ मांगता था। धुले जिला स्थित अपने गांव बोरविहीर लौटने के बाद चव्हाण ने अपनी दास्तान सुनाई।
पाक से लौटे भारतीय जवान ने सुनाई बर्बरता की दास्तां, 'रोज मौत की दुआ मांगता था'एक मराठी चैनल से बात करते हुए चंदू बाबू लाल चव्हाण ने बताया कि मुझे प्रताड़ित किया गया। उनकी प्रताड़ना से तंग होकर मैंने उनसे कहा कि मुझे मार डालो। मुझे ऐसा लग रहा था कि अब मेरी जिंदगी खत्म हो चुकी है। भारतीय सेना द्वारा नियंत्रण रेखा के पार सर्जिकल स्ट्राइक करने वाले दिन 29 सितंबर को 22 वर्षीय भारतीय सैनिक गलती से पाकिस्तान चला गया था। जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर चव्हाण की तैनाती थी।

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चव्हाण ने कहा कि पाकिस्तानी सेना द्वारा पकड़े जाने के बाद बर्बरता की दास्तान सुनाते हुए कहा ‘उन्होंने मेरी तलाशी ली, मेरे कपड़े ले लिए और एक काला लबादा ओढ़ाकर मुझे एक गाड़ी में ले गए।’ उन्होंने कहा कि उसे एक कमरे में रखा गया, जिसमें हमेशा अंधेरा रहता था।

बाथरूम और शौचालय भी उसी कमरे में था। ‘जब मैं अपना सिर पीटता था और उनसे गुहार लगाता था कि मुझे मौत दे दें, तब वे मुझे इंजेक्शन लगा देते थे। वह मुझे मारते थे। एक समय ऐसा आया जब मेरी आंखों में और आंसू नहीं बचे थे।’ उन्होंने कहा कि मैं नहीं समझ पाता था कि दिन है कि रात। मैं उसे भयानक समय में अपने परिवार को याद करता था और ईश्वर से प्रार्थना करता था कि मौत दे दे।

 
 
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