पीएम मार्क कार्नी – Live Halchal https://livehalchal.com Latest News, Updated News, Hindi News Portal Fri, 27 Feb 2026 10:30:41 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.10 https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg पीएम मार्क कार्नी – Live Halchal https://livehalchal.com 32 32 कनाडा के पीएम मार्क कार्नी आज पहुंचेंगे भारत https://livehalchal.com/%e0%a4%95%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a1%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%ae-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a8/663200 Fri, 27 Feb 2026 10:21:45 +0000 https://livehalchal.com/?p=663200 कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी शुक्रवार को पहली आधिकारिक यात्रा पर भारत पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर वह कार्नी 27 फरवरी से 2 मार्च तक भारत में रहेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना और नई साझेदारियों की संभावनाएं तलाशना है। पीएम मोदी और कार्नी के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की …]]>

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी शुक्रवार को पहली आधिकारिक यात्रा पर भारत पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर वह कार्नी 27 फरवरी से 2 मार्च तक भारत में रहेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना और नई साझेदारियों की संभावनाएं तलाशना है।

पीएम मोदी और कार्नी के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता 2 मार्च को होगी। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, कार्नी 27 फरवरी को मुंबई पहुंचेंगे। अगले दो दिन विभिन्न व्यावसायिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे। वह सीईओ, उद्योग और वित्तीय विशेषज्ञों, नवप्रवर्तकों, शिक्षकों के साथ बातचीत करेंगे। इसके बाद एक मार्च को नई दिल्ली पहुंचेंगे। पीएम कार्नी की यात्रा को ओटावा की ओर से अधिक व्यावहारिक विदेश नीति अपनाने और दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देश भारत के साथ आर्थिक संबंधों को गहरा करने के प्रयासों के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है। गौरतलब है कि ब्रिटिश कोलंबिया में एक गुरुद्वारे के बाहर जून, 2023 में हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद भारत-कनाडा के बीच संबंध तेजी से बिगड़ गए थे। उस वक्त कनाडा के पीएम जस्टिन त्रूदो थे।

भारत से व्यापार और जन-संबंध मजबूत होंगे
कनाडा के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) जोडी थॉमस ने कहा, सुरक्षा संबंधी चिंताएं अब भी एक ज्वलंत मुद्दा बनी हुई हैं, जिनका समाधान आवश्यक है। कार्नी सरकार ने जोर दिया है कि कानून प्रवर्तन सहयोग के साथ-साथ भारत के साथ व्यापार और जन-संबंधों को मजबूत किया जा सकता है। अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू ने कहा कि दोनों देशों ने हाल ही में आपराधिक जांच में सहयोग बढ़ाने के लिए संपर्क अधिकारियों की नियुक्ति पर सहमति व्यक्त की है।

डोभाल की यात्रा के बाद बनीं कई सहमतियां
कार्नी की भारत व अन्य हिंद-प्रशांत सहयोगी देशों की यात्रा से पहले कनाडा में भारतीय उच्यायुक्त दिनेश पटनायक ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की ओटावा यात्रा के दौरान दोनों देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के बीच हुई हालिया चर्चा द्विपक्षीय सुरक्षा संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे दोनों देशों में आपसी सहयोग बढ़ाने पर कई सहमतियां बनीं।

भारत का हिंसक अपराधों से संबंध नहीं : कनाडा
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की भारत यात्रा से पहले कनाडा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारत, कनाडा में होने वाले हिंसक अपराधों में शामिल नहीं है। टोरंटो स्टार अखबार ने इस अधिकारी के हवाले से लिखा, हमारा मानना है कि कनाडा में होने वाले हिंसक अपराधों में भारत का कोई हाथ नहीं है। हम विश्वास से कह सकते हैं कि ऐसी कोई गतिविधियां जारी नहीं हैं। हालांकि अखबार ने अधिकारी का नाम नहीं बताया। अधिकारी ने कहा, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों सहित भारत-कनाडा में मजबूत राजनयिक संबंध हैं।

अधिकारी ने यह भी कहा कि यदि ऐसी कोई गतिविधि होती तो प्रधानमंत्री कार्नी निश्चित रूप से भारत की यात्रा नहीं कर रहे होते। प्रधानमंत्री कार्नी 27 फरवरी से 2 मार्च तक भारत की यात्रा पर रहेंगे और इस दौरान उनकी पीएम नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात होनी है। इस दौरे में व्यापार, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, एआई, प्रतिभा-संस्कृति तथा रक्षा क्षेत्रों पर बात होगी। तीन देशों के इंडो-पैसिफिक दौरे के तहत कार्नी भारत के बाद ऑस्ट्रेलिया के कैनबरा-सिडनी और इसके बाद जापान के टोक्यो जाएंगे। इस यात्रा को ओटावा द्वारा अधिक व्यावहारिक विदेश नीति अपनाने और दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देश भारत के साथ आर्थिक संबंधों को गहरा करने के प्रयासों के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।

पहले की चिंताएं अब मौजूद नहीं
हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के विवाद के चलते दोनों देशों के राजनयिकों को निष्कासित कर दिया गया और एक लंबा राजनयिक गतिरोध बना रहा। 2024 में, रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) ने दावा किया कि भारतीय सरकारी एजेंट कनाडा में हिंसक अपराधों से जुड़े हुए थे, जिनमें जान से मारने की धमकियां और हत्याओं में कथित संलिप्तता शामिल है। लेकिन इस सप्ताह अधिकारियों ने संकेत दिया कि भारत से जुड़े सक्रिय विदेशी दखल या दमन के बारे में पहले की चिंताएं अब मौजूद नहीं हैं।

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